Aayudh

Categories

Dhirendra Shastri : 4 बच्चे पैदा करें और एक RSS को समर्पित कर दें.. धीरेंद्र शास्त्री का बयान

Dhirendra Shastri

Dhirendra Shastri : नई दिल्ली। महाराष्ट्र के नागपुर में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ऐसा बयान दे दिया, जिसने पूरे देश में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। भारत दुर्गा शक्तिस्थल और धर्म सभा के शिलान्यास कार्यक्रम में उन्होंने लोगों से सीधे अपील की कि हर परिवार को चार बच्चे पैदा करने चाहिए और उनमें से एक बच्चे को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को समर्पित कर देना चाहिए।

यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई लोग इसे राष्ट्र सेवा और समर्पण की भावना बताते हुए सराहना कर रहे हैं, तो कुछ इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और जनसंख्या नीति पर अनुचित दबाव मान रहे हैं।

Raghav Chadha Joins BJP : अदरक, लहसुन, धनिया…ये 7 चीजें नहीं बना सकती सब्जी, CM भगवंत मान का तंज

RSS की जमकर सराहना

अपने संबोधन में शास्त्री ने RSS की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि जब भी देश में कोई आपदा आती है, आम लोग अपनी जान बचाने के लिए भागते हैं, लेकिन RSS के कार्यकर्ता मौके पर डटे रहते हैं और लोगों की मदद करते हैं।

उन्होंने कहा कि देश को ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं की जरूरत है। इसी भावना से उन्होंने चार बच्चे पैदा करने और एक को RSS को समर्पित करने की अपील की।

बड़े नेता मौजूद

इस कार्यक्रम में RSS प्रमुख मोहन भागवत, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मंच पर मौजूद थे। शास्त्री ने मोहन भागवत के कार्यकाल में देश में बड़े बदलाव आने का विश्वास जताया। उन्होंने अखंड भारत की अवधारणा का भी जिक्र किया और कहा कि बच्चों को सिर्फ शिक्षा नहीं, बल्कि धर्म और राष्ट्र सेवा के लिए भी तैयार किया जाना चाहिए।

Hamidia Hospital Theft : हमीदिया अस्पताल से 1 क्विंटल ट्रांसफॉर्मर और 80 KG कंट्रोल पैनल चोरी

पहले भी दिए विवादित बयान

यह पहली बार नहीं है जब धीरेंद्र शास्त्री के बयान चर्चा में आए हों। इससे पहले प्रयागराज में उन्होंने सनातन धर्म पर संकट की बात कही थी और सभी सनातनियों को एकजुट होने की अपील की थी। उन्होंने वंदे मातरम गाने का विरोध करने वालों की आलोचना भी की थी।

नागपुर में दिए गए ताजा बयान के बाद अब राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। कुछ इसे राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरणा बता रहे हैं, जबकि दूसरे इसे विवादित और असंगत करार दे रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *