Bhagwant Mann Drunk : चंडीगढ़। पंजाब में राजनीतिक गर्मी एक बार फिर बढ़ गई है। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर शराब पीकर विधानसभा में आने का गंभीर आरोप लगाया है। एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें CM मान विधानसभा में बोलते हुए नजर आ रहे हैं। विपक्ष का दावा है कि वे नशे की हालत में थे।
कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल ने एक स्वर में मुख्यमंत्री के खिलाफ जांच की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष परताप सिंह बाजवा ने पंजाब विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखकर डोप टेस्ट कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी विधायकों समेत मुख्यमंत्री का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट होना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक हालिया बयान को लेकर शुरू हुआ है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइंया पर कुछ आरोप लगाए थे। इसी को लेकर पंजाब में राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया।
परताप सिंह बाजवा ने स्पीकर को लिखे पत्र में कहा कि सदन में मुख्यमंत्री का व्यवहार चिंताजनक है। उन्होंने मांग की कि पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER), चंडीगढ़ की एक स्वतंत्र मेडिकल टीम बनाई जाए जो सभी विधायकों का टेस्ट करे।
अपने ही कानून में फंस जाते Raghav Chadha? जानिये क्या है 4 साल पुराना बिल जो आज बना चर्चा का विषय
विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है। अगर कोई शराब के नशे में यहां आता है तो यह संविधान और लोकतंत्र का अपमान है। उन्होंने सभी नेताओं का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराने की मांग की। शिरोमणि अकाली दल ने भी वीडियो शेयर करते हुए इसकी निंदा की। पार्टी ने इसे शर्मनाक बताया और डोप टेस्ट की मांग की।
आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुई राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने भी सख्त बयान दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि भगवंत मान शराब पीकर गुरुद्वारे, मंदिर, लोकसभा और सरकारी बैठकों में जाते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले मान ने अपनी मां के सिर पर हाथ रखकर शराब न पीने की कसम खाई थी, लेकिन अब भी यही हाल है।
Bhagwant Mann: पंजाब CM भगवंत मान की तबीयत बिगड़ी, मोहाली फोर्टिस अस्पताल में भर्ती
मुख्यमंत्री पर क्या आरोप?
विपक्ष का आरोप है कि भगवंत मान नशे में विधानसभा पहुंचे और सदस्यों के सवालों का जवाब दिए बिना सदन छोड़ दिया। सुखपाल सिंह खैरा ने भी इस वीडियो को शेयर किया और अरविंद केजरीवाल से मान के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।