Delhi Fire Update : नई दिल्ली। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश होटल में हुए भीषण अग्निकांड की जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। 21 लोगों की जान लेने वाले इस हादसे के बाद गिरफ्तार होटल मालिक लवकेश बजाज (Hotel Owner Lavkesh Bajaj) को अदालत ने चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी ने जांच एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, आग लगने के दौरान होटल मालिक घटनास्थल के पास से गुजरा था, लेकिन उसने लोगों की मदद करने के बजाय वहां से निकल जाना बेहतर समझा। अब जांच में होटल की सुरक्षा व्यवस्था, अवैध निर्माण और फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन की भी पड़ताल की जा रही है।
होटल मालिक से पूछताछ में बड़ा खुलासा
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश होटल में लगी आग के मामले में गिरफ्तार होटल मालिक लवकेश बजाज को कोर्ट ने चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में बजाज ने स्वीकार किया कि आग लगने के दौरान वह अपनी कार से जलती हुई इमारत के पास से गुजरा था, लेकिन लोगों की मदद करने के बजाय वहां से चला गया। उसने बताया कि वह घबरा गया था और पूरे दिन शहर में इधर-उधर घूमता रहा।
21 लोगों की मौत, कई घायल
बुधवार सुबह लगी इस भीषण आग में 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। मृतकों में भारतीय नागरिकों के साथ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। कई घायलों का इलाज अस्पतालों में जारी है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। शवों की पहचान के लिए डीएनए जांच भी कराई जा रही है।
होटल में मिलीं कई गंभीर खामियां
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि होटल में फायर सेफ्टी से जुड़े कई नियमों की अनदेखी की गई थी। इमारत में केवल एक ही प्रवेश और निकास मार्ग था। खिड़कियां बंद थीं और आपातकालीन निकासी की कोई व्यवस्था नहीं थी।
इसके अलावा फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर और स्प्रिंकलर सिस्टम भी प्रभावी तरीके से काम नहीं कर रहे थे। जांच में यह भी पता चला कि होटल को छह कमरों की अनुमति थी, लेकिन वहां करीब 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे।
10 टीमें कर रहीं जांच
मामले की जांच के लिए दिल्ली पुलिस ने 10 विशेष टीमें बनाई हैं। इनमें से कई टीमें फरार होटल मैनेजर जय मिश्रा की तलाश में जुटी हैं। फोरेंसिक विशेषज्ञ भी आग लगने के कारणों और सुरक्षा मानकों की जांच कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसा केवल लापरवाही का परिणाम था या इसके पीछे नियमों के गंभीर उल्लंघन की लंबी श्रृंखला थी।
स्थानीय लोगों ने बचाईं कई जानें
आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आसपास के निवासियों ने गद्दे और कंबल सड़क पर बिछाकर ऊपरी मंजिलों से कूदने वाले लोगों की मदद की। कई लोगों को सीपीआर देकर उनकी जान बचाने की कोशिश की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धुआं इतनी तेजी से फैला कि कई लोग कमरों में ही फंस गए और बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
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हाईकोर्ट की चेतावनी के बाद भी नहीं हुआ सुधार
दिल्ली हाईकोर्ट ने इसी वर्ष जनवरी में राजधानी के होटलों और गेस्ट हाउसों में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर सरकार और संबंधित एजेंसियों से कार्ययोजना मांगी थी। याचिका में दावा किया गया था कि बड़ी संख्या में होटल आवश्यक अग्नि सुरक्षा मानकों के बिना संचालित हो रहे हैं। अब इस बड़े हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।