CM Mohan Yadav Land Controversy : CM मोहन यादव पर लगे आरोपों को BJP ने बताया बेबुनियाद, कहा- कांग्रेस फैला रही भ्रम

CM Mohan Yadav Land Controversy : भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार की जमीनों को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने पलटवार किया है। पार्टी ने आरोपों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि कांग्रेस जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। बीजेपी का कहना है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार की संपत्तियों में कोई असामान्य बदलाव नहीं हुआ है। BJP ने कांग्रेस के आरोपों को किया खारिज प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के खिलाफ जानबूझकर भ्रम फैलाया जा रहा है। Pune Murder Case : एक और सोनम रघुवंशी ! प्रेमी के साथ मिलकर मंगेतर को खाई में दिया धक्का, फिर बोली- मुझे अकेला क्यों छोड़ गए… जमीनों में बदलाव नहीं हुआ: भाजपा खंडेलवाल ने बताया कि 2023 के चुनावी नामांकन में मुख्यमंत्री के पास जितनी जमीन दर्ज थी, 2026 में भी उतनी ही है। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम दर्ज जमीन में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। कंपनी को लेकर भी दी सफाई भाजपा ने सिद्धि विनायक कंपनी से जुड़े आरोपों पर भी जवाब दिया। पार्टी के अनुसार कंपनी के पास पहले जितनी जमीन थी, उसमें कमी आई है। साथ ही डॉ. मोहन यादव वर्ष 2017 में ही कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे चुके थे। बेटे और बहू की जमीन खरीद पर भी जवाब पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव यादव के पास जो जमीन पहले थी, उसमें मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। वहीं बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई जमीन कृषि भूमि है और मास्टर प्लान क्षेत्र के बाहर स्थित है। MP Online Transfer Process : मध्य प्रदेश के सरकारी शिक्षकों को बड़ी राहत, ऑनलाइन ट्रांसफर नियमों में मिली छूट रिश्तेदारों पर लगे आरोप भी गलत भाजपा का कहना है कि जिन रिश्तेदारों का नाम लेकर आरोप लगाए गए हैं, उनका मुख्यमंत्री या उनके परिवार से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। पार्टी ने दावा किया कि आरोपों में बताए गए कई तथ्य भी गलत हैं। ‘पिछड़े वर्ग के नेताओं को निशाना बनाती है कांग्रेस’ हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी हमेशा पिछड़े वर्ग से आने वाले नेताओं को निशाना बनाती रही है। उन्होंने उमा भारती, शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस ऐसे नेताओं को कमजोर करने की राजनीति करती है। IPL Trade 2027 Price : ऋषभ पंत की दिल्ली में वापसी, कुलदीप यादव बने लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा जनता जवाब देगी: भाजपा भाजपा ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव प्रदेश के विकास, उद्योग, निवेश और किसानों के हित में लगातार काम कर रहे हैं। विकास की राजनीति का मुकाबला नहीं कर पाने के कारण कांग्रेस इस तरह के आरोप लगा रही है। पार्टी ने दावा किया कि प्रदेश की जनता ऐसे राजनीतिक आरोपों का जवाब देगी।
Pune Murder Case : एक और सोनम रघुवंशी ! प्रेमी के साथ मिलकर मंगेतर को खाई में दिया धक्का, फिर बोली- मुझे अकेला क्यों छोड़ गए…

Pune Ketan Murder Case : पुणे। महाराष्ट्र के पुणे से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की याद ताजा कर दी है। यहां 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन विशाल अग्रवाल की कथित तौर पर उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर हत्या कर दी। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों ने सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया। केतन और सिया की शादी इसी साल नवंबर में होने वाली थी और इसकी तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं। नवंबर में होनी थी भव्य शादी जानकारी के अनुसार केतन अग्रवाल पुणे के जाने-माने रियल एस्टेट कारोबारी विशाल अग्रवाल के बेटे थे। परिवार ने शादी को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां की थीं। राजस्थान में करीब 17 करोड़ रुपये का एक पैलेस बुक किया गया था। मेहमानों के लिए दो चार्टर्ड विमान तक तय किए गए थे। हालांकि पुलिस जांच में पता चला कि सिया इस शादी से खुश नहीं थी और वह चेतन चौधरी के साथ प्रेम संबंध में थी। इसी वजह से उसने कथित तौर पर अपने प्रेमी के साथ मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। MP Online Transfer Process : मध्य प्रदेश के सरकारी शिक्षकों को बड़ी राहत, ऑनलाइन ट्रांसफर नियमों में मिली छूट लोहगढ़ किले में रची गई हत्या की साजिश पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार 18 जून को सिया ने अपने प्री-बर्थडे सेलिब्रेशन का बहाना बनाकर केतन को लोहगढ़ किले पर बुलाया। पुलिस का दावा है कि चेतन पहले से वहां मौजूद था। दोनों ने मिलकर केतन को करीब 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया। शुरुआती जानकारी में सिया ने दावा किया था कि फोटो खिंचवाते समय केतन का संतुलन बिगड़ गया और वह खाई में गिर गया। पुलिस ने पहले इसे दुर्घटना मानकर मामला दर्ज किया था। परिवार के शक ने खोला पूरा राज केतन के परिवार को शुरू से ही इस कहानी पर संदेह था। परिवार का कहना था कि केतन एक अनुभवी ट्रैकर थे और इतनी आसानी से फिसलना संभव नहीं था। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की। MP Poster War : राम मंदिर दान विवाद पर भोपाल में पोस्टर वॉर, कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप जांच के दौरान सिया के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया चैट और कॉल रिकॉर्ड की पड़ताल की गई। इसी जांच में चेतन चौधरी का नाम सामने आया और पूरे मामले का खुलासा हो गया। 2004 कॉल और 238 घंटे की बातचीत बनी सबूत पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सिया और चेतन के बीच 1 जनवरी से 18 जून के बीच 2004 फोन कॉल हुए थे। दोनों ने कुल 238 घंटे तक बातचीत की थी। कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्य हत्या की साजिश की ओर स्पष्ट संकेत देते हैं और मामले की विस्तृत जांच जारी है। MP UCC पर बड़ा मंथन : आदिवासी विवाह पंजीयन हो सकता है अनिवार्य, कमेटी के सामने आए 4 अहम सुझाव सोशल मीडिया पोस्ट से भटकाने की कोशिश वारदात के बाद सिया ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट भी साझा की थी। उसने लिखा था कि “केतन, तुम मुझे मेरे जन्मदिन पर अकेला छोड़ गए, वापस आ जाओ।” पुलिस का मानना है कि यह पोस्ट लोगों और जांच एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश का हिस्सा हो सकती है। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
MP Online Transfer Process : मध्य प्रदेश के सरकारी शिक्षकों को बड़ी राहत, ऑनलाइन ट्रांसफर नियमों में मिली छूट

MP Online Transfer Process : भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी शिक्षकों को ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया के दौरान बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार ने शिक्षकों के लिए मैरिज सर्टिफिकेट की अनिवार्यता में छूट देने का निर्णय लिया है। लंबे समय से शिक्षक संगठन इस नियम में संशोधन की मांग कर रहे थे। शिक्षकों का कहना था कि कई मामलों में मैरिज सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें आवेदन प्रक्रिया में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब सरकार के इस फैसले से बड़ी संख्या में शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है। MP BJP Working Committee : मप्र बीजेपी की नई कार्यसमिति घोषित, मोहन, शिवराज-सिंधिया समेत ये नेता शामिल वैकल्पिक दस्तावेजों को दी गई मान्यता नए निर्देशों के अनुसार अब शिक्षक मैरिज सर्टिफिकेट के स्थान पर अन्य वैध दस्तावेज भी अपलोड कर सकेंगे। इनमें लोकसेवक समग्र कार्ड, सेवा पुस्तिका का सत्यापित पृष्ठ या अन्य प्रमाणिक दस्तावेज शामिल हैं। इससे उन शिक्षकों को फायदा होगा जो विवाह प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर पा रहे थे। शिक्षा विभाग का यह कदम आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Ram Temple Donations Scam : राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT रिपोर्ट सौंपने का दावा, ट्रस्ट पदाधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल आज आवेदन का अंतिम अवसर ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया के लिए आवेदन करने का आज अंतिम दिन है। ऐसे में विभाग द्वारा जारी यह राहत हजारों शिक्षकों के लिए अहम साबित हो सकती है। विभागीय सूत्रों के अनुसार ऑनलाइन ट्रांसफर की अंतिम सूची 27 या 28 जून तक जारी की जा सकती है। शिक्षक अब संशोधित नियमों के तहत अपने आवेदन पूरे कर सकेंगे। दिव्यांग शिक्षकों की समस्या अभी बरकरार हालांकि दिव्यांग शिक्षकों को लेकर फिलहाल किसी प्रकार की राहत नहीं दी गई है। कई दिव्यांग शिक्षक एक वर्ष के भीतर जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र की अनिवार्यता को लेकर परेशान हैं। MP UCC पर बड़ा मंथन : आदिवासी विवाह पंजीयन हो सकता है अनिवार्य, कमेटी के सामने आए 4 अहम सुझाव उनका कहना है कि उनके पास शासन के नियमों के अनुसार निर्धारित अवधि तक वैध प्रमाण पत्र मौजूद हैं, फिर भी नए प्रमाण पत्र की मांग की जा रही है। इस मुद्दे पर शिक्षक संगठन सरकार से अलग से राहत देने की मांग कर रहे हैं।
MP Poster War : राम मंदिर दान विवाद पर भोपाल में पोस्टर वॉर, कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

MP Poster War : मध्य प्रदेश। भोपाल में राम मंदिर में दान राशि और चढ़ावे को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के धर्म एवं पुजारी प्रकोष्ठ ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (पीसीसी) के बाहर एक पोस्टर लगाकर भाजपा पर निशाना साधा है। इस पोस्टर के जरिए राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि के कथित दुरुपयोग को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं। पोस्टर लगने के बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। पोस्टर में लिखे गए तीखे संदेश कांग्रेस द्वारा लगाए गए पोस्टर में “राम मंदिर चढ़ावा चोरी?”, “राम मंदिर में लूट आखिर कौन जिम्मेदार?” जैसे सवाल लिखे गए हैं। इसके साथ ही पोस्टर में यह भी आरोप लगाया गया है कि भाजपा ने भगवान राम को चुनावी एजेंडा बना लिया है और मंदिर को कमाई का केंद्र बना दिया है। पोस्टर में कथित तौर पर 5000 करोड़ रुपये की चोरी का भी उल्लेख किया गया है, जिससे राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। Ram Temple Donations Scam : राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT रिपोर्ट सौंपने का दावा, ट्रस्ट पदाधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल भाजपा पर साधा गया राजनीतिक निशाना कांग्रेस के धर्म एवं पुजारी प्रकोष्ठ का कहना है कि मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा दी गई राशि का पारदर्शी उपयोग होना चाहिए। पोस्टर के माध्यम से भाजपा सरकार और मंदिर प्रबंधन से जवाब मांगा गया है। कांग्रेस का आरोप है कि जनता की आस्था से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता जरूरी है और यदि कोई अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। IPL Trade 2027 Price : ऋषभ पंत की दिल्ली में वापसी, कुलदीप यादव बने लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ी हलचल पोस्टर सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच उठाने की तैयारी में है, जबकि भाजपा की ओर से अभी तक इस पोस्टर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और अधिक गर्मा सकता है।