Gold, Silver and Share Market : मुंबई। निवेशकों और आम लोगों दोनों के लिए 15 अप्रैल का दिन खास रहा। एक तरफ जहां सोना-चांदी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर शेयर बाजार में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। वैश्विक घटनाओं, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और नीतिगत फैसलों का असर सीधे तौर पर घरेलू बाजार पर दिखाई दिया।
सोना-चांदी के दाम में जोरदार उछाल
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,938 रुपए बढ़कर 1.53 लाख रुपए पर पहुंच गया है, जबकि 13 अप्रैल को इसकी कीमत 1.50 लाख रुपए थी। इसी तरह चांदी की कीमतों में भी बड़ी तेजी देखी गई है।
एक किलो चांदी 13,874 रुपए बढ़कर 2.51 लाख रुपए पर पहुंच गई है, जो पहले 2.37 लाख रुपए प्रति किलो थी। इस तेजी ने आम ग्राहकों और निवेशकों दोनों को प्रभावित किया है और बाजार में खरीदारी के ट्रेंड में भी बदलाव देखने को मिल रहा है।
साल 2026 में लगातार बढ़ रही कीमतें
इस साल की शुरुआत से ही सोना और चांदी लगातार महंगे होते जा रहे हैं। 2026 में अब तक सोना 19,754 रुपए और चांदी 20,435 रुपए तक महंगी हो चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को सोना 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम था, जो अब बढ़कर 1.53 लाख रुपए हो गया है।
वहीं चांदी की कीमत 2.30 लाख रुपए प्रति किलो से बढ़कर 2.51 लाख रुपए तक पहुंच गई है। हालांकि इस दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला, जिसमें 29 जनवरी को दोनों धातुओं ने ऑलटाइम हाई छुआ और फिर फरवरी के अंत में गिरावट भी आई।
सरकारी फैसलों का भी दिखा असर
सरकार ने सोने-चांदी और प्लेटिनम ज्वेलरी को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय के इस फैसले के तहत अब विदेश से ज्वेलरी मंगाने के लिए विशेष लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
इस कदम का सीधा असर बाजार की सप्लाई पर पड़ा है, जिससे कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। सरकार का उद्देश्य फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के गलत इस्तेमाल को रोकना है।
शेयर बाजार में भी दिखी जबरदस्त तेजी
इसी दिन शेयर बाजार में भी शानदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 1,263 अंक यानी 1.64% बढ़कर 78,111 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 388 अंक यानी 1.63% चढ़कर 24,231 पर कारोबार करता दिखा।
बाजार में ऑटो, आईटी, मेटल और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में खासतौर पर खरीदारी देखी गई। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और बाजार में सकारात्मक माहौल बना।
तेजी के पीछे ये हैं मुख्य वजहें
शेयर बाजार में आई तेजी के पीछे कई अहम कारण रहे। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की संभावनाओं ने वैश्विक बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया है। डोनाल्ड ट्रम्प के बयान के बाद निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों (ब्रेंट क्रूड के दाम गिरकर $100 प्रति बैरल के नीचे ) में गिरावट भी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत लेकर आई है।
साथ ही अमेरिकी और एशियाई बाजारों में तेजी का असर भी घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया।
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एशियाई और अमेरिकी बाजारों का मिला सहारा
एशियाई बाजारों में भी आज मजबूती देखने को मिली। साउथ कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।
वहीं 14 अप्रैल को अमेरिकी बाजारों में भी तेजी रही, जहां डाउ जोन्स, नैस्डैक और S&P 500 इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। इन वैश्विक संकेतों ने भारतीय बाजार को भी मजबूती दी है और निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना हुआ है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड 95.69 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया है, जबकि अमेरिकी क्रूड भी करीब 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है।
यह गिरावट अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता की वजह से आई है। तेल की कीमतों में कमी से भारत जैसे आयातक देशों को राहत मिलती है और इसका सकारात्मक असर अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत
मौजूदा हालात यह संकेत देते हैं कि बाजार में उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रह सकता है। सोना-चांदी की कीमतों में तेजी जहां सुरक्षित निवेश की ओर इशारा कर रही है, वहीं शेयर बाजार की मजबूती जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए अवसर पैदा कर रही है। ऐसे में निवेशकों को सोच-समझकर और बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए फैसले लेने की जरूरत है।