Qatar News: कतर के पूर्व अमीर और फादर अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर भारत सरकार ने 13 जुलाई को एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। संसद भवन समेत सभी सरकारी इमारतों पर तिरंगा आधा झुका रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शेख हमद को दूरदर्शी नेता बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
पीएम मोदी ने जताया गहरा शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शेख हमद ने कतर को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और भारत-कतर संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पीएम ने कतर के वर्तमान अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, शाही परिवार और वहां की जनता के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।
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2024 की मुलाकात का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने फरवरी 2024 में कतर यात्रा के दौरान शेख हमद से हुई मुलाकात को याद किया। उन्होंने कहा कि उस मुलाकात ने भारत और कतर के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक सहयोग को नई मजबूती दी थी।
कौन थे शेख हमद बिन खलीफा अल थानी?
शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने 1995 से 2013 तक कतर के अमीर के रूप में देश का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में कतर ने प्राकृतिक गैस संसाधनों के दम पर तेज आर्थिक विकास किया और वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई। वर्ष 2013 में उन्होंने स्वेच्छा से सत्ता अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंप दी थी।
भारत ने क्यों घोषित किया राष्ट्रीय शोक?
भारत और कतर के बीच लंबे समय से मजबूत कूटनीतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। कतर भारत का प्रमुख ऊर्जा साझेदार है और वहां बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं। इन्हीं घनिष्ठ संबंधों और शेख हमद के योगदान को सम्मान देते हुए भारत सरकार ने उनके निधन पर एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया। इस दौरान सरकारी भवनों पर तिरंगा आधा झुका रहा और कोई आधिकारिक समारोह आयोजित नहीं किया गया।
भारत-कतर रिश्तों को मिली नई दिशा
शेख हमद के कार्यकाल में भारत और कतर के संबंध लगातार मजबूत हुए। ऊर्जा, व्यापार, निवेश और प्रवासी भारतीयों से जुड़े कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ा, जिसका लाभ आज भी दोनों देशों को मिल रहा है।