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Jabalpur Cruise Accident : जबलपुर क्रूज हादसे में 9 मौतें, पर्यटन मंत्री को नहीं पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक की जानकारी

Jabalpur Cruise Accident

Jabalpur Cruise Accident : जबलपुर। बरगी डैम में गुरुवार शाम हुआ दर्दनाक क्रूज हादसा हुआ। तेज आंधी और खराब मौसम के बीच पर्यटन विभाग का क्रूज अचानक पलटकर डूब गया। इस हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत हुई है, जबकि 20 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। प्रशासन के मुताबिक अब भी कई लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। इस हादसे में मृतकों के परिजनों को सीएम मोहन यादव ने आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। वहीं पर्यटन मंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि, नर्मदा में पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक है।

CM ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद पीड़ादायक है और सरकार हर संभव मदद करेगी।

 

प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी जबलपुर पहुंचे हैं, लेकिन उनका हैरान करने वाला बयान सामने आया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा- नर्मदा में पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक है। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

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300 मीटर दूर हुआ हादसा

बताया जा रहा है कि यह हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ। बरगी सिटी के सीएसपी अंजुल मिश्रा के अनुसार शुरुआती रेस्क्यू में SDRF टीम ने कई लोगों की जान बचाई, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम राहत कार्य में बड़ी बाधा बन गया। शुक्रवार सुबह होते ही फिर से बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है।

तेज तूफान बना हादसे की बड़ी वजह

हादसे के समय करीब 40 kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही थीं, जिससे पानी में ऊंची लहरें उठने लगीं। क्रूज के पायलट महेश ने बताया कि सब कुछ अचानक हुआ और संभलने का मौका तक नहीं मिला। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक क्रूज पहले से ही अस्थिर हो गया था, लेकिन उसे समय रहते किनारे नहीं लाया गया।

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सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर लाइफ जैकेट तक नहीं दी गई। कुछ लोगों ने तो एक-दूसरे की मदद से खुद ही जैकेट पहनकर जान बचाई। शुरुआती जानकारी में यह भी सामने आया है कि क्रूज काफी पुराना था और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई।

परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। खमरिया के एक परिवार के 15 लोग इस क्रूज में सवार थे, जिनमें से कई अब भी लापता हैं। दिल्ली के एक यात्री प्रदीप कुमार किसी तरह बच गए, लेकिन उनकी पत्नी और 4 साल का बेटा अब भी लापता हैं। जैसे-जैसे शव मिल रहे हैं, परिजनों की उम्मीदें टूटती जा रही हैं।

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सेना और NDRF ने संभाला मोर्चा

हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के साथ सेना, SDRF और NDRF की टीमें मौके पर तैनात कर दी गई हैं। हैदराबाद और कोलकाता से स्पेशल टीमें बुलाई गई हैं। गोताखोर क्रूज के अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। हाइड्रॉलिक मशीनों और गैस कटर की मदद से डूबे क्रूज को निकालने की कोशिश की जा रही है।

जांच के आदेश

प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या क्रूज में यात्रियों की संख्या तय सीमा से ज्यादा थी, क्या मौसम की चेतावनी के बावजूद इसे रवाना किया गया, और क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था। यह हादसा न सिर्फ एक दुर्घटना है, बल्कि सुरक्षा लापरवाही की गंभीर चेतावनी भी बनकर सामने आया है।

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