Pooja inside Train Viral Video : चलती ट्रेन के एक सैलून कोच में धार्मिक अनुष्ठान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई कि क्या ट्रेन के भीतर इस तरह के धार्मिक आयोजन की अनुमति है। इससे पहले फर्स्ट एसी कोच में कथित ‘सुहागरात’ की सजावट का वीडियो भी चर्चा में रहा था। अब नए वीडियो के सामने आने के बाद रेलवे की व्यवस्था और नियमों को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं।
वीडियो में रुद्राभिषेक करते दिखे लोग
वायरल वीडियो में एक पुजारी कोच के फर्श पर बैठकर रुद्राभिषेक करते दिखाई दे रहे हैं। उनके साथ कुछ अन्य लोग भी धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हैं। वीडियो में ट्रेन चलती हुई नजर आती है और सभी लोग शांतिपूर्वक पूजा करते दिख रहे हैं।
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वीडियो वायरल होने के बाद कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने रेलवे से यह स्पष्ट करने की मांग की कि क्या ट्रेन में इस तरह के धार्मिक आयोजन की अनुमति है। वहीं कुछ लोगों ने इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी दीं।
रेलवे ने कहा- यह प्राइवेट सैलून कार थी
मामले पर बढ़ती चर्चा के बाद नॉर्दर्न रेलवे ने सफाई जारी की। रेलवे के अनुसार, यह आयोजन किसी सामान्य यात्री कोच में नहीं, बल्कि एक निजी सैलून कार में हुआ था। यह सैलून कोच भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के माध्यम से एक निजी पार्टी ने बुक कराया था।
रेलवे ने बताया कि इस कोच की बुकिंग 8 जुलाई को की गई थी और इसके लिए लगभग तीन लाख रुपये अग्रिम जमा किए गए थे। यह कोच ट्रेन संख्या 12926 पश्चिम एक्सप्रेस से जुड़ा था और धार्मिक आयोजन 10 जुलाई को हुआ।
सामान्य यात्रियों पर नहीं पड़ा कोई असर
रेलवे ने स्पष्ट किया कि इस आयोजन से किसी भी सामान्य यात्री की यात्रा, सुरक्षा या सुविधा प्रभावित नहीं हुई। रेलवे के अनुसार, सैलून कोच अलग श्रेणी का निजी लग्जरी कोच होता है, जिसे विशेष बुकिंग के आधार पर उपलब्ध कराया जाता है। इसमें शयनकक्ष, बैठक कक्ष, रसोई, वातानुकूलित सुविधाएं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं होती हैं।
रेलवे ने कहा कि ऐसी बुकिंग के दौरान यह सुनिश्चित किया जाता है कि नियमित यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इससे पहले वायरल हुए फर्स्ट एसी कोच की सजावट के मामले में भी रेलवे स्पष्ट कर चुका है कि सजावट निजी स्तर पर कराई गई थी और संबंधित मामले में विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है।