Nitin Gadkari News: क्या मोदी कैबिनेट छोड़ेंगे नितिन गडकरी? बयान के बाद उठे सवाल, ऑफिस ने दी सफाई
Nitin Gadkari News: नितिन गडकरी के नई पीढ़ी को जिम्मेदारी देने वाले बयान के बाद मोदी कैबिनेट छोड़ने की अटकलें तेज हुईं, लेकिन उनके कार्यालय ने राजनीतिक मायने से इनकार किया।
Nitin Gadkari News: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के एक बयान के बाद उनके मोदी कैबिनेट से बाहर होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने सार्वजनिक जीवन में 30 साल से ज्यादा समय पूरा होने और नई पीढ़ी को जिम्मेदारी देने की बात कही। इसके बाद मीडिया में उनके संभावित रिटायरमेंट और मंत्रिमंडल छोड़ने को लेकर कयास लगाए जाने लगे। हालांकि, गडकरी की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है कि वह राजनीति या मोदी कैबिनेट छोड़ने जा रहे हैं।
नई पीढ़ी को जिम्मेदारी देने की बात
नागपुर जिले के काटोल में आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने अपने सार्वजनिक जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि उन्होंने सार्वजनिक जीवन में 30 साल से अधिक का सफर पूरा कर लिया है। जिस रफ्तार से उन्होंने अब तक काम किया है, संभव है कि आने वाले समय में उसी गति से काम न कर पाएं। ऐसे में वह चाहते हैं कि नई पीढ़ी आगे आकर जिम्मेदारी संभाले।
बयान के बाद शुरू हुईं चर्चाएं
गडकरी के इस बयान को मोदी कैबिनेट में संभावित बदलाव से जोड़कर देखा जाने लगा। पिछले कुछ समय से मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। इसी बीच गडकरी का बयान सामने आने के बाद उनके मंत्री पद छोड़ने की अटकलों को और हवा मिल गई।
गडकरी के ऑफिस ने बताई बयान की असली वजह
मामला बढ़ने के बाद गडकरी के कार्यालय की ओर से सफाई दी गई। बताया गया कि उनका बयान राजनीति या मोदी कैबिनेट से जुड़ा नहीं था। वह लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के संदर्भ में बोल रहे थे। यह संगठन आदिवासी क्षेत्रों में एकल विद्यालय चलाता है। गडकरी ने इसी संस्था के भविष्य में युवाओं को ज्यादा जिम्मेदारी देने की बात कही थी।
गडकरी पहले भी दे चुके हैं ऐसा बयान
यह पहली बार नहीं है जब नितिन गडकरी ने नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने की बात कही हो। जनवरी में नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में भी उन्होंने धीरे-धीरे पीढ़ी बदलने और युवाओं को जिम्मेदारी देने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि जब व्यवस्था ठीक तरीके से चलने लगे, तब पुरानी पीढ़ी को पीछे हटकर कोई दूसरा काम करना चाहिए।
सेहत को बताया सबसे जरूरी
कार्यक्रम में गडकरी ने अपने पुराने दिनों का जिक्र करते हुए बताया कि पहले पार्टी का काम करते समय वह समोसे खाकर कहीं भी सो जाते थे। लेकिन कोरोना के बाद उन्होंने अपनी दिनचर्या में काफी बदलाव किया। उन्होंने कहा कि अच्छी सेहत बेहद जरूरी है, क्योंकि स्वास्थ्य के बिना सत्ता या पद की कोई खास अहमियत नहीं रह जाती।
