Ram Temple Donations Scam : उत्तर प्रदेश। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी के मामले में जांच तेज हो गई है। SIT ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट में चढ़ावे की गिनती, कर्मचारियों की नियुक्ति और कथित कमीशनखोरी से जुड़े कई बिंदुओं का उल्लेख होने की बात सामने आई है। अब रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई को लेकर नजरें सरकार पर टिकी हैं।
शासन को सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट
मंगलवार को SIT के अधिकारियों ने अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद को सौंप दी। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में कई दस्तावेज, गवाहों के बयान और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों का जिक्र किया गया है। अब यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जा सकती है।
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ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों पर सवाल
सूत्रों के मुताबिक जांच में ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट में कुछ लोगों पर लापरवाही और निगरानी में कमी की आशंका जताई गई है। चर्चा में आए नामों में महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और निर्माण कार्य से जुड़े गोपाल राव का भी उल्लेख बताया जा रहा है।
रिश्तेदारों और करीबी लोगों का भी जिक्र
जांच में कुछ ऐसे लोगों के नाम भी सामने आने की बात कही जा रही है, जो ट्रस्ट पदाधिकारियों के रिश्तेदार या करीबी बताए जाते हैं। SIT ने इन कड़ियों की भी पड़ताल की है और उनसे जुड़े तथ्यों को रिपोर्ट में शामिल किया है।
25 से 30 लोगों की भूमिका की आशंका
सूत्रों के अनुसार चढ़ावे की रकम में कथित हेरफेर के मामले में करीब 25 से 30 लोगों की भूमिका सामने आई है। जांच एजेंसियां अब इन सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। कुछ मामलों में कमीशन लेने के आरोपों का भी उल्लेख रिपोर्ट में होने की बात कही जा रही है।
कैसे हुआ कथित खेल?
जानकारी के अनुसार मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती का काम एक एजेंसी के माध्यम से कराया जाता था। आरोप है कि गिनती के दौरान रकम एक जगह इकट्ठा की जाती थी और इसी प्रक्रिया का फायदा उठाकर कुछ लोग कथित तौर पर रकम निकाल लेते थे। बाद में बची हुई राशि का रिकॉर्ड दर्ज कर दिया जाता था।
नियुक्तियों पर भी उठे सवाल
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि चढ़ावे की गिनती करने वाले कई कर्मचारी किस प्रक्रिया के तहत रखे गए थे। आरोप है कि कुछ लोगों को सिफारिश और पहचान के आधार पर काम मिला, जिससे पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए।
सुरक्षा और निगरानी पर सवाल
मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने के बावजूद कथित गड़बड़ी लंबे समय तक सामने नहीं आई। जांच में सीसीटीवी फुटेज और निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की गई है। यह भी देखा जा रहा है कि सुरक्षा व्यवस्था में कहां-कहां चूक हुई।
महाकुंभ और माघ मेले के दौरान बढ़ा चढ़ावा
बताया जा रहा है कि महाकुंभ और माघ मेले के दौरान अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से चढ़ावे में भी भारी बढ़ोतरी हुई थी। जांच में इस अवधि के लेन-देन और गिनती प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल SIT ने इसे प्रारंभिक जांच बताया है। विस्तृत जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और तथ्य सामने आ सकते हैं। रिपोर्ट के आधार पर प्रशासनिक बदलाव, कार्रवाई या कानूनी कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है।