Modi Cabinet Expansion : नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में जल्द मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि संसद के मानसून सत्र से पहले केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल हो सकता है। हालांकि, सरकार या भारतीय जनता पार्टी की ओर से अभी तक कैबिनेट विस्तार की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल सभी दावे राजनीतिक चर्चाओं और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं।
चुनावी राज्यों पर रह सकता है विशेष फोकस
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में उन राज्यों को प्राथमिकता मिल सकती है, जहां अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर, हिमाचल प्रदेश और गुजरात शामिल हैं।
माना जा रहा है कि इन राज्यों से नए चेहरों को मंत्रिपरिषद में शामिल कर क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की जा सकती है। इसके साथ ही ओबीसी, दलित और अन्य प्रमुख वर्गों को भी प्रतिनिधित्व देने पर जोर रह सकता है।
कई पद खाली, नए चेहरों की चर्चा
वर्तमान में केंद्र सरकार में अधिकतम 81 मंत्रियों की व्यवस्था है, जबकि फिलहाल 72 मंत्री कार्यरत हैं। ऐसे में कई पद खाली हैं। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि ‘एक व्यक्ति, एक पद’ की नीति के तहत कुछ नेताओं की जिम्मेदारियों में बदलाव हो सकता है।
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साथ ही कुछ नए सांसदों और सहयोगी दलों के नेताओं को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इन नामों को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बिहार, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल पर भी नजर
संभावित विस्तार में बिहार, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के नेताओं को भी प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चा है। बिहार के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और महाराष्ट्र में एनडीए के बदले समीकरणों को देखते हुए कुछ नए चेहरों को मौका मिलने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
वहीं पश्चिम बंगाल में बदले राजनीतिक हालात के बाद भी संभावित प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चाएं जारी हैं। अंतिम फैसला प्रधानमंत्री और भाजपा नेतृत्व की रणनीति पर निर्भर करेगा।