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Kolkata Building Collapse : कोलकाता हादसे में 3 लोगों की मौत, 15 अभी भी मलबे में दबे

Kolkata Building Collapse

Kolkata Building Collapse : पश्चिम बंगाल। कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार दोपहर एक निर्माणाधीन गोदाम का हिस्सा अचानक ढह गया। हादसा इतना भीषण था कि निर्माण स्थल पर काम कर रहे कई मजदूर मलबे में दब गए। अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। राहत और बचाव दल लगातार मलबा हटाकर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए।

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मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश तेज

प्रशासन के अनुसार हादसे के बाद कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि कुछ लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

बचाव कार्य में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), सेना, दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मिलकर काम कर रही हैं। मौके पर भारी मशीनों, क्रेन और गैस कटर की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।

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लोहे की बीम और कंक्रीट के ढेर बने चुनौती

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय गोदाम में निर्माण कार्य चल रहा था। अचानक पूरा ढांचा भरभराकर गिर पड़ा, जिससे लोहे की भारी बीम और कंक्रीट के बड़े हिस्से मजदूरों पर आ गिरे। बचाव दल को मलबा हटाने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि फंसे लोगों तक जल्द पहुंचने के लिए विशेष तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। मलबे के नीचे से आने वाली आवाजों के आधार पर राहत दल लगातार खोज अभियान चला रहे हैं।

निर्माण सामग्री और सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

हादसे के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। दमकल विभाग के कुछ अधिकारियों ने आशंका जताई है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया हो सकता है।

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वहीं स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में लंबे समय से अवैध और अनियमित निर्माण कार्य होने के आरोप लगाए हैं। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

घटना के बाद राज्य प्रशासन ने राहत कार्यों की निगरानी तेज कर दी है। लोगों की सहायता के लिए आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित निकालना और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

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हादसे के कारणों की होगी जांच

राज्य सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा कर हालात का जायजा लिया। अधिकारियों का कहना है कि राहत कार्य पूरा होने के बाद दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जाएगी। यदि निर्माण कार्य में लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे शहर की नजर इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई है।

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