Jabalpur Cruise Tragedy : हादसा बहुत पीड़ादायक… PM मोदी ने जताया दुःख, मृतकों को 2 लाख रुपए का मुआवजा

Jabalpur Cruise Tragedy : नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए क्रूज हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया हैं। उन्होंने कहा कि नाव पलटने की घटना बहुत पीड़ादायक है। अपनों को खोने वाले सभी लोगों के लिए मेरी गहरी संवेदना है। वहीं पीएम ने मृतकों के परिजनों को PMNRF (प्रधानमंत्री राहत कोष) से 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये मुआजवा देने का ऐलान किया है। Jabalpur Cruise Tragedy : जबलपुर क्रूज हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर! आखिरी सांस तक माँ ने लड़ी बच्चे को बचाने की लड़ाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा- मध्य प्रदेश के जबलपुर में नाव पलटने से हुई जानमाल की हानि अत्यंत पीड़ादायक है। इस दुखद दुर्घटना में अपनों को खोने वाले सभी लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। मृतकों के परिजनों को पीएमएनआरएफ की ओर से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी जताया दुख मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस हादसे को अत्यंत पीड़ादायक बताया। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दिए गए हैं। उस शाम क्या हुआ? 30 अप्रैल की शाम बरगी डैम में एक डबल डेकर क्रूज खमरिया टापू के पास घूम रही थी। अचानक मौसम बदला। तेज आंधी आई और हवाएं 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने लगीं। लहरें ऊंची उठीं। कुछ ही मिनटों में क्रूज का संतुलन बिगड़ा और वह डैम में पलट गई। क्रूज पर 30 से ज्यादा लोग सवार थे। चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग दौड़े और बचाने की कोशिश की। 9 शव बरामद…रेस्क्यू जारी घटना की सूचना मिलते ही NDRF, SDRF, सेना और गोताखोर दल मौके पर पहुंचा। अब तक 9 लोगों के शव बाहर निकाले जा चुके हैं। इनमें 7 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। 20 से अधिक लोगों को बचाकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है। 9 लोग अभी भी लापता हैं। उनकी तलाश युद्धस्तर पर जारी है। Jabalpur Cruise Accident : जबलपुर क्रूज हादसे में 9 मौतें, पर्यटन मंत्री को नहीं पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक की जानकारी दिल्ली से पिकनिक पर आया था परिवार मां और बेटे का यह परिवार दिल्ली से पिकनिक मनाने जबलपुर आया था। परिवार में पति, पत्नी, एक बेटा और एक बेटी थी। हादसे में पिता और बेटी बच गए। लेकिन मां और चार साल का बेटा क्रूज के अंदर ही फंस गए। शुक्रवार सुबह दोनों के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले।
Jabalpur Cruise Tragedy : जबलपुर क्रूज हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर! आखिरी सांस तक माँ ने लड़ी बच्चे को बचाने की लड़ाई

Jabalpur Cruise Tragedy : जबलपुर। एक बच्चे के लिए मां की बांहें दुनिया की सबसे सुरक्षित जगह होती हैं। चाहे तूफान आए, चाहे अंधेरा हो – की गोद में बच्चा हमेशा महफूज रहता है। लेकिन 30 अप्रैल 2026 की वह शाम बरगी डैम पर कुछ और ही लिखी थी। जबलपुर के बरगी डैम में जब पलटती क्रूज ने लोगों को मौत के मुंह में धकेला, तब एक मां ने अपने चार साल के बेटे को सीने से और कस लिया। पानी ऊपर आया, सांसें थमीं लेकिन मां की बांहें नहीं छूटीं। जब बचाव दल ने उन्हें पानी से निकाला, तो दोनों एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। मां के हाथ अब भी बच्चे की पीठ पर थे। यह तस्वीर किसी को भी तोड़ देने के लिए काफी थी। मौके पर मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं। यह सिर्फ एक हादसे की खबर नहीं, यह एक मां की आखिरी लड़ाई की कहानी है। अब तक इस दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 24 लोगों को बचा लिया गया है। लेकिन 9 लोग अभी भी लापता हैं। बेटे को बचाने मां आखिरी सांस तक लड़ी इस हादसे का सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया जब बचाव दल ने पानी से दो शव निकाले। एक मां और उसका चार साल का बेटा। दोनों के शव एक-दूसरे से चिपके हुए थे। मां के हाथ बच्चे की पीठ पर थे। ऐसा लग रहा था जैसे वह अंतिम सांस तक उसे बचाने की कोशिश करती रही। दोनों के शरीर इस कदर जुड़े थे कि उन्हें अलग करना भी मुश्किल था। मौके पर मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं। वहां पहुंचे मंत्री राकेश सिंह भी भावुक हो गए। “मां ने आखिरी पल तक हार नहीं मानी। वह अपने बच्चे को बचाने के लिए लड़ती रही। लेकिन दोनों को नहीं बचाया जा सका।” Jabalpur Cruise Accident : जबलपुर क्रूज हादसे में 9 मौतें, पर्यटन मंत्री को नहीं पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक की जानकारी दिल्ली से पिकनिक पर आया था परिवार यह परिवार दिल्ली से जबलपुर पिकनिक मनाने आया था। परिवार में पति, पत्नी, एक बेटा और एक बेटी थी। हादसे में पिता और बेटी किसी तरह बच गए। लेकिन मां और चार साल का बेटा क्रूज के अंदर ही फंस गए। शुक्रवार सुबह दोनों के शव बरामद हुए। एक अन्य बचाई गई लड़की ने बताया कि क्रूज अचानक पलट गया था। पानी तेजी से भर गया। उसने अपने पिता का हाथ पकड़ा और बच गई। लेकिन उसकी मां और भाई अब भी नहीं मिले हैं। उस शाम क्या हुआ? 30 अप्रैल की शाम क्रूज बोट खमरिया टापू के पास घूम रही थी। अचानक मौसम बदला। तेज आंधी आई। हवाएं 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने लगीं। लहरें ऊंची उठीं। कुछ ही मिनटों में क्रूज का संतुलन बिगड़ा और वह डैम में पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि क्रूज में क्षमता से ज्यादा यात्री थे। जब क्रूज डगमगाने लगा तब लाइफ जैकेट दी गईं। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। लोगों का कहना है कि अगर क्रूज को पहले ही किनारे की तरफ मोड़ा जाता तो हादसा टाला जा सकता था। LPG Price Hike : 1 मई से कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा, 993 रुपए बढ़े दाम; जानिए आपके शहर के रेट सीएम ने किया मुआवजे का ऐलान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने हर मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। राज्य सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने कंट्रोल रूम बनाया है जहां परिजनों को जानकारी दी जा रही है। SDRF, NDRF और स्थानीय बचाव दल लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। लापता लोगों की खोज अभी भी जारी है। रेस्क्यू करने वालो का होगा 15 अगस्त को सम्मान बरगी डैम हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि, क्रूज में लाइव जैकेट सबको पहनना ही चाहिए कुछ लोगों ने आधा अधूरा बांधा था। टूरिज्म विभाग इस मामले में जांच करेगा ताकि भविष्य में ऐसी घटना ना हो। हम परिवारों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हैं। जिस तेजी से बचाव कार्य में लगे हैं. उन बहादुर लोगों को बधाई देता हूं। Dhar Accident Update : एक और गंभीर घायल की मौत, धार हादसे में अब तक 16 मौतें, आज होगा अंतिम संस्कार सीएम ने आगे कहा कि, क्रूज को काटकरर 5 घंटे में कई लोगों को बाहर निकाला है। जिन्होंने जोखिम उठाकर लोगों को बचाने का काम किया है, उन्हें 15 अगस्त पर सम्मानित किया जाएगा। हमने एक दल बिठाया है जो पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की मॉनिटरिंग कर रहा है।
Bengal Strongroom Controversy : बंगाल में EVM को लेकर हंगामा! ममता बनर्जी ने स्ट्रॉन्गरूम किया दौरा, लगाए धांधली के आरोप

Bengal Strongroom Controversy : कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद स्ट्रॉन्गरूम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पोस्टल बैलट में छेड़छाड़ का आरोप लगाया। इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद स्ट्रॉन्गरूम पहुंच गईं और धरना शुरू कर दिया। शाम को आया ई-मेल फिर शुरू हुआ विवाद दोपहर तीन बजे तक सब कुछ सामान्य था। शाम को एक ई-मेल आया। उसमें लिखा था कि शाम चार बजे स्ट्रॉन्गरूम खोला जाएगा। टीएमसी नेता कुणाल घोष और शशि पांजा मौके पर पहुंचे। लेकिन उन्हें अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई। इस पर टीएमसी ने आपत्ति जताई। पार्टी ने कहा कि बिना पार्टी प्रतिनिधियों के पोस्टल बैलट और पिंक पेपर संभालना लोकतंत्र के खिलाफ है। टीएमसी ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया। देखते ही देखते माहौल गर्म हो गया। कुणाल घोष और शशि पांजा स्ट्रॉन्गरूम के बाहर धरने पर बैठ गए। LPG Price Hike : 1 मई से कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा, 993 रुपए बढ़े दाम; जानिए आपके शहर के रेट ममता बनर्जी खुद मैदान में उतरीं मुख्यमंतंत्री ममता बनर्जी सखावत मेमोरियल स्कूल में बने स्ट्रॉन्गरूम पहुंचीं। इस स्कूल में भवानीपुर विधानसभा की ईवीएम रखी हुई हैं। भवानीपुर से ममता खुद चुनाव मैदान में हैं। वे करीब तीन घंटे तक वहां रहीं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “मुझे अंदर जाने का अधिकार है, क्योंकि पहले वे किसी को अंदर जाने की इजाज़त नहीं देते थे। लेकिन हमारे चुनाव नियमों के अनुसार, किसी भी पार्टी के उम्मीदवार और चुनाव एजेंट को सीलबंद कमरे तक जाने की इजाज़त है। सीलबंद कमरे के अंदर नहीं, बल्कि सीलबंद कमरे के दरवाज़े के बाहर। पहले, उन्होंने मुझे अंदर नहीं जाने दिया…लेकिन उन्होंने किसी और से इजाज़त ली और मुझे अंदर जाने दिया…” Kolkata, West Bengal: Chief Minister Mamata Banerjee says, “I have the right to go inside, because earlier they didn’t allow anyone to go inside. But as per our election rules, the candidate and election agent of any party is allowed up to the sealed room. Not inside the sealed… pic.twitter.com/ixSBQX1nNB — IANS (@ians_india) April 30, 2026 बाहर निकलने के बाद ममता ने कहा कि शुरू में सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोका। जब उन्होंने चुनाव नियमों का हवाला दिया तो अंदर जाने दिया गया। उन्होंने कई जगह गड़बड़ी मिलने का दावा किया और कहा कि अगर ईवीएम से छेड़छाड़ की कोशिश हुई तो वे जिंदगी-मौत एक कर देंगी। सीएम की अपील पर टीएमसी समर्थकों ने स्ट्रॉन्गरूम के बाहर 24 घंटे निगरानी शुरू कर दी। Jabalpur Cruise Accident : जबलपुर क्रूज हादसे में 9 मौतें, पर्यटन मंत्री को नहीं पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक की जानकारी बीजेपी ने बताया राजनीतिक ड्रामा विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे राजनीतिक नाटक करार दिया। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने कहा कि ममता का यह रवैया पश्चिम बंगाल के लिए सबसे साफ एग्जिट पोल है। टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। चुनाव आयोग ने रात को की प्रेस कॉन्फ्रेंस विवाद बढ़ने पर चुनाव आयोग ने रात में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। आयोग ने टीएमसी के सभी आरोप खारिज कर दिए। आयोग ने कहा कि स्ट्रॉन्गरूम में पोस्टल बैलट की छंटनी हो रही थी। यह एक सामान्य और तय प्रक्रिया है। सभी पार्टियों को पहले ही इसकी जानकारी दे दी गई थी। आयोग ने यह भी कहा कि खुदीराम अनुशीलन केंद्र के सभी सात स्ट्रॉन्गरूम पूरी तरह सुरक्षित हैं। बैलट बॉक्स के साथ किसी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं हुई। Rape Victim Abortion Time Limit : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला! रेप विक्टिम के अबॉर्शन पर टाइम लिमिट हटाओ, केंद्र से कहा- कानून में करें बदलाव सुबह फिर पहुंचे कुणाल घोष शुक्रवार की सुबह कुणाल घोष नेताजी इंडोर स्टेडियम के स्ट्रॉन्गरूम पर पहुंचे। उन्होंने बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की निगरानी भी की। TMC ने इस CCTV फ़ुटेज के साथ लगाया बड़ा आरोप, बैलेट बॉक्स खोलने का आरोप
LPG Price Hike : 1 मई से कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा, 993 रुपए बढ़े दाम; जानिए आपके शहर के रेट

LPG Price Hike : नई दिल्ली। कमर्शियल गैस सिलेंडर (Commercial LPG Cylinder) की कीमतों में आज 1 मई से बड़ा उछाल आया है। सरकारी तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 993 रुपए तक की भारी बढ़ोतरी कर दी है। इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा। हालांकि आम घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है, क्योंकि घरेलू LPG सिलेंडर (Domestic LPG Cylinder) के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। एक झटके में हुआ 993 रुपए महंगा मई महीने की शुरुआत के साथ कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल करने वालों को बड़ा झटका लगा है। इंडियन ऑयल समेत सरकारी तेल कंपनियों द्वारा जारी नई दरों के मुताबिक दिल्ली में 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर अब 2,078.50 से बढ़कर 3,071.50 रुपए हो गया है। यह अब तक की सबसे बड़ी एकमुश्त बढ़ोतरी मानी जा रही है। बड़े शहरों में नए रेट क्या हैं? देश के प्रमुख शहरों में कमर्शियल LPG सिलेंडर की नई कीमतें इस प्रकार हैं: दिल्ली – 3,071.50 रुपए कोलकाता – 3,202 रुपए मुंबई – 3,024 रुपए चेन्नई –3,237 रुपए सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कोलकाता में 994 रुपए की दर्ज की गई है। घरेलू गैस सिलेंडर के दाम स्थिर जहां कमर्शियल सिलेंडर महंगा हुआ है, वहीं घरेलू गैस उपभोक्ताओं को राहत मिली है। 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर अभी भी 913 रुपए में मिल रहा है। इससे मिडिल क्लास परिवारों के किचन बजट पर फिलहाल कोई अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ा है। लगातार तीसरे महीने बढ़े दाम पिछले तीन महीनों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है: 1 मार्च: 114.50 रुपए बढ़े 1 अप्रैल: 195.50 रुपए बढ़े 1 मई: 993 रुपए बढ़े यानि कुल मिलाकर तीन महीनों में 1,303 रुपए तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। दाम क्यों बढ़े? विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में तेजी का असर भारत पर भी पड़ा है। ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित होने से कच्चे तेल और गैस की कीमतें बढ़ी हैं, जिसके चलते कमर्शियल LPG के दामों में तेज उछाल आया है। होटल-रेस्टोरेंट सेक्टर पर असर इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकान, केटरिंग बिजनेस और छोटे फूड कारोबारियों पर पड़ेगा। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं। पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपए प्रति लीटर और डीजल 87.62 रुपए प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है।
Jabalpur Cruise Accident : जबलपुर क्रूज हादसे में 9 मौतें, पर्यटन मंत्री को नहीं पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक की जानकारी

Jabalpur Cruise Accident : जबलपुर। बरगी डैम में गुरुवार शाम हुआ दर्दनाक क्रूज हादसा हुआ। तेज आंधी और खराब मौसम के बीच पर्यटन विभाग का क्रूज अचानक पलटकर डूब गया। इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हुई है, जबकि 20 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। प्रशासन के मुताबिक अब भी कई लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। इस हादसे में मृतकों के परिजनों को सीएम मोहन यादव ने आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। वहीं पर्यटन मंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि, नर्मदा में पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक है। CM ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद पीड़ादायक है और सरकार हर संभव मदद करेगी। प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी जबलपुर पहुंचे हैं, लेकिन उनका हैरान करने वाला बयान सामने आया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा- नर्मदा में पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक है। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। Dhar Accident Update : एक और गंभीर घायल की मौत, धार हादसे में अब तक 16 मौतें, आज होगा अंतिम संस्कार 300 मीटर दूर हुआ हादसा बताया जा रहा है कि यह हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ। बरगी सिटी के सीएसपी अंजुल मिश्रा के अनुसार शुरुआती रेस्क्यू में SDRF टीम ने कई लोगों की जान बचाई, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम राहत कार्य में बड़ी बाधा बन गया। शुक्रवार सुबह होते ही फिर से बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। तेज तूफान बना हादसे की बड़ी वजह हादसे के समय करीब 40 kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही थीं, जिससे पानी में ऊंची लहरें उठने लगीं। क्रूज के पायलट महेश ने बताया कि सब कुछ अचानक हुआ और संभलने का मौका तक नहीं मिला। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक क्रूज पहले से ही अस्थिर हो गया था, लेकिन उसे समय रहते किनारे नहीं लाया गया। MP Tiger Deaths : कान्हा रिजर्व में 4 शावक- बाघिन की मौत, प्रबंधन बोला- फेफड़ों में संक्रमण सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल इस हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर लाइफ जैकेट तक नहीं दी गई। कुछ लोगों ने तो एक-दूसरे की मदद से खुद ही जैकेट पहनकर जान बचाई। शुरुआती जानकारी में यह भी सामने आया है कि क्रूज काफी पुराना था और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़ इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। खमरिया के एक परिवार के 15 लोग इस क्रूज में सवार थे, जिनमें से कई अब भी लापता हैं। दिल्ली के एक यात्री प्रदीप कुमार किसी तरह बच गए, लेकिन उनकी पत्नी और 4 साल का बेटा अब भी लापता हैं। जैसे-जैसे शव मिल रहे हैं, परिजनों की उम्मीदें टूटती जा रही हैं। Yamuna Steamer Accident : यमुना नाव हादसे में अब तक 11 की मौत, 4 अब भी लापता, रेस्क्यू में जुटे 250 गोताखोर सेना और NDRF ने संभाला मोर्चा हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के साथ सेना, SDRF और NDRF की टीमें मौके पर तैनात कर दी गई हैं। हैदराबाद और कोलकाता से स्पेशल टीमें बुलाई गई हैं। गोताखोर क्रूज के अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। हाइड्रॉलिक मशीनों और गैस कटर की मदद से डूबे क्रूज को निकालने की कोशिश की जा रही है। जांच के आदेश प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या क्रूज में यात्रियों की संख्या तय सीमा से ज्यादा थी, क्या मौसम की चेतावनी के बावजूद इसे रवाना किया गया, और क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था। यह हादसा न सिर्फ एक दुर्घटना है, बल्कि सुरक्षा लापरवाही की गंभीर चेतावनी भी बनकर सामने आया है।
MP Tiger Deaths : कान्हा रिजर्व में 4 शावक- बाघिन की मौत, प्रबंधन बोला- फेफड़ों में संक्रमण

MP Tiger Deaths : मध्य प्रदेश। कान्हा टाइगर रिजर्व (Kanha Tiger Reserve) में एक के बाद एक बाघों की मौत ने वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है। सरही रेंज से रेस्क्यू कर मुक्की क्वारनटाइन सेंटर लाई गई बाघिन ‘अमाही’ (T-141) और उसके चौथे शावक ने भी बुधवार को दम तोड़ दिया। इससे पहले उसके तीन शावकों की मौत हो चुकी थी, जिससे 9 दिनों में कुल 5 मौतें हो गई हैं। इस घटना के बाद पूरे रिजर्व में हड़कंप मच गया है और लगातार निगरानी बढ़ा दी गई है। पर्यटकों ने पहले देखी थी कमजोर हालत जानकारी के मुताबिक, 17 अप्रैल को पर्यटकों ने बाघिन अमाही और उसके शावकों को बेहद कमजोर स्थिति में देखा था। इसके बाद हालात तेजी से बिगड़ते चले गए। 21 अप्रैल को पहला शावक मृत मिला, 24 अप्रैल को दूसरा, 25 अप्रैल को तीसरे शावक की मौत हो गई। वहीं 29 अप्रैल को इलाज के दौरान बाघिन और चौथे शावक ने भी दम तोड़ दिया। घटनाओं की यह श्रृंखला बेहद चिंताजनक मानी जा रही है। MP Kisan Helpline : मध्य प्रदेश में कृषि क्रांति! CM मोहन यादव ने लांच किया किसान हेल्पलाइन संक्रमण बना मौत की वजह, जांच जारी कान्हा प्रबंधन के अनुसार शुरुआती जांच में मौत की वजह फेफड़ों में संक्रमण बताई गई है। हालांकि असली कारण जानने के लिए सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। स्कूल ऑफ वाइल्डलाइफ फोरेंसिक एंड हेल्थ की टीम भी इस मामले की गहन जांच कर रही है, ताकि मौत के पीछे की सटीक वजह सामने आ सके। CDV वायरस की आशंका से बढ़ी चिंता प्रारंभिक जांच में केनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) संक्रमण के संकेत भी मिले हैं। यह वायरस जंगली जानवरों, खासकर बड़े मांसाहारी जीवों के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। अगर इसकी पुष्टि होती है, तो यह पूरे जंगल के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। यही वजह है कि वन विभाग अब अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है और अन्य बाघों की स्वास्थ्य जांच भी तेज कर दी गई है। Smart Meter Protest : स्मार्ट मीटर का विरोध तेज! गुस्साई महिलाओं ने मीटर उखाड़कर बिजलीघर फेंके इलाज के बावजूद नहीं बच सका बाघ परिवार मुक्की क्वारनटाइन सेंटर में बाघिन और उसके शावकों का इलाज लगातार जारी था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। डिप्टी डायरेक्टर पीके वर्मा के मुताबिक, “प्रथम दृष्टया मौत की वजह संक्रमण लग रही है, लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट कारण सामने आएंगे।” अब सभी की नजर अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई है। वन विभाग अलर्ट इस घटना के बाद पूरे कान्हा टाइगर रिजर्व में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। वन विभाग द्वारा अन्य बाघों और वन्यजीवों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण को समय रहते रोका जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह संक्रमण बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा सकता है।
MP Kisan Helpline : मध्य प्रदेश में कृषि क्रांति! CM मोहन यादव ने लांच किया किसान हेल्पलाइन

MP Kisan Helpline : भोपाल। मध्य प्रदेश में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों तक योजनाओं का लाभ बेहतर तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से रवींद्र भवन (Ravindra Bhavan) के हंसध्वनि सभागार में “कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण प्रशिक्षण एवं कार्यशाला” का आयोजन किया गया। इस बड़े कार्यक्रम में राज्यभर से 1027 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए, जो जिला से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक जुड़े हुए हैं। इससे साफ है कि सरकार कृषि सुधार को जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर जोर दे रही है। डैशबोर्ड और हेल्पलाइन की लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने “मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैशबोर्ड”, “सीएम किसान हेल्पलाइन” और “पैक्स सदस्यता वृद्धि अभियान” की शुरुआत की। इन पहलों का उद्देश्य किसानों को एक ही प्लेटफॉर्म पर जानकारी, सहायता और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से हो सके। Smart Meter Protest : स्मार्ट मीटर का विरोध तेज! गुस्साई महिलाओं ने मीटर उखाड़कर बिजलीघर फेंके सीएम ने खुद किया कॉल, परखी व्यवस्था कार्यक्रम की खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री ने खुद किसान कॉल सेंटर पर फोन करके इसकी कार्यप्रणाली को जांचा। उन्होंने एक सामान्य किसान की तरह सवाल पूछा, जिसका जवाब कॉल सेंटर कर्मचारी ने दिया और आगे अधिकारियों द्वारा संपर्क का आश्वासन भी दिया। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार इन सेवाओं को सिर्फ लॉन्च नहीं, बल्कि प्रभावी बनाने पर भी ध्यान दे रही है। 16 विभाग एक मंच पर मुख्यमंत्री ने बताया कि किसान कल्याण से जुड़े 16 विभागों को एक मंच पर लाना एक बड़ी पहल है। उन्होंने कहा कि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और सहकारिता जैसे विभाग आपस में जुड़े हुए हैं, इसलिए इनके बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। यह पहल किसानों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने से बचाएगी और एकीकृत सेवाएं प्रदान करेगी। 8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग के लिए ज्ञापन जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ी, यहां जानिए सारी अपडेट “किसान बनने की सोच कम हो रही” सीएम ने चिंता जताई कि आज की युवा पीढ़ी किसान बनने से बच रही है। यहां तक कि किसान परिवारों के बच्चे भी दूसरे पेशों की ओर झुकाव दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस सोच को बदलने के लिए कृषि को लाभकारी और आधुनिक बनाना जरूरी है, ताकि युवा भी इस क्षेत्र में रुचि लें। दूध उत्पादन बना आय का नया जरिया मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि अब किसानों की आय सिर्फ फसलों पर निर्भर नहीं रही। पशुपालन, खासकर दूध उत्पादन से आय में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने इसे एक तरह की “दूध क्रांति” बताया, जिसमें किसानों को सीधे लाभ मिल रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। खेती में आ रहा बड़ा बदलाव कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि अब खेती सिर्फ रबी और खरीफ तक सीमित नहीं रही। आधुनिक तकनीक, बेहतर सिंचाई और बिजली की उपलब्धता के कारण किसान अब गर्मी के मौसम में भी फसल ले रहे हैं। इससे उनकी आय के नए स्रोत बन रहे हैं और कृषि अधिक टिकाऊ बन रही है। Iran- US War Update : कच्चा तेल 126 डॉलर के पार! ईरान का तंज- अब 140 डॉलर तक जाएगा… तकनीक और नवाचार पर जोर सीएम ने इजराइल का उदाहरण देते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद वहां कृषि में बड़े स्तर पर सफलता मिली है। उन्होंने किसानों को नई तकनीक अपनाने और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की, ताकि प्रदेश की खेती भी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सके। सरकार की रणनीति और आगे की दिशा कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना (Aidal Singh Kansana) ने बताया कि सरकार पूरे वर्ष किसानों के लिए योजनाएं और रणनीति तैयार कर रही है। वहीं प्रमुख सचिव निशांत बारबड़े ने “कर्मयोगी” भावना से काम करने पर जोर दिया और कहा कि एकीकृत प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों को सभी सेवाएं एक जगह उपलब्ध कराई जाएंगी।
Rape Victim Abortion Time Limit : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला! रेप विक्टिम के अबॉर्शन पर टाइम लिमिट हटाओ, केंद्र से कहा- कानून में करें बदलाव

Rape Victim Abortion Time Limit : नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने 15 साल की रेप पीड़िता के 30 हफ्ते की प्रेग्नेंसी में अबॉर्शन की अनुमति वाले फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने साफ कहा कि ऐसे मामलों में कानून को समय के साथ अपडेट होना चाहिए। कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी संकेत दिया कि अबॉर्शन की समय सीमा से जुड़े नियमों में बदलाव की जरूरत है। “नाबालिग को मजबूर नहीं किया जा सकता” सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि किसी भी नाबालिग को उसकी इच्छा के खिलाफ मां बनने के लिए मजबूर करना सही नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे संवेदनशील मामलों में अंतिम निर्णय पीड़िता की इच्छा के अनुसार होना चाहिए, क्योंकि यह उसके जीवन, स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़ा मामला है। Jammu-Srinagar Vande Bharat : जम्मू से अब सीधे श्रीनगर चलेगी वंदे भारत! 20 कोच वाली ट्रेन को वैष्णव ने दिखाई हरी झंडी AIIMS की आपत्ति, कोर्ट का जवाब AIIMS (All India Institute of Medical Sciences) ने कोर्ट में दलील दी थी कि 30 हफ्ते की प्रेग्नेंसी में भ्रूण काफी विकसित हो चुका होता है, इसलिए अबॉर्शन जोखिम भरा हो सकता है। इस पर कोर्ट ने कहा कि अगर नाबालिग को गर्भ जारी रखने के लिए मजबूर किया गया, तो उसे रोज़ाना मानसिक आघात झेलना पड़ेगा, जो किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है। मानसिक तनाव बना अहम आधार पीड़िता के वकील ने कोर्ट को बताया कि लड़की गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रही है और उसकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। कोर्ट के सामने यह भी रखा गया कि नाबालिग ने पहले आत्महत्या की कोशिश की थी। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने उसके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी। 8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग के लिए ज्ञापन जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ी, यहां जानिए सारी अपडेट गोद लेने का विकल्प भी ठुकराया सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुझाव दिया था कि बच्चे को केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (Central Adoption Resource Authority) के जरिए गोद दिलाया जा सकता है। लेकिन कोर्ट ने कहा कि आर्थिक मदद या गोद लेने का विकल्प देकर किसी महिला को जबरन गर्भ जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि प्रजनन से जुड़े फैसले लेना महिला की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और गरिमा का हिस्सा है। खासकर नाबालिग के मामले में उसकी इच्छा का सम्मान करना बेहद जरूरी है, क्योंकि अनचाही प्रेग्नेंसी उसके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है। Iran- US War Update : कच्चा तेल 126 डॉलर के पार! ईरान का तंज- अब 140 डॉलर तक जाएगा… अवैध अबॉर्शन का खतरा भी बताया अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि अगर महिलाओं को सुरक्षित और कानूनी विकल्प नहीं दिए गए, तो वे अवैध और असुरक्षित अबॉर्शन का सहारा ले सकती हैं, जिससे उनकी जान को खतरा बढ़ सकता है। इसलिए अदालतों को हर मामले में महिला के सर्वोत्तम हित को प्राथमिकता देनी चाहिए। MTP एक्ट क्या कहता है? भारत में गर्भपात से जुड़े नियम मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट (Medical Termination of Pregnancy Act) के तहत आते हैं। इस कानून के अनुसार: 20–24 हफ्ते तक विशेष परिस्थितियों में अबॉर्शन की अनुमति है 24 हफ्ते से ज्यादा मामलों में मेडिकल बोर्ड की सिफारिश जरूरी होती है रेप पीड़ित, नाबालिग और गंभीर बीमारी के मामलों में विशेष छूट दी जाती है 2021 संशोधन के बाद अविवाहित महिलाओं को भी इसमें शामिल किया गया है
Jammu-Srinagar Vande Bharat : जम्मू से अब सीधे श्रीनगर चलेगी वंदे भारत! 20 कोच वाली ट्रेन को वैष्णव ने दिखाई हरी झंडी

Jammu-Srinagar Vande Bharat : जम्मू। जम्मू-कश्मीर की कनेक्टिविटी और पर्यटन को नई ऊंचाई देते हुए आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने जम्मू तवी रेलवे स्टेशन (Jammu Tawi Railway Station) से विस्तारित जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पहले यह ट्रेन श्री माता वैष्णो देवी कटरा से श्रीनगर के बीच चलती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर जम्मू तक कर दिया गया है। यह विस्तार यात्रियों की बढ़ती मांग और क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी की जरूरत को ध्यान में रखते हुए किया गया है। विकास की नई रफ्तार उद्घाटन समारोह में जितेंद्र सिंह और उमर अब्दुल्ला (CM Omar Abdullah) भी मौजूद रहे। इस मौके पर रेल मंत्री ने कहा कि यह ट्रेन केवल एक परिवहन साधन नहीं, बल्कि कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला मजबूत सेतु है। पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के विजन के तहत भारतीय रेलवे ने दुर्गम पहाड़ियों को पार कर आधुनिक रेल सुविधा को घाटी तक पहुंचाया है, जो देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का बड़ा उदाहरण है। PM मोदी की पहल का विस्तार यह वही सेवा है जिसे PM नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 6 जून 2025 को कटरा से शुरू किया था। शुरुआत में यह ट्रेन 8 कोच के साथ चलाई गई थी, लेकिन जबरदस्त मांग को देखते हुए अब इसे विस्तार दिया गया है। यह कदम केंद्र सरकार के उस विजन को दर्शाता है जिसमें कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से मजबूत तरीके से जोड़ा जा रहा है। Smart Meter Protest : स्मार्ट मीटर का विरोध तेज! गुस्साई महिलाओं ने मीटर उखाड़कर बिजलीघर फेंके 5 घंटे में पूरा होगा सफर अब जम्मू से श्रीनगर का सफर पहले की तुलना में काफी आसान और तेज हो गया है। जहां सड़क मार्ग से यह यात्रा 10 से 12 घंटे में पूरी होती थी, वहीं वंदे भारत एक्सप्रेस इसे लगभग 5 घंटे में पूरा कर देगी। करीब 267 किलोमीटर लंबे इस रूट पर तेज रफ्तार के साथ-साथ यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव भी मिलेगा, जिससे समय की बड़ी बचत होगी। ट्रेन की खासियतें इस रूट पर चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को खास तौर पर जम्मू-कश्मीर के कठिन मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। पहले जहां इस ट्रेन में केवल 8 कोच थे, अब इसे बढ़ाकर 20 कोच कर दिया गया है। इसमें कवच एंटी-कोलिजन सिस्टम, GPS आधारित सूचना प्रणाली, बड़ी खिड़कियां और आरामदायक सीटिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, जो इसे देश की सबसे एडवांस ट्रेनों में शामिल करती हैं। 8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग के लिए ज्ञापन जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ी, यहां जानिए सारी अपडेट पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट इस नई सेवा से जम्मू-कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र को जबरदस्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अब देश-विदेश से आने वाले पर्यटक सीधे जम्मू पहुंचकर वंदे भारत के जरिए आसानी से श्रीनगर की खूबसूरत वादियों तक पहुंच सकेंगे। इससे स्थानीय कारोबार, होटल इंडस्ट्री और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। टाइमिंग और ट्रेन नंबर की पूरी डिटेल इस रूट पर रोजाना दो वंदे भारत ट्रेनें चलेंगी। ट्रेन 26401: जम्मू 6:20 AM → श्रीनगर 11:10 AM ट्रेन 26402: श्रीनगर 2:00 PM → जम्मू 6:50 PM ट्रेन 26403: जम्मू 1:20 PM → श्रीनगर 6:00 PM ट्रेन 26404: श्रीनगर 8:00 AM → जम्मू 12:40 PM यह ट्रेनें सप्ताह में एक दिन छोड़कर नियमित रूप से संचालित होंगी, जिससे यात्रियों को लचीला विकल्प मिलेगा। Indore Drone Surveillance : इंदौर पुलिस का नया हाईटेक कदम! अब ड्रोन से होगी निगरानी, ट्रैफिक कंट्रोल और फायर सेफ्टी किराया और सुविधाएं क्या होंगी? इस ट्रेन में AC चेयर कार और एग्जीक्यूटिव चेयर कार जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। किराया करीब 715 रुपये से शुरू होता है और क्लास के हिसाब से बढ़ता है। यात्रियों को ट्रेन में ही खान-पान, इन्फोटेनमेंट सिस्टम और बड़ी खिड़कियों से शानदार दृश्य देखने का अनुभव मिलेगा। आधुनिक सुरक्षा फीचर्स भी इसमें शामिल किए गए हैं। तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को बड़ा फायदा कटरा और श्रीनगर के बीच यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए यह सेवा बेहद फायदेमंद साबित होगी। पहले जहां टिकट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, अब बढ़ी हुई क्षमता के कारण यह समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। इसके अलावा स्थानीय यात्रियों के लिए भी यह ट्रेन रोजमर्रा के सफर को आसान बनाएगी। Iran- US War Update : कच्चा तेल 126 डॉलर के पार! ईरान का तंज- अब 140 डॉलर तक जाएगा… कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव जम्मू तवी तक विस्तार होने के बाद यह ट्रेन अब सीधे क्षेत्र के सबसे बड़े रेलवे हब तक पहुंचेगी। इससे न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। वंदे भारत का यह विस्तार जम्मू-कश्मीर को देश के मुख्य रेल नेटवर्क से और मजबूती से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
Smart Meter Protest : स्मार्ट मीटर का विरोध तेज! गुस्साई महिलाओं ने मीटर उखाड़कर बिजलीघर फेंके

Smart Meter Protest : उत्तर प्रदेश। फिरोजाबाद शहर के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्मार्ट मीटर के खिलाफ विरोध तेज होता जा रहा है। जटई फीडर से शुरू हुआ यह आक्रोश अब घुरुकुआ इलाके तक पहुंच गया है। बढ़ती गर्मी के बीच घुरुकुआ, नगला कदम और नियामतपुर गांवों की सैकड़ों महिलाएं सड़कों पर उतर आईं और विद्युत निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। हाथों में मीटर लेकर निकलीं महिलाएं प्रदर्शन का अंदाज भी बेहद अलग और आक्रोश से भरा हुआ था। महिलाएं अपने घरों में लगे स्मार्ट प्रीपेड मीटर उखाड़कर हाथों में लेकर पैदल ही घुरुकुआ सब-स्टेशन की ओर बढ़ीं। नारेबाजी करते हुए वे बजहेरा फीडर पहुंचीं और वहां बिजलीघर परिसर में मीटर फेंक दिए। इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण बना रहा और प्रशासन के खिलाफ गुस्सा साफ नजर आया। 8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग के लिए ज्ञापन जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ी, यहां जानिए सारी अपडेट बढ़े हुए बिजली बिल से नाराजगी चरम पर प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल में भारी बढ़ोतरी हो गई है। उनका कहना है कि पहले जहां 400-500 रुपये मासिक बिल आता था, वहीं अब वही बिल बढ़कर 2000 रुपये तक पहुंच रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक यह बढ़ोतरी उनकी आय के मुकाबले बेहद ज्यादा है, जिससे घर चलाना मुश्किल हो गया है। बिल भरने के बाद भी कट रही बिजली महिलाओं ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि समय पर बिल जमा करने के बावजूद उनकी बिजली काट दी जाती है। इससे उन्हें रोजमर्रा के कामों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर गर्मी के मौसम में बिजली कटौती ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है, जिससे आक्रोश और ज्यादा बढ़ गया है। Indore Drone Surveillance : इंदौर पुलिस का नया हाईटेक कदम! अब ड्रोन से होगी निगरानी, ट्रैफिक कंट्रोल और फायर सेफ्टी पुराने मीटर लगाने की मांग पर अड़ीं महिलाएं बिजलीघर का घेराव कर रही महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी हालत में स्मार्ट मीटर स्वीकार नहीं करेंगी। उनकी मुख्य मांग है कि इन मीटरों को हटाकर फिर से पुराने मीटर लगाए जाएं। इस विरोध में सर्वती देवी, शीलादेवी, ओमवती देवी, पार्वती, सुखदेवी, श्रीमती देवी, आशा देवी, गुड्डी देवी और भूदेवी समेत कई महिलाएं शामिल रहीं। प्रशासन ने साजिश की आशंका जताई इस पूरे मामले पर ग्रामीण एसडीओ योगेश कुमार शर्मा ने बयान देते हुए कहा कि इस विरोध के पीछे कुछ शरारती तत्वों का हाथ हो सकता है। उन्होंने थाना नगला सिंघी को सूचना देकर मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही क्षेत्रीय अधिकारियों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने को भी कहा गया है। Dhar Accident Update : एक और गंभीर घायल की मौत, धार हादसे में अब तक 16 मौतें, आज होगा अंतिम संस्कार स्मार्ट मीटर के फायदे समझाने की कोशिश अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य पारदर्शिता और सही बिलिंग सुनिश्चित करना है। प्रशासन अब गांव-गांव जाकर लोगों को इस योजना के फायदे समझाने की तैयारी कर रहा है, ताकि गलतफहमियों को दूर किया जा सके और विरोध को शांत किया जा सके।