Ram Rahim Parole : राम रहीम को फिर मिली 30 दिन की पैरोल, 5 साल में 16वीं बार जेल से बहार

Ram Rahim Parole : नई दिल्ली। रेप केस में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर 30 दिन की पैरोल मिल गई है। मंगलवार को वह हरियाणा के रोहतक स्थित सुनारिया जेल से बाहर आया। जानकारी के मुताबिक पैरोल के दौरान वह सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम में रहेगा। वर्ष 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद यह 16वीं बार है जब राम रहीम को अस्थायी रिहाई दी गई है। उसकी रिहाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में फिर चर्चा तेज हो गई है। चुनावी माहौल में फैसले पर उठे सवाल राम रहीम की पैरोल ऐसे समय पर मिली है जब कई राज्यों में स्थानीय चुनावों का माहौल बना हुआ है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में डेरा सच्चा सौदा के बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। ऐसे में विपक्षी दल इस फैसले के राजनीतिक असर की बात कर रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राम रहीम के समर्थकों का प्रभाव चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। इसी वजह से पैरोल के समय को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। Cheetah Kutch Relocation : अब गुजरात के कच्छ जाएंगे कूनो के चीते, पहली बार होगी चीतों की अंतरराज्यीय शिफ्टिंग अकाली दल ने सरकार पर साधा निशाना शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून आम लोगों और प्रभावशाली लोगों के लिए अलग-अलग तरीके से लागू किया जा रहा है। मजीठिया ने कहा कि पंजाब में डेरे से जुड़े मामलों में अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी जवाब मांगा और हरियाणा सरकार, केंद्र सरकार तथा पंजाब सरकार पर राजनीतिक लाभ के लिए विशेष रियायत देने का आरोप लगाया। न्याय व्यवस्था पर उठे सवाल बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि बार-बार दी जा रही पैरोल से जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो रहा है। उनका कहना है कि गंभीर अपराधों में दोषी व्यक्ति को इतनी बार राहत मिलना कई सवाल खड़े करता है। विपक्ष का आरोप है कि राजनीतिक फायदे को ध्यान में रखकर यह फैसले लिए जा रहे हैं। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। MP Government Debt : मोहन सरकार फिर ले रही 2800 करोड़ का कर्ज! चालू वित्त वर्ष में कुल 9200 करोड़ पहुंचा लोन SGPC ने जताई नाराजगी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी यानी SGPC ने भी राम रहीम की पैरोल पर नाराजगी जताई है। SGPC सदस्य एडवोकेट भगवंत सिंह सियालका ने कहा कि यह फैसला सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने खासतौर पर बेअदबी मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि गंभीर अपराधों में दोषी लोगों को राहत मिल रही है, जबकि बंदी सिंहों और सिख कैदियों की रिहाई की मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रशासन ने फैसले से बनाई दूरी इस पूरे विवाद के बीच हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि पैरोल देने का फैसला जेल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक कानूनी प्रक्रिया के तहत लिया गया निर्णय है। हालांकि चुनावी माहौल और बार-बार मिल रही पैरोल के कारण यह मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का हिस्सा बना हुआ है। CJP X Account : कॉकरोच पार्टी का X अकाउंट ब्लॉक होने पर दिल्ली HC पहुंचे संस्थापक अभिजीत दिपके, दायर की अर्जी कई राज्यों में है राम रहीम का प्रभाव डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के अनुयायी पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली समेत कई राज्यों में मौजूद हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनके समर्थकों का प्रभाव चुनावी राजनीति में अहम भूमिका निभा सकता है। इसी कारण विपक्षी दल लगातार सरकारों को घेर रहे हैं और पैरोल के समय को लेकर सवाल उठा रहे हैं। 2017 से अब तक कई बार मिली राहत गुरमीत राम रहीम सिंह को वर्ष 2017 में रेप केस में दोषी ठहराया गया था। इसके बाद से अब तक उसे कई बार पैरोल और फरलो मिल चुकी है। हर बार उसकी अस्थायी रिहाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो जाती है। इस बार भी उसकी रिहाई ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।
Cheetah Kutch Relocation : अब गुजरात के कच्छ जाएंगे कूनो के चीते, पहली बार होगी चीतों की अंतरराज्यीय शिफ्टिंग

Cheetah Kutch Relocation : भोपाल। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में पुनर्वासित अफ्रीकी चीते अब गुजरात के जंगलों में नई पहचान बनाएंगे। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण यानी NTCA और चीता प्रोजेक्ट स्टीयरिंग कमेटी ने कूनो से गुजरात के कच्छ स्थित बन्नी ग्रासलैंड में चीतों को शिफ्ट करने की मंजूरी दे दी है। यह पहली बार होगा जब भारत में चीतों की अंतरराज्यीय शिफ्टिंग की जाएगी। इस फैसले को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है। दो नर और दो मादा चीते होंगे शिफ्ट जानकारी के अनुसार कूनो नेशनल पार्क से दो नर और दो मादा चीतों को गुजरात भेजा जाएगा। इन्हें कच्छ के बन्नी ग्रासलैंड में बसाया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि वहां का घास का विस्तृत क्षेत्र चीतों के लिए अनुकूल साबित हो सकता है। फिलहाल चीतों की शिफ्टिंग की प्रक्रिया अगस्त या सितंबर 2026 तक शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। वन विभाग और विशेषज्ञों की टीम इसके लिए तैयारियों में जुटी हुई है। Twisha Sharma Death Case : आरोपी पति समर्थ सिंह में पूछताछ में उगले राज… जानिए क्या हुआ था उस रात? नौरादेही से पहले गुजरात को मिली प्राथमिकता पहले योजना थी कि कूनो और गांधीसागर के बाद चीतों को मध्य प्रदेश के नौरादेही वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में बसाया जाएगा। लेकिन अब नौरादेही से पहले गुजरात के कच्छ को प्राथमिकता दी गई है। इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश में राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि अलग-अलग क्षेत्रों में चीतों को बसाने से उनकी संख्या और सुरक्षा दोनों को फायदा मिलेगा। कांग्रेस ने फैसले पर उठाए सवाल कूनो से गुजरात चीतों को भेजे जाने पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने कहा कि कूनो नेशनल पार्क मूल रूप से एशियाई गिर शेरों के लिए तैयार किया गया था। उन्होंने कहा कि गुजरात से मध्य प्रदेश में गिर शेर लाए जाने की योजना लंबे समय से लंबित है। ऐसे में अब मध्य प्रदेश से गुजरात को चीते भेजे जा रहे हैं, लेकिन बदले में राज्य को क्या मिलेगा, यह बड़ा सवाल है। MP Government Debt : मोहन सरकार फिर ले रही 2800 करोड़ का कर्ज! चालू वित्त वर्ष में कुल 9200 करोड़ पहुंचा लोन गिर शेरों को लेकर फिर उठी बहस शैलेंद्र पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश अभी भी बब्बर शेरों का इंतजार कर रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि गुजरात को चीते भेजे जा रहे हैं, लेकिन मध्य प्रदेश को भी गुजरात से कुछ लेना सीखना चाहिए। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट पहले ही एशियाई शेरों को गुजरात के गिर क्षेत्र से दूसरे राज्यों में बसाने की बात कह चुका है, लेकिन अब तक यह योजना पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है। ऐसे में चीतों की शिफ्टिंग के साथ गिर शेरों का मुद्दा भी फिर चर्चा में आ गया है। मध्य प्रदेश में कितने चीते मौजूद? वर्तमान समय में मध्य प्रदेश में कुल 53 चीते मौजूद हैं। इनमें से 50 चीते कूनो नेशनल पार्क में हैं, जबकि 3 चीते गांधीसागर क्षेत्र में रखे गए हैं। अफ्रीका से लाए गए इन चीतों को भारत में फिर से बसाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कूनो परियोजना को दुनिया के सबसे बड़े वन्यजीव पुनर्वास कार्यक्रमों में शामिल माना जाता है। CJP X Account : कॉकरोच पार्टी का X अकाउंट ब्लॉक होने पर दिल्ली HC पहुंचे संस्थापक अभिजीत दिपके, दायर की अर्जी गुजरात के जंगलों में बनेगी नई पहचान गुजरात के कच्छ स्थित बन्नी ग्रासलैंड को चीतों के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। यहां का विशाल घास क्षेत्र और वन्य वातावरण चीतों के प्राकृतिक व्यवहार के अनुकूल बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह परियोजना सफल रही तो भविष्य में देश के अन्य राज्यों में भी चीतों को बसाने का रास्ता खुल सकता है।
Twisha Sharma Death Case : आरोपी पति समर्थ सिंह में पूछताछ में उगले राज… जानिए क्या हुआ था उस रात?

Twisha Sharma Death Case : मध्य प्रदेश। भोपाल में मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में अब देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI ने जांच की जिम्मेदारी संभाल ली है। सोमवार को CBI ने भोपाल पुलिस से केस डायरी और सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर नए सिरे से FIR दर्ज की। इस हाई-प्रोफाइल मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। वहीं, भोपाल की कटारा हिल्स पुलिस की 7 दिन की रिमांड में मौजूद ट्विशा के पति समर्थ सिंह से पूछताछ में कई अहम बातें सामने आई हैं। पति समर्थ सिंह ने क्या बताया? पुलिस सूत्रों के अनुसार समर्थ सिंह पूछताछ में ज्यादातर वही बातें दोहरा रहा है, जो उसकी मां गिरिबाला सिंह पहले से कहती रही हैं। समर्थ ने दावा किया कि शादी के शुरुआती दिनों में उसका और ट्विशा का रिश्ता सामान्य था। लेकिन 17 अप्रैल को ट्विशा के प्रेग्नेंट होने की जानकारी मिलने के बाद उसका व्यवहार बदल गया। समर्थ के मुताबिक इसके बाद दोनों के बीच लगातार विवाद होने लगे थे। MP Government Debt : मोहन सरकार फिर ले रही 2800 करोड़ का कर्ज! चालू वित्त वर्ष में कुल 9200 करोड़ पहुंचा लोन ग्लैमर वर्ल्ड को बताया विवाद की वजह समर्थ सिंह ने पुलिस को बताया कि ट्विशा खुद को ग्लैमर वर्ल्ड से जुड़ा मानती थी और वह सामान्य घरेलू जिंदगी नहीं जीना चाहती थी। उसने दावा किया कि ट्विशा अक्सर मॉडलिंग और एक्टिंग करियर का हवाला देती थी। समर्थ के अनुसार इसी बात को लेकर दोनों के बीच कई बार बहस होती थी। पुलिस अब इन दावों की सच्चाई की जांच कर रही है। अप्रैल की घटना से बढ़ा विवाद पूछताछ में समर्थ ने अप्रैल महीने की एक घटना का भी जिक्र किया। उसने बताया कि दोनों को साथ में बेंगलुरु जाना था, लेकिन आखिरी समय पर ट्विशा ने अजमेर जाने की बात कही। समर्थ अकेले बेंगलुरु चला गया जबकि ट्विशा अजमेर पहुंची। बाद में समर्थ को पता चला कि ट्विशा वहां केवल एक दिन रुकी और फिर दिल्ली चली गई। इस बात को लेकर दोनों के बीच विवाद और बढ़ गया था। Shivraj Singh Book Launch : शिवराज सिंह चौहान की नई किताब ‘अपनापन’ लॉन्च, पीएम मोदी संग 35 साल के अनुभवों का किया जिक्र 12 मई की रात क्या हुआ? ट्विशा की मौत वाली रात की कहानी बताते हुए समर्थ ने कहा कि 12 मई को सबकुछ सामान्य लग रहा था। उसके मुताबिक रात को दोनों ने खाना खाया, सोसाइटी के पार्क में टहलने गए और फिर घर लौटकर टीवी देखा। कुछ देर बाद वह सोने चला गया जबकि ट्विशा फोन पर अपने परिवार से बात करने नीचे चली गई। समर्थ का दावा है कि देर रात उसकी मां ने उसे जगाया और बताया कि ट्विशा की मां का फोन आया है क्योंकि ट्विशा फोन नहीं उठा रही थी। छत पर फंदे से लटकी मिली ट्विशा समर्थ के अनुसार जब उसने और उसकी मां ने ट्विशा को ढूंढना शुरू किया तो वह छत पर फंदे से लटकी मिली। उसने दावा किया कि दोनों ने मिलकर ट्विशा को नीचे उतारा, CPR दिया और तुरंत भोपाल AIIMS लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने ट्विशा को मृत घोषित कर दिया। हालांकि पुलिस और CBI इस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रही हैं। फरारी के दौरान जबलपुर में छिपा था समर्थ घटना के बाद समर्थ सिंह फरार हो गया था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह एक हफ्ते से ज्यादा समय तक जबलपुर में छिपा रहा। उसने मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी बंद कर दिया था ताकि पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस न कर सके। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फरारी के दौरान उसे किसने मदद और पनाह दी। हालांकि समर्थ ने अपने मददगारों के नाम बताने से इनकार कर दिया है। CJP X Account : कॉकरोच पार्टी का X अकाउंट ब्लॉक होने पर दिल्ली HC पहुंचे संस्थापक अभिजीत दिपके, दायर की अर्जी परिवार ने लगाए प्रताड़ना के आरोप ट्विशा शर्मा के परिवार ने आरोप लगाया है कि ससुराल वालों ने उनकी बेटी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। परिवार का कहना है कि इसी प्रताड़ना के कारण ट्विशा को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। भोपाल पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ दहेज निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। ससुराल पक्ष ने लगाए अलग आरोप दूसरी तरफ ससुराल पक्ष का दावा है that ट्विशा को ड्रग्स की लत थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर ट्विशा का दूसरा पोस्टमार्टम दिल्ली AIIMS के जरिए कराया गया है। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CBI जांच पर टिकी हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। सोमवार को हुई सुनवाई में अदालत ने कहा कि एक महिला की असामयिक मौत बेहद गंभीर विषय है और इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए। कोर्ट ने अफवाहों और अटकलों से बचने की बात कही और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। अदालत ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि बेटी को खोने का दर्द बेहद असहनीय होता है। CNG Price Hike : महीने में चौथी बार बढ़े सीएनजी के दाम, दिल्ली में कीमत 83.09 रुपए KG जांच में पारदर्शिता पर जोर सुप्रीम कोर्ट ने जांच प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं पर चिंता जताई। अदालत ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में जांच एजेंसियों को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए। अब CBI की जांच से इस मामले में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
MP Government Debt : मोहन सरकार फिर ले रही 2800 करोड़ का कर्ज! चालू वित्त वर्ष में कुल 9200 करोड़ पहुंचा लोन

MP Government Debt : भोपाल। मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार वित्त वर्ष 2026-27 में एक बार फिर बड़ा कर्ज लेने जा रही है। राज्य सरकार भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI के माध्यम से 2800 करोड़ रुपए का ऋण जुटाएगी। यह राशि दो अलग-अलग किस्तों में ली जाएगी। इसमें 1600 करोड़ रुपए और 1200 करोड़ रुपए की राशि शामिल है। चालू वित्त वर्ष में यह चौथी बार है जब राज्य सरकार बाजार से कर्ज उठा रही है। इस नई उधारी के बाद सरकार द्वारा अब तक लिया गया कुल कर्ज 9200 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। RBI के जरिए जारी होंगे बॉन्ड वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह कर्ज मध्यप्रदेश राज्य विकास ऋण योजना के तहत लिया जा रहा है। सरकार इसके लिए RBI के माध्यम से बॉन्ड जारी करेगी। पहली किस्त 1600 करोड़ रुपए की होगी, जिस पर 7.64 प्रतिशत की ब्याज दर तय की गई है। वहीं दूसरी किस्त 1200 करोड़ रुपए की होगी, जिस पर सरकार को 7.83 प्रतिशत ब्याज देना होगा। दोनों ऋणों का भुगतान छह-छह महीने की किस्तों में अप्रैल और अक्टूबर में किया जाएगा। MP Government Debt : MP सरकार के खाते में आज आएंगे 1800 करोड़, डेढ़ महीने में बाजार से उठाए 6400 करोड़ 2034 और 2048 तक रहेगा कर्ज सरकार द्वारा लिया जा रहा पहला कर्ज वर्ष 2034 तक की अवधि के लिए रहेगा। वहीं दूसरा कर्ज लंबी अवधि यानी वर्ष 2048 तक के लिए लिया गया है। इसका मतलब है कि सरकार को अगले 22 वर्षों तक इस ऋण का भुगतान करना होगा। दोनों ऋणों के लिए सिक्योरिटी की नीलामी भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा कराई जाएगी। भुगतान और बॉन्ड से जुड़ी पूरी प्रक्रिया 27 मई 2026 तक पूरी होने की संभावना है। अप्रैल से ही शुरू हो गई थी उधारी इस बार राज्य सरकार ने अप्रैल महीने से ही बाजार से कर्ज लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। आमतौर पर पिछले वर्षों में सरकार मई महीने से उधारी लेना शुरू करती थी, लेकिन इस बार वित्त वर्ष की शुरुआत से ही ऋण जुटाने का सिलसिला शुरू हो गया। अप्रैल में सरकार ने दो बार चार अलग-अलग किस्तों में 4600 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। इसके बाद मई महीने में 1800 करोड़ रुपए का एक और ऋण लिया गया। अब 2800 करोड़ रुपए की नई उधारी जोड़ी जा रही है। MP Government Debt: कर्जदार मध्यप्रदेश की सरकार! 2025-26 में लिया 53100 करोड़ का लोन विकास योजनाओं में खर्च होगी राशि राज्य सरकार का कहना है कि बॉन्ड के जरिए जुटाई गई राशि का उपयोग विकास कार्यों में किया जाएगा। सरकार के मुताबिक इस पैसे को सिंचाई परियोजनाओं, ऊर्जा क्षेत्र, कृषि विकास और आधारभूत ढांचे से जुड़े प्रोजेक्ट्स में खर्च किया जाएगा। इसके अलावा सड़क, बिजली और ग्रामीण विकास योजनाओं में भी इस राशि का इस्तेमाल होने की संभावना है। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से राज्य के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। राजस्व और खर्च का आंकड़ा भी सामने आया राजपत्र में जारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान में मध्यप्रदेश की राजस्व प्राप्ति करीब 2.79 लाख करोड़ रुपए आंकी गई है। वहीं सरकार का राजस्व व्यय भी लगभग इसी स्तर पर रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती विकास योजनाओं और खर्चों के कारण सरकार को बाजार से कर्ज लेना पड़ रहा है। हालांकि विपक्ष लगातार राज्य पर बढ़ते कर्ज को लेकर सवाल उठा रहा है। CJP X Account : कॉकरोच पार्टी का X अकाउंट ब्लॉक होने पर दिल्ली HC पहुंचे संस्थापक अभिजीत दिपके, दायर की अर्जी बढ़ते कर्ज पर उठ रहे सवाल राज्य सरकार का कहना है कि यह कर्ज विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लिया जा रहा है। लेकिन दूसरी ओर विपक्ष का आरोप है कि लगातार बढ़ती उधारी भविष्य में आर्थिक दबाव बढ़ा सकती है। आर्थिक जानकारों का कहना है कि अगर कर्ज का उपयोग उत्पादक योजनाओं में सही तरीके से किया जाए तो इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को फायदा हो सकता है। फिलहाल सरकार का फोकस विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने पर है।
Panna Well Collapses : पन्ना में निर्माणाधीन कुआं धंसा, अब तक 5 लोगों की मौत

Panna Well Collapses : पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। अजयगढ़ जनपद क्षेत्र के ग्राम बीहरपुरवा के नयापुरवा में खेत पर कुएं की खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई। इस हादसे में पांच मजदूरों की मौत हो गई, जबकि दो मजदूर किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल आए। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गए। कई दिनों से चल रहा था खुदाई का काम जानकारी के अनुसार बिन्नू अहिरवार के खेत में पिछले करीब 10 दिनों से सात मजदूर कुएं की खुदाई कर रहे थे। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे मजदूर रोज की तरह काम कर रहे थे। इसी दौरान दो मजदूर पानी पीने के लिए ऊपर आए थे। तभी अचानक कुएं की मिट्टी भरभराकर धंस गई और अंदर काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। हादसा इतना अचानक हुआ कि मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। Shivraj Singh Book Launch : शिवराज सिंह चौहान की नई किताब ‘अपनापन’ लॉन्च, पीएम मोदी संग 35 साल के अनुभवों का किया जिक्र हादसे में पांच लोगों की गई जान मलबे में दबे मजदूरों में चुन्नू यादव, राजकुमार यादव, आशीष यादव और चुनवाद पाल के नाम सामने आए हैं। राहत और बचाव कार्य के दौरान राजकुमार यादव का शव बाहर निकाल लिया गया। प्रशासन ने बाद में पुष्टि की कि इस हादसे में कुल पांच लोगों की मौत हुई है। पन्ना जिले के जनसंपर्क अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दो मजदूर सुरक्षित बाहर निकल आए हैं, जबकि बाकी मजदूरों की मौत हो गई। मौके पर चला राहत और बचाव अभियान घटना के तुरंत बाद पुलिस, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। भारी संख्या में ग्रामीण भी घटनास्थल पर जमा हो गए। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी रहा। प्रशासन ने जेसीबी मशीनों और अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाने का काम किया। ग्रामीणों ने भी मजदूरों को बचाने की कोशिश की, लेकिन मिट्टी ज्यादा धंस जाने के कारण रेस्क्यू में काफी मुश्किलें आईं। CJP X Account : कॉकरोच पार्टी का X अकाउंट ब्लॉक होने पर दिल्ली HC पहुंचे संस्थापक अभिजीत दिपके, दायर की अर्जी कमजोर मिट्टी को लेकर उठे सवाल स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस जगह कुएं की खुदाई की जा रही थी, वहां की मिट्टी काफी भुरभुरी और कमजोर थी। तकनीकी नजरिए से ऐसी जगह पर गहरी खुदाई करना जोखिमभरा माना जाता है। अब इस हादसे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या खुदाई शुरू करने से पहले मिट्टी की जांच कराई गई थी या नहीं। लोगों का कहना है कि अगर सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो शायद इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था। प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल इस घटना के बाद प्रशासनिक लापरवाही को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि कुएं की खुदाई किसी निजी अनुमति के तहत हो रही थी या किसी सरकारी योजना के अंतर्गत काम चल रहा था। अगर मिट्टी कमजोर थी तो क्या किसी तकनीकी विशेषज्ञ से निरीक्षण कराया गया था? क्या मजदूरों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम किए गए थे? इन सभी सवालों को लेकर अब जांच की मांग तेज हो गई है। CNG Price Hike : महीने में चौथी बार बढ़े सीएनजी के दाम, दिल्ली में कीमत 83.09 रुपए KG जांच और जवाबदेही पर टिकी निगाहें यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि संभावित लापरवाही का मामला भी माना जा रहा है। प्रशासन अब पूरे मामले की जांच की बात कर रहा है। ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों की मांग है कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए निर्माण और खुदाई कार्यों में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
Shivraj Singh Book Launch : शिवराज सिंह चौहान की नई किताब ‘अपनापन’ लॉन्च, पीएम मोदी संग 35 साल के अनुभवों का किया जिक्र

Shivraj Singh Chouhan Book Launch : भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने लंबे राजनीतिक और व्यक्तिगत अनुभवों को एक किताब के रूप में पेश किया है। उनकी नई पुस्तक ‘अपनापन : नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ का विमोचन मंगलवार को दिल्ली के पूसा स्थित NASC कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में किया गया। इस खास मौके पर देश के कई बड़े राजनीतिक नेता और मुख्यमंत्री मौजूद रहे। पुस्तक विमोचन कार्यक्रम काफी भव्य तरीके से आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हुए। वेंकैया नायडू और देवेगौड़ा ने किया विमोचन इस पुस्तक का विमोचन देश के पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा ने किया। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता भी कार्यक्रम का हिस्सा बने। समारोह में मौजूद नेताओं ने शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक को प्रेरणादायक बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर आधारित महत्वपूर्ण दस्तावेज कहा। CJP X Account : कॉकरोच पार्टी का X अकाउंट ब्लॉक होने पर दिल्ली HC पहुंचे संस्थापक अभिजीत दिपके, दायर की अर्जी कार्यक्रम में शामिल हुए कई बड़े नेता इस विशेष कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। राजनीतिक गलियारों में इस कार्यक्रम को भाजपा के बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। 1991 की एकता यात्रा से शुरू हुआ सफर शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह पुस्तक उनके लिए सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बिताए गए वर्षों की यादों और अनुभवों का संग्रह है। उन्होंने कहा कि किताब में 1991 की एकता यात्रा से लेकर वर्तमान समय तक के अनुभवों को शामिल किया गया है। उस समय डॉ. मुरली मनोहर जोशी की एकता यात्रा में नरेंद्र मोदी संगठनात्मक प्रभारी की भूमिका निभा रहे थे। शिवराज ने कहा कि उसी दौर से उनका मोदी जी के साथ निकट संबंध बना और लंबे समय तक साथ काम करने का अवसर मिला। Iran-Israel War Update : सीजफायर के बीच अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, होर्मुज के पास नावों को बनाया निशाना युवाओं को प्रेरित करेगी पुस्तक शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि यह पुस्तक खासतौर पर युवाओं को प्रेरित करने का काम करेगी। उन्होंने बताया कि किताब में अनुशासन, समर्पण, तपस्या और लोगों के साथ अपनापन जैसी बातों को प्रमुखता दी गई है। उनके मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीवन संघर्ष, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र सेवा का भाव युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। पुस्तक में मोदी के व्यक्तित्व और कार्यशैली के कई व्यक्तिगत अनुभवों को भी साझा किया गया है। मोदी के नेतृत्व और सुशासन का जिक्र किताब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, सुशासन और नीति निर्माण की प्रक्रिया को भी विस्तार से बताया गया है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मोदी जी के साथ काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण बातें सीखी हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हैं और निर्णय लेने में अनुशासन व स्पष्ट सोच को महत्व देते हैं। किताब में कई ऐसे अनुभव शामिल हैं, जो आम लोगों को मोदी के व्यक्तित्व को करीब से समझने में मदद करेंगे। UPDATE : ट्विशा शर्मा केस में समर्थ सिंह का मोबाइल-लैपटॉप-पासपोर्ट जब्त, 3 घंटे SIT ने की पूछताछ 2024 में मोदी कैबिनेट में बने मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 9 जून 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्हें कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई। लंबे समय तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहने के बाद अब वे केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनकी यह नई पुस्तक राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर काफी चर्चा में बनी हुई है।
CJP X Account : कॉकरोच पार्टी का X अकाउंट ब्लॉक होने पर दिल्ली HC पहुंचे संस्थापक अभिजीत दिपके, दायर की अर्जी

CJP X Account : नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) ने अपने संगठन के ऑफिशियल X अकाउंट को ब्लॉक किए जाने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) में याचिका दायर की है। दिपके का आरोप है कि सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर पार्टी के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कार्रवाई की है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी का X अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया, जबकि इंस्टाग्राम अकाउंट और बैकअप सोशल मीडिया हैंडल भी हटा दिए गए। यह मामला अब सोशल मीडिया सेंसरशिप और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर चर्चा में आ गया है। इंस्टाग्राम अकाउंट हैक होने का भी आरोप अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि कॉकरोच जनता पार्टी का आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया गया था, जिसके कारण संगठन ने पेज का एक्सेस खो दिया। उन्होंने अपने निजी X अकाउंट के जरिए जानकारी साझा करते हुए कहा कि उनके व्यक्तिगत इंस्टाग्राम अकाउंट के साथ भी छेड़छाड़ की गई। दिपके ने कहा कि पार्टी का X अकाउंट पहले रोका गया और बाद में उसका बैकअप अकाउंट भी हटा दिया गया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हुई इस कार्रवाई को सुनियोजित बताया है। अभिजीत को राजनीति में नहीं चाहते, Cockroach Janata Party के संस्थापक के माता-पिता को गिरफ्तारी का डर केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप अपने पोस्ट में अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार पर “तानाशाही” तरीके से काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि युवाओं के नेतृत्व वाले इस आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। दिपके का दावा है कि सोशल मीडिया पर उनकी बढ़ती लोकप्रियता और युवाओं के बीच समर्थन को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। क्या है कॉकरोच जनता पार्टी? कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत एक ऑनलाइन व्यंग्यात्मक अभियान के रूप में हुई थी। धीरे-धीरे यह युवाओं की नाराज़गी और सामाजिक मुद्दों को उठाने वाला मंच बन गया। इस प्लेटफॉर्म ने मीम्स, वीडियो और राजनीतिक टिप्पणी के जरिए बेरोजगारी, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों को सोशल मीडिया पर उठाया। कम समय में ही यह संगठन सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गया और युवाओं के बीच इसकी चर्चा बढ़ने लगी। Iran-Israel War Update : सीजफायर के बीच अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, होर्मुज के पास नावों को बनाया निशाना CJI की कथित टिप्पणी के बाद शुरू हुआ विवाद यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की कथित टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। दावा किया गया कि उन्होंने कहा था कि “कॉकरोच जैसे युवा, जिन्हें नौकरी नहीं मिलती, वे मीडिया, सोशल मीडिया या एक्टिविस्ट बन जाते हैं।” इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर काफी विवाद हुआ। बाद में चीफ जस्टिस ने कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया था। CJI ने दी सफाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने बाद में स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी केवल उन लोगों के संदर्भ में थी जो “फर्जी डिग्री” लेकर लीगल प्रोफेशन में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना रहा और इसी के बाद कॉकरोच जनता पार्टी का नाम तेजी से वायरल हुआ। UPDATE : ट्विशा शर्मा केस में समर्थ सिंह का मोबाइल-लैपटॉप-पासपोर्ट जब्त, 3 घंटे SIT ने की पूछताछ युवाओं के बीच बढ़ रही लोकप्रियता कॉकरोच जनता पार्टी ने सोशल मीडिया पर खासकर युवाओं के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। पार्टी का कंटेंट मीम्स और व्यंग्य के जरिए गंभीर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को उठाता रहा है। कई युवा इसे अपनी आवाज मानते हैं। अब सोशल मीडिया अकाउंट्स पर हुई कार्रवाई और हाई कोर्ट में दाखिल याचिका के बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है।
Iran-Israel War Update : सीजफायर के बीच अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, होर्मुज के पास नावों को बनाया निशाना

हाइलाइट्स अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरानी बोट्स और मिसाइल साइट पर हमला किया। ट्रम्प ने ओबामा जैसी ईरान डील से साफ किया इनकार। अमेरिका-ईरान समझौता अभी पूरी तरह तय नहीं हो पाया। पाकिस्तान ने अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होने से किया मना। Iran-Israel War Update : वांशिगटन डीसी। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सीजफायर वार्ता के दौरान मंगलवार को हालात फिर तनावपूर्ण हो गए। अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास उन बोट्स को निशाना बनाया, जिन पर बारूदी सुरंगें बिछाने का आरोप लगाया गया था। इसके अलावा अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास पोर्ट के पास स्थित एक सरफेस टू एयर मिसाइल साइट पर भी हमला किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकाम ने कहा कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई है। सेना का दावा है कि इन गतिविधियों से अंतरराष्ट्रीय जहाजों और अमेरिकी युद्धपोतों को खतरा था। अमेरिकी सेना ने बताया आत्मरक्षा का कदम सेंटकाम के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों और नौसैनिक जहाजों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाना जरूरी था। उन्होंने कहा कि अमेरिका फिलहाल सीजफायर वार्ता के दौरान संयम बरत रहा है, लेकिन किसी भी खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई से अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर असर पड़ सकता है। हालांकि अभी तक दोनों देशों की शांति वार्ता पूरी तरह टूटती नजर नहीं आ रही है। Iran US War Update : ईरान-अमेरिका तनाव फिर बढ़ा! ईरान बोला- अब पीछे हटने की कोई गुंजाइश नहीं ट्रम्प ने ओबामा जैसी डील से किया इनकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कहा है कि वे ईरान के साथ पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा जैसी परमाणु डील नहीं करेंगे। ट्रम्प ने कहा कि या तो अमेरिका को अच्छा समझौता मिलेगा या फिर कोई समझौता नहीं होगा। ट्रम्प प्रशासन का मानना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण जरूरी है। इसी कारण अमेरिका वार्ता में कड़े रुख के साथ आगे बढ़ रहा है। होर्मुज स्ट्रेट और यूरेनियम मुद्दा सबसे अहम कतर की राजधानी दोहा में चल रही वार्ता में होर्मुज स्ट्रेट और हाईली एनरिच्ड यूरेनियम सबसे अहम मुद्दे बने हुए हैं। इसके साथ ही ईरान की फ्रीज संपत्तियों को जारी करने पर भी बातचीत जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच कई बिंदुओं पर सहमति बनी है, लेकिन कुछ संवेदनशील मुद्दों पर अभी भी बातचीत जारी है। व्हाइट हाउस से जुड़े सूत्रों का दावा है कि समझौता लगभग 95 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। CNG Price Hike : महीने में चौथी बार बढ़े सीएनजी के दाम, दिल्ली में कीमत 83.09 रुपए KG सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना नहीं होगा फैसला ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि देश में कोई भी बड़ा फैसला सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना नहीं लिया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि ईरान की विदेश नीति और सुरक्षा से जुड़े अहम फैसलों में सर्वोच्च नेता की अंतिम भूमिका होती है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि अंतिम समझौते में अभी और समय लग सकता है। ईरान ने हिजबुल्लाह को फिर दिया समर्थन ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने लेबनान और हिजबुल्लाह के समर्थन में बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि ईरान, इजराइल के खिलाफ लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के साथ खड़ा है। इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अमेरिका और उसके सहयोगी देश पहले से ही ईरान की क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर चिंता जता चुके हैं। पाकिस्तान ने अब्राहम अकॉर्ड्स से बनाई दूरी पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि पाकिस्तान को अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई समझौता पाकिस्तान की मूल विचारधारा से मेल नहीं खाता। अब्राहम अकॉर्ड्स के तहत कुछ मुस्लिम देशों ने इजराइल के साथ अपने संबंध सामान्य किए थे। ख्वाजा आसिफ का यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रम्प कई देशों से इजराइल के साथ रिश्ते सामान्य करने की अपील कर रहे हैं। MP Heatwave Alert : एमपी में नौतपा का कहर जारी, 45 शहर हीटवेव की चपेट में, 5 में लू का रेड अलर्ट ISIS से जुड़े लोगों की ऑस्ट्रेलिया वापसी ऑस्ट्रेलिया सरकार ने जानकारी दी है कि ISIS से जुड़े 19 लोग सीरिया से वापस ऑस्ट्रेलिया लौट रहे हैं। इनमें 7 महिलाएं और 12 बच्चे शामिल हैं। सरकार ने कहा है कि अगर लौटने वाले लोगों पर किसी अपराध में शामिल होने के सबूत मिलते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले भी कुछ संदिग्ध लोगों की वापसी के बाद आतंकवाद और गुलामी से जुड़े मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। मार्को रूबियो बोले- होर्मुज खुला रहेगा अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत दौरे के दौरान कहा कि होर्मुज स्ट्रेट हर हाल में खुला रहेगा। जयपुर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह समुद्री रास्ता पूरी दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वहां जो कुछ हो रहा है वह गैरकानूनी है और इसे लंबे समय तक जारी नहीं रहने दिया जाएगा। रूबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका समझौता चाहता है, लेकिन वही समझौता स्वीकार होगा जो अमेरिका के हित में होगा। NEET Paper Leak Case : नीट पेपर लीक केस में बड़ा एक्शन, पुणे से गिरफ्तार महिला आरोपी 6 दिन की CBI कस्टडी में तेहरान में युद्ध से क्षतिग्रस्त इमारतों की मरम्मत पूरी तेहरान प्रशासन के मुताबिक अमेरिकी और इजराइली हमलों में क्षतिग्रस्त हुई ज्यादातर इमारतों की मरम्मत पूरी कर ली गई है। अधिकारियों ने दावा किया कि मामूली नुकसान वाली 97 प्रतिशत इमारतों को दोबारा ठीक कर दिया गया है। फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार अगले हफ्ते तक बाकी बचा काम भी पूरा होने की उम्मीद है।
CNG Price Hike : महीने में चौथी बार बढ़े सीएनजी के दाम, दिल्ली में कीमत 83.09 रुपए KG

CNG Price Hike : नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। कंप्रेस्ड नेचुरल गैस यानी CNG के दाम पिछले दो हफ्तों में चौथी बार बढ़ाए गए हैं। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने मंगलवार 26 मई को CNG की कीमत में ₹2 प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी। इस फैसले के बाद दिल्ली-NCR समेत कई शहरों में CNG से वाहन चलाना और महंगा हो गया है। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों और वाहन चालकों की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली-NCR में CNG के नए रेट लागू नई दरों के अनुसार दिल्ली में अब CNG की कीमत ₹83.09 प्रति किलो हो गई है, जो पहले ₹81.09 थी। वहीं नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में अब लोगों को ₹91.70 प्रति किलो के हिसाब से CNG खरीदनी होगी। गुरुग्राम में CNG की कीमत बढ़कर ₹88.12 प्रति किलोग्राम पहुंच गई है। पिछले कुछ दिनों में लगातार कीमतें बढ़ने से टैक्सी, ऑटो और निजी वाहन चालकों के खर्च में तेजी से इजाफा हुआ है। UPDATE : ट्विशा शर्मा केस में समर्थ सिंह का मोबाइल-लैपटॉप-पासपोर्ट जब्त, 3 घंटे SIT ने की पूछताछ मई महीने में लगातार बढ़ते रहे CNG के दाम मई महीने में CNG की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। 15 मई को CNG ₹2 महंगी हुई थी। इसके बाद 18 मई को ₹1 और 23 मई को फिर ₹1 प्रति किलो दाम बढ़ाए गए। अब 26 मई को एक बार फिर ₹2 की बढ़ोतरी कर दी गई है। इस तरह सिर्फ 11 दिनों में CNG कुल ₹6 प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों का मासिक बजट प्रभावित होने लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी सिर्फ CNG ही नहीं बल्कि पेट्रोल और डीजल के दामों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। तेल कंपनियों ने 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया। नई कीमतों के बाद दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पहुंच गया है। इससे पहले 15 मई, 19 मई और 23 मई को भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए थे। बीते 11 दिनों में पेट्रोल करीब ₹7.40 और डीजल ₹7.52 प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है। MP Heatwave Alert : एमपी में नौतपा का कहर जारी, 45 शहर हीटवेव की चपेट में, 5 में लू का रेड अलर्ट कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी बड़ी वजह विशेषज्ञों के अनुसार पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने से क्रूड ऑयल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर के पार पहुंच गई हैं। इससे तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। कंपनियों का कहना है कि बढ़ते घाटे की भरपाई के लिए कीमतों में बदलाव करना जरूरी हो गया था। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में यही स्थिति बनी रहती है तो आने वाले दिनों में ईंधन और महंगा हो सकता है। तेल कंपनियों को रोज हो रहा भारी नुकसान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार सरकारी तेल कंपनियों को हर दिन करीब 600 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। अधिकारियों ने बताया कि 15 मई से पहले यह घाटा करीब 1,000 करोड़ रुपए प्रतिदिन तक पहुंच गया था। लगातार बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतों ने कंपनियों की लागत बढ़ा दी है। इसी वजह से कंपनियां धीरे-धीरे खुदरा कीमतों में इजाफा कर रही हैं। CM Mohan Yadav Bhojshala Visit : भोजशाला पहुंचे CM मोहन यादव, ‘सरस्वती लोक’ बनाने का किया ऐलान आम लोगों की जेब पर पड़ेगा सीधा असर ईंधन की कीमतें बढ़ने का असर अब आम लोगों की जिंदगी पर भी साफ दिखाई देगा। ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ने से दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो सकते हैं। खेती में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने का खर्च भी बढ़ेगा, जिससे अनाज और अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी आ सकती है। इसके अलावा बस, ऑटो और स्कूल वाहनों का किराया भी बढ़ सकता है। CNG गाड़ियों की बिक्री में आई तेजी महंगे पेट्रोल और डीजल के बावजूद लोग CNG वाहनों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। भोपाल समेत कई शहरों में पिछले तीन सालों में CNG गाड़ियों की बिक्री करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ी है। ऑटोमोबाइल शोरूम के अनुसार हर दिन 10 से 15 CNG बेस्ड वाहन बिक रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह बेहतर माइलेज और पेट्रोल-डीजल के मुकाबले कम खर्च माना जा रहा है। NEET Paper Leak Case : नीट पेपर लीक केस में बड़ा एक्शन, पुणे से गिरफ्तार महिला आरोपी 6 दिन की CBI कस्टडी में जानिए क्या होती है CNG CNG का पूरा नाम कंप्रेस्ड नेचुरल गैस है। यह मुख्य रूप से मीथेन गैस से बनती है और पेट्रोल-डीजल की तुलना में कम प्रदूषण फैलाती है। यह गैस जमीन के नीचे प्राकृतिक रूप से मौजूद गैस और तेल के कुओं से निकाली जाती है। इसके बाद फैक्ट्रियों में इसकी सफाई की जाती है और इसे हाई प्रेशर के जरिए कंप्रेस किया जाता है। बाद में इस गैस को सिलेंडरों में भरकर वाहनों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
UPDATE : ट्विशा शर्मा केस में समर्थ सिंह का मोबाइल-लैपटॉप-पासपोर्ट जब्त, 3 घंटे SIT ने की पूछताछ

हाइलाइट्स भोपाल मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में SIT और CBI दोनों जांच कर रही। आरोपी पति समर्थ सिंह से कई घंटे पूछताछ हुई। जांच टीम ने लैपटॉप, मोबाइल और महत्वपूर्ण दस्तावेज किए जब्त। CBI ने नई FIR दर्ज कर DSP निशू कुशवाहा को जांच सौंपी। Twisha Sharma Case UPDATE : भोपाल। राजधानी भोपाल में मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल केस में अब SIT और CBI दोनों जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। सोमवार को SIT की टीम आरोपी पति समर्थ सिंह को लेकर घटनास्थल पर पहुंची, जहां पूरे क्राइम सीन को दोबारा रिक्रिएट किया गया। अधिकारियों ने घटनास्थल पर काफी देर तक जांच की और मामले से जुड़े हर पहलू को समझने की कोशिश की। पुलिस टीम ने मौके पर मौजूद परिस्थितियों और पहले मिले सबूतों का मिलान भी किया। आरोपी समर्थ सिंह से घंटों हुई पूछताछ SIT ने क्राइम सीन रिक्रिएशन से पहले आरोपी समर्थ सिंह से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। जांच के दौरान टीम ने समर्थ का लैपटॉप, मोबाइल फोन, पासपोर्ट, आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। अधिकारियों को शक है कि मामले से जुड़े कुछ अहम सुराग इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेजों से मिल सकते हैं। इसके अलावा टीम ने पूरे घर की बारीकी से जांच की और संभावित सुसाइड नोट की तलाश भी की। जांच अधिकारियों ने ट्विशा शर्मा के सील बंद कमरे और उस जगह का भी निरीक्षण किया, जहां उनकी मौत हुई थी। Twisha Death Case : सुप्रीम कोर्ट ने लगाई दोनों पक्षों के मीडिया बयानबाजी पर रोक, सास पर जांच बाधित करने का आरोप मां को देखकर भावुक हुआ समर्थ सिंह जांच के दौरान एक भावुक दृश्य भी सामने आया। घटनास्थल पर जब समर्थ सिंह ने अपनी मां को देखा तो वह भावुक हो गया। इस दौरान पुलिस टीम लगातार उससे पूछताछ करती रही। अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू को गंभीरता से जांचा जा रहा है। SIT यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ट्विशा शर्मा की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई और वजह थी। फिलहाल जांच एजेंसियां तकनीकी और फॉरेंसिक रिपोर्ट का भी इंतजार कर रही हैं। CBI ने दर्ज की नई FIR इस मामले में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार देर शाम भोपाल पहुंची CBI टीम ने केस को अपने हाथ में लेते हुए नई FIR दर्ज की है। एजेंसी ने कटारा हिल्स थाने में पहले से दर्ज केस को री-रजिस्टर्ड किया है। CBI ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच की जिम्मेदारी डीएसपी निशू कुशवाहा को सौंपी है। उन्हें इस केस का जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। CBI अब पूरे मामले की स्वतंत्र जांच करेगी और सभी सबूतों को नए सिरे से परखेगी। Twisha Sharma Death Case : त्विशा शर्मा केस में भोपाल कोर्ट का बड़ा फैसला, आरोपी समर्थ सिंह को 7 दिन की पुलिस रिमांड इन धाराओं में दर्ज हुआ केस CBI ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इसमें धारा 80(2), 85 और 3(5) शामिल हैं। इसके साथ ही दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 भी लगाई गई हैं। जानकारी के अनुसार CBI की नई FIR का नंबर RC0522026S0004 है, जिसे 25 मई 2026 को दर्ज किया गया। जांच एजेंसी अब मामले में शामिल सभी लोगों से पूछताछ करेगी और डिजिटल सबूतों की भी जांच करेगी। शादी के पांच महीने बाद हुई संदिग्ध मौत जानकारी के मुताबिक ट्विशा शर्मा की शादी पिछले साल 9 दिसंबर को समर्थ सिंह के साथ हुई थी। शादी के कुछ महीनों बाद ही परिवार में विवाद शुरू होने की बात सामने आई। FIR में ट्विशा के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। इस मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास, रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दोनों भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में रहते हैं। Twisha Sharma Case : ट्विशा के सेकंड पोस्टमार्टम को हाईकोर्ट की हरी झंडी, पति समर्थ सिंह करेगा सरेंडर घटना वाली रात पुलिस को मिली थी सूचना पुलिस के अनुसार 12 मई 2026 की रात करीब साढ़े 10 बजे ट्विशा शर्मा की मौत की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की गई। शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध लगने के बाद SIT गठित की गई थी। अब CBI की एंट्री के बाद इस केस की जांच और भी तेज हो गई है। परिवार और आम लोगों की नजर अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी हुई है।