हाइलाइट्स
- मध्यप्रदेश में 2024 में दहेज हत्या के 450 मामले दर्ज हुए।
- घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना के 7514 मामले सामने आए।
- महिला अपराध के मामलों में एमपी देश में पांचवें स्थान पर है।
MP Dowry Murde : भोपाल। मध्यप्रदेश में इन दिनों ट्विशा नाम की युवती की मौत को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है। इंस्टाग्राम पर लोग “जस्टिस फॉर ट्विशा” लिखकर स्टोरी साझा कर रहे हैं। सेना से रिटायर्ड लोग भी रैली निकालकर न्याय की मांग कर रहे हैं।
ट्विशा की मौत आखिर कैसे हुई, इसकी सच्चाई अभी सामने नहीं आई है। मामला कोर्ट में है और परिवार न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर चुका है। ससुराल पक्ष जहां ट्विशा को नशे की आदी बता रहा है, वहीं मायके पक्ष का आरोप है कि शादी में स्कॉर्पियो देने के बाद भी ससुराल वाले फॉर्च्यूनर की मांग कर रहे थे।
बता दें कि, ऐसा यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई दहेज़ हत्या के मामले सामने आये कुछ दब गए तो कुछ दबा दिए गए। एनसीआरबी की रिपोर्ट में चौकानें वाले आंकड़ें सामने आये हैं।
NCRB रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ‘क्राइम इन इंडिया 2024’ रिपोर्ट के मुताबिक, मध्यप्रदेश में साल 2024 के दौरान दहेज हत्या के 450 मामले दर्ज किए गए। यानी प्रदेश में लगभग हर दिन एक महिला दहेज के कारण अपनी जान गंवा रही है।
इनमें 232 मामले पुराने IPC कानून और 218 मामले नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज हुए हैं। दहेज हत्या के मामलों में मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। राज्य से ज्यादा मामले सिर्फ उत्तर प्रदेश और बिहार में सामने आए हैं।
रिपोर्ट यह भी बताती है कि घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना और सामाजिक दबाव महिलाओं की जिंदगी पर लगातार भारी पड़ रहे हैं।
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पलक की आखिरी कॉल ने परिवार को तोड़ दिया
ग्वालियर की रहने वाली 21 वर्षीय पलक रजक की मौत ने भी पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। शादी के करीब एक साल बाद ही उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
मौत से करीब आधे घंटे पहले पलक ने अपने भाई को फोन कर रोते हुए कहा था, “मुझे यहां से ले जाओ, वरना ये लोग मुझे मार डालेंगे।” जब तक भाई पहुंचा, अस्पताल में उसकी बहन का शव रखा हुआ था।
पुलिस जांच में सामने आया कि पलक सोशल मीडिया पर लगातार ऐसी पोस्ट डाल रही थी, जिनमें अकेलापन, घुटन और मानसिक तनाव साफ दिखाई दे रहा था। जांच में यह भी पता चला कि मौत से पहले उसने तीन दिन तक खाना नहीं खाया था।
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भावना की मौत के बाद रोता रह गया परिवार
गुना जिले की 24 वर्षीय भावना यादव की मौत ने भी दहेज प्रताड़ना के आरोपों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। भावना की शादी ढाई साल पहले हुई थी। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था।
परिजनों ने पुलिस को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी है, जिसमें प्रताड़ना की बात सामने आने का दावा किया गया है। परिवार का कहना है कि ससुराल पक्ष लगातार मारपीट और मानसिक दबाव बना रहा था।
अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के बाद जब बेटी का शव परिवार को सौंपा गया, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
दहेज प्रताड़ना से परेशान होकर जहर खाने तक की नौबत
राजगढ़ जिले की 22 वर्षीय भावना उर्फ भूराबाई का मामला भी बेहद दर्दनाक है। परिवार के अनुसार, शादी के बाद से उसे लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था।
मायके पक्ष का आरोप है कि पति और ससुर आए दिन मारपीट करते थे और मानसिक रूप से परेशान करते थे। इसी तनाव में उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। भोपाल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने पति और ससुर के खिलाफ दहेज प्रताड़ना सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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महिला आयोग ने जताई चिंता
राज्य महिला आयोग ने लगातार बढ़ते मामलों को गंभीर चिंता का विषय बताया है। आयोग के सचिव सुरेश तोमर ने कहा कि कई मामलों में पुलिस एफआईआर दर्ज करने में देरी करती है, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है।
उन्होंने कहा कि आयोग अब ऐसे मामलों में पुलिस की कार्यप्रणाली और जांच प्रक्रिया की समीक्षा करेगा। जरूरत पड़ने पर कमेटी बनाकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
महिला आयोग अब ऐसी योजनाओं पर भी काम करने की तैयारी कर रहा है, जिससे दहेज और घरेलू हिंसा जैसी घटनाओं को पहले ही रोका जा सके।
महिला अपराध (2024) में राजस्थान के बाद एमपी
राजस्थान
कुल महिला अपराध: 35,653
अनुमानित महिला आबादी: 4 करोड़
10 हजार महिलाओं पर अपराध: लगभग 8.9
मध्य प्रदेश
कुल महिला अपराध: 32,832
अनुमानित महिला आबादी: 4.26 करोड़
10 हजार महिलाओं पर अपराध: लगभग 7.7
महाराष्ट्र
कुल महिला अपराध: 47,954
अनुमानित महिला आबादी: 6.12 करोड़
10 हजार महिलाओं पर अपराध: लगभग 7.8
पश्चिम बंगाल
कुल महिला अपराध: 34,360
अनुमानित महिला आबादी: 4.89 करोड़
10 हजार महिलाओं पर अपराध: लगभग 7.0
उत्तर प्रदेश
कुल महिला अपराध: 66,398
अनुमानित महिला आबादी: 11.45 करोड़
10 हजार महिलाओं पर अपराध: लगभग 5.8
नोट-:
राजस्थान में हर 10 हजार महिलाओं में सबसे ज्यादा करीब 9 महिलाएं अपराध का शिकार हुई।
मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में यह आंकड़ा करीब 8 महिलाओं का।
पश्चिम बंगाल में 7 और यूपी में करीब 6 महिलाएं प्रति 10 हजार आबादी पर अपराध का शिकार हुई।
राष्ट्रीय औसत से ज्यादा MP में महिला अपराध
- मध्य प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध दर 74.7 है, जबकि राष्ट्रीय औसत 64.6 है।
- एमपी में दहेज हत्या की दर 1.8 है, जो राष्ट्रीय औसत 0.8 से दोगुनी है।
- पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता की दर एमपी में 20.4 है, जबकि राष्ट्रीय औसत 17.6 है।
- एमपी में अपहरण की दर 11.3 है, जो राष्ट्रीय औसत 9.9 से ज्यादा है।
- एमपी में आत्महत्या के लिए उकसाने के 210 मामले दर्ज हुए।
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घरेलू हिंसा के हजारों मामले दर्ज
NCRB रिपोर्ट के मुताबिक, मध्यप्रदेश में पति या ससुराल पक्ष की क्रूरता से जुड़े 7514 मामले दर्ज किए गए। इनमें घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना, मारपीट और दहेज के लिए दबाव जैसे मामले शामिल हैं।
इसके अलावा महिलाओं को आत्महत्या के लिए उकसाने के 210 मामले भी सामने आए हैं। रिपोर्ट बताती है कि सामाजिक दबाव और मानसिक प्रताड़ना महिलाओं को अंदर से तोड़ रही है।
महिला अपराध के मामलों में मध्यप्रदेश लगातार चौथे साल देश में पांचवें स्थान पर बना हुआ है। राज्य में साल 2024 के दौरान महिलाओं से जुड़े 32 हजार से ज्यादा अपराध दर्ज किए गए।
अब लव मैरिज में भी सामने आ रहे दहेज के मामले
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अब प्रेम विवाह में भी दहेज प्रताड़ना के मामले तेजी से सामने आने लगे हैं। एडवोकेट अभिषेक सिंह के मुताबिक, लव मैरिज से जुड़े करीब 35 प्रतिशत तलाक मामलों में दहेज प्रताड़ना की धाराएं लगाई जा रही हैं। यह दिखाता है कि दहेज की समस्या सिर्फ पारंपरिक शादियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज के हर वर्ग में फैलती जा रही है।