Cheetah Kutch Relocation : भोपाल। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में पुनर्वासित अफ्रीकी चीते अब गुजरात के जंगलों में नई पहचान बनाएंगे। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण यानी NTCA और चीता प्रोजेक्ट स्टीयरिंग कमेटी ने कूनो से गुजरात के कच्छ स्थित बन्नी ग्रासलैंड में चीतों को शिफ्ट करने की मंजूरी दे दी है। यह पहली बार होगा जब भारत में चीतों की अंतरराज्यीय शिफ्टिंग की जाएगी। इस फैसले को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है।
दो नर और दो मादा चीते होंगे शिफ्ट
जानकारी के अनुसार कूनो नेशनल पार्क से दो नर और दो मादा चीतों को गुजरात भेजा जाएगा। इन्हें कच्छ के बन्नी ग्रासलैंड में बसाया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि वहां का घास का विस्तृत क्षेत्र चीतों के लिए अनुकूल साबित हो सकता है। फिलहाल चीतों की शिफ्टिंग की प्रक्रिया अगस्त या सितंबर 2026 तक शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। वन विभाग और विशेषज्ञों की टीम इसके लिए तैयारियों में जुटी हुई है।
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नौरादेही से पहले गुजरात को मिली प्राथमिकता
पहले योजना थी कि कूनो और गांधीसागर के बाद चीतों को मध्य प्रदेश के नौरादेही वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बसाया जाएगा। लेकिन अब नौरादेही से पहले गुजरात के कच्छ को प्राथमिकता दी गई है। इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश में राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि अलग-अलग क्षेत्रों में चीतों को बसाने से उनकी संख्या और सुरक्षा दोनों को फायदा मिलेगा।
कांग्रेस ने फैसले पर उठाए सवाल
कूनो से गुजरात चीतों को भेजे जाने पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने कहा कि कूनो नेशनल पार्क मूल रूप से एशियाई गिर शेरों के लिए तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि गुजरात से मध्य प्रदेश में गिर शेर लाए जाने की योजना लंबे समय से लंबित है। ऐसे में अब मध्य प्रदेश से गुजरात को चीते भेजे जा रहे हैं, लेकिन बदले में राज्य को क्या मिलेगा, यह बड़ा सवाल है।
गिर शेरों को लेकर फिर उठी बहस
शैलेंद्र पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश अभी भी बब्बर शेरों का इंतजार कर रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि गुजरात को चीते भेजे जा रहे हैं, लेकिन मध्य प्रदेश को भी गुजरात से कुछ लेना सीखना चाहिए। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट पहले ही एशियाई शेरों को गुजरात के गिर क्षेत्र से दूसरे राज्यों में बसाने की बात कह चुका है, लेकिन अब तक यह योजना पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है। ऐसे में चीतों की शिफ्टिंग के साथ गिर शेरों का मुद्दा भी फिर चर्चा में आ गया है।
मध्य प्रदेश में कितने चीते मौजूद?
वर्तमान समय में मध्य प्रदेश में कुल 53 चीते मौजूद हैं। इनमें से 50 चीते कूनो नेशनल पार्क में हैं, जबकि 3 चीते गांधीसागर क्षेत्र में रखे गए हैं। अफ्रीका से लाए गए इन चीतों को भारत में फिर से बसाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कूनो परियोजना को दुनिया के सबसे बड़े वन्यजीव पुनर्वास कार्यक्रमों में शामिल माना जाता है।
गुजरात के जंगलों में बनेगी नई पहचान
गुजरात के कच्छ स्थित बन्नी ग्रासलैंड को चीतों के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। यहां का विशाल घास क्षेत्र और वन्य वातावरण चीतों के प्राकृतिक व्यवहार के अनुकूल बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह परियोजना सफल रही तो भविष्य में देश के अन्य राज्यों में भी चीतों को बसाने का रास्ता खुल सकता है।