Aayudh

पहलगाम आतंकी हमले के पीछे 4 साल पुरानी साजिश! NIA की जांच में चौंकाने वाला खुलासा, पाकिस्तान से जुड़े तार

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच में एक बड़ा और हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। जांच से साफ हुआ है कि यह हमला कोई अचानक नहीं किया गया था, बल्कि इसके पीछे चार साल लंबी साजिश थी। इस हमले को अंजाम देने के लिए जिन मोबाइल फोनों का इस्तेमाल किया गया, उन्हें पाकिस्तान से मंगवाया गया था। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इन फोनों को खरीदने के लिए पाकिस्तान के एक ऐसे बैंक से पैसा लगाया गया था, जिसका नाम पहले भी आतंकी गतिविधियों में सामने आ चुका है। 26 लोगों की जान गई पिछले साल पहलगाम में हुए इस आत्मघाती हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें ज्यादातर हिंदू श्रद्धालु और पर्यटक शामिल थे। इस घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कड़वाहट बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। भारत ने सीधे तौर पर पाकिस्तान को कटघरे में खड़ा किया था, वहीं पाकिस्तान हमेशा की तरह इन आरोपों से पल्ला झाड़ता रहा। इसके बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच हवाई हमले, ड्रोन और सीमा पर भारी गोलाबारी के कारण चार दिनों तक युद्ध जैसी स्थिति बन गई थी। अब एनआईए और जम्मू-कश्मीर पुलिस को ऐसे पुख्ता सबूत मिले हैं, जो यह साबित करते हैं कि आतंकियों की यह साजिश बेहद सुनियोजित थी। IPL Final 2026 के बाद बड़ा हादसा: गुजरात टाइटंस की टीम बस में लगी भीषण आग, बाल-बाल बचे खिलाड़ी दाचीगाम मुठभेड़ में ढेर हमलावर, मोबाइल बने अहम सुराग सुरक्षा बलों ने श्रीनगर के दाचीगाम इलाके में एक बड़ा सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन महादेव’ चलाया था। इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने तीन खूंखार आतंकियों सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिबरान और हमजा अफगानी को मार गिराया था। इन आतंकियों के शवों के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए थे, जो इस पूरी साजिश का पर्दाफाश करने में सबसे बड़े मददगार साबित हुए। आतंकियों के पास शाओमी कंपनी के रेडमी सीरीज के दो फोन (रेडमी 9T और रेडमी नोट 12) मिले थे। मोबाइल रिकॉर्ड ने खोली कराची और बैंक की भूमिका जब जांच एजेंसियों ने फोन के खास पहचान नंबर (IMEI) के जरिए मोबाइल कंपनी से संपर्क किया, तो फोन का पूरा इतिहास सामने आ गया। रिकॉर्ड से पता चला कि पहला फोन जनवरी 2021 में पाकिस्तान के कराची की एक कंपनी ने वैध तरीके से मंगवाया था। इस खेप को मंगाने के लिए कराची के ‘फेसल बैंक’ ने कागजी और वित्तीय मदद दी थी। यह वही बैंक है जिसका नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित संगठनों की मदद करने और उनके खाते चलाने के मामलों में पहले भी उछल चुका है। MP UCC : मध्य प्रदेश में जल्द लागू हो सकती है समान नागरिक संहिता, मानसून सत्र में पेश होगा विधेयक बिना सिम-नेटवर्क के सालों बंद रहे मोबाइल जांच में सबसे अजीब बात यह सामने आई कि यह फोन जनवरी 2021 में पाकिस्तान तो पहुंच गया था, लेकिन अगले चार साल तक इसे कभी चालू ही नहीं किया गया। इसमें न तो कोई सिम कार्ड डाला गया और न ही कोई कॉल की गई। साल 2025 में यह अचानक चालू हुआ और सीधे पहलगाम हमले के आतंकियों के हाथों में पहुंच गया। ठीक इसी तरह दूसरा फोन भी साल 2023 में लाहौर मंगाया गया था और वह भी हमले से ठीक पहले तक पूरी तरह बंद था। जांच अधिकारियों का मानना है कि यह कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि इन फोनों को किसी बड़े हमले के लिए सुरक्षित छिपाकर रखा गया था। पकड़ से बचने को वायरलेस तकनीक का सहारा जांच में यह भी पता चला है कि इन दोनों फोनों में कोई भी कॉल रिकॉर्ड, मैसेज या इंटरनेट चैट नहीं मिली। असल में आतंकी पकड़े जाने के डर से मोबाइल नेटवर्क या इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। MP RS Election 2026 : राज्यसभा चुनाव के लिये आज से नामंकन शुरू, बीजेपी-कांग्रेस ने अब तक घोषित नही किये प्रत्याशी वे बातचीत करने के लिए ‘लॉन्ग-रेंज रेडियो’ तकनीक का उपयोग कर रहे थे, जिसे बिना इंटरनेट या मोबाइल टावर के भी कई किलोमीटर दूर से सुरक्षित तरीके से चलाया जा सकता है। फिलहाल जांच एजेंसियां आतंकियों के इस पूरे मददगार नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं।

IPL Final 2026 के बाद बड़ा हादसा: गुजरात टाइटंस की टीम बस में लगी भीषण आग, बाल-बाल बचे खिलाड़ी

IPL Final 2026  : अहमदाबाद | इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के खिताबी मुकाबले के बाद गुजरात टाइटंस की टीम एक बहुत बड़ी दुर्घटना का शिकार होने से बच गई। फाइनल मैच में हार का सामना करने के बाद जब गुजरात टाइटंस के खिलाड़ी और स्टाफ अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम से वापस अपने होटल की तरफ लौट रहे थे, तभी उनकी टीम बस में अचानक आग लग गई। आग लगते ही बस के भीतर और सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि वक्त रहते सभी खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा अनर्थ होने से टल गया। Twisha Sharma Case : पूर्व जज के घर पहुंची CBI, 80 किलो की डमी से कैसे समझा पूरा मामला? जानिए शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ हादसा शुरुआती जानकारियों के अनुसार, टीम बस में यह आग शॉर्ट सर्किट होने की वजह से लगी थी। देखते ही देखते बस से धुएं का गुबार और आग की लपटें उठने लगीं। इस अचानक हुए हादसे के बाद गुजरात के खिलाड़ी करीब एक घंटे तक बीच सड़क पर ही फंसे रहे। इसके बाद टीम प्रबंधन ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए दूसरी बस का इंतजाम किया और सभी को सुरक्षित तरीके से होटल पहुंचाया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी भी खिलाड़ी या स्टाफ को आंच नहीं आई और सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं। खिताबी मुकाबला गंवाने के बाद गुजरात टाइटंस के लिए यह हादसा किसी बुरे सपने जैसा रहा। IPL 2026 फाइनल में विराट कोहली और शुभमन गिल के बीच मैदान पर क्यों हुई बहस? जानिए 16वें ओवर की पूरी कहानी अपने ही घर में चैंपियन बनने से चुकी गुजरात रविवार को खेले गए इस महामुकाबले में गुजरात टाइटंस के पास अपने घरेलू मैदान पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को हराकर दूसरी बार आईपीएल की ट्रॉफी उठाने का सुनहरा मौका था, लेकिन टीम का यह सपना टूट गया। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात की टीम निर्धारित ओवरों में 8 विकेट खोकर केवल 155 रन ही बना सकी। टीम के मुख्य बल्लेबाज शुभमन गिल और साई सुदर्शन इस बड़े मैच में सस्ते में पवेलियन लौट गए, जिससे टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही। गुजरात के लिए वाशिंगटन सुंदर ने सबसे ज्यादा 50 रनों का योगदान दिया। IPL 2026 Winner RCB : बेंगलुरु की विराट जीत 20 करोड़ का मिला इनाम, गुजरात को 12.50 करोड़ विराट कोहली की शानदार पारी गुजरात के 155 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी रजत पाटीदार की कप्तानी वाली आरसीबी ने लगातार दूसरी बार आईपीएल का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। बेंगलुरु की इस ऐतिहासिक जीत के महानायक रहे दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली, जिन्होंने मैदान पर डटकर खेलते हुए नाबाद 75 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। कोहली ने ही मुकाबले का विनिंग शॉट (जीत का रन) लगाया और टीम को 12 गेंद शेष रहते ही 5 विकेट से जीत दिला दी।

Bengal Cabinet Expansion : बंगाल मे शुभेंदु मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार, 35 विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ; देखिए पूरी लिस्ट

Bengal Cabinet Expansion

Bengal Cabinet Expansion : कोलकाता। पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार का बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार सोमवार को राजभवन में संपन्न हो गया। एक भव्य और गरिमामय समारोह में राज्यपाल आरएन रवि ने 35 नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। राष्ट्रगान और वंदे मातरम की गूंज के बीच हुए इस शपथ ग्रहण के बाद सुवेंदु कैबिनेट में कुल मंत्रियों की संख्या अब 41 हो गई है। इस नए मंत्रिमंडल में बंगाल के सामाजिक समीकरणों और क्षेत्रीय संतुलन का खास ध्यान रखा गया है, जिसे राज्य में भाजपा की लंबी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। 13 कैबिनेट, 19 राज्य मंत्री और 3 को स्वतंत्र प्रभार इस बड़े विस्तार में अलग-अलग स्तर पर जिम्मेदारियां बांटी गई हैं। कुल 13 विधायकों को पूर्ण कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, जबकि 3 विधायकों को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 19 विधायकों को राज्य मंत्री के रूप में टीम में शामिल किया गया है। Twisha Sharma Case : पूर्व जज के घर पहुंची CBI, 80 किलो की डमी से कैसे समझा पूरा मामला? जानिए कैबिनेट मंत्री के रूप में इन्होंने ली शपथ सरकार में कैबिनेट मंत्री के तौर पर दीपक बर्मन, तापस राय, डॉ. शंकर घोष, मनोज कुमार उरांव, अर्जुन सिंह, गौरी शंकर घोष, स्वपन दासगुप्ता, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, कल्याण चक्रवर्ती, अजय पोद्दार, शारद्वत मुखर्जी, दूध कुमार मंडल और अनूप कुमार दास ने जिम्मेदारी संभाली है। स्वतंत्र प्रभार और राज्य मंत्रियों की सूची डॉ. इंद्रनील खां, मालती राभा राय और राजेश महतो को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं राज्य मंत्री के रूप में जुएल मुर्मू, हरे कृष्ण बेरा, आनंदमय बर्मन, अशोक डिंडा, नादिया चंद बाउड़ी, विशाल लामा, शांतनु प्रमाणिक, मौमिता विश्वास मिश्रा, उमेश राय, पूर्णिमा चक्रवर्ती, कौशिक चौधरी, भास्कर भट्टाचार्य, दिवाकर घरामी, अमिय किस्कू, कलिता माजी, गार्गी दास घोष, बिराज विश्वास, दीपांकर जाना और सुमना सरकार को शामिल किया गया है। MP UCC : मध्य प्रदेश में जल्द लागू हो सकती है समान नागरिक संहिता, मानसून सत्र में पेश होगा विधेयक पारंपरिक पहनावे से बंगाली संस्कृति का संदेश शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक खास बात यह रही कि ज्यादातर मंत्री पारंपरिक बंगाली परिधान ‘धोती-कुर्ता’ (धोती-पंजाबी) में नजर आए। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इसके जरिए भाजपा ने खुद को बंगाल की संस्कृति और अस्मिता से गहराई से जुड़ा हुआ दिखाने का प्रयास किया है। इसके साथ ही मंत्रिमंडल में उन चेहरों और वर्गों को प्राथमिकता दी गई है, जिन्होंने राज्य के हालिया राजनीतिक बदलाव में बड़ी भूमिका निभाई थी। नवान्न में होगी पहली बैठक इससे पहले 9 मई को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ अग्निमित्रा पाल, दिलीप घोष, निशिथ प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और खुदीराम टुडु ने मंत्री पद की शपथ ली थी। आज हुए इस नए विस्तार के तुरंत बाद सभी मंत्री सीधे राज्य सचिवालय ‘नवान्न’ के लिए रवाना हो गए। सचिवालय से मिल रही खबरों के अनुसार, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी आज ही नए मंत्रियों के साथ पहली कैबिनेट बैठक करेंगे, जिसमें विभागों का आधिकारिक बंटवारा किया जाएगा। उत्तर बंगाल, जंगलमहल और दक्षिण बंगाल के क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर मंत्रालयों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। MP RS Election 2026 : राज्यसभा चुनाव के लिये आज से नामंकन शुरू, बीजेपी-कांग्रेस ने अब तक घोषित नही किये प्रत्याशी इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह के मौके पर केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार, शांतनु ठाकुर, राज्य भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और कैबिनेट मंत्री अग्निमित्रा पाल समेत कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Twisha Sharma Case : पूर्व जज के घर पहुंची CBI, 80 किलो की डमी से कैसे समझा पूरा मामला? जानिए

JUSTICE FOR TWISHA

Twisha Sharma Case : मध्य प्रदेश। भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में जांच आगे बढ़ाते हुए सीबीआई की टीम सोमवार (1 जून) को पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ को लेकर उनके घर पहुंची। सीबीआई की टीम ने वारदात वाली जगह पर पहुंचकर परिस्थितियों को समझने के लिए 80 किलो वजन के एक डमी पुतले का इस्तेमाल किया। टीम ने इस पुतले को फंदे पर लटका कर और फिर उतार कर देखा। इस कसरत का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि घटना के समय असल में क्या हुआ था और जो तथ्य सामने आए हैं, वे घटनास्थल से कितना मेल खाते हैं। सुसाइड या मर्डर? सबूतों को खंगाल रही सीबीआई ट्विशा की मौत के बाद से यह पूरा मामला खुदकुशी और हत्या के दावों के बीच उलझा हुआ है। आरोपी पति समर्थ लगातार इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वह इसके पीछे की ठोस वजह या कारणों का कोई साफ जवाब नहीं दे पा रहा है। समर्थ का कहना है कि ट्विशा डिप्रेशन में थी, जिसकी वजह से उसने यह कदम उठाया। हालांकि, सीबीआई का पूरा ध्यान इस बात पर है कि यदि यह आत्महत्या थी तो इसके पीछे का तत्काल कारण क्या था, और यदि यह आत्महत्या नहीं थी तो मौत का असली घटनाक्रम क्या रहा। MP UCC : मध्य प्रदेश में जल्द लागू हो सकती है समान नागरिक संहिता, मानसून सत्र में पेश होगा विधेयक केस दर्ज होने के बाद भी 3 दिन तक भोपाल में ही रहा समर्थ जांच के दौरान सीबीआई को पता चला है कि 15 मई को एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपी समर्थ ने तुरंत शहर नहीं छोड़ा था। वह करीब तीन दिन तक भोपाल में ही मौजूद रहा। इसके बाद वह जबलपुर भागा, जहां उसने लगभग पांच दिनों तक फरारी काटी। अब सीबीआई समर्थ की इस पूरी फरारी के दौरान की गतिविधियों, उसके संपर्कों और उसे मिली संभावित मदद की बारीकी से पड़ताल कर रही है। जांच टीम उसके मोबाइल संपर्क, लोकेशन, बैंकिंग लेन-देन और डिजिटल चैट्स को खंगालने में जुटी है। सीबीआई उन लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने एफआईआर के बाद समर्थ की प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से मदद की थी। यदि किसी भी व्यक्ति की भूमिका उसे शरण देने में पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। MP RS Election 2026 : राज्यसभा चुनाव के लिये आज से नामंकन शुरू, बीजेपी-कांग्रेस ने अब तक घोषित नही किये प्रत्याशी गर्भपात की सलाह देने वाले डॉक्टर से पूछताछ की तैयारी इस मामले में एक और अहम पहलू सामने आया है, जिसके बाद सीबीआई ने उस डॉक्टर को भी तलब किया है जिसने ट्विशा को गर्भपात (अबॉर्शन) की सलाह दी थी। इसके साथ ही, घटना वाले दिन ट्विशा का शव सबसे पहले किस स्थिति में देखा गया, उसे फंदे से किसने उतारा और अस्पताल ले जाने तक क्या-क्या व्यवस्थाएं की गईं, इन सभी बातों की पूरी डिटेल निकाली जा रही है। बयानों का फॉरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से मिलान सीबीआई समर्थ के बयानों को इलेक्ट्रॉनिक और फॉरेंसिक सबूतों से मिलाकर देख रही है। इसके लिए उसके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और लोकेशन हिस्ट्री का विश्लेषण किया जा रहा है। IPL 2026 Winner RCB : बेंगलुरु की विराट जीत 20 करोड़ का मिला इनाम, गुजरात को 12.50 करोड़ जांच टीम इन सारे तथ्यों की मदद से मौत से पहले का एक सटीक टाइमलाइन तैयार कर रही है, ताकि मौत से पहले ट्विशा के साथ हुई मारपीट और प्रताड़ना के आरोपों से जुड़े सच को सामने लाया जा सके।

MP UCC : मध्य प्रदेश में जल्द लागू हो सकती है समान नागरिक संहिता, मानसून सत्र में पेश होगा विधेयक

CM Mohan Yadav on MP UCC

MP UCC : भोपाल। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की प्रक्रिया अब तेज होती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संकेत दिए हैं कि राज्य सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है और इसके लिए गठित समिति विभिन्न वर्गों, समुदायों और विशेषज्ञों से सुझाव जुटाने में लगी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार व्यापक सहमति के आधार पर यूसीसी लागू करना चाहती है, ताकि सभी नागरिकों की भावनाओं और सुझावों का सम्मान किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित विधेयक को विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में पेश करने की तैयारी की जा रही है। सभी समुदायों से लिए जा रहे सुझाव मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सरकार जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहती। इसी वजह से विभिन्न धर्मों, सामाजिक संगठनों, विशेषज्ञों और नागरिक समूहों से सुझाव लिए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि कानून का मसौदा ऐसा हो जो राज्य के सभी नागरिकों के हितों को ध्यान में रखे। इसके लिए गठित समिति लगातार संवाद और अध्ययन के माध्यम से अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है। माना जा रहा है कि सुझावों के आधार पर अंतिम प्रारूप को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा। MP RS Election 2026 : राज्यसभा चुनाव के लिये आज से नामंकन शुरू, बीजेपी-कांग्रेस ने अब तक घोषित नही किये प्रत्याशी समिति की पहली बैठक में कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा मध्य प्रदेश में यूसीसी विधेयक का प्रारूप तैयार करने के लिए गठित समिति की पहली बैठक 12 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की गई थी। इस बैठक में समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से आदिवासी समुदायों से जुड़े मुद्दों और उनकी परंपराओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया। समिति ने इस बात पर भी चर्चा की कि विभिन्न समुदायों की सांस्कृतिक और सामाजिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया किस प्रकार तय की जाए। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में बनी समिति राज्य सरकार ने यूसीसी का प्रारूप तैयार करने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रसाद देसाई कर रही हैं। समिति में शत्रुघ्न सिंह, अनूप नायक, गोपाल शर्मा और बुधपाल सिंह को सदस्य बनाया गया है। समिति का दायित्व विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर राज्य सरकार को अपनी सिफारिशें देना है। Indore Water Crisis : पानी चोरों की अब खैर नहीं! इंदौर जल संकट पर CM सख्त, 24 घंटे होगी पानी की निगरानी सरकार का फोकस सहमति आधारित कानून पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी समुदाय पर कानून थोपना नहीं, बल्कि सभी वर्गों की भागीदारी के साथ एक संतुलित और व्यावहारिक व्यवस्था तैयार करना है। उन्होंने कहा कि सुझावों और संवाद की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सरकार का मानना है कि व्यापक सहमति के आधार पर तैयार किया गया कानून अधिक प्रभावी और स्वीकार्य होगा।

IPL 2026 फाइनल में विराट कोहली और शुभमन गिल के बीच मैदान पर क्यों हुई बहस? जानिए 16वें ओवर की पूरी कहानी

Virat Kohli Shubman Gill Controversy

IPL 2026 : स्पोर्ट्स डेस्क। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने गुजरात टाइटंस (GT) को हराकर लगातार दूसरी बार आईपीएल का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस खिताबी मुकाबले में आरसीबी के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली एक बार फिर ‘चेज मास्टर’ साबित हुए और 42 गेंदों में नाबाद 75 रनों की जादुई पारी खेलकर टीम को चैंपियन बनाया। लेकिन इस शानदार खेल के साथ ही मैदान पर गुजरात के कप्तान शुभमन गिल और विराट कोहली के बीच हुआ एक विवाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। 16वें ओवर में अचानक बढ़ा रोमांच गुजरात टाइटंस के 155 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की पारी के 16वें ओवर में भारी ड्रामा देखने को मिला। करोड़ों क्रिकेट फैंस उस वक्त हैरान रह गए जब मैदान पर विराट कोहली और शुभमन गिल आपस में बहस करते दिखे। दरअसल, विराट कोहली जब 63 रन पर खेल रहे थे, तब उन्होंने गुजरात के गेंदबाज अरशद खान की गेंद पर हवा में एक शॉट खेला। मिड-विकेट पर खड़े शुभमन गिल ने आगे की तरफ डाइव लगाते हुए जमीन के बेहद करीब से गेंद को लपक लिया। गिल और गुजरात के बाकी खिलाड़ियों ने इसे क्लीन कैच मानते हुए तुरंत जश्न मनाना शुरू कर दिया। IPL 2026 Winner RCB : बेंगलुरु की विराट जीत 20 करोड़ का मिला इनाम, गुजरात को 12.50 करोड़ अंपायर के फैसले से नाखुश दिखे कोहली दूसरी तरफ, कोहली को इस कैच पर शक था। वह क्रीज पर मौजूद साथी खिलाड़ी जितेश शर्मा के पास गए और पूछा कि क्या गेंद जमीन पर लगी है? इसी बीच फील्ड अंपायर नितिन मेनन ने कोहली को आउट दे दिया। कोहली इस फैसले से बिल्कुल संतुष्ट नहीं दिखाई दिए, जिसके बाद मैदानी अंपायरों ने अंतिम फैसले के लिए थर्ड अंपायर का रुख किया। थर्ड अंपायर ने जब जाइंट स्क्रीन पर अलग-अलग एंगल से रीप्ले देखा, तो साफ हो गया कि गिल की उंगलियों में फंसने के दौरान गेंद का एक हिस्सा जमीन को छू चुका था। यानी कैच पूरी तरह साफ नहीं था। नॉट आउट होते ही कोहली का रिएक्शन पवेलियन की तरफ कदम बढ़ा चुके विराट कोहली जैसे ही नॉट आउट हुए, उन्होंने वापस मुड़कर टीवी स्क्रीन की तरफ इशारा किया और हवा में जोरदार पंच मारकर अपनी खुशी जताई। इसके बाद वह शुभमन गिल के पास गए और उनसे कुछ कहते हुए भी नजर आए, जिससे दोनों के बीच थोड़ी बहस होती दिखी। Indore Water Crisis : पानी चोरों की अब खैर नहीं! इंदौर जल संकट पर CM सख्त, 24 घंटे होगी पानी की निगरानी लगातार चौथे साल बनाए 600 से ज्यादा रन विराट कोहली इस मैच में आखिर तक डटे रहे और विनिंग शॉट खेलकर टीम को जीत दिलाई। कोहली का शानदार फॉर्म इस सीजन में भी जारी रहा। पिछले साल उन्होंने आईपीएल में 657 रन बनाए थे, जबकि इस साल उनके बल्ले से 675 रन निकले हैं। यह आईपीएल इतिहास में लगातार चौथा साल है जब कोहली ने एक ही सीजन में 600 से अधिक रन बनाए हैं। जीत के बाद क्या बोले ‘चेज मास्टर’? खिताब जीतने के बाद विराट कोहली ने कहा कि मैंने कई बार सपना देखा था कि जब हमारी टीम आईपीएल ट्रॉफी जीते, तो विनिंग हिट मैं लगाऊं। इस मैच के दौरान मैं बहुत शांत था क्योंकि हमारी टीम का माहौल ऐसा है जो आपको भरोसा देता है। Singer Suman Kalyanpur Passes Away : आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे गाने वाली सिंगर सुमन कल्याणपुर का निधन उन्होंने युवाओं की तारीफ करते हुए कहा कि आज के नए खिलाड़ी आपको अपने खेल का स्तर सुधारने के लिए लगातार प्रेरित करते हैं। कोहली ने टीम के गेंदबाजों हेजलवुड, भुवनेश्वर कुमार, रसिख डार और क्रुणाल पंड्या की भी सराहना की और कहा कि इस बेहतरीन टीम का हिस्सा बनकर वह बेहद खुश हैं।

MP RS Election 2026 : राज्यसभा चुनाव के लिये आज से नामंकन शुरू, बीजेपी-कांग्रेस ने अब तक घोषित नही किये प्रत्याशी

MP Rajya Sabha Election 2026

MP Rajya Sabha Election 2026 : भोपाल। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया के साथ ही राजनीतिक दलों की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। हालांकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस, दोनों ही दलों ने अभी तक अपने उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। राजनीतिक गलियारों में संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में दोनों दल अपने पत्ते खोल सकते हैं, जिसके बाद चुनावी तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी। उम्मीदवारों के नामों को लेकर जारी है मंथन राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में लगातार बैठकों और विचार-विमर्श का दौर चल रहा है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस 3 या 4 जून तक अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकती है। वहीं भाजपा भी अपने संभावित उम्मीदवारों के चयन को लेकर अंतिम चरण के मंथन में जुटी हुई है। दोनों दल ऐसे चेहरों पर विचार कर रहे हैं जो पार्टी की रणनीति और राजनीतिक समीकरणों के अनुरूप हों। उम्मीदवारों की घोषणा के बाद चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। Indore Water Crisis : पानी चोरों की अब खैर नहीं! इंदौर जल संकट पर CM सख्त, 24 घंटे होगी पानी की निगरानी विधानसभा का गणित BJP और कांग्रेस के पक्ष में मध्य प्रदेश विधानसभा में वर्तमान संख्या बल को देखते हुए राज्यसभा की तीनों सीटों के परिणाम लगभग स्पष्ट माने जा रहे हैं। 230 सदस्यीय विधानसभा में फिलहाल 229 विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 प्रथम वरीयता मतों की आवश्यकता होती है। विधानसभा में भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के खाते में 64 विधायक मौजूद हैं। इस संख्या बल के आधार पर दो सीटों पर भाजपा और एक सीट पर कांग्रेस की जीत लगभग तय मानी जा रही है। भाजपा को दो और कांग्रेस को एक सीट मिलने की संभावना विधानसभा में बहुमत के मजबूत आंकड़े के चलते भाजपा दो सीटों पर आराम से जीत दर्ज कर सकती है। वहीं कांग्रेस के पास भी एक सीट जीतने के लिए पर्याप्त संख्या बल मौजूद है। ऐसे में यदि कोई अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम नहीं होता है तो चुनाव परिणामों में बड़ा उलटफेर देखने की संभावना बेहद कम है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मुकाबले से अधिक चर्चा उम्मीदवारों के चयन को लेकर देखने को मिलेगी। IPL 2026 Winner RCB : बेंगलुरु की विराट जीत 20 करोड़ का मिला इनाम, गुजरात को 12.50 करोड़ उम्मीदवारों के चयन पर टिकी राजनीतिक नजरें राज्यसभा चुनाव में जीत का गणित भले ही काफी हद तक स्पष्ट दिखाई दे रहा हो, लेकिन सबसे अधिक उत्सुकता उम्मीदवारों के नामों को लेकर बनी हुई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों के सामने संगठनात्मक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और राजनीतिक संदेश जैसे कई महत्वपूर्ण पहलू हैं इसलिए उम्मीदवारों का चयन दोनों दलों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में घोषित होने वाले नाम राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे सकते हैं। राज्यसभा चुनाव का राजनीतिक महत्व राज्यसभा चुनाव को केवल संख्या बल का चुनाव नहीं माना जाता, बल्कि यह दलों की राजनीतिक प्राथमिकताओं और संगठनात्मक रणनीति का भी संकेत देता है। यही वजह है कि उम्मीदवारों के चयन पर राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेताओं की नजर बनी हुई है। मध्य प्रदेश में होने वाला यह चुनाव आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Indore Water Crisis : पानी चोरों की अब खैर नहीं! इंदौर जल संकट पर CM सख्त, 24 घंटे होगी पानी की निगरानी

CM Mohan Yadav on Indore Water Crisis

Indore Water Crisis : मध्य प्रदेश। इंदौर में लगातार गहराते जल संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण आपात बैठक की। गौरव दिवस कार्यक्रम के बाद संभागीय कार्यालय में आयोजित इस बैठक में जल संकट की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में संभागायुक्त, कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, महापौर, जल संसाधन मंत्री, सांसद और विधायक भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि शहर में पानी की उपलब्धता और वितरण को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कई सख्त निर्देश जारी किए और जल संकट से निपटने के लिए विशेष कार्ययोजना लागू करने को कहा। मुख्यमंत्री कार्यालय से होगी निगरानी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अब जल आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाएगी। इसके लिए कंट्रोल रूम के माध्यम से 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन जल वितरण की मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि सुबह और शाम नियमित रूप से पानी की सप्लाई की समीक्षा की जाएगी। साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रतिदिन पानी की स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर के हर क्षेत्र में समय पर और पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचे। IPL 2026 Winner RCB : बेंगलुरु की विराट जीत 20 करोड़ का मिला इनाम, गुजरात को 12.50 करोड़ जल वितरण में पारदर्शिता और संतुलन पर जोर बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कई वार्डों में पानी की असमान आपूर्ति और नल सप्लाई के समय को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के सभी क्षेत्रों में संतुलित और पारदर्शी तरीके से जल वितरण सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही शहर की बड़ी जल टंकियों का उनकी पूरी क्षमता के अनुसार उपयोग करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में पानी की अधिक समस्या है, वहां विशेष जलापूर्ति योजना लागू कर लोगों तक राहत पहुंचाई जाए। पानी चोरी और कालाबाजारी के खिलाफ विशेष अभियान मुख्यमंत्री ने पानी की चोरी और अवैध जल दोहन को गंभीर समस्या बताते हुए इसके खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े मोटरों के जरिए भूजल का अत्यधिक दोहन करने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही पानी की कालाबाजारी करने वालों और पानी बेचकर मुनाफाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रशासन को यह भी निर्देश दिए गए कि जल संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं। Singer Suman Kalyanpur Passes Away : आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे गाने वाली सिंगर सुमन कल्याणपुर का निधन तालाबों के कैचमेंट एरिया से हटेंगे अतिक्रमण बैठक में मुख्यमंत्री ने शहर के तालाबों और जल स्रोतों को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तालाबों के कैचमेंट एरिया से तत्काल अतिक्रमण हटाया जाए ताकि वर्षा जल का प्राकृतिक संग्रहण प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के लिए यह कदम बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में जल संकट की स्थिति से बचने के लिए जल स्रोतों का संरक्षण प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। अफवाह फैलाने वालों पर भी होगी कार्रवाई मुख्यमंत्री ने जल संकट को लेकर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से गलत जानकारी फैलाकर लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही जनप्रतिनिधियों, नागरिक समितियों, स्थानीय नागरिकों और प्रशासन के बीच लगातार संवाद बनाए रखने पर जोर दिया गया ताकि समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सके और लोगों को सही जानकारी मिलती रहे। LPG Cylinder Price Hike : कॉमर्शियल LPG सिलेंडर 53.50 रुपए तक महंगा, जून से लागू हुए 4 बड़े बदलाव जल संकट से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह सक्रिय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार इंदौर के जल संकट को लेकर पूरी तरह गंभीर है और हर स्तर पर निगरानी की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी वार्ड में पानी की कमी की शिकायत आने पर तत्काल समाधान किया जाए। सरकार का प्रयास है कि आने वाले दिनों में नागरिकों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े और सभी क्षेत्रों में सुचारु जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

IPL 2026 Winner RCB : बेंगलुरु की विराट जीत 20 करोड़ का मिला इनाम, गुजरात को 12.50 करोड़

IPL 2026 Winner RCB

IPL 2026 Winner RCB : स्पोर्ट्स डेस्क। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का खिताब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने अपने नाम कर लिया है। अहमदाबाद में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में RCB ने गुजरात टाइटंस (GT) को 5 विकेट से हराकर लगातार दूसरे सीजन ट्रॉफी जीतने का गौरव हासिल किया। पूरे सीजन शानदार प्रदर्शन करने वाली बेंगलुरु की टीम ने फाइनल में भी दबाव के बीच बेहतरीन खेल दिखाया और जीत दर्ज की। इस जीत के साथ RCB ने अपनी मजबूत टीम और लगातार अच्छे प्रदर्शन की बदौलत IPL इतिहास में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। चैंपियन बनने पर RCB को मिले 20 करोड़ रुपये IPL 2026 की विजेता टीम RCB को ट्रॉफी के साथ 20 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि भी दी गई। वहीं, फाइनल में हारने वाली गुजरात टाइटंस को रनर-अप के रूप में 12.5 करोड़ रुपये की प्राइज मनी मिली। इसके अलावा पूरे टूर्नामेंट के दौरान अनुशासित और खेल भावना के साथ प्रदर्शन करने वाली पंजाब किंग्स को फेयर प्ले अवॉर्ड दिया गया, जिसके साथ 10 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। यह पुरस्कार टीम के सकारात्मक रवैये और मैदान पर बेहतरीन व्यवहार के लिए दिया जाता है। MP Monsoon Update : मध्य प्रदेश में 5 से 7 दिन देरी से पहुंचेगा मानसून, IMD ने दिया बड़ा अपडेट वैभव सूर्यवंशी ने अपने नाम किए कई बड़े रिकॉर्ड IPL 2026 में सबसे ज्यादा चर्चा राजस्थान के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की रही। मात्र 15 साल की उम्र में उन्होंने पूरे सीजन में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 16 मैचों में 776 रन बनाए। उनका औसत 48.50 और स्ट्राइक रेट 237.30 रहा, जो किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़े हैं। उन्होंने सीजन में एक शतक और पांच अर्धशतक भी लगाए। शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने ऑरेंज कैप अपने नाम की और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर समेत जीते 5 बड़े अवॉर्ड वैभव सूर्यवंशी को केवल ऑरेंज कैप ही नहीं मिली, बल्कि उन्हें मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर ऑफ द सीजन, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन और सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन जैसे कई प्रतिष्ठित सम्मान भी दिए गए। कुल मिलाकर उन्होंने पांच व्यक्तिगत पुरस्कार अपने नाम किए। इन अवॉर्ड्स के साथ उन्हें 40 लाख रुपये की पुरस्कार राशि और एक कार भी मिली। इतनी कम उम्र में इतना बड़ा प्रदर्शन कर वैभव ने खुद को भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ सुपरस्टार साबित कर दिया है। LPG Cylinder Price Hike : कॉमर्शियल LPG सिलेंडर 53.50 रुपए तक महंगा, जून से लागू हुए 4 बड़े बदलाव कगिसो रबाडा बने सबसे सफल गेंदबाज गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने 16 मैचों में कुल 29 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम की। रबाडा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3 विकेट पर 25 रन रहा। पूरे सीजन में उन्होंने अपनी तेज रफ्तार और सटीक गेंदबाजी से बल्लेबाजों को काफी परेशान किया। हालांकि उनकी टीम फाइनल जीतने में सफल नहीं हो सकी, लेकिन व्यक्तिगत प्रदर्शन के मामले में उन्होंने अपनी छाप छोड़ी। फाइनल में विराट कोहली बने जीत के हीरो RCB की खिताबी जीत में अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली का अहम योगदान रहा। फाइनल मुकाबले में उन्होंने केवल 42 गेंदों पर 75 रन की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 9 चौके और 3 छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 178.57 रहा। दबाव भरे मुकाबले में खेली गई इस बेहतरीन पारी के लिए विराट कोहली को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्हें इस सम्मान के साथ 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी प्रदान की गई। NEET 2026 पेपर लीक पर बागेश्वर सरकार बोले- गलती सिस्टम की, सजा बच्चों को क्यों? ईडन गार्डन्स को मिला सर्वश्रेष्ठ पिच और ग्राउंड अवॉर्ड IPL 2026 में सर्वश्रेष्ठ पिच और ग्राउंड अवॉर्ड कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम को दिया गया। इस उपलब्धि के लिए स्टेडियम प्रबंधन को 50 लाख रुपये और ट्रॉफी प्रदान की गई। वहीं, हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम, धर्मशाला को इस श्रेणी में दूसरा स्थान मिला और उसे 25 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया। इन पुरस्कारों का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और उत्कृष्ट खेल परिस्थितियां उपलब्ध कराने वाले मैदानों को सम्मानित करना है।

MP Transfer Policy 2026 : आज से शुरू होगा तबादलों का दौर, 15 जून तक जारी होंगे स्थानांतरण आदेश

MP Transfer Policy 2026

MP Transfer Policy 2026 : भोपाल। मध्य प्रदेश में सोमवार से तबादलों का दौर औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। राज्य सरकार की नई तबादला नीति के तहत सभी विभाग 15 जून तक स्वैच्छिक और प्रशासनिक आधार पर अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण कर सकेंगे। लंबे समय से तबादलों का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए यह महत्वपूर्ण खबर मानी जा रही है। सरकार ने सभी विभागों को तय समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस विभाग में भी तेज हुई गतिविधियां पुलिस मुख्यालय (PHQ) के निर्देशों के बाद जिलों में तबादलों की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। आरक्षक से लेकर उप निरीक्षक (SI) स्तर तक के पुलिसकर्मियों के तबादले 5 जून तक करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद विभिन्न जिलों के पुलिस अधीक्षक और पुलिस आयुक्त अपने-अपने स्तर पर स्थानांतरण आदेश जारी कर रहे हैं। इससे पुलिस विभाग में भी प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल रहा है। MP UCC : मध्य प्रदेश में जल्द लागू हो सकती है समान नागरिक संहिता, मानसून सत्र में पेश होगा विधेयक कई विभागों ने मांगी कर्मचारियों की जानकारी शिक्षा विभाग सहित कई अन्य विभागों ने जिलों में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की विस्तृत जानकारी मांगी है। वहीं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने संविदा कर्मचारियों और अधिकारियों को 2 जून तक ऑनलाइन आवेदन करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि इन जानकारियों के आधार पर आगामी दिनों में बड़े स्तर पर स्थानांतरण किए जा सकते हैं। तबादला नीति में तय किया प्रतिशत राज्य सरकार की तबादला नीति के अनुसार, जिन विभागों में 200 तक कर्मचारी हैं वहां अधिकतम 20 प्रतिशत तबादले किए जा सकेंगे। 200 से 1000 कर्मचारियों वाले विभागों में 15 प्रतिशत, 1000 से 2000 कर्मचारियों वाले विभागों में 10 प्रतिशत और 2001 से अधिक कर्मचारियों वाले विभागों में अधिकतम 5 प्रतिशत स्थानांतरण की अनुमति दी गई है। इससे प्रक्रिया को संतुलित और पारदर्शी बनाए रखने का प्रयास किया गया है। Indore Water Crisis : पानी चोरों की अब खैर नहीं! इंदौर जल संकट पर CM सख्त, 24 घंटे होगी पानी की निगरानी कुछ मामलों को रखा गया नीति से बाहर सरकार ने तबादला नीति में कुछ विशेष मामलों को छूट भी दी है। पति-पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थ करने से जुड़े स्थानांतरण तथा गंभीर बीमारी के मामलों में होने वाले तबादले इस नीति के दायरे से बाहर रखे गए हैं। ऐसे मामलों में अलग से विचार किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे कर्मचारियों को मानवीय आधार पर राहत मिल सकेगी।