RE- NEET 2026 : भोपाल। 21 जून को होने वाली NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। परीक्षा को निष्पक्ष और विवादमुक्त बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। डीजीपी कैलाश मकवाना ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक कर स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परीक्षा सुरक्षा पर हाई लेवल मीटिंग
NEET-UG को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में डीजीपी ने सभी जिलों के अधिकारियों को परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, उनके भंडारण, परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और परीक्षा के बाद OMR शीट्स की सुरक्षित वापसी तक हर चरण को संवेदनशील मानते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया है।
38 साइबर कमांडो की विशेष तैनाती
इस बार परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ियों, पेपर लीक और ऑनलाइन अफवाहों पर नजर रखने के लिए 38 विशेष साइबर कमांडो तैनात किए गए हैं। ये कमांडो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग ऐप्स और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों की लगातार निगरानी करेंगे। किसी भी संदिग्ध जानकारी या फर्जी दावों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर रहेगी कड़ी नजर
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा से जुड़ी अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। यदि कोई व्यक्ति पेपर लीक, नकल या परीक्षा से संबंधित भ्रामक जानकारी फैलाता पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बार पुलिस “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत काम कर रही है।
परीक्षा केंद्रों का होगा निरीक्षण
सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 20 जून तक परीक्षा केंद्रों, बैंक स्ट्रॉन्ग रूम और अन्य संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण करें। परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरे, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) और अभ्यर्थियों की जांच के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया है।
होटल, लॉज और कोचिंग सेंटर भी रडार पर
परीक्षा से पहले के 72 घंटे सबसे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। ऐसे में होटलों, लॉज, हॉस्टलों और कोचिंग संस्थानों की विशेष निगरानी की जाएगी। पुलिस पुराने परीक्षा माफियाओं और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े लोगों पर भी नजर बनाए हुए है।
MP में 1.18 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा
इस वर्ष मध्य प्रदेश में NEET-UG 2026 के लिए करीब 1.18 लाख अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। परीक्षा के लिए प्रदेशभर में 283 केंद्र बनाए गए हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में सबसे अधिक परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं।
कई वरिष्ठ अधिकारी बैठक में रहे मौजूद
सुरक्षा तैयारियों को लेकर हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। सभी अधिकारियों को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA), जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के साथ समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।