HIGHLIGHTS:
- 10 दिनों में 100 गुमशुदगी के मामले दर्ज
- 98 लोग अब भी लापता, सिर्फ 2 का पता चला
- 14-25 साल की लड़कियों के मामले सबसे ज्यादा
- अंतरराज्यीय गिरोह की आशंका, जांच जारी
- पुलिस और प्रशासन हाई अलर्ट पर
MP missing cases : भोपाल। मध्यप्रदेश में गुमशुदगी के बढ़ते मामलों ने प्रशासन और आम लोगों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, पिछले 10 दिनों में राज्यभर से करीब 100 लोगों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से केवल 2 लोगों का ही अब तक पता चल पाया है, जबकि 98 लोग अब भी लापता हैं।
युवतियों के मामले सबसे ज्यादा
आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि 14 से 25 साल की लड़कियों के गुमशुदगी के मामले सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं। यह ट्रेंड सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। लगातार बढ़ते ऐसे मामलों ने महिला सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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अंतरराज्यीय गिरोह की आशंका
लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं यह कोई संगठित नेटवर्क तो नहीं है, जो राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय है।
मानव तस्करी से जुड़ाव की जांच
विशेषज्ञों का मानना है कि इन मामलों के पीछे मानव तस्करी और देह व्यापार से जुड़े गिरोहों की भूमिका हो सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच एजेंसियां हर पहलू पर नजर बनाए हुए हैं।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
बताया जा रहा है कि इससे पहले भी मध्यप्रदेश से लापता हुई कई लड़कियों को राजस्थान के अलग-अलग इलाकों से बरामद किया गया था। कुछ मामलों में उन्हें पाकिस्तान सीमा के पास के जिलों से भी सुरक्षित वापस लाया गया था, जिससे इन मामलों की गंभीरता और बढ़ जाती है।
पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर
मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं। गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की जा रही हैं और अन्य राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय बढ़ाया जा रहा है। लगातार बढ़ती घटनाओं ने आम लोगों में डर और चिंता का माहौल बना दिया है।