Bhopal Suicide Case : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। पुलिस मुख्यालय में पदस्थ एक वरिष्ठ IPS अधिकारी की बेटी ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मृतिका 12वीं कक्षा की छात्रा थी और अपने परिवार के साथ भोपाल के पॉश इलाके चार इमली में रहती थी।
घटना की जानकारी मिलते ही हबीबगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
चार इमली स्थित घर में छात्रा ने दी जान
जानकारी के मुताबिक यह मामला हबीबगंज थाना क्षेत्र के चार इमली इलाके का है। बताया जा रहा है कि छात्रा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की। घटना का पता चलते ही परिवार में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में किसी तरह के संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस आसपास के लोगों और परिजनों से भी पूछताछ कर रही है ताकि घटना की असली वजह सामने आ सके।
PHQ में AIG पद पर पदस्थ हैं संजीव कंचन
मृतिका के पिता संजीव कंचन मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय यानी PHQ में एआईजी पद पर पदस्थ हैं। घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी शोक और हलचल का माहौल बन गया।
परिवार के करीबी लोगों के अनुसार छात्रा पढ़ाई कर रही थी और अपने परिवार के साथ ही रहती थी। फिलहाल पूरा परिवार गहरे सदमे में है और किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने की स्थिति में नहीं है।
पुलिस को मौके से नहीं मिला सुसाइड नोट
हबीबगंज थाना पुलिस के मुताबिक मौके से किसी तरह का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। इसी वजह से आत्महत्या के कारणों को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं हो सकी है। पुलिस छात्रा के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और हाल के संपर्कों की जांच कर रही है।
इसके अलावा दोस्तों और परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही मामले में कुछ स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस
पुलिस इस मामले में मानसिक तनाव, पढ़ाई का दबाव और निजी कारणों समेत सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। हालांकि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किशोरों में मानसिक तनाव और अवसाद के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे मामलों में परिवार और समाज की संवेदनशील भूमिका बेहद जरूरी हो जाती है। पुलिस फिलहाल सभी तथ्यों को जुटाने में लगी हुई है।