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Crude Oil Prices : होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ा तनाव! कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, WTI और ब्रेंट दोनों में तेज तेजी

Crude Oil Prices

Crude Oil Prices : नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे ग्लोबल ऑयल मार्केट पर दिखाई देने लगा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हालात बिगड़ने और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। सप्लाई बाधित होने की आशंका के चलते सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

WTI क्रूड में 7.5% की तेज बढ़त

अमेरिकी ऑयल बेंचमार्क WTI क्रूड की कीमत में 7.5 प्रतिशत की बड़ी बढ़त दर्ज की गई। इसकी कीमत बढ़कर 90.17 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह तेजी मुख्य रूप से सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के कारण आई है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट से तेल की आवाजाही लगभग रुक गई है।

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ब्रेंट क्रूड 96 डॉलर के पार

अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में भी मजबूत उछाल देखने को मिला। इसकी कीमत 6.5 प्रतिशत बढ़कर 96.27 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। यह संकेत देता है कि वैश्विक बाजार में तनाव का असर तेजी से गहराता जा रहा है और निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ रही है।

अमेरिका ने तोड़ा सीजफायर

ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। यह आरोप उस घटना के बाद सामने आया, जब रविवार को गल्फ ऑफ ओमान में एक अमेरिकी युद्धपोत ने ईरानी झंडे वाले कार्गो जहाज पर फायरिंग की। बताया गया कि यह जहाज अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी से बचने की कोशिश कर रहा था, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने कार्रवाई की।

जवाबी कार्रवाई की चेतावनी से बढ़ा तनाव

इस घटना के बाद ईरान की सेना ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ईरान के मुख्य सैन्य कमांड सेंटर खातम अल-अनबिया ने सरकारी एजेंसी के हवाले से कहा कि अमेरिका ने 8 अप्रैल से लागू सीजफायर का उल्लंघन किया है और इसका जवाब दिया जाएगा।

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होर्मुज स्ट्रेट लगभग बंद, सप्लाई पर असर

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जो दुनिया की ऊर्जा सप्लाई के लिए एक अहम समुद्री मार्ग माना जाता है, वहां से तेल और एलएनजी की आवाजाही लगभग ठप बताई जा रही है। इसके चलते वैश्विक बाजार में चिंता और बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसका असर दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकता है।

सप्लाई टाइमलाइन पर अनिश्चितता

पेपरस्टोन के विश्लेषक क्रिस वेस्टन के अनुसार, होर्मुज से सप्लाई बाधित होने के कारण ट्रेडर्स अब तेल की उपलब्धता और सप्लाई सामान्य होने की समयसीमा को लेकर फिर से आकलन कर रहे हैं। पिछले सप्ताह जो उम्मीद बनी थी, अब उसमें बदलाव देखने को मिल रहा है।

ट्रम्प के बयान से बढ़ी चिंता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने भी तनाव को और बढ़ा दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि चेतावनी के बावजूद नहीं रुकने पर अमेरिकी गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर यूएसएस स्प्रुंस ने ईरानी जहाज टौस्का को इंजन रूम पर हमला करके रोक दिया।

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अमेरिकी कब्जे में जहाज, जांच जारी

ट्रम्प के मुताबिक, फिलहाल अमेरिकी मरीन उस जहाज को अपने कब्जे में लेकर जांच कर रहे हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि उसमें क्या सामग्री मौजूद थी।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बढ़ता दबाव

कुल मिलाकर, होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ता तनाव अब केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर भी साफ तौर पर दिखने लगा है। आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं, जिससे तेल की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

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