Iran-US Peace Talks : इस्लामाबाद। अमेरिका और ईरान के बीच रुकी हुई बातचीत का दूसरा दौर पाकिस्तान की मध्यस्थता में फिर शुरू हो रहा है। ईरान का डेलिगेशन शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुंच चुका है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के नेतृत्व में पहुंचे इस डेलिगेशन का पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर से मुलाकात का कार्यक्रम है।
ईरान का साफ इनकार
ईरान ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से इनकार कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करने आया है। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका के साथ कोई प्रत्यक्ष बैठक की कोई योजना नहीं है। ईरान अपना प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाएगा।
Israel Hezbollah War: ट्रम्प के सीजफायर ऐलान के बाद, इजरायल-लेबनान में फिर शुरू हुई गोलीबारी
अमेरिकी डेलिगेशन
अमेरिकी पक्ष की ओर से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद पहुंचने वाले हैं। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस बार पाकिस्तान नहीं गए हैं। उन्हें स्टैंडबाय पर रखा गया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने कहा कि वार्ता पाकिस्तान की मध्यस्थता में होगी, लेकिन अमेरिका की तरफ से प्रत्यक्ष चर्चा की तैयारी है।
ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान एक प्रस्ताव देने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में कहा, “वे एक ऑफर दे रहे हैं और हमें देखना होगा।”
ट्रंप ने दोहराया कि किसी भी समझौते में ईरान को अपना समृद्ध यूरेनियम छोड़ना होगा और होर्मुज में तेल शिपमेंट की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करनी होगी।
पहले दौर की बातचीत फेल
11-12 अप्रैल को पाकिस्तान में हुई पहले दौर की बातचीत 21 घंटे चली थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन पाई थी।
ईरान में आंतरिक मतभेद
ईरान में बातचीत टीम को लेकर आंतरिक मतभेद सामने आए हैं। संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ को टीम से हटा दिया गया या उन्होंने इस्तीफा दे दिया। उनकी जगह ज्यादा सख्त रुख रखने वाले सईद जलीली को लाया जा सकता है।
PM Modi in Bengal : झाल मुड़ी मैंने खाई और मिर्च TMC को लगी…कृष्णानगर में बोले पीएम मोदी
अमेरिका की सख्ती
अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी जहाजों को रोकना जारी रखा है। CENTCOM ने बताया कि 13 अप्रैल से अब तक 33 जहाजों को अपना रास्ता बदलने पर मजबूर किया गया है।