Datia Bypoll: दतिया उपचुनाव में गरमाई ब्राह्मण राजनीति, फूल सिंह बरैया बोले- BJP ने अपने ही नेताओं की ‘राजनीतिक हत्या’ की

Datia Bypoll: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी माहौल तेज हो गया है। कांग्रेस नेता फूल सिंह बरैया ने भाजपा पर बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल रहे ब्राह्मण नेताओं की राजनीतिक हत्या कर दी है। उन्होंने दतिया की जनता से भाजपा से बदला लेने की अपील भी की। Datia by-election Update : उपचुनाव के लिए नामांकन का आखिरी दिन आज, दोनों दलों के प्रत्याशी भरेंगे पर्चा ब्राह्मण वोट बैंक पर तेज हुई सियासत दतिया विधानसभा उपचुनाव में ब्राह्मण वोटरों की बड़ी संख्या को देखते हुए सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस इस मुद्दे को चुनावी मंच से लगातार उठा रही है और भाजपा पर ब्राह्मण नेतृत्व की अनदेखी करने का आरोप लगा रही है। Datia By-election : दतिया उपचुनाव के लिए कांग्रेस- बीजेपी प्रत्याशी ने किया नामांकन, नरोत्तम मिश्रा हुए भावुक फूल सिंह बरैया का भाजपा पर बड़ा हमला कांग्रेस की रैली को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेता फूल सिंह बरैया ने कहा कि भाजपा ने मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल रहे ब्राह्मण नेताओं की राजनीतिक हत्या कर दी है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने अपने ही वरिष्ठ नेताओं को धीरे-धीरे राजनीति के हाशिए पर पहुंचा दिया। नरोत्तम, अनुप और गोपाल भार्गव का लिया नाम बरैया ने अपने बयान में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, वरिष्ठ नेता अनुप मिश्रा और गोपाल भार्गव का नाम लेते हुए कहा कि ये सभी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में माने जाते थे, लेकिन भाजपा ने इन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर कर दिया। Qatar News: कतर के पूर्व अमीर शेख हमद के निधन पर भारत में राष्ट्रीय शोक! तिरंगा आधा झुका ‘भाजपा से बदला लेने का समय’ रैली के दौरान फूल सिंह बरैया ने लोगों से भाजपा के खिलाफ मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि अब भाजपा से बदला लेने का समय आ गया है। उन्होंने दावा किया कि दतिया की जनता इस उपचुनाव में भाजपा को जवाब देगी। उपचुनाव में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी दतिया उपचुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सभी दल जातीय और स्थानीय समीकरण साधने में जुटे हैं। ऐसे में ब्राह्मण वोट बैंक को लेकर बयानबाजी चुनावी माहौल को और गर्मा रही है।
Butati Dham Donation Row: नागौर के बुटाटी धाम में 22 करोड़ के कथित गबन का दावा! जानिए पूरा मामला

Butati Dham Donation Row: राजस्थान के नागौर जिले स्थित करीब 500 साल पुराने बुटाटी धाम (संत श्री चतुरदास महाराज मंदिर) में 22.74 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट में दान राशि, सोने-चांदी के रिकॉर्ड और निर्माण कार्यों में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। वहीं मंदिर विकास समिति ने इन सभी आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए खारिज कर दिया है। Ram Mandir Donation: राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ट्रस्ट को नोटिस! जानिए कब होगी अगली सुनवाई 146 दिन चली जांच में सामने आईं अनियमितताएं मंदिर विकास समिति पर वित्तीय गड़बड़ियों की शिकायत के बाद तत्कालीन जिला कलेक्टर के निर्देश पर 13 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। डेगाना के तत्कालीन एसडीएम मोहन चौधरी की अध्यक्षता में समिति ने 146 दिनों तक जांच की और 23 जून 2026 को अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी। Defamation Notice : उमर अब्दुल्ला को BJP का लीगल नोटिस! 7 दिन में माफी नहीं तो 100 करोड़ की मानहानि मुकदमा 22.74 करोड़ की कथित गड़बड़ी का दावा जांच रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 और 2024-25 में करीब 15.16 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। वहीं 2025-26 का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए जाने पर 7.58 करोड़ रुपये का प्रतिकूल अनुमान जोड़ा गया। इस तरह कुल कथित अनियमितता 22.74 करोड़ रुपये बताई गई है। रिपोर्ट में सोने-चांदी के रिकॉर्ड, दान पेटी के हिसाब, किराया आय और भोजनशाला निर्माण के खर्च में भी कई विसंगतियों का उल्लेख किया गया है। 11 पदाधिकारियों पर FIR की सिफारिश जांच समिति ने मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह समेत वर्तमान और पूर्व 11 पदाधिकारियों के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, खातों में हेरफेर और साक्ष्य नष्ट करने जैसी धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि कुछ निर्माण कार्यों का खर्च गलत तरीके से दर्ज किया गया और मंदिर निधि के उपयोग में भी अनियमितताएं हुईं। Ken-Betwa Project Protest: केन-बेतवा परियोजना पर ‘चिता आंदोलन’ से ‘फांसी सत्याग्रह’ तक!आखिर क्यों मौत की दहलीज पर बैठा है आदिवासी समाज? समिति अध्यक्ष ने आरोपों को बताया साजिश मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए जांच को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है। उनका कहना है कि समिति ने सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए थे, लेकिन उनका पक्ष नहीं सुना गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष एजेंसी से दोबारा जांच कराने की मांग की है। वहीं जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार यादव ने कहा कि जांच में वित्तीय अनियमितताओं के तथ्य सामने आए हैं और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। क्यों खास है बुटाटी धाम? नागौर जिले के कुचेरा के पास स्थित बुटाटी धाम संत श्री चतुरदास महाराज की तपोस्थली माना जाता है। करीब 500 साल पुराने इस मंदिर में हर साल देशभर से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता है कि यहां लकवे सहित कई बीमारियों से राहत मिलने की आस्था के चलते बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए आते हैं।
Viral Video Fact Check : पति की हत्या कर शव गैस सिलेंडर में भरने का मामला फर्जी! वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने खोली पोल

Viral Video Fact Check : मध्य प्रदेश। सोशल मीडिया पर एक सनसनीखेज वीडियो तेजी से वायरल हुआ है। वीडियो के साथ दावा किया गया कि रीवा में एक महिला ने अपने पति की हत्या कर शव के टुकड़े किए और उन्हें गैस सिलेंडर में छिपा दिया। इस दावे के बाद लोगों में डर और भ्रम का माहौल बन गया। हालांकि, मामले की जांच के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह वीडियो पूरी तरह फर्जी है और इसका रीवा जिले से कोई संबंध नहीं है। Ram Mandir Donation: राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ट्रस्ट को नोटिस! जानिए कब होगी अगली सुनवाई पुलिस जांच में सामने आई सच्चाई वायरल वीडियो की जानकारी मिलने के बाद रीवा पुलिस ने इसकी जांच की। जांच में पता चला कि सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा भ्रामक है। पुलिस के अनुसार, रीवा जिले में इस तरह की कोई घटना दर्ज नहीं हुई है। इसलिए वीडियो को रीवा का बताकर साझा करना पूरी तरह गलत और अफवाह फैलाने वाला है। रीवा पुलिस ने जारी किया आधिकारिक बयान रीवा के नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) राजीव पाठक ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा वीडियो जिले से जुड़ा नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी वीडियो या सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वाली सामग्री से समाज में अनावश्यक भय और भ्रम की स्थिति पैदा होती है। Ladli Behna Scheme: लाडली बहनों को ₹1835 करोड़ की सौगात! CM मोहन यादव ने की ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की घोषणा फर्जी वीडियो फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई रीवा पुलिस ने चेतावनी दी है कि बिना पुष्टि के भ्रामक वीडियो या संदेश सोशल मीडिया पर साझा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया कि ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। Datia By-election : दतिया उपचुनाव के लिए कांग्रेस- बीजेपी प्रत्याशी ने किया नामांकन, नरोत्तम मिश्रा हुए भावुक यदि कोई व्यक्ति झूठी या भ्रामक जानकारी फैलाता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।
Ram Mandir Donation: राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ट्रस्ट को नोटिस! जानिए कब होगी अगली सुनवाई

Ram Mandir Donation: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी करते हुए SIT से जांच की स्टेटस रिपोर्ट भी तलब की है। Ram Mandir CEO Vacancy : राम मंदिर में निकली CEO की वेकेंसी! जानिए क्या-क्या मांगी योग्यताएं सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने राम मंदिर चढ़ावा मामले में दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जवाब मांगा है। याचिकाओं में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की स्वतंत्र और न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग की गई है। Ladli Behna Scheme: लाडली बहनों को ₹1835 करोड़ की सौगात! CM मोहन यादव ने की ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की घोषणा SIT से मांगी जांच की स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) को मामले की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि रिपोर्ट में SIT के गठन और अब तक हुई जांच का पूरा विवरण शामिल किया जाए। 20 जुलाई को होगी अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई तय की है। तब तक केंद्र, उत्तर प्रदेश सरकार, राम मंदिर ट्रस्ट और SIT को अपना जवाब और जांच रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश करनी होगी। Qatar News: कतर के पूर्व अमीर शेख हमद के निधन पर भारत में राष्ट्रीय शोक! तिरंगा आधा झुका स्वतंत्र जांच की मांग याचिकाकर्ताओं ने अदालत से मांग की है कि चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और कोर्ट की निगरानी में जांच कराई जाए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
Defamation Notice : उमर अब्दुल्ला को BJP का लीगल नोटिस! 7 दिन में माफी नहीं तो 100 करोड़ की मानहानि मुकदमा

Defamation Notice : श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के जम्मू-कश्मीर अध्यक्ष सत पॉल शर्मा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में मुख्यमंत्री से सात दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और अपने बयान वापस लेने को कहा गया है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि तय समय में ऐसा नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ 100 करोड़ रुपये की मानहानि से संबंधित कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। Datia By-election : दतिया उपचुनाव के लिए कांग्रेस- बीजेपी प्रत्याशी ने किया नामांकन, नरोत्तम मिश्रा हुए भावुक विधायकों को रिश्वत देने के आरोप से शुरू हुआ विवाद यह विवाद 11 जुलाई को श्रीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान के बाद शुरू हुआ। अपने संबोधन में उन्होंने आरोप लगाया था कि बीजेपी के एक पदाधिकारी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के कुछ विधायकों को दल बदलने के लिए 20 से 30 करोड़ रुपये, मंत्री पद और राज्य का दर्जा बहाल कराने जैसे प्रस्ताव दिए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि संबंधित व्यक्ति सुप्रीम कोर्ट में वकालत करता है। Ram Mandir CEO Vacancy : राम मंदिर में निकली CEO की वेकेंसी! जानिए क्या-क्या मांगी योग्यताएं बीजेपी ने आरोपों को बताया निराधार बीजेपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता परिमोक्ष सेठ ने कानूनी नोटिस जारी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सभी आरोप पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं। उनका कहना है कि पार्टी ने मुख्यमंत्री से इन आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे थे, लेकिन कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। नोटिस में कहा गया है कि इन बयानों के कारण प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से पार्टी और उसके प्रदेश अध्यक्ष की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। आगे हो सकती है कानूनी कार्रवाई बीजेपी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि यदि सात दिनों के भीतर मुख्यमंत्री अपने बयान वापस लेकर माफी नहीं मांगते हैं, तो उनके खिलाफ 100 करोड़ रुपये की मानहानि का मामला दायर किया जाएगा। Cow Slaughter Ban Stay : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, गोहत्या पर बैन पर लगी रोक, मद्रास HC आदेश स्थगित फिलहाल इस मामले में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस राजनीतिक और कानूनी विवाद पर सभी की नजर रहेगी।
Qatar News: कतर के पूर्व अमीर शेख हमद के निधन पर भारत में राष्ट्रीय शोक! तिरंगा आधा झुका

Qatar News: कतर के पूर्व अमीर और फादर अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत सरकार ने 13 जुलाई को एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। संसद भवन समेत सभी सरकारी इमारतों पर तिरंगा आधा झुका रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शेख हमद को दूरदर्शी नेता बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। Stephen Fleming Resigns: 17 साल बाद CSK से क्यों अलग हुए स्टीफन फ्लेमिंग? पांच IPL ट्रॉफी जिताने वाले कोच ने दिया इस्तीफा पीएम मोदी ने जताया गहरा शोक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शेख हमद ने कतर को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और भारत-कतर संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पीएम ने कतर के वर्तमान अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, शाही परिवार और वहां की जनता के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। Ram Mandir CEO Vacancy : राम मंदिर में निकली CEO की वेकेंसी! जानिए क्या-क्या मांगी योग्यताएं 2024 की मुलाकात का किया जिक्र प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2024 में कतर यात्रा के दौरान शेख हमद से हुई मुलाकात को याद किया। उन्होंने कहा कि उस मुलाकात ने भारत और कतर के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक सहयोग को नई मजबूती दी थी। कौन थे शेख हमद बिन खलीफा अल थानी? शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने 1995 से 2013 तक कतर के अमीर के रूप में देश का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में कतर ने प्राकृतिक गैस संसाधनों के दम पर तेज आर्थिक विकास किया और वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई। वर्ष 2013 में उन्होंने स्वेच्छा से सत्ता अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंप दी थी। Cow Slaughter Ban Stay : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, गोहत्या पर बैन पर लगी रोक, मद्रास HC आदेश स्थगित भारत ने क्यों घोषित किया राष्ट्रीय शोक? भारत और कतर के बीच लंबे समय से मजबूत कूटनीतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। कतर भारत का प्रमुख ऊर्जा साझेदार है और वहां बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं। इन्हीं घनिष्ठ संबंधों और शेख हमद के योगदान को सम्मान देते हुए भारत सरकार ने उनके निधन पर एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया। इस दौरान सरकारी भवनों पर तिरंगा आधा झुका रहा और कोई आधिकारिक समारोह आयोजित नहीं किया गया। भारत-कतर रिश्तों को मिली नई दिशा शेख हमद के कार्यकाल में भारत और कतर के संबंध लगातार मजबूत हुए। ऊर्जा, व्यापार, निवेश और प्रवासी भारतीयों से जुड़े कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ा, जिसका लाभ आज भी दोनों देशों को मिल रहा है।
Datia By-election : दतिया उपचुनाव के लिए कांग्रेस- बीजेपी प्रत्याशी ने किया नामांकन, नरोत्तम मिश्रा हुए भावुक

Datia By-election : मध्य प्रदेश। दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। नामांकन के बाद रिंग रोड स्थित भैरव मंदिर के पास कांग्रेस की जनसभा आयोजित की गई। हालांकि इस सभा में टिकट के दावेदार रहे अवधेश नायक की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय बन गई है। उनके बीजेपी में वापस जाने की अटकलों ने दतिया की सियासत को गर्म कर दिया है। अवधेश नायक ने कहा है कि उनके सामने सभी विकल्प खुले हैं और वह आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं। वहीं पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा मंच पर संबोधन के दौरान भावुक हो गए। उनका ये अब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। Cow Slaughter Ban Stay : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, गोहत्या पर बैन पर लगी रोक, मद्रास HC आदेश स्थगित टिकट नहीं मिलने से नाराज हैं अवधेश नायक अवधेश नायक ने बताया कि 2023 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन बाद में टिकट बदलकर राजेंद्र भारती को दे दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय कांग्रेस के कुछ लोगों ने उनका विरोध किया और उनका अपमान हुआ। नायक का कहना है कि इस बार भी उन्हें टिकट नहीं मिला, जबकि उन्होंने पार्टी के लिए लगातार काम किया। उन्होंने कहा कि उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह से कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन प्रदेश नेतृत्व के फैसले से वह नाराज हैं। Cow Slaughter Ban Stay : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, गोहत्या पर बैन पर लगी रोक, मद्रास HC आदेश स्थगित दिग्विजय सिंह ने मंच से मांगी माफी कांग्रेस की सभा के दौरान वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने अवधेश नायक का जिक्र करते हुए उनसे माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले नायक के टिकट का विरोध किया था, क्योंकि वह उस समय बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में आए थे। दिग्विजय सिंह ने कहा कि 2023 चुनाव में नायक ने ईमानदारी से पार्टी के लिए काम किया और राजेंद्र भारती को जिताने में सहयोग किया। उन्होंने किसी भी तरह का अपमान हुआ हो तो उसके लिए खेद जताया। Dhar Bhojshala Idol : 900 साल बाद बड़ा खुलासा! धार की सरस्वती मूर्ति असल में गायत्री देवी की, 3D मैपिंग से हुई पहचान बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने भी दाखिल किया नामांकन दूसरी ओर बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने भी दतिया उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। आशुतोष तिवारी दतिया जिले के पिपरौआ गांव से आते हैं। वह मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और संगठन में कई जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। घनश्याम सिंह का रहा है लंबा राजनीतिक अनुभव कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह दतिया राजघराने से जुड़े हैं और लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। वह कई बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। वर्ष 1993 में उन्होंने पहली बार चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया था। Coaching Firing Dispute : कोचिंग विवाद मामले में खान सर को बड़ी राहत, कोर्ट ने अग्रिम जमानत की मंजूर इसके बाद 2003 और 2018 में भी विधायक रहे। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें बीजेपी प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा था। अब दतिया उपचुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है। यहां देखिये वायरल वीडियो
Ladli Behna Scheme: लाडली बहनों को ₹1835 करोड़ की सौगात! CM मोहन यादव ने की ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की घोषणा

Ladli Behna Scheme: मध्य प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक लाडली बहनों के लिए 12 जुलाई का दिन खुशखबरी लेकर आया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भिंड के लहार से लाडली बहना योजना की किस्त जारी करते हुए 1,835 करोड़ रुपये सीधे हितग्राहियों के खातों में ट्रांसफर किए। इस दौरान उन्होंने राज्य में जल्द ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ शुरू करने का भी ऐलान किया। Ken-Betwa Project Protest: केन-बेतवा परियोजना पर ‘चिता आंदोलन’ से ‘फांसी सत्याग्रह’ तक!आखिर क्यों मौत की दहलीज पर बैठा है आदिवासी समाज? लाडली बहनों के खातों में पहुंचे ₹1835 करोड़ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाडली बहना योजना के तहत 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में 1,835 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है और यह योजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। Stephen Fleming Resigns: 17 साल बाद CSK से क्यों अलग हुए स्टीफन फ्लेमिंग? पांच IPL ट्रॉफी जिताने वाले कोच ने दिया इस्तीफा महिला सशक्तीकरण पर सरकार का जोर सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य सरकार महिला सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के कल्याण के लिए लगातार नई योजनाएं और विकास कार्य शुरू कर रही है। ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ का ऐलान कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जल्द ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित, आसान और बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। Datia By Election : टिकट मिलने के बाद बदलने की परंपरा नहीं, बोले कैलाश विजयवर्गीय; जगदीश देवड़ा ने कहा- संगठन सर्वोपरि भिंड को मिली 322 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री ने भिंड जिले में 322 करोड़ रुपये की लागत वाले 56 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। इनमें चार सांदीपनी विद्यालयों के नए भवनों का लोकार्पण और लहार शासकीय महाविद्यालय में स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों के विस्तार की घोषणा भी शामिल है। विकास और जनकल्याण पर सरकार का फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ शिक्षा, परिवहन और महिला कल्याण के क्षेत्र में लगातार नई पहल कर रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि इन योजनाओं से प्रदेश के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और विकास को नई गति मिलेगी।
Ram Mandir CEO Vacancy : राम मंदिर में निकली CEO की वेकेंसी! जानिए क्या-क्या मांगी योग्यताएं

Ram Mandir CEO Vacancy : उत्तर प्रदेश। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार ईमेल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवार की नियुक्ति तीन वर्ष के अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर की जाएगी। ट्रस्ट के अनुसार, इस पद के लिए वेतन और अन्य सुविधाओं का निर्धारण चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपसी सहमति से किया जाएगा। Dhar Bhojshala Idol : 900 साल बाद बड़ा खुलासा! धार की सरस्वती मूर्ति असल में गायत्री देवी की, 3D मैपिंग से हुई पहचान योग्यता और अनुभव की क्या हैं शर्तें? इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातक (ग्रेजुएट) होना आवश्यक है। आवेदक की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए। साथ ही किसी बड़े संस्थान या कंपनी में कम से कम 20 वर्ष का प्रबंधकीय अनुभव होना जरूरी है। उम्मीदवार के पास विभिन्न विभागों के संचालन का अनुभव भी होना चाहिए। ट्रस्ट ने आवेदन के लिए हिंदी और अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान अनिवार्य बताया है। इसके अलावा, उम्मीदवार का हिंदू धर्म का अनुयायी होना भी पात्रता की शर्तों में शामिल है। Cow Slaughter Ban Stay : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, गोहत्या पर बैन पर लगी रोक, मद्रास HC आदेश स्थगित कैसे करें आवेदन? ट्रस्ट के अनुसार, ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने पहले किसी बड़े मंदिर, हिंदू धार्मिक संस्था या प्रशासनिक संगठन में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अथवा वरिष्ठ प्रबंधन पद पर कार्य किया हो। इस श्रेणी के सेवानिवृत्त अधिकारी भी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 18 जुलाई 2026, शाम 4 बजे निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को अपना आवेदन और आवश्यक दस्तावेज ईमेल searchcommittee.srjbt@gmail.com पर भेजने होंगे। Pooja inside Train : चलती ट्रेन में रुद्राभिषेक! सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, अब रेलवे ने दी सफाई CEO की क्या होंगी जिम्मेदारियां? राम मंदिर के CEO सीधे ट्रस्ट के महामंत्री को रिपोर्ट करेंगे। उन्हें ट्रस्ट के प्रशासनिक, कानूनी और वित्तीय कार्यों का संचालन करना होगा। इसके अलावा संगठन की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना, कर्मचारियों का प्रबंधन, विकास परियोजनाओं की निगरानी, वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखना और संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करना भी उनकी जिम्मेदारी होगी। Coaching Firing Dispute : कोचिंग विवाद मामले में खान सर को बड़ी राहत, कोर्ट ने अग्रिम जमानत की मंजूर सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, धार्मिक कार्यक्रमों का समन्वय, VIP प्रबंधन, ट्रस्ट की संपत्तियों की सुरक्षा और भविष्य की योजनाओं का संचालन भी CEO के प्रमुख कार्यों में शामिल रहेगा। श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र (न्यास) श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद के लिए योग्य जनों से आवेदन आमंत्रित करता है आवेदन की अंतिम तिथि: शनिवार १८ जुलाई २०२६; सायं ४ बजे Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra (Trust) invites applications from eligible… pic.twitter.com/PHa0MbT5kY — Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) July 13, 2026
Stephen Fleming Resigns: 17 साल बाद CSK से क्यों अलग हुए स्टीफन फ्लेमिंग? पांच IPL ट्रॉफी जिताने वाले कोच ने दिया इस्तीफा

Stephen Fleming Resigns: इंडियन प्रीमियर लीग की सबसे सफल फ्रेंचाइजी में शामिल चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) में बड़ा बदलाव हुआ है। टीम के साथ 17 साल तक जुड़े रहे हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। फ्रेंचाइजी ने सोशल मीडिया पर इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए उनके योगदान के लिए आभार जताया। Ken-Betwa Project Protest: केन-बेतवा परियोजना पर ‘चिता आंदोलन’ से ‘फांसी सत्याग्रह’ तक!आखिर क्यों मौत की दहलीज पर बैठा है आदिवासी समाज? 17 साल बाद खत्म हुई ऐतिहासिक साझेदारी स्टीफन फ्लेमिंग साल 2008 में आईपीएल के पहले सीजन में खिलाड़ी के रूप में चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े थे। इसके बाद 2009 में उन्होंने टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी संभाली। एमएस धोनी और फ्लेमिंग की जोड़ी ने सीएसके को आईपीएल की सबसे सफल टीमों में शामिल किया और टीम ने उनके कार्यकाल में पांच बार आईपीएल का खिताब अपने नाम किया। Datia by-election Update : उपचुनाव के लिए नामांकन का आखिरी दिन आज, दोनों दलों के प्रत्याशी भरेंगे पर्चा CSK ने भावुक संदेश के साथ कहा शुक्रिया चेन्नई सुपर किंग्स ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि सुपर किंग्स और स्टीफन फ्लेमिंग ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया है। फ्रेंचाइजी ने कहा कि फ्लेमिंग की विरासत आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों और कोचों को प्रेरित करती रहेगी और उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। हाल के सीजन में नहीं मिला उम्मीद जैसा प्रदर्शन हालांकि पिछले कुछ सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। टीम लगातार प्लेऑफ की दौड़ में संघर्ष करती नजर आई और प्रदर्शन को लेकर टीम प्रबंधन व कोचिंग स्टाफ पर सवाल भी उठे। ऐसे में फ्लेमिंग का इस्तीफा सीएसके के लिए बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। Ram Mandir Donation : राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई, 4 याचिकाएं लगीं MLC में भी नहीं चला फ्लेमिंग का जादू फ्लेमिंग अमेरिका की मेजर लीग क्रिकेट (MLC) में टेक्सास सुपर किंग्स के भी हेड कोच थे। इस सीजन टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और 10 में से केवल तीन मुकाबले ही जीत सकी। छह टीमों की लीग में टेक्सास सुपर किंग्स सबसे निचले स्थान पर रही। माना जा रहा है कि लगातार खराब नतीजों के बीच यह फैसला लिया गया। अब नए कोच की तलाश शुरू फ्लेमिंग के इस्तीफे के बाद अब चेन्नई सुपर किंग्स के सामने नए हेड कोच की नियुक्ति सबसे बड़ी चुनौती होगी। फ्रेंचाइजी जल्द ही नए कोच के नाम का ऐलान कर सकती है, जो आगामी आईपीएल सीजन में टीम की कमान संभालेगा।