Dewas Factory Blast : मध्य प्रदेश। देवास जिले के टोंककला में हुए दर्दनाक पटाखा फैक्ट्री हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ गई है। इलाज के दौरान झुलसे मजदूर अजय और निरंजन ने भी दम तोड़ दिया। दोनों मजदूर गंभीर रूप से घायल थे और इंदौर के एमवाय अस्पताल की बर्न यूनिट में भर्ती थे।
डॉक्टरों के मुताबिक दोनों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। शरीर का बड़ा हिस्सा जल जाने के कारण संक्रमण का खतरा भी लगातार बढ़ रहा था। काफी कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उनकी जान नहीं बचा सके। दोनों मृतक बिहार के रहने वाले थे।
इन दोनों की मौत के बाद हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। हादसे के बाद से मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
पहले भी एक घायल मजदूर की हो चुकी थी मौत
इससे पहले सोमवार रात एमवाय अस्पताल में भर्ती एक अन्य घायल मजदूर राम की भी मौत हो गई थी। 20 वर्षीय राम, मुकेश कुमार का बेटा था और धमाके में गंभीर रूप से झुलस गया था।
डॉक्टर लगातार उसका इलाज कर रहे थे, लेकिन हालत बिगड़ने के बाद उसने दम तोड़ दिया। अस्पताल में अब भी कई घायल मजदूरों का इलाज जारी है। कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने बर्न यूनिट में विशेष निगरानी बढ़ा दी है।
घायल विशाल की हालत में सुधार
हादसे में घायल विशाल को सिर में गंभीर चोट आई थी। धमाके की तेज आवाज और दबाव के कारण वह दूर जाकर गिर पड़ा था। इससे उसके सिर में खून का थक्का जम गया।
विशाल को एमवाय अस्पताल के न्यूरो सर्जरी वार्ड में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक उसकी हालत अब पहले से बेहतर है और उसे आज दोपहर बाद डिस्चार्ज किया जाएगा।डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बचाई जा सकी।
अस्पतालों में 24 घंटे निगरानी
बर्न यूनिट में भर्ती मरीजों को संक्रमण से बचाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। पांच नर्सिंग कर्मचारियों की अलग-अलग शिफ्ट में 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों की देखभाल में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। घायलों को लगातार मेडिकल निगरानी में रखा गया है।
वहीं चोइथराम अस्पताल में भर्ती चार मरीजों में से तीन को डिस्चार्ज कर दिया गया है। एक मरीज अब भी अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
धमाका इतना तेज था कि हिल गए आसपास के मकान
देवास जिले के टोंककला इलाके में 14 मई की सुबह करीब 11:30 बजे पटाखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ था। धमाका इतना तेज था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे।
विस्फोट के बाद फैक्ट्री की दीवारें पूरी तरह टूट गईं और आसपास के मकानों तक में कंपन महसूस किया गया। इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।
हादसे के बाद झुलसे मजदूर बदहवास हालत में बाहर निकलते दिखाई दिए। कई लोगों के कपड़े शरीर से चिपक गए थे। फैक्ट्री परिसर में जले हुए अवशेष और बाल बिखरे पड़े मिले, जिसने हादसे की भयावहता को साफ दिखाया।
उत्तर प्रदेश और बिहार के मजदूर बने हादसे का शिकार
इस फैक्ट्री में काम करने वाले अधिकतर मजदूर उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले थे। शुरुआत में धीरज, सनी और सुमित की मौत की जानकारी सामने आई थी।
इसके बाद अमलतास अस्पताल में इलाज के दौरान अमर और गुड्डू ने दम तोड़ दिया। अब अजय, निरंजन और राम की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 8 पहुंच गई है। घटना के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।