Aayudh

Sandeep Pathak : सांसद संदीप पाठक पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार! गैर जमानती धाराओं में मामला दर्ज

Sandeep Pathak

Sandeep Pathak : नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद राज्यसभा सांसदों की राजनीतिक राह आसान नहीं दिख रही है। खासकर पंजाब में हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। संदीप पाठक (Sandeep Pathak) के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला और गरमा गया है, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। गैर-जमानती धाराओं में दर्ज हुई FIR सूत्रों के मुताबिक, संदीप पाठक (Sandeep Pathak) के खिलाफ पंजाब के दो अलग-अलग जिलों में मामले दर्ज किए गए हैं। इन एफआईआर में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप शामिल बताए जा रहे हैं। अहम बात यह है कि इनमें कुछ गैर-जमानती धाराएं भी जोड़ी गई हैं, जिससे उनकी गिरफ्तारी का खतरा बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि जैसे ही उन्होंने AAP छोड़कर BJP का दामन थामा, उसके तुरंत बाद यह कार्रवाई शुरू हो गई। Emergency Alert : एक साथ सबके मोबाइल में बजा सायरन! स्क्रीन पर आया अलर्ट मैसेज, आपदा विभाग कर रही टेस्टिंग दिल्ली स्थित घर पर पहुंची पुलिस टीम मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पंजाब पुलिस की एक टीम संदीप पाठक (Sandeep Pathak) के नई दिल्ली स्थित आवास पर भी पहुंची थी। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह घर से निकल चुके थे। इसके बाद से उनकी लोकेशन को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। राजिंदर गुप्ता के प्लांट पर भी कार्रवाई इस घटनाक्रम से पहले, पंजाब से राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता की ट्राइडेंट ग्रुप की फैक्ट्री पर पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने छापा मारा था। इस दौरान प्लांट और उससे जुड़े जरूरी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई। खास बात यह रही कि यह कार्रवाई बिना किसी पूर्व सूचना के की गई, जिसे कई लोग राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देख रहे हैं। Counting Supervisor Dispute : काउंटिंग में नियमों के खिलाफ किसी कर्मचारियों की तैनाती नहीं… सुप्रीम कोर्ट में TMC की आपत्ति खारिज कौन हैं संदीप पाठक? संदीप पाठक (Sandeep Pathak) मूल रूप से छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के बटहा गांव के रहने वाले हैं। वह आम आदमी पार्टी के प्रमुख रणनीतिकारों में गिने जाते रहे हैं और पंजाब में पार्टी की सरकार बनाने में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है। गांव में विरोध और नाराजगी भाजपा में शामिल होने के बाद उनके पैतृक गांव में विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला। AAP कार्यकर्ताओं ने उनके घर के बाहर नारेबाजी की और दीवारों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां लिखकर अपना गुस्सा जाहिर किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए पार्टी बदली और समर्थकों के भरोसे को तोड़ा। Ujjain Shivling Discovery : महाकाल मंदिर के पास खुदाई में मिला 2 हजार साल पुराना शिवलिंग, आस्था का उमड़ा सैलाब एक साथ छोड़ी थी पार्टी 24 अप्रैल को राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर AAP छोड़ने की घोषणा की थी। इनके अलावा हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रम साहनी और राजिंदर गुप्ता भी BJP में शामिल हो चुके हैं। राजनीति या कार्रवाई? उठ रहे सवाल लगातार हो रही इन कार्रवाइयों के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि यह सिर्फ कानूनी प्रक्रिया है या इसके पीछे राजनीतिक कारण भी हो सकते हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर प्रशासन इसे कानून के दायरे में की गई कार्रवाई बता रहा है।

Emergency Alert : एक साथ सबके मोबाइल में बजा सायरन! स्क्रीन पर आया अलर्ट मैसेज, आपदा विभाग कर रही टेस्टिंग

Emergency Alert

Emergency Alert : भोपाल। 2 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 11:30 बजे अचानक लाखों लोगों के मोबाइल फोन पर एक साथ तेज सायरन जैसी आवाज के साथ अलर्ट मैसेज आया। फोन कुछ सेकंड के लिए वाइब्रेट करने लगा, स्क्रीन फ्रीज हो गई और बीप की आवाज ने लोगों को चौंका दिया। कई लोगों को तो लगा कि उनका फोन खराब हो गया है या फटने वाला है। लेकिन जैसे ही आवाज बंद हुई, स्क्रीन पर एक मैसेज दिखाई दिया और उसे पढ़कर सुनाया भी गया। इस अनोखे अनुभव ने लोगों के बीच घबराहट और भ्रम दोनों पैदा कर दिए। किसने भेजा था यह अलर्ट? दरअसल, यह मैसेज राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा भेजा गया था। यह इमरजेंसी मोबाइल अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग का हिस्सा था। 2 मई को इस सिस्टम की जांच के लिए देशभर में एक साथ यह अलर्ट भेजा गया, ताकि भविष्य में किसी आपदा की स्थिति में लोगों तक तुरंत सूचना पहुंचाई जा सके। Counting Supervisor Dispute : काउंटिंग में नियमों के खिलाफ किसी कर्मचारियों की तैनाती नहीं… सुप्रीम कोर्ट में TMC की आपत्ति खारिज क्या है सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक? NDMA ने इस सिस्टम को मोबाइल SMS के साथ जोड़कर सेल ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी का उपयोग किया है। इस तकनीक की खासियत यह है कि यह किसी खास इलाके में मौजूद सभी एक्टिव मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट भेज सकती है। इससे इमरजेंसी के दौरान रियल-टाइम जानकारी लोगों तक पहुंचाना आसान हो जाता है, चाहे नेटवर्क कितना भी व्यस्त क्यों न हो। देशभर में एक साथ हुआ परीक्षण शनिवार को देश के सभी राज्यों की राजधानियों और दिल्ली-एनसीआर सहित कई इलाकों में एक साथ यह टेस्टिंग मैसेज भेजा गया। खास बात यह रही कि यह अलर्ट हिंदी, अंग्रेजी और कई क्षेत्रीय भाषाओं में भेजा गया, ताकि हर व्यक्ति इसे आसानी से समझ सके। मैसेज में साफ तौर पर लिखा गया था कि यह केवल एक परीक्षण है और लोगों को घबराने या कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं है। Bengal Re-polling 2026 : बंगाल के 15 मतदान केंद्रों पर फिर से मतदान, 9 बजे तक 16.23% मतदान सरकार की पहले से चेतावनी सरकार ने इस टेस्टिंग से पहले ही लोगों को सूचित कर दिया था कि उन्हें ऐसा मैसेज मिल सकता है। साथ ही यह भी कहा गया था कि यह केवल सिस्टम की जांच है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। इसके बावजूद अचानक आए इस अलर्ट ने कई लोगों को चौंका दिया। क्या है ‘SACHET’ सिस्टम? इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम को और मजबूत बनाने के लिए सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स ने ‘SACHET system’ नाम का एक इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म तैयार किया है। यह सिस्टम कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है। इसका उद्देश्य आपदा या आपात स्थिति में लोगों को तुरंत और सटीक जानकारी देना है। इसे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा चुका है। Ujjain Shivling Discovery : महाकाल मंदिर के पास खुदाई में मिला 2 हजार साल पुराना शिवलिंग, आस्था का उमड़ा सैलाब क्यों जरूरी है यह सिस्टम? इस तरह के अलर्ट सिस्टम का मकसद लोगों को समय रहते सचेत करना है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं या अन्य आपात स्थितियों में जान-माल का नुकसान कम किया जा सके। यह तकनीक भविष्य में भारत के आपदा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत बनाएगी।

Counting Supervisor Dispute : काउंटिंग में नियमों के खिलाफ किसी कर्मचारियों की तैनाती नहीं… सुप्रीम कोर्ट में TMC की आपत्ति खारिज

Supreme Court On Delhi AQI

Counting Supervisor Dispute : नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें केंद्र सरकार और सार्वजनिक उपक्रम (PSU) के कर्मचारियों को काउंटिंग सुपरवाइजर नियुक्त करने के फैसले पर आपत्ति जताई गई थी। अदालत ने शनिवार को साफ कर दिया कि इस मामले में कोई नया आदेश जारी करने की आवश्यकता नहीं है और पहले से लागू नियम ही प्रभावी रहेंगे। विशेष बेंच की टिप्पणी जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की विशेष बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि 13 अप्रैल 2026 को चुनाव आयोग द्वारा जारी किया गया सर्कुलर ही लागू रहेगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अलग से किसी तरह के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है, क्योंकि मौजूदा व्यवस्था पर्याप्त और वैध है। Bengal Re-polling 2026 : बंगाल के 15 मतदान केंद्रों पर फिर से मतदान, 9 बजे तक 16.23% मतदान क्या है पूरा मामला दरअसल, तृणमूल कांग्रेस ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें यह कहा गया था कि केवल केंद्र सरकार और PSU कर्मचारियों को ही काउंटिंग सुपरवाइजर बनाया जाना सही है। पार्टी का मानना था कि इस निर्णय से निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं, इसलिए इसमें बदलाव जरूरी है। हाईकोर्ट का रुख कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि काउंटिंग स्टाफ की नियुक्ति पूरी तरह से चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में कोई अवैधता नहीं पाई गई है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि केंद्रीय कर्मचारियों पर राजनीतिक प्रभाव के आरोप केवल आशंकाओं पर आधारित हैं, जिनके समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं दिए गए। अगर किसी पक्ष को इस पर आपत्ति है, तो वह चुनाव याचिका के माध्यम से इसे चुनौती दे सकता है। Pawan Khera Bail : पवन खेड़ा को SC से मिली अग्रिम जमानत, बुलावे पर थाने में देनी होगी हाजिरी! क्या है इस फैसले का महत्व? सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से यह साफ हो गया है कि चुनाव आयोग को अपने अधिकारों के तहत स्वतंत्र रूप से काम करने की पूरी छूट है। साथ ही, अदालत ने यह भी संकेत दिया कि बिना ठोस प्रमाण के लगाए गए आरोपों को कानूनी मान्यता नहीं दी जा सकती। यह फैसला चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और संस्थाओं की स्वायत्तता को मजबूत करने वाला माना जा रहा है।

Bengal Re-polling 2026 : बंगाल के 15 मतदान केंद्रों पर फिर से मतदान, 9 बजे तक 16.23% मतदान

Bengal Voting 2026

Bengal Re-polling 2026 : कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम विधानसभा सीटों के कुल 15 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराया जा रहा है। इन मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक मतदान जारी रहेगा। जानकारी के अनुसार, इनमें से 11 बूथ मगराहाट पश्चिम क्षेत्र में और 4 बूथ डायमंड हार्बर क्षेत्र में स्थित हैं। सुबह 9 बजे तक 16.23% मतदान निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सुबह 9 बजे तक कुल 16.23 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अगर अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो मगराहाट पश्चिम में 16.88 प्रतिशत और डायमंड हार्बर में 15.83 प्रतिशत मतदान हुआ। Bengal Strongroom Controversy : बंगाल में EVM को लेकर हंगामा! ममता बनर्जी ने स्ट्रॉन्गरूम किया दौरा, लगाए धांधली के आरोप क्यों हो रही री-पोलिंग दरअसल, इस पुनर्मतदान की वजह बीजेपी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप हैं। पार्टी ने दावा किया कि कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ की गई। विशेष रूप से फलता क्षेत्र में एक बूथ पर कमल के निशान वाले बटन को टेप से ढकने का आरोप सामने आया। इस घटना के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद मतदाताओं और विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी शिकायत दर्ज कराई। इन शिकायतों में ईवीएम से छेड़छाड़, बूथ कैप्चरिंग और चुनावी गड़बड़ियों के आरोप शामिल थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने जांच के बाद इन 15 केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया। 30 और मतदान केंद्रों पर भी पुनर्मतदान की संभावना सूत्रों के अनुसार, फलता विधानसभा क्षेत्र के लगभग 30 और मतदान केंद्रों पर भी पुनर्मतदान की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला अभी निर्वाचन आयोग द्वारा लिया जाना बाकी है। बता दें कि 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के दौरान इन बूथों पर मतदान हुआ था, लेकिन जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 58(2) के तहत इसे निरस्त कर दिया गया। Bengal Election Violence : EVM में BJP का बटन टेप लगाकर किया बंद! भाजपा कैंडिडेट की कार में तोड़फोड़, जानिये कहां -कहां हुई हिंसा मतदान केंद्र के बाहर लंबी कतारें मतदाताओं की प्रतिक्रिया भी इस दौरान मिश्रित रही। बाहिरापुरा कुरकुरिया एफपी स्कूल स्थित मतदान केंद्र के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। कई मतदाताओं ने कहा कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं है कि पुनर्मतदान क्यों कराया जा रहा है। वहीं, कुछ लोगों ने दावा किया कि पहले मतदान के दौरान कोई गड़बड़ी नहीं हुई थी। स्थानीय लोगों की नाराजगी सिर्फ चुनावी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रही। उन्होंने क्षेत्र की खराब सड़कों, पानी की कमी और बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति पर भी नाराजगी जताई। Bengal Voting Percentage : हिंसा के बीच बंगाल में 5 बजे तक 90% वोटिंग, ममता बोलीं- CRPF हमले में बुजुर्ग की मौत इस पूरे विवाद पर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि जहां भी गड़बड़ी साबित होगी, वहां पुनर्मतदान जरूर कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी को लेकर आयोग की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है।

MP News : कथावाचक को ‘सर तन से जुदा’ की धमकी, लव जिहाद, धर्मांतरण और गौ हत्या पर दिया था भाषण

Sar Tan Se Juda Threat Kathavachak

MP News : उज्जैन। महाकाल थाना क्षेत्र में एक कथावाचक को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। चारधाम मंदिर, जयसिंहपुरा निवासी रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने महाकाल थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्या है पूरा मामला? रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने शिकायत में बताया कि 27 मार्च 2026 को राम नवमी के अवसर पर हैदराबाद में निकाली गई शोभायात्रा और धार्मिक कार्यक्रम में उन्होंने उद्बोधन दिया था। इस दौरान उन्होंने लव जिहाद, धर्मांतरण और गौ हत्या जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखे और इनके खिलाफ आवाज उठाने की बात कही थी। Ujjain Shivling Discovery : महाकाल मंदिर के पास खुदाई में मिला 2 हजार साल पुराना शिवलिंग, आस्था का उमड़ा सैलाब कार्यक्रम में तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और गंगोत्री धाम के संत अद्वैतानंद गिरी जी महाराज भी मौजूद थे। उद्बोधन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद कथावाचक को निशाना बनाया जाने लगा। धमकी कहां से आई? शिकायत के अनुसार, इंस्टाग्राम आईडी @dr_taha_cheemaa से उनके खिलाफ आपत्तिजनक और धमकी भरे पोस्ट किए गए। उनको “सर तन से जुदा” करने की धमकी दी गई और ऐसा करने वाले को लाखों रुपये का इनाम देने की बात कही गई। Jabalpur Cruise Tragedy : जबलपुर क्रूज हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर! आखिरी सांस तक माँ ने लड़ी बच्चे को बचाने की लड़ाई पुलिस की कार्रवाई एडिशनल एसपी आलोक शर्मा ने बताया कि शिकायत मिलते ही अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट्स, वायरल वीडियो और पोस्ट्स की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Ujjain Shivling Discovery : महाकाल मंदिर के पास खुदाई में मिला 2 हजार साल पुराना शिवलिंग, आस्था का उमड़ा सैलाब

Shivalinga Discovered During Tunnel Excavation

Ujjain Shivling Discovery : उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर के पास शुक्रवार सुबह एक बड़ी घटना हुई है। टनल खुदाई के दौरान एक प्राचीन शिवलिंग मिला है। इससे पूरे क्षेत्र में आस्था का माहौल बन गया है।शुक्रवार सुबह चार बजे गेट नंबर-4 के पास श्रद्धालुओं के लिए बन रहे वेटिंग हॉल और टनल की खुदाई चल रही थी। पोकलेन मशीन चलाते समय ऑपरेटर को मिट्टी में एक शिवलिंग दिखाई दिया। सूचना मिलते ही मंदिर के पुजारियों और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर शिवलिंग का पूजन किया। 1000 से 2000 साल पुराना शिवलिंग पुरातत्व विभाग के अनुसार यह शिवलिंग राजा भोज के परमार काल का हो सकता है। विभाग का अनुमान है कि यह 1000 से 2000 साल पुराना हो सकता है। अभी केमिकल ट्रीटमेंट और जांच के बाद ही इसकी सही उम्र पता चल पाएगी। Bhagwant Mann Drunk : कांग्रेस का आरोप- शराब पीकर सीएम भगवंत मान पहुंचे विधानसभा, जमकर हुआ हंगामा खुदाई का काम रोका शिवलिंग मिलने के बाद सुरक्षा के लिहाज से खुदाई का काम तुरंत रोक दिया गया है। फिलहाल शिवलिंग को उसी जगह पर सुरक्षित रखा गया है। खबर फैलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी और दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। मंदिर प्रशासन और साइट इंजीनियर दीपक पटेल ने बताया कि खुदाई में शिवलिंग के साथ अन्य प्राचीन अवशेष भी मिलने के संकेत हैं। इसमें नंदी की प्रतिमा जैसे टुकड़े भी हो सकते हैं। Pawan Khera Bail : पवन खेड़ा को SC से मिली अग्रिम जमानत, बुलावे पर थाने में देनी होगी हाजिरी! 2020 में भी मिले थे अवशेष यह पहली बार नहीं है। मई 2020 में भी महाकाल मंदिर विस्तार कार्य के दौरान खुदाई में प्राचीन मंदिर के अवशेष मिले थे। उस समय शिवलिंग, नंदी, गणेश और मां चामुंडा की मूर्तियां निकली थीं। उन अवशेषों को भी परमार काल का बताया गया था। पुरातत्व विभाग करेगा जांच पुरातत्व विभाग के डॉ. रमन सोलंकी ने प्रथम दृष्टया इस शिवलिंग को राजा भोज काल का परमारकालीन बताया है। उन्होंने कहा कि धुलाई और विस्तृत जांच के बाद ही इसके काल और महत्व का पूरा पता चल सकेगा। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नियमित दर्शन के साथ-साथ इस नई खोज का भी सम्मान करें और भीड़ को नियंत्रित रखें।

Bhagwant Mann Drunk : कांग्रेस का आरोप- शराब पीकर सीएम भगवंत मान पहुंचे विधानसभा, जमकर हुआ हंगामा

CM Bhagwant Mann Drunk

Bhagwant Mann Drunk : चंडीगढ़। पंजाब में राजनीतिक गर्मी एक बार फिर बढ़ गई है। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर शराब पीकर विधानसभा में आने का गंभीर आरोप लगाया है। एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें CM मान विधानसभा में बोलते हुए नजर आ रहे हैं। विपक्ष का दावा है कि वे नशे की हालत में थे। कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल ने एक स्वर में मुख्यमंत्री के खिलाफ जांच की मांग की है। नेता प्रतिपक्ष परताप सिंह बाजवा ने पंजाब विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखकर डोप टेस्ट कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी विधायकों समेत मुख्यमंत्री का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट होना चाहिए। AAP Punjab Crisis : पंजाब में AAP पर मंडराया सियासी संकट? 7 सांसदों के जाने के बाद MLA टूट की अटकलें तेज क्या है पूरा मामला? यह विवाद मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक हालिया बयान को लेकर शुरू हुआ है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइंया पर कुछ आरोप लगाए थे। इसी को लेकर पंजाब में राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया। परताप सिंह बाजवा ने स्पीकर को लिखे पत्र में कहा कि सदन में मुख्यमंत्री का व्यवहार चिंताजनक है। उन्होंने मांग की कि पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER), चंडीगढ़ की एक स्वतंत्र मेडिकल टीम बनाई जाए जो सभी विधायकों का टेस्ट करे। अपने ही कानून में फंस जाते Raghav Chadha? जानिये क्या है 4 साल पुराना बिल जो आज बना चर्चा का विषय विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है। अगर कोई शराब के नशे में यहां आता है तो यह संविधान और लोकतंत्र का अपमान है। उन्होंने सभी नेताओं का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट कराने की मांग की। शिरोमणि अकाली दल ने भी वीडियो शेयर करते हुए इसकी निंदा की। पार्टी ने इसे शर्मनाक बताया और डोप टेस्ट की मांग की। आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुई राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने भी सख्त बयान दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि भगवंत मान शराब पीकर गुरुद्वारे, मंदिर, लोकसभा और सरकारी बैठकों में जाते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले मान ने अपनी मां के सिर पर हाथ रखकर शराब न पीने की कसम खाई थी, लेकिन अब भी यही हाल है। Bhagwant Mann: पंजाब CM भगवंत मान की तबीयत बिगड़ी, मोहाली फोर्टिस अस्पताल में भर्ती मुख्यमंत्री पर क्या आरोप? विपक्ष का आरोप है कि भगवंत मान नशे में विधानसभा पहुंचे और सदस्यों के सवालों का जवाब दिए बिना सदन छोड़ दिया। सुखपाल सिंह खैरा ने भी इस वीडियो को शेयर किया और अरविंद केजरीवाल से मान के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

Weather Update : MP- CG में मौसम विभाग का अलर्ट, UP-बिहार-कर्नाटक में 2 दिन में आंधी-बारिश से 32 मौतें

Weather Update

Weather Update : नई दिल्ली। देश के बड़े हिस्से में पिछले 15 दिनों से चल रही भीषण गर्मी में गुरुवार को कुछ राहत मिली। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिरे। इससे तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। दो दिनों में अब ट्रक 17 मौतें यूपी में पिछले दो दिनों में आंधी-बारिश से 17 लोगों की मौत हो गई। बिहार में भी 5 लोगों की जान गई। कर्नाटक के बेंगलुरु में बुधवार रात तेज बारिश और आंधी से 10 लोगों की मौत हुई। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में पहाड़ से ग्लेशियर टूटकर सड़क पर गिर गया। वहां सड़क साफ करने वाले मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई। Jabalpur Cruise Tragedy : हादसा बहुत पीड़ादायक… PM मोदी ने जताया दुःख, मृतकों को 2 लाख रुपए का मुआवजा कुछ राज्यों में गर्मी बरकरार राजस्थान और महाराष्ट्र में अभी भी गर्मी से राहत नहीं मिली। महाराष्ट्र के चंद्रपुर में गुरुवार को देश का सबसे ज्यादा तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजस्थान के बाड़मेर और जैसलमेर में तापमान 44 डिग्री के आसपास रहा। अगले दो दिनों का मौसम मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में कई राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। 2 मई को राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, झारखंड, बंगाल और दक्षिण कर्नाटक में आंधी-बारिश हो सकती है। सिक्किम, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की संभावना है। 3 मई को जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, बिहार और ओडिशा में बारिश होने की संभावना है। बंगाल, असम और सिक्किम में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी राजस्थान में लू चलने का खतरा है। Jabalpur Cruise Tragedy : जबलपुर क्रूज हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर! आखिरी सांस तक माँ ने लड़ी बच्चे को बचाने की लड़ाई हीटवेव से निपटने की तैयारी महाराष्ट्र में मुंबई में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से प्रभावित 97 पक्षियों और जानवरों को रेस्क्यू किया गया। राजस्थान के जयपुर में सवाई मानसिंह अस्पताल में लू के मरीजों के लिए अलग ICU बनाई गई है। दिल्ली में रिकॉर्ड बारिश दिल्ली में गुरुवार को कई इलाकों में बारिश, तेज हवा और ओले गिरे। इससे तापमान में 8 से 15 डिग्री तक की गिरावट आई। मौसम विभाग के अनुसार इस साल अप्रैल में दिल्ली में 18 सालों में सबसे ज्यादा 27.9 मिमी बारिश हुई। Bengal Strongroom Controversy : बंगाल में EVM को लेकर हंगामा! ममता बनर्जी ने स्ट्रॉन्गरूम किया दौरा, लगाए धांधली के आरोप मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी आंधी-बारिश और ओले गिरे। भोपाल, ग्वालियर, उमरिया और मुरैना समेत कई जिलों में तेज हवा चली। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में ओले गिरने से इलाका बर्फ की चादर से ढक गया।

Pawan Khera Bail : पवन खेड़ा को SC से मिली अग्रिम जमानत, बुलावे पर थाने में देनी होगी हाजिरी!

Pawan Khera Bail

Pawan Khera Bail : नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त अग्रिम जमानत मिल गई है। जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता, जो संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित है, उसे आसानी से खतरे में नहीं डाला जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन केस नंबर 04/2026 में गिरफ्तारी की स्थिति में पवन खेड़ा (Pawan Khera ) को अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) पर रिहा किया जाए। Riniki Bhuyan Passport Row : सुप्रीम कोर्ट में पवन खेड़ा को राहत नहीं, गलत दस्तावेज पर फटकारा क्या है पूरा मामला? पवन खेड़ा पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइंया से जुड़े बयान को लेकर केस दर्ज किया गया था। कांग्रेस नेता खेड़ा ने रिंकी भुइंया पर आरोप लगाया था कि उनके पास एक से ज्यादा पासपोर्ट हैं और विदेशों में संपत्तियां हैं। जमानत की शर्तें सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को जमानत देते हुए कुछ सख्त शर्तें लगाई हैं: पवन खेड़ा को जांच में पूरा सहयोग करना होगा। पुलिस जब भी बुलाए, उन्हें उपस्थित होना पड़ेगा। वे किसी भी तरह से सबूतों से छेड़छाड़ नहीं कर सकेंगे। बिना अदालत की अनुमति के देश से बाहर नहीं जा सकेंगे। ट्रायल कोर्ट जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त शर्तें भी लगा सकता है। कोर्ट ने साफ कहा कि दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप हैं, लेकिन किसी की आजादी से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। Jabalpur Cruise Tragedy : जबलपुर क्रूज हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर! आखिरी सांस तक माँ ने लड़ी बच्चे को बचाने की लड़ाई निचली अदालत से नहीं मिली राहत पवन खेड़ा ने पहले असम की निचली अदालत और गुवाहाटी हाईकोर्ट में भी अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। दोनों जगह राहत नहीं मिलने के बाद वे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे।

Jabalpur Cruise Tragedy : हादसा बहुत पीड़ादायक… PM मोदी ने जताया दुःख, मृतकों को 2 लाख रुपए का मुआवजा

PM Modi on Jabalpur Cruise Tragedy

Jabalpur Cruise Tragedy : नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए क्रूज हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया हैं। उन्होंने कहा कि नाव पलटने की घटना बहुत पीड़ादायक है। अपनों को खोने वाले सभी लोगों के लिए मेरी गहरी संवेदना है। वहीं पीएम ने मृतकों के परिजनों को PMNRF (प्रधानमंत्री राहत कोष) से 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये मुआजवा देने का ऐलान किया है। Jabalpur Cruise Tragedy : जबलपुर क्रूज हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर! आखिरी सांस तक माँ ने लड़ी बच्चे को बचाने की लड़ाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा- मध्य प्रदेश के जबलपुर में नाव पलटने से हुई जानमाल की हानि अत्यंत पीड़ादायक है। इस दुखद दुर्घटना में अपनों को खोने वाले सभी लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। मृतकों के परिजनों को पीएमएनआरएफ की ओर से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी जताया दुख मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस हादसे को अत्यंत पीड़ादायक बताया। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दिए गए हैं। उस शाम क्या हुआ? 30 अप्रैल की शाम बरगी डैम में एक डबल डेकर क्रूज खमरिया टापू के पास घूम रही थी। अचानक मौसम बदला। तेज आंधी आई और हवाएं 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने लगीं। लहरें ऊंची उठीं। कुछ ही मिनटों में क्रूज का संतुलन बिगड़ा और वह डैम में पलट गई। क्रूज पर 30 से ज्यादा लोग सवार थे। चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग दौड़े और बचाने की कोशिश की। 9 शव बरामद…रेस्क्यू जारी घटना की सूचना मिलते ही NDRF, SDRF, सेना और गोताखोर दल मौके पर पहुंचा। अब तक 9 लोगों के शव बाहर निकाले जा चुके हैं। इनमें 7 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। 20 से अधिक लोगों को बचाकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है। 9 लोग अभी भी लापता हैं। उनकी तलाश युद्धस्तर पर जारी है। Jabalpur Cruise Accident : जबलपुर क्रूज हादसे में 9 मौतें, पर्यटन मंत्री को नहीं पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक की जानकारी दिल्ली से पिकनिक पर आया था परिवार मां और बेटे का यह परिवार दिल्ली से पिकनिक मनाने जबलपुर आया था। परिवार में पति, पत्नी, एक बेटा और एक बेटी थी। हादसे में पिता और बेटी बच गए। लेकिन मां और चार साल का बेटा क्रूज के अंदर ही फंस गए। शुक्रवार सुबह दोनों के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले।