Butati Dham Donation Row: राजस्थान के नागौर जिले स्थित करीब 500 साल पुराने बुटाटी धाम (संत श्री चतुरदास महाराज मंदिर) में 22.74 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट में दान राशि, सोने-चांदी के रिकॉर्ड और निर्माण कार्यों में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। वहीं मंदिर विकास समिति ने इन सभी आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए खारिज कर दिया है।
146 दिन चली जांच में सामने आईं अनियमितताएं
मंदिर विकास समिति पर वित्तीय गड़बड़ियों की शिकायत के बाद तत्कालीन जिला कलेक्टर के निर्देश पर 13 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। डेगाना के तत्कालीन एसडीएम मोहन चौधरी की अध्यक्षता में समिति ने 146 दिनों तक जांच की और 23 जून 2026 को अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी।
22.74 करोड़ की कथित गड़बड़ी का दावा
जांच रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 और 2024-25 में करीब 15.16 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। वहीं 2025-26 का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए जाने पर 7.58 करोड़ रुपये का प्रतिकूल अनुमान जोड़ा गया। इस तरह कुल कथित अनियमितता 22.74 करोड़ रुपये बताई गई है। रिपोर्ट में सोने-चांदी के रिकॉर्ड, दान पेटी के हिसाब, किराया आय और भोजनशाला निर्माण के खर्च में भी कई विसंगतियों का उल्लेख किया गया है।
11 पदाधिकारियों पर FIR की सिफारिश
जांच समिति ने मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह समेत वर्तमान और पूर्व 11 पदाधिकारियों के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, खातों में हेरफेर और साक्ष्य नष्ट करने जैसी धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि कुछ निर्माण कार्यों का खर्च गलत तरीके से दर्ज किया गया और मंदिर निधि के उपयोग में भी अनियमितताएं हुईं।
समिति अध्यक्ष ने आरोपों को बताया साजिश
मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए जांच को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है। उनका कहना है कि समिति ने सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए थे, लेकिन उनका पक्ष नहीं सुना गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष एजेंसी से दोबारा जांच कराने की मांग की है। वहीं जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार यादव ने कहा कि जांच में वित्तीय अनियमितताओं के तथ्य सामने आए हैं और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्यों खास है बुटाटी धाम?
नागौर जिले के कुचेरा के पास स्थित बुटाटी धाम संत श्री चतुरदास महाराज की तपोस्थली माना जाता है। करीब 500 साल पुराने इस मंदिर में हर साल देशभर से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता है कि यहां लकवे सहित कई बीमारियों से राहत मिलने की आस्था के चलते बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए आते हैं।