Pinarayi Vijayan ED Raid : केरल के पूर्व CM पिनाराई विजयन के घर ED रेड, CMRL पेमेंट केस में तलाशी जारी

Pinarayi Vijayan ED Raid : केरल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 ठिकानों पर छापेमारी की है। यह मामला कथित मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा बताया जा रहा है। इस जांच के दायरे में पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन और उनकी बेटी वीणा विजयन से जुड़े ठिकाने भी शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और मामला सुर्खियों में आ गया है। CMRL और एक्सालॉजिक केस से जुड़ा पूरा मामला यह पूरा मामला कोच्चि स्थित कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) और वीणा विजयन की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (Exalogic Solutions Private Limited) से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि 2018-19 के बीच कंपनी को बिना किसी वास्तविक सेवा के भारी भुगतान किए गए। 2017 में दोनों कंपनियों के बीच सॉफ्टवेयर और मार्केटिंग सेवाओं का एक अनुबंध हुआ था, लेकिन जांच एजेंसियों का दावा है कि निर्धारित सेवाएं वास्तव में प्रदान ही नहीं की गईं। Karnataka Politics : कर्नाटक में बड़ा सियासी उलटफेर? सिद्धारमैया के इस्तीफे की अटकलें तेज, डीके शिवकुमार बन सकते हैं नए CM SFIO चार्जशीट के बाद शुरू हुई गहन जांच अप्रैल 2025 में सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टीगेशन ऑफिस (SFIO) ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस पर गंभीर आरोप लगाए गए। SFIO की रिपोर्ट के अनुसार, CMRL की ओर से बिना सेवा प्राप्त किए कंपनी को कथित रूप से भुगतान किया गया, जिसे अवैध लेनदेन माना जा रहा है। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच तेज की गई। आयकर विभाग की रिपोर्ट से शुरू हुई जांच की कड़ी इस मामले की शुरुआत 2019 में हुई थी जब आयकर विभाग ने CMRL के ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान सामने आई रिपोर्ट में पहली बार वीणा विजयन की कंपनी को किए गए संदिग्ध भुगतान का उल्लेख किया गया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने 2024 में SFIO को मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए, जिसमें KSIDC की हिस्सेदारी वाले ढांचे की भी जांच शामिल की गई। Simhastha 2028 : सिंहस्थ में शिप्रा के शुद्ध जल से होगा स्नान, गंगा दशहरे पर सीएम मोहन यादव की बड़ी घोषणा ED ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में दर्ज किया मामला मार्च 2024 में प्रवर्तन निदेशालय ने इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। SFIO और आयकर विभाग की रिपोर्ट को आधार बनाकर अब ईडी ने जांच को आगे बढ़ाते हुए छापेमारी की है। इस कार्रवाई के बाद केरल में राजनीतिक माहौल गरमा गया है और विपक्ष व सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है।
Karnataka Politics : कर्नाटक में बड़ा सियासी उलटफेर? सिद्धारमैया के इस्तीफे की अटकलें तेज, डीके शिवकुमार बन सकते हैं नए CM

हाइलाइट्स कर्नाटक में CM बदलने की अटकलें तेज। सिद्धारमैया के इस्तीफे की चर्चा राजनीतिक गलियारों में। डीके शिवकुमार को नया मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना। दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ 6 घंटे की बैठक। Karnataka Politics : बेंगलुरू। कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे की चर्चा राजनीतिक गलियारों में गर्म हो गई है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को नया मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। यह पूरा मामला तब और गंभीर हो गया जब दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ एक लंबी बैठक हुई, जिसमें पार्टी के शीर्ष नेता शामिल थे। Tamil Nadu Politics : थलापति विजय का यूटर्न! ज्योतिषी को OSD के पद से हटाया, कल ही की थी नियुक्ति दिल्ली में 6 घंटे की बैठक के बाद बढ़ी हलचल मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी के साथ सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की करीब 6 घंटे तक बैठक हुई। इस बैठक के बाद राजनीतिक हलचल और तेज हो गई। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर गंभीर चर्चा हुई और पार्टी ने 2028 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए रणनीति पर काम किया। सिद्धारमैया के इस्तीफे और नई भूमिका की चर्चा रिपोर्ट्स के अनुसार, राहुल गांधी ने सिद्धारमैया से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की बात कही और उन्हें राज्यसभा भेजने का प्रस्ताव दिया। साथ ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका देने की चर्चा भी हुई। बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया ने अपने समर्थकों से बातचीत के बाद कहा है कि वे पार्टी हाईकमान के फैसले को स्वीकार करेंगे। हालांकि, उन्होंने पहले कुछ समय विचार के लिए मांगा है। Simhastha 2028 : सिंहस्थ में शिप्रा के शुद्ध जल से होगा स्नान, गंगा दशहरे पर सीएम मोहन यादव की बड़ी घोषणा डीके शिवकुमार को मिल सकता है CM पद सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व अब कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में नजर आ रहा है। डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने पर गंभीर विचार चल रहा है। हालांकि, पार्टी यह बदलाव बहुत सावधानी से करना चाहती है, क्योंकि सिद्धारमैया के समर्थक विधायकों की संख्या काफी अधिक मानी जाती है। कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से चल रहा है विवाद कर्नाटक में 2023 में सरकार बनने के बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच खींचतान चल रही है। समर्थकों का दावा है कि 2.5-2.5 साल के फॉर्मूले पर सहमति बनी थी, जबकि इसे आधिकारिक तौर पर कभी स्वीकार नहीं किया गया। 20 नवंबर 2025 को सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद यह विवाद और तेज हो गया। अब एक बार फिर नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है।
Simhastha 2028 : सिंहस्थ में शिप्रा के शुद्ध जल से होगा स्नान, गंगा दशहरे पर सीएम मोहन यादव की बड़ी घोषणा

हाइलाइट्स उज्जैन में गंगा दशहरा पर शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा का समापन। CM मोहन यादव ने 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित की। सिंहस्थ 2028 में शुद्ध शिप्रा जल से स्नान कराने की घोषणा। शिप्रा नदी विकास पर 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। Ujjain Simhastha 2028 : मध्य प्रदेश। सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं को नर्मदा नहीं बल्कि शिप्रा नदी के शुद्ध जल से स्नान कराया जाएगा। यह बड़ी घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में आयोजित धार्मिक समारोह में कही है। दरअसल, उज्जैन में गंगा दशहरा (Ganga Dussehra 2026 ) के अवसर पर मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा (Shipra Teerth Parikrama Yatra) का भव्य समापन हुआ। इस धार्मिक आयोजन में हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मां शिप्रा को 351 फीट लंबी चुनरी अर्पित कर पूजा-अर्चना की। पूरा घाट क्षेत्र भक्ति और आस्था के रंग में डूबा नजर आया। Bhopal Suicide Case : भोपाल में IPS अधिकारी की बेटी ने की आत्महत्या, मोबाइल फोन की जांच कर रही पुलिस सिंहस्थ 2028 पर फोकस मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने इस अवसर पर बड़ी घोषणा की कि सिंहस्थ 2028 में श्रद्धालुओं को शिप्रा नदी के शुद्ध जल से स्नान कराया जाएगा। सरकार जल संरक्षण और घाटों के विकास पर लगभग 10 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इसके साथ ही शिप्रा नदी के दोनों किनारों पर 30 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों को और अधिक सुविधाजनक और भव्य बनाना है। नर्मदा-शिप्रा लिंक परियोजना का जिक्र और पुराना अनुभव मुख्यमंत्री ने अप्रत्यक्ष रूप से पिछले अनुभवों का भी जिक्र किया। पहले सिंहस्थ और बड़े आयोजनों के दौरान शिप्रा नदी में पानी की कमी को पूरा करने के लिए नर्मदा नदी का पानी पाइपलाइन के जरिए लाया गया था। यह व्यवस्था नर्मदा-शिप्रा लिंक परियोजना के तहत की गई थी। हालांकि उस समय कई संतों और विपक्ष ने इस पर सवाल उठाए थे कि धार्मिक स्नान प्राकृतिक शिप्रा जल में ही होना चाहिए। इसी संदर्भ में अब शुद्ध जल की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। MP Water Crisis : भीषण गर्मी में मध्य प्रदेश के 42% शहरों में पानी का संकट, कई जगह तीन दिन में एक बार सप्लाई रामघाट पर भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम गंगा दशहरा के अवसर पर उज्जैन का रामघाट भक्तों से पूरी तरह भरा हुआ नजर आया। श्रद्धालुओं ने दीपदान कर मां शिप्रा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। इस दौरान भारतीय नौसेना के बैंड ने भी प्रस्तुति दी, जिससे माहौल और अधिक भव्य हो गया। लोक गायिका मैथिली ठाकुर के भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कई लोक कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग प्रदान किया। तीर्थ परिक्रमा यात्रा और मुख्यमंत्री का सम्मान मां शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा की शुरुआत सोमवार से हुई थी, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। यह यात्रा रामघाट से शुरू होकर कालभैरव, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम और भर्तृहरि गुफा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों से होकर गुजरी। MP Weather Update : नौतपा में तप रहा मध्य प्रदेश, खजुराहो में 46.4°C तापमान, कल से आंधी-बारिश का अलर्ट इसी दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को विक्रमोत्सव 2026 के सफल आयोजन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी मिला। उन्हें “कल्चरल लाइव इवेंट ऑफ द ईयर” का गोल्ड अवॉर्ड और “बेस्ट गवर्नमेंट इंटीग्रेशन फॉर ए लाइव इवेंट” का सिल्वर अवॉर्ड प्रदान किया गया। यहां देखिये फोटो
Bhopal Suicide Case : भोपाल में IPS अधिकारी की बेटी ने की आत्महत्या, मोबाइल फोन की जांच कर रही पुलिस

Bhopal Suicide Case : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। पुलिस मुख्यालय में पदस्थ एक वरिष्ठ IPS अधिकारी की बेटी ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मृतिका 12वीं कक्षा की छात्रा थी और अपने परिवार के साथ भोपाल के पॉश इलाके चार इमली में रहती थी। घटना की जानकारी मिलते ही हबीबगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। MP Student Suicide : इंदौर में बीटेक छात्र ने हॉस्टल में लगाई फांसी, एक तरफा प्यार के चक्कर में दी जान चार इमली स्थित घर में छात्रा ने दी जान जानकारी के मुताबिक यह मामला हबीबगंज थाना क्षेत्र के चार इमली इलाके का है। बताया जा रहा है कि छात्रा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की। घटना का पता चलते ही परिवार में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में किसी तरह के संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस आसपास के लोगों और परिजनों से भी पूछताछ कर रही है ताकि घटना की असली वजह सामने आ सके। PHQ में AIG पद पर पदस्थ हैं संजीव कंचन मृतिका के पिता संजीव कंचन मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय यानी PHQ में एआईजी पद पर पदस्थ हैं। घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी शोक और हलचल का माहौल बन गया। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार छात्रा पढ़ाई कर रही थी और अपने परिवार के साथ ही रहती थी। फिलहाल पूरा परिवार गहरे सदमे में है और किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने की स्थिति में नहीं है। MP Water Crisis : भीषण गर्मी में मध्य प्रदेश के 42% शहरों में पानी का संकट, कई जगह तीन दिन में एक बार सप्लाई पुलिस को मौके से नहीं मिला सुसाइड नोट हबीबगंज थाना पुलिस के मुताबिक मौके से किसी तरह का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। इसी वजह से आत्महत्या के कारणों को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं हो सकी है। पुलिस छात्रा के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और हाल के संपर्कों की जांच कर रही है। इसके अलावा दोस्तों और परिचितों से भी पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही मामले में कुछ स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस पुलिस इस मामले में मानसिक तनाव, पढ़ाई का दबाव और निजी कारणों समेत सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। हालांकि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी माना जा रहा है। Cheetah Kutch Relocation : अब गुजरात के कच्छ जाएंगे कूनो के चीते, पहली बार होगी चीतों की अंतरराज्यीय शिफ्टिंग विशेषज्ञों का कहना है कि किशोरों में मानसिक तनाव और अवसाद के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे मामलों में परिवार और समाज की संवेदनशील भूमिका बेहद जरूरी हो जाती है। पुलिस फिलहाल सभी तथ्यों को जुटाने में लगी हुई है।
SC on Bihar SIR : SIR अवैध नहीं… यह चुनाव आयोग का अधिकार, बिहार SIR के खिलाफ लगी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट

SC on Bihar SIR : नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार चुनाव से पहले वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को वैध और संवैधानिक करार दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने साफ कहा कि चुनाव आयोग को विशेष परिस्थितियों में मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए अलग प्रक्रिया अपनाने का अधिकार है। अदालत ने माना कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की मूल भावना है और इसे बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग को संवैधानिक अधिकार प्राप्त हैं। इस फैसले के बाद चुनाव आयोग को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया को बताया वैध सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि SIR प्रक्रिया को सिर्फ इसलिए गैरकानूनी नहीं कहा जा सकता क्योंकि यह सामान्य वोटर लिस्ट संशोधन प्रक्रिया से अलग है। अदालत ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग ने अपनी संवैधानिक और वैधानिक शक्तियों के दायरे में रहकर यह कदम उठाया है। कोर्ट ने कहा कि SIR का मकसद किसी मतदाता के अधिकारों को प्रभावित करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और निष्पक्ष बनाना है। अदालत ने माना कि यह प्रक्रिया स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के संवैधानिक उद्देश्य से जुड़ी हुई है। Iran-Israel War Update : ईरान फिर जंग की तैयारी में जुटा! अमेरिका पर भरोसा तोड़ा, होर्मुज स्ट्रेट को बनाया सबसे बड़ा हथियार चुनाव आयोग को विशेष अधिकार मिलने पर कोर्ट की टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और उसे मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखने का अधिकार है। अदालत ने कहा कि विशेष परिस्थितियों में आयोग अलग प्रक्रिया अपना सकता है और इसे संविधान के खिलाफ नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि SIR प्रक्रिया आनुपातिकता के सिद्धांत का पालन करती है और इसे मनमाना नहीं कहा जा सकता। आयोग द्वारा मांगे गए दस्तावेजों को भी अदालत ने उचित और व्यावहारिक बताया। सुप्रीम कोर्ट ने पांच बड़े सवालों पर क्या कहा 1. क्या चुनाव आयोग के पास SIR करने का अधिकार है? अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग ने अपनी वैधानिक शक्तियों के भीतर रहकर काम किया है। इसलिए SIR को अल्ट्रा वायर्स यानी गैरकानूनी नहीं कहा जा सकता। 2. क्या SIR प्रक्रिया का उद्देश्य वैध है? कोर्ट ने माना कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य वोटर लिस्ट को सटीक बनाना और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है। इसलिए इसे संवैधानिक रूप से उचित माना गया। Iran-Israel War Update : ईरान फिर जंग की तैयारी में जुटा! अमेरिका पर भरोसा तोड़ा, होर्मुज स्ट्रेट को बनाया सबसे बड़ा हथियार 3. क्या SIR जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के खिलाफ है? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि SIR कानूनी रूप से वैध है, इसलिए यह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन नहीं करता। 4. क्या चुनाव आयोग दस्तावेज मांग सकता है? कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग को मतदाता सत्यापन के लिए दस्तावेज मांगने का अधिकार है। अदालत ने आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों को स्वीकार्य माना। 5. जिन वोटर्स के नाम कटे उनका क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनके मामलों को चार हफ्तों के भीतर संबंधित प्राधिकरण के पास भेजा जाए। संबंधित व्यक्ति को नोटिस और अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाएगा। MP Weather Update : नौतपा में तप रहा मध्य प्रदेश, खजुराहो में 46.4°C तापमान, कल से आंधी-बारिश का अलर्ट बिहार में क्यों शुरू हुई थी SIR प्रक्रिया बिहार में 2003 के बाद पहली बार 24 जून 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य फर्जी, मृत, दोहरे और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना और नए योग्य मतदाताओं को जोड़ना था। चुनाव आयोग के अनुसार इस अभियान के तहत 7.24 करोड़ मतदाताओं से फॉर्म लिए गए और पहले चरण में 99.8 प्रतिशत कवरेज हासिल की गई। इस दौरान लाखों मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच की गई। बिहार वोटर लिस्ट से 69 लाख नाम हटे चुनाव आयोग ने 1 अक्टूबर 2025 को बिहार की फाइनल वोटर लिस्ट जारी की थी। इस सूची के अनुसार राज्य में वोटर्स की संख्या 7.89 करोड़ से घटकर 7.42 करोड़ रह गई। फाइनल लिस्ट से 69.29 लाख नाम हटाए गए जबकि 21.53 लाख नए वोटर्स को जोड़ा गया। आंकड़ों के मुताबिक 22.34 लाख मतदाता मृत पाए गए, 6.85 लाख लोगों के नाम दो जगह दर्ज थे और 36.44 लाख लोग दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके थे। पटना जिले में मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि सारण जिले में सबसे ज्यादा नाम हटाए गए। Cheetah Kutch Relocation : अब गुजरात के कच्छ जाएंगे कूनो के चीते, पहली बार होगी चीतों की अंतरराज्यीय शिफ्टिंग विपक्ष ने उठाए थे सवाल SIR प्रक्रिया शुरू होने के बाद इसे अदालत में चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि यह प्रक्रिया सामान्य वोटर लिस्ट संशोधन से अलग है और इससे कई मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव आयोग का कदम संविधान के अनुरूप है और इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाना है।
Iran-Israel War Update : ईरान फिर जंग की तैयारी में जुटा! अमेरिका पर भरोसा तोड़ा, होर्मुज स्ट्रेट को बनाया सबसे बड़ा हथियार

Iran-Israel War Update : तेहरान। मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक तेहरान को अब वॉशिंगटन पर भरोसा नहीं रहा और वह संभावित नए युद्ध की तैयारी में जुट गया है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अपनी सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत बताया है। यही समुद्री रास्ता दुनिया के बड़े हिस्से में तेल सप्लाई का मुख्य मार्ग माना जाता है। इसी वजह से अब यह इलाका वैश्विक राजनीति और सुरक्षा का केंद्र बन गया है। ईरान ने सैन्य तैयारी की तेज रिपोर्ट के अनुसार ईरानी सरकार तीन बड़े मोर्चों पर काम कर रही है। इनमें सैन्य तैयारी, घरेलू समर्थन और कूटनीतिक रणनीति शामिल है। ईरान की सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC को हाई अलर्ट पर रखा गया है। हालांकि बातचीत का रास्ता अभी बंद नहीं किया गया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी हालात के लिए तैयार रहने का दावा कर रही हैं। ईरानी नेतृत्व ने साफ कहा है कि अगर संघर्ष बढ़ा तो अमेरिका के सैन्य ठिकानों और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है। IRGC ने भी हाल ही में चेतावनी दी थी कि किसी नए अमेरिकी हमले का जवाब पहले से ज्यादा खतरनाक होगा। ईरान का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट के जरिए वह अमेरिका और उसके सहयोगियों पर बड़ा दबाव बना सकता है। MP Water Crisis : भीषण गर्मी में मध्य प्रदेश के 42% शहरों में पानी का संकट, कई जगह तीन दिन में एक बार सप्लाई अमेरिकी ड्रोन और लड़ाकू विमानों को लेकर बड़ा दावा तनाव के बीच ईरान ने दावा किया है कि उसकी सेना ने अमेरिकी MQ-9B और RQ-4 ड्रोन को निशाना बनाया। इसके अलावा ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसे एक F-35 लड़ाकू विमान पर भी फायरिंग की गई। हालांकि अमेरिका की तरफ से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी तरफ अमेरिका ने भी होर्मुज स्ट्रेट के पास कार्रवाई की। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी सेना ने उन ईरानी बोट्स को निशाना बनाया जो समुद्री इलाके में बारूदी सुरंग बिछा रही थीं। इसके अलावा बंदर अब्बास के कुछ मिसाइल ठिकानों पर भी हमले किए गए। अमेरिकी सेंटकॉम ने इसे आत्मरक्षा की कार्रवाई बताया है। इंटरनेट बहाली और ईरान की अर्थव्यवस्था पर असर ईरान में 88 दिनों बाद इंटरनेट सेवाएं आंशिक रूप से बहाल हुई हैं। नेटब्लॉक्स ने इसे आधुनिक इतिहास का सबसे लंबा राष्ट्रीय इंटरनेट ब्लैकआउट बताया। लंबे समय तक इंटरनेट बंद रहने से कारोबार, बैंकिंग और डिजिटल सेवाओं पर बड़ा असर पड़ा। तेहरान के बाजारों में भी चिंता का माहौल है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सामान की सप्लाई प्रभावित हुई है और इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की कीमतें लगातार बदल रही हैं। युद्ध जैसे हालात, बंदरगाहों की नाकेबंदी और अमेरिकी दबाव की वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ा है। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की खबरों से ईरानी मुद्रा में इस सप्ताह पांच प्रतिशत से ज्यादा मजबूती देखी गई। MP Weather Update : नौतपा में तप रहा मध्य प्रदेश, खजुराहो में 46.4°C तापमान, कल से आंधी-बारिश का अलर्ट इजराइल और लेबनान सीमा पर बढ़ी हलचल इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के करीब 50 शहरों और गांवों को खाली करने की चेतावनी जारी की है। इनमें नबातियेह शहर भी शामिल है। इजराइली सेना ने कहा कि इन इलाकों में जल्द सैन्य कार्रवाई हो सकती है। लोगों को जाहरानी नदी के उत्तर की ओर जाने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही इजराइल ने हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रक्षा अधिकारियों के साथ सुरक्षा बैठक की और उत्तरी सीमा की स्थिति की समीक्षा की। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि इजराइल किसी बड़े संघर्ष की आशंका को लेकर सतर्क है। गाजा में हमास के नए सैन्य प्रमुख पर हमला गाजा में इजराइल ने हमास के नए सैन्य प्रमुख मोहम्मद ओदेह को निशाना बनाकर बड़ा हवाई हमला किया। यह हमला गाजा सिटी के रमल इलाके में किया गया, जिसमें कम से कम तीन लोगों की मौत और कई लोग घायल हुए। इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस हमले में मोहम्मद ओदेह मारे गए हैं, हालांकि हमास ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। इजराइली सरकार का कहना है कि ओदेह 7 अक्टूबर 2023 के हमलों में शामिल था और हाल ही में उसे हमास की सैन्य शाखा की जिम्मेदारी दी गई थी। Cheetah Kutch Relocation : अब गुजरात के कच्छ जाएंगे कूनो के चीते, पहली बार होगी चीतों की अंतरराज्यीय शिफ्टिंग न्यूयॉर्क में इजराइली सामान के बहिष्कार को समर्थन अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में इजराइली सामान के बहिष्कार को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। ब्रुकलिन के पार्क स्लोप फूड कोऑप में वोटिंग के दौरान 67 प्रतिशत सदस्यों ने इजराइली प्रोडक्ट्स के बहिष्कार के पक्ष में मतदान किया। इस दौरान 4,780 लोगों ने समर्थन किया जबकि 1,796 लोगों ने इसका विरोध किया। यह फैसला ऐसे समय आया है जब गाजा युद्ध को लेकर अमेरिका में भी राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। UAE परमाणु प्लांट हमले पर UN की प्रतिक्रिया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने UAE के बराकाह परमाणु प्लांट पर हुए हमले की निंदा की है। UN ने कहा कि परमाणु ठिकानों पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। हालांकि परिषद ने किसी देश या संगठन का नाम नहीं लिया। Twisha Sharma Death Case : आरोपी पति समर्थ सिंह में पूछताछ में उगले राज… जानिए क्या हुआ था उस रात? UAE ने दावा किया था कि इराक की दिशा से छह ड्रोन भेजे गए थे, जिनमें से एक ड्रोन परमाणु प्लांट तक पहुंच गया था और वहां आग लग गई थी। इस घटना के बाद खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई हैं।
MP Water Crisis : भीषण गर्मी में मध्य प्रदेश के 42% शहरों में पानी का संकट, कई जगह तीन दिन में एक बार सप्लाई

हाइलाइट्स मध्य प्रदेश के 42% शहरों में रोज पानी की सप्लाई नहीं हो रही। 162 नगरीय निकाय जल संकट से प्रभावित। इंदौर संभाग के 76% शहरों में पानी की भारी किल्लत। कई इलाकों में दो से तीन दिन में एक बार पानी सप्लाई हो रही। MP Water Crisis : भोपाल। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी और नौतपे के बीच अब जल संकट ने गंभीर रूप ले लिया है। प्रदेश के कई शहरों में पानी को लेकर हालात बेहद खराब हो चुके हैं। लोगों को पीने के पानी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और कई इलाकों में बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष की स्थिति बन गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की एक चौंकाने वाली रिपोर्ट ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 42 प्रतिशत शहरों में रोज पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। लगातार बढ़ते तापमान और सूखते जल स्रोतों ने संकट को और ज्यादा गहरा कर दिया है। MP Weather Update : नौतपा में तप रहा मध्य प्रदेश, खजुराहो में 46.4°C तापमान, कल से आंधी-बारिश का अलर्ट 162 नगरीय निकायों में रोज नहीं हो रही पानी सप्लाई विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश के कुल 413 नगरीय निकायों में से 162 निकाय ऐसे हैं जहां प्रतिदिन पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। कई शहरों में लोगों को एक दिन छोड़कर पानी मिल रहा है, जबकि कुछ जगहों पर हालात इससे भी ज्यादा खराब हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रदेश के 8 निकायों में नागरिकों को दो दिन छोड़कर तीसरे दिन पानी नसीब हो रहा है। जबलपुर संभाग के दो निकायों में तो स्थिति बेहद चिंताजनक है, जहां तीन दिन में सिर्फ एक बार पानी की सप्लाई की जा रही है। जबलपुर संभाग के कुल 56 निकायों में से केवल 46 में ही नियमित जलापूर्ति हो पा रही है। बाकी इलाकों में लोग पानी की भारी कमी से जूझ रहे हैं। इंदौर और उज्जैन संभाग में सबसे ज्यादा संकट प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर संभाग में जल संकट सबसे ज्यादा गंभीर नजर आ रहा है। यहां 76 प्रतिशत शहरों में नगर निगम रोज पानी उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हो रहा है। बढ़ती गर्मी और तेजी से घटते जल स्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। उधर उज्जैन संभाग के हालात भी कम खराब नहीं हैं। बाबा महाकाल की नगरी वाले इस संभाग के 64 प्रतिशत शहरों में लोग पानी की भारी किल्लत का सामना कर रहे हैं। कई इलाकों में टैंकरों के सहारे पानी की व्यवस्था की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह से ही पानी भरने के लिए लंबी लाइनें लग रही हैं और कई बार पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। Ram Rahim Parole : राम रहीम को फिर मिली 30 दिन की पैरोल, 5 साल में 16वीं बार जेल से बहार भोपाल संभाग में भी बढ़ा पानी का दबाव जल संकट का असर अब राजधानी भोपाल संभाग में भी साफ दिखाई देने लगा है। संभाग के 17 निकायों में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई की जा रही है। बढ़ती आबादी और गर्मी के कारण जल स्रोतों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप और जावर-MPUDC में हालात और ज्यादा गंभीर बताए जा रहे हैं। यहां लोगों को दो-दो दिन छोड़कर पानी मिल रहा है। इससे घरेलू जरूरतों के साथ उद्योगों पर भी असर पड़ने लगा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल प्रबंधन को लेकर तुरंत प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है। भीषण गर्मी से तेजी से सूख रहे जल स्रोत मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू के कारण तालाब, कुएं और छोटे जल स्रोत तेजी से सूख रहे हैं। कई शहरों में भूजल स्तर भी नीचे चला गया है, जिससे पानी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। Twisha Sharma Death Case : आरोपी पति समर्थ सिंह में पूछताछ में उगले राज… जानिए क्या हुआ था उस रात? जल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून समय पर नहीं पहुंचा तो संकट और ज्यादा खतरनाक हो सकता है। प्रशासन को अभी से जल संरक्षण और वैकल्पिक जल आपूर्ति की तैयारी करनी होगी। गर्मी के इस दौर में पानी की बर्बादी रोकना और जल संरक्षण को बढ़ावा देना बेहद जरूरी हो गया है। प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती प्रदेश में बढ़ते जल संकट ने प्रशासन और नगर निगमों की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि हर साल गर्मियों में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। सरकार की तरफ से टैंकरों और अतिरिक्त जलापूर्ति की व्यवस्था करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कई शहरों में हालात अब भी खराब बने हुए हैं। आने वाले दिनों में यदि तापमान और बढ़ता है तो यह संकट और विकराल रूप ले सकता है।
MP Weather Update : नौतपा में तप रहा मध्य प्रदेश, खजुराहो में 46.4°C तापमान, कल से आंधी-बारिश का अलर्ट

MP Weather Update : भोपाल। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर लगातार जारी है। नौतपा के तीसरे दिन प्रदेश के कई जिलों में तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। आसमान से आग बरसने जैसी स्थिति बनी हुई है और दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल 28 मई तक गर्मी अपने चरम पर रहेगी। इसके बाद कई जिलों में प्री-मानसून एक्टिविटी और बारिश की संभावना जताई गई है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। सबसे ज्यादा गर्मी छतरपुर जिले के खजुराहो में दर्ज की गई, जहां तापमान 46.4 डिग्री तक पहुंच गया। लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। Ram Rahim Parole : राम रहीम को फिर मिली 30 दिन की पैरोल, 5 साल में 16वीं बार जेल से बहार खजुराहो और नौगांव बने सबसे गर्म शहर मंगलवार को छतरपुर के खजुराहो में 46.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा। वहीं नौगांव में पारा 45.6 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा दतिया में 45.2 डिग्री, दमोह, सतना और टीकमगढ़ में 45 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। रीवा में 44.8 डिग्री, राजगढ़ में 44.6 डिग्री और श्योपुर में 44.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। गुना, नरसिंहपुर, सागर, मंडला, मुरैना और रायसेन जैसे शहरों में भी पारा 44 डिग्री के आसपास पहुंच गया। ग्वालियर में 44.1 डिग्री तापमान ने लोगों को बेहाल कर दिया। राजधानी भोपाल में तापमान 43.2 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि जबलपुर में 43.9 डिग्री रहा। इंदौर में 41.2 डिग्री और उज्जैन में 42 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। Twisha Sharma Death Case : आरोपी पति समर्थ सिंह में पूछताछ में उगले राज… जानिए क्या हुआ था उस रात? कई जिलों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी भीषण गर्मी और लू को देखते हुए मौसम विभाग ने कई जिलों में अलर्ट जारी किया है। छतरपुर, निवाड़ी, सतना, टीकमगढ़, रीवा और पन्ना में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। इन जिलों में लू और अत्यधिक गर्मी का खतरा सबसे ज्यादा माना जा रहा है। वहीं ग्वालियर, जबलपुर, सागर, दतिया, दमोह, कटनी, बालाघाट, मंडला, शहडोल और मुरैना समेत 19 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। इसके अलावा भोपाल, उज्जैन, विदिशा, रायसेन, देवास, खरगोन, बुरहानपुर, मंदसौर और शिवपुरी सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में भी गर्म हवाएं और तेज धूप लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। Panna Well Collapses : पन्ना में निर्माणाधीन कुआं धंसा, अब तक 5 लोगों की मौत 28 मई से बदलेगा मौसम, बारिश और आंधी के संकेत मौसम विभाग के अनुसार 28 मई के बाद प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। अगले तीन दिनों तक कई जिलों में बारिश, तेज आंधी और प्री-मानसून गतिविधियों का असर देखने को मिलेगा। इससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। IMD ने बताया कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी के कारण मौसम में बदलाव होगा। कई इलाकों में बादल छाने, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि कुछ जिलों में उमस भी बढ़ सकती है।