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Cow Slaughter Ban Stay : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, गोहत्या पर बैन पर लगी रोक, मद्रास HC आदेश स्थगित

Cow Slaughter Ban Stay

Cow Slaughter Ban Stay : नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें तमिलनाडु सरकार को बकरीद या किसी भी अन्य दिन राज्य में गाय और बछड़े के वध को रोकने का निर्देश दिया गया था। शीर्ष अदालत ने तमिलनाडु सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है और उनसे जवाब मांगा है। फिलहाल हाईकोर्ट का आदेश लागू नहीं रहेगा, जब तक इस मामले पर आगे सुनवाई नहीं हो जाती। Dhar Bhojshala Idol : 900 साल बाद बड़ा खुलासा! धार की सरस्वती मूर्ति असल में गायत्री देवी की, 3D मैपिंग से हुई पहचान तमिलनाडु सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा कि मद्रास हाईकोर्ट का पूर्ण प्रतिबंध वाला आदेश राज्य के मौजूदा कानून के अनुरूप नहीं है। सरकार का तर्क था कि तमिलनाडु पशु संरक्षण अधिनियम, 1958 में कुछ निर्धारित परिस्थितियों में पशु वध की अनुमति दी गई है। इसलिए हाईकोर्ट का आदेश अधिनियम के प्रावधानों से अलग है और इस पर पुनर्विचार आवश्यक है। Pooja inside Train : चलती ट्रेन में रुद्राभिषेक! सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, अब रेलवे ने दी सफाई सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में सुधार की जरूरत बताई न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि प्रथम दृष्टया हाईकोर्ट के आदेश में सुधार की आवश्यकता प्रतीत होती है। इसी आधार पर अदालत ने आदेश के क्रियान्वयन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। साथ ही प्रतिपक्ष को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई में सभी पक्षों की दलीलों पर विस्तार से विचार किया जाएगा। Ken-Betwa Project Protest: केन-बेतवा परियोजना पर ‘चिता आंदोलन’ से ‘फांसी सत्याग्रह’ तक!आखिर क्यों मौत की दहलीज पर बैठा है आदिवासी समाज? 1958 के कानून में किन परिस्थितियों में मिलती है अनुमति? राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि तमिलनाडु पशु संरक्षण अधिनियम, 1958 के तहत कुछ विशेष परिस्थितियों में पशु वध की अनुमति दी जाती है। यदि किसी पशु की आयु 10 वर्ष से अधिक हो या वह प्रजनन एवं कृषि कार्य के लिए पूरी तरह अनुपयुक्त हो, तो सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत उसका वध किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों पर विचार करते हुए फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है। अब इस मामले में अंतिम निर्णय विस्तृत सुनवाई के बाद होगा।

Pooja inside Train : चलती ट्रेन में रुद्राभिषेक! सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, अब रेलवे ने दी सफाई

Pooja inside Train

Pooja inside Train Viral Video : चलती ट्रेन के एक सैलून कोच में धार्मिक अनुष्ठान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई कि क्या ट्रेन के भीतर इस तरह के धार्मिक आयोजन की अनुमति है। इससे पहले फर्स्ट एसी कोच में कथित ‘सुहागरात’ की सजावट का वीडियो भी चर्चा में रहा था। अब नए वीडियो के सामने आने के बाद रेलवे की व्यवस्था और नियमों को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। वीडियो में रुद्राभिषेक करते दिखे लोग वायरल वीडियो में एक पुजारी कोच के फर्श पर बैठकर रुद्राभिषेक करते दिखाई दे रहे हैं। उनके साथ कुछ अन्य लोग भी धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हैं। वीडियो में ट्रेन चलती हुई नजर आती है और सभी लोग शांतिपूर्वक पूजा करते दिख रहे हैं। Coaching Firing Dispute : कोचिंग विवाद मामले में खान सर को बड़ी राहत, कोर्ट ने अग्रिम जमानत की मंजूर वीडियो वायरल होने के बाद कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने रेलवे से यह स्पष्ट करने की मांग की कि क्या ट्रेन में इस तरह के धार्मिक आयोजन की अनुमति है। वहीं कुछ लोगों ने इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी दीं। रेलवे ने कहा- यह प्राइवेट सैलून कार थी मामले पर बढ़ती चर्चा के बाद नॉर्दर्न रेलवे ने सफाई जारी की। रेलवे के अनुसार, यह आयोजन किसी सामान्य यात्री कोच में नहीं, बल्कि एक निजी सैलून कार में हुआ था। यह सैलून कोच भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के माध्यम से एक निजी पार्टी ने बुक कराया था। Dhar Bhojshala Idol : 900 साल बाद बड़ा खुलासा! धार की सरस्वती मूर्ति असल में गायत्री देवी की, 3D मैपिंग से हुई पहचान रेलवे ने बताया कि इस कोच की बुकिंग 8 जुलाई को की गई थी और इसके लिए लगभग तीन लाख रुपये अग्रिम जमा किए गए थे। यह कोच ट्रेन संख्या 12926 पश्चिम एक्सप्रेस से जुड़ा था और धार्मिक आयोजन 10 जुलाई को हुआ। सामान्य यात्रियों पर नहीं पड़ा कोई असर रेलवे ने स्पष्ट किया कि इस आयोजन से किसी भी सामान्य यात्री की यात्रा, सुरक्षा या सुविधा प्रभावित नहीं हुई। रेलवे के अनुसार, सैलून कोच अलग श्रेणी का निजी लग्जरी कोच होता है, जिसे विशेष बुकिंग के आधार पर उपलब्ध कराया जाता है। इसमें शयनकक्ष, बैठक कक्ष, रसोई, वातानुकूलित सुविधाएं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं होती हैं। Datia by-election Update : उपचुनाव के लिए नामांकन का आखिरी दिन आज, दोनों दलों के प्रत्याशी भरेंगे पर्चा रेलवे ने कहा कि ऐसी बुकिंग के दौरान यह सुनिश्चित किया जाता है कि नियमित यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इससे पहले वायरल हुए फर्स्ट एसी कोच की सजावट के मामले में भी रेलवे स्पष्ट कर चुका है कि सजावट निजी स्तर पर कराई गई थी और संबंधित मामले में विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है। यहां देखिये सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

Ken-Betwa Project Protest: केन-बेतवा परियोजना पर ‘चिता आंदोलन’ से ‘फांसी सत्याग्रह’ तक!आखिर क्यों मौत की दहलीज पर बैठा है आदिवासी समाज?

Ken-Betwa Project Protest: देश की सबसे बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं में शामिल केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट एक बार फिर विवादों में है। छतरपुर और पन्ना के प्रभावित आदिवासी परिवार बरार नदी में चिता आंदोलन, जल सत्याग्रह और सांकेतिक फांसी सत्याग्रह कर रहे हैं। उनका आरोप है कि उन्हें नियमानुसार मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिला, जबकि प्रशासन सभी प्रक्रियाएं नियमों के तहत पूरी होने का दावा कर रहा है। BJP Star Campaigners : दतिया उपचुनाव के लिए नरोत्तम मिश्रा बने स्टार प्रचारक, बीजेपी ने जारी की लिस्ट क्या है केन-बेतवा लिंक परियोजना? करीब 44,605 करोड़ रुपये की इस परियोजना का उद्देश्य केन नदी का पानी बेतवा नदी तक पहुंचाकर बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल की समस्या दूर करना है। परियोजना के तहत कई गांव डूब क्षेत्र में आ रहे हैं, जिससे बड़ी संख्या में परिवारों का विस्थापन हो रहा है। आंदोलन की शुरुआत कैसे हुई? अप्रैल 2026 में प्रभावित ग्रामीणों ने उचित मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए आंदोलन शुरू किया। जय किसान संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के नेतृत्व में बरार नदी किनारे प्रदर्शन हुआ। प्रशासन के आश्वासन के बाद आंदोलन कुछ समय के लिए रुका, लेकिन मांगें पूरी नहीं होने का आरोप लगाकर इसे फिर शुरू कर दिया गया। Coaching Firing Dispute : कोचिंग विवाद मामले में खान सर को बड़ी राहत, कोर्ट ने अग्रिम जमानत की मंजूर आंदोलन फिर क्यों भड़क गया? आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रशासन ने अपने वादे पूरे नहीं किए। कई परिवारों के मकान तोड़े गए और आंदोलन से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की गई। इसके विरोध में आंदोलन ने चिता आंदोलन, जल सत्याग्रह और सांकेतिक फांसी सत्याग्रह का रूप ले लिया। बरार नदी में जारी है चिता आंदोलन किशनगढ़ के पास बरार नदी में प्रभावित परिवार कई दिनों से डटे हुए हैं। महिलाएं और पुरुष जल सत्याग्रह कर रहे हैं, जबकि कुछ प्रदर्शनकारी चिताओं पर बैठकर और गले में फंदा डालकर सांकेतिक विरोध जता रहे हैं। उनका कहना है कि न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। क्या हैं आंदोलनकारियों की मुख्य मांगें? प्रभावित परिवारों का आरोप है कि राहत राशि नियमों के अनुरूप नहीं दी गई और मुआवजा वितरण में भ्रष्टाचार हुआ है। उनकी मांग है कि पात्र लोगों को उचित राहत मिले, सर्वे दोबारा कराया जाए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो। Dhar Bhojshala Idol : 900 साल बाद बड़ा खुलासा! धार की सरस्वती मूर्ति असल में गायत्री देवी की, 3D मैपिंग से हुई पहचान अमित भटनागर ने लगाए गंभीर आरोप सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर का आरोप है कि परियोजना में राहत राशि वितरण में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि जब तक सभी प्रभावित परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन समाप्त नहीं होगा। प्रशासन का क्या कहना है? प्रशासन का दावा है कि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा और विशेष राहत पैकेज दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश मांगों पर कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि आंदोलनकारी इन दावों से सहमत नहीं हैं। अब आगे क्या? फिलहाल बरार नदी में आंदोलन जारी है। अब यह विवाद केवल मुआवजे तक सीमित नहीं, बल्कि विस्थापन, पुनर्वास और आदिवासी अधिकारों का बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत या आंदोलन की दिशा पर सभी की नजर बनी हुई है।

Coaching Firing Dispute : कोचिंग विवाद मामले में खान सर को बड़ी राहत, कोर्ट ने अग्रिम जमानत की मंजूर

Khan Sir Firing Case

Coaching Firing Dispute : पटना। पटना के चर्चित कोचिंग विवाद मामले में शिक्षक खान सर को अदालत से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने खान सर और उनके दोनों निजी सुरक्षा कर्मियों को अग्रिम जमानत दे दी है। यह मामला जून की शुरुआत में हुई एक घटना से जुड़ा है, जिसमें कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर कोचिंग संस्थान में तोड़फोड़ की गई थी। इसी दौरान सुरक्षा कर्मियों पर फायरिंग करने का आरोप लगा, जिसके बाद इस मामले में खान सर, उनके दोनों बॉडीगार्ड्स और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। Dhar Bhojshala Idol : 900 साल बाद बड़ा खुलासा! धार की सरस्वती मूर्ति असल में गायत्री देवी की, 3D मैपिंग से हुई पहचान गिरफ्तारी की आशंका के बीच अदालत पहुंचे थे आरोपी मामले में गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए खान सर और अन्य आरोपियों ने अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था। पिछली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाते हुए खान सर और उनके दोनों निजी सुरक्षाकर्मियों को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी। इस फैसले से फिलहाल उन्हें गिरफ्तारी से राहत मिल गई है। Datia by-election Update : उपचुनाव के लिए नामांकन का आखिरी दिन आज, दोनों दलों के प्रत्याशी भरेंगे पर्चा पहले मिली थी अंतरिम राहत  पिछली सुनवाई के बाद खान सर के अधिवक्ता अरविंद कुमार मौआर ने बताया था कि जिला जज के अवकाश पर होने के कारण आदेश तत्काल जारी नहीं हो सका और सुनवाई सोमवार तक टाल दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा था कि अंतिम आदेश आने तक अदालत द्वारा दी गई अंतरिम सुरक्षा जारी रहेगी। अब कोर्ट के फैसले के बाद यह कानूनी राहत अग्रिम जमानत के रूप में मिल गई है। अन्य कर्मचारियों की याचिकाओं पर भी सुनवाई हुई खान सर की अग्रिम जमानत याचिका के साथ ही अदालत ने उनके दो सुरक्षा गार्डों की नियमित जमानत याचिका और कोचिंग संस्थान के तीन अन्य कर्मचारियों की अग्रिम जमानत याचिकाओं पर भी सुनवाई की थी। MP News: ‘लव जिहाद’ के दावे पर युवक पुलिस के हवाले! मोबाइल की जांच शुरू, जानिए पूरी खबर इन मामलों में अदालत ने पहले फैसला सुरक्षित रखा था। यह मामला पिछले कुछ समय से पटना में चर्चा का विषय बना हुआ है और अदालत के इस फैसले के बाद कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

Dhar Bhojshala Idol : 900 साल बाद बड़ा खुलासा! धार की सरस्वती मूर्ति असल में गायत्री देवी की, 3D मैपिंग से हुई पहचान

Dhar Bhojshala Idol

Dhar Bhojshala Idol : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित स्टेट म्यूजियम में संरक्षित 12वीं सदी की एक प्राचीन प्रतिमा को लेकर बड़ा ऐतिहासिक खुलासा हुआ है। पिछले करीब 900 वर्षों से जिस प्रतिमा को देवी सरस्वती का स्वरूप माना जाता रहा, अब आधुनिक तकनीक और विस्तृत शोध के आधार पर उसकी पहचान मां गायत्री के रूप में की गई है। इस निष्कर्ष ने भारतीय पुरातत्व और धार्मिक कला के अध्ययन में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज प्राचीन भारतीय मूर्तिकला की समझ को और अधिक स्पष्ट करेगी। Datia by-election Update : उपचुनाव के लिए नामांकन का आखिरी दिन आज, दोनों दलों के प्रत्याशी भरेंगे पर्चा 3D मैपिंग और आधुनिक शोध से दूर हुआ वर्षों पुराना भ्रम यह लाल बलुआ पत्थर की प्रतिमा धार जिले से प्राप्त हुई थी, जो कभी परमार राजवंश की राजधानी रहा है। लंबे समय तक इसे देवी सरस्वती की प्रतिमा मानकर अध्ययन किया जाता रहा। हाल ही में राज्य पुरातत्व निदेशालय ने हाई-रिजॉल्यूशन 3D मैपिंग और आधुनिक दस्तावेजीकरण तकनीकों का उपयोग कर प्रतिमा का विस्तृत विश्लेषण किया। जांच के दौरान सामने आया कि प्रतिमा में वीणा नहीं है, जबकि देवी के हाथों में वेद, कमल और माला दिखाई देते हैं। ये सभी विशेषताएं शास्त्रों में वर्णित मां गायत्री के स्वरूप से मेल खाती हैं। इसके बाद विशेषज्ञों ने प्रतिमा की पहचान दोबारा निर्धारित की। BJP Star Campaigners : दतिया उपचुनाव के लिए नरोत्तम मिश्रा बने स्टार प्रचारक, बीजेपी ने जारी की लिस्ट पुरातत्वविदों ने शास्त्रों के आधार पर किया दावा पुरातत्वविद रमेश यादव के अनुसार प्रतिमा में चार भुजाओं वाली देवी ललितासन मुद्रा में विराजमान हैं। उनके हाथों में माला, कमल और वेद हैं, जबकि समीप बना हंस ज्ञान और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने बताया कि यह संपूर्ण स्वरूप शिल्पशास्त्र में वर्णित मां गायत्री की प्रतिमा से पूरी तरह मेल खाता है। वहीं इतिहासकार और पुरातत्वविद बी.के. लोखंडे ने श्रीमद देवी भागवत पुराण और शिल्पशास्त्र के आधार पर भी इसे मां गायत्री की प्रतिमा बताया। उनका कहना है कि गुप्त काल के बाद देवी सरस्वती को लगभग हमेशा वीणा के साथ दर्शाया गया है, जबकि इस प्रतिमा में वीणा का अभाव इसकी अलग पहचान स्थापित करता है। Datia By Election : टिकट मिलने के बाद बदलने की परंपरा नहीं, बोले कैलाश विजयवर्गीय; जगदीश देवड़ा ने कहा- संगठन सर्वोपरि परमारकालीन कला का दुर्लभ उदाहरण बनी यह प्रतिमा विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रतिमा में परमार राजवंश के समय की मूर्तिकला के साथ पश्चिमी चालुक्य शैली की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। भारत में मां गायत्री की इतनी प्राचीन प्रतिमाएं बहुत कम मिलती हैं। हालांकि गायत्री, सावित्री और सरस्वती तीनों को ज्ञान का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इस प्रतिमा की बनावट और शिल्प विशेषताओं के आधार पर इसे मां गायत्री का स्वरूप माना गया है। इस नई पहचान से भारतीय सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन कला के अध्ययन को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Datia by-election Update : उपचुनाव के लिए नामांकन का आखिरी दिन आज, दोनों दलों के प्रत्याशी भरेंगे पर्चा

Datia By-election Candidates

Datia by-election Update : मध्य प्रदेश। दतिया विधानसभा उपचुनाव में मंगलवार को नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन है। इस मौके पर भाजपा और कांग्रेस दोनों अपने-अपने प्रत्याशियों के समर्थन में शक्ति प्रदर्शन करेंगी। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह आज अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। दोनों दलों ने इस अवसर को राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का माध्यम बनाया है, जिसके चलते दतिया में प्रदेश स्तर के कई वरिष्ठ नेताओं का जमावड़ा देखने को मिलेगा। BJP Star Campaigners : दतिया उपचुनाव के लिए नरोत्तम मिश्रा बने स्टार प्रचारक, बीजेपी ने जारी की लिस्ट भाजपा प्रत्याशी के साथ रहेंगे मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी का नामांकन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में होगा। मुख्यमंत्री दोपहर करीब डेढ़ बजे दतिया पहुंचेंगे। उनके साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा भी मौजूद रहेंगे। नामांकन के बाद भाजपा नेता किला चौक पर आयोजित चुनावी आमसभा को संबोधित करेंगे और कार्यकर्ताओं में उत्साह भरेंगे। Ram Mandir Donation : राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई, 4 याचिकाएं लगीं कांग्रेस भी दिखाएगी एकजुटता कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह के नामांकन के दौरान भी पार्टी अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ शक्ति प्रदर्शन करेगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी उनके साथ मौजूद रहेंगे। कांग्रेस का प्रयास है कि नामांकन के जरिए कार्यकर्ताओं में जोश भरने के साथ-साथ चुनावी माहौल को अपने पक्ष में बनाया जाए। दतिया उपचुनाव को दोनों प्रमुख दल प्रतिष्ठा की लड़ाई मान रहे हैं, इसलिए नामांकन के अंतिम दिन राजनीतिक गतिविधियां चरम पर रहने की संभावना है।

BJP Star Campaigners : दतिया उपचुनाव के लिए नरोत्तम मिश्रा बने स्टार प्रचारक, बीजेपी ने जारी की लिस्ट

BJP Star Campaigners

BJP Star Campaigners : मध्य प्रदेश। दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रस्तावित स्टार प्रचारकों की सूची तैयार कर ली है। 11 जुलाई को प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजी गई सूची सोमवार सुबह सामने आई। इस सूची में मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री और संगठन के कई वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है। भाजपा ने चुनाव प्रचार को मजबूत बनाने के लिए अनुभवी नेताओं और क्षेत्रीय चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी है। Ram Mandir Donation : राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई, 4 याचिकाएं लगीं मुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री तक संभालेंगे प्रचार की कमान भाजपा की सूची के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा चुनाव प्रचार की अगुवाई करेंगे। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक भी दतिया में पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार करेंगे। सूची में पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम भी शामिल है, जिन्हें क्षेत्र का प्रभावशाली चेहरा माना जाता है। इनके साथ उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ल, वरिष्ठ मंत्री प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय और राकेश सिंह भी प्रचार अभियान में सक्रिय रहेंगे। MP News: ‘लव जिहाद’ के दावे पर युवक पुलिस के हवाले! मोबाइल की जांच शुरू, जानिए पूरी खबर ग्वालियर-चंबल के नेताओं और सामाजिक समीकरणों पर फोकस दतिया ग्वालियर-चंबल संभाग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे देखते हुए भाजपा ने क्षेत्रीय नेतृत्व और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर रणनीति बनाई है। पार्टी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ अंचल के कई प्रभावशाली नेताओं को प्रचार की जिम्मेदारी दी है। MP Nagar Palika Scam: नगर पालिका में 7.78 करोड़ का महाघोटाला! दो कर्मचारियों पर गबन का आरोप, FIR दर्ज इनमें एदल सिंह कंसाना, प्रद्युम्न सिंह तोमर, नारायण सिंह कुशवाहा, सुमित्रा वाल्मीकि और शैतान सिंह पाल सहित कुल 40 नेताओं को स्टार प्रचारकों की सूची में जगह दी गई है। भाजपा का मानना है कि क्षेत्रीय नेताओं की सक्रिय भागीदारी से चुनाव प्रचार को मजबूती मिलेगी और विभिन्न वर्गों तक प्रभावी तरीके से पहुंच बनाई जा सकेगी।

Ram Mandir Donation : राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई, 4 याचिकाएं लगीं

Ram Mandir Donation

Ram Mandir Donation : नई दिल्ली। देश के चर्चित राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। इस मामले को लेकर पूरे देश की नजर सर्वोच्च अदालत पर टिकी हुई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ एक साथ चार अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। इन याचिकाओं में मामले की निष्पक्ष जांच, CBI जांच, विशेष जांच टीम के गठन और मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन की फॉरेंसिक ऑडिट जैसी महत्वपूर्ण मांगें की गई हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मामले की पारदर्शी जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी जरूरी है। CBI जांच और फॉरेंसिक ऑडिट की मांग बनी मुख्य मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में दायर दो अलग-अलग याचिकाओं में इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की गई है। वहीं एक अन्य याचिका में CBI की विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने, सभी सबूत सुरक्षित रखने और राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन का फॉरेंसिक ऑडिट कराने की अपील की गई है। MP News: ‘लव जिहाद’ के दावे पर युवक पुलिस के हवाले! मोबाइल की जांच शुरू, जानिए पूरी खबर याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इससे जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सकेगी। हिंदू धर्म परिषद ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग की है। आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत आज होगी समाप्त राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत सोमवार को समाप्त हो रही है। अयोध्या पुलिस सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश करेगी। Ajab – Gajab MP : अपुनिच भगवान है… खुद की पूजा करवाई, नवरात्रि में मटकियां गायब करने का आरोप पुलिस सूत्रों के अनुसार टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव की पुलिस रिमांड मांगी जा सकती है ताकि उनसे विस्तृत पूछताछ की जा सके। इससे पहले चार आरोपियों अविनाश, अनुकल्प, लवकुश और करुणेश से पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ पूरी की जा चुकी है। अब शेष चार आरोपियों से पूछताछ की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी देशभर की निगाहें यह मामला अब केवल चोरी के आरोप तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि जांच की पारदर्शिता और मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन को लेकर भी कई सवाल उठाए जा रहे हैं। यही कारण है कि सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Vietnam Boat Accident : वियतनाम में बोट पलटने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, 32 में से ज्यादातर आंध्र-तेलंगाना के अदालत का फैसला आगे की जांच की दिशा तय कर सकता है। यदि कोर्ट किसी विशेष एजेंसी से जांच कराने या निगरानी में जांच का आदेश देता है, तो इस मामले में नए तथ्य सामने आने की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए देशभर में इस सुनवाई को लेकर लोगों की उत्सुकता बनी हुई है।