Mirzapur Accident Update : मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में बुधवार रात एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस भीषण दुर्घटना में कुल 11 लोगों की मौत हो गई। इनमें से 9 लोग बोलेरो वाहन में जिंदा जल गए। हादसे ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने हादसे में मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख की आर्थिक सहायता राशि देने का ऐलान किया है।
CM योगी का दुख व्यक्त
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “जनपद मीरजापुर में सड़क दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है।मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।
CM योगी ने आगे कहा कि, संबंधित अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं।प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति तथा घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।”
इसके अलावा सीएम ने कहा कि, इस दुर्घटना में दिवंगत हुए लोगों के परिजनों को ₹02-02 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु निर्देश दिए गए हैं।
मृतकों की सूची जारी
मृतकों के नाम जारी प्रशासन ने मृतकों की सूची जारी कर दी है। मरने वालों में शामिल हैं: सतना निवासी प्रियंका सिंह (42), कार्तिकेय सिंह (19), जिगना निवासी पियूष सिंह (14), पंकज सिंह (40), बीना सिंह (47), वंदना सिंह (43), शिवा सिंह (48), सोनम सिंह (19), रामपुर निवासी विष्णु सिंह (45), नेया खेड़ा निवासी विकास शर्मा (32) और भटियागांव निवासी जय प्रकाश (28)। इनमें कई लोग एक ही परिवार या आसपास के क्षेत्रों से थे, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
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कैसे हुआ हादसा?
हादसा रीवा-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ड्रमंडगंज घाटी के ढलान वाले हिस्से पर हुआ। रात करीब 8:30 बजे मध्य प्रदेश से चना लादकर आ रहा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया।
ब्रेक फेल होने के कारण ट्रक तेज गति से नीचे की ओर लुढ़का और सामने चल रही बोलेरो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो आगे चल रहे गिट्टी से भरे दूसरे ट्रक से टकराई और तुरंत आग की चपेट में आ गई।
पीछे से आ रहा एक अन्य ट्रक भी संतुलन खोकर आगे चल रही कार से टकरा गया। कुछ ही पलों में सड़क पर आग की लपटें, चीख-पुकार और अफरा-तफरी का भयावह मंजर बन गया।
राहत और बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने और घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
जांच शुरू
प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट में ब्रेक फेल होना मुख्य कारण बताया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी और ढलान वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने इस मार्ग पर बेहतर सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
