'शिक्षकों को धरने पर बैठना पड़ रहा, इसमें कांग्रेस भी दोषी', जीतू पटवारी बोले- वचन देता हूं, इस बार गलती सुधार लेंगे
पटवारी ने कहा, 'आज शिक्षकों के पास काम नहीं, धरने पर बैठना पड़ रहा है. इसमें कांग्रेस भी दोषी है। हम सरकार को उखाड़कर नहीं फेंक पाए यह हमारी गलती. कांग्रेस की सरकार होती तो आपको काम मिल जाता। मैं आपको वचन देता हूं कि इस बार गलती को सुधार लेंगे।'

MP News: राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में चल रहे शिक्षक अभ्यर्थियों के धरने ने अब सियासी रंग लेना शुरू कर दिया है। शनिवार को नीलम पार्क में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, पीसी शर्मा समेत कई नेता पहुंचे। दिग्विजय सिंह ने जहां जूस पिलाकर शिक्षक अभ्यर्थियों का अनशन खत्म करवाया, वहीं जीतू पटवारी ने कहा कि इस स्थिति के लिए कांग्रेस भी दोषी है। पटवारी ने कहा कि हमारी सरकार होती तो आपको आज काम मिल जाता।
'मैं वचन देता हूं, इस बार गलती सुधार लेगे'
मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी शनिवार दोपहर नीलम पार्क पहुंचे। यहां उन्होंने धरने और अनशन पर बैठे शिक्षिक अभ्यर्थियों को समर्थन देने की बात कही। पटवारी ने कहा कि शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षक अभ्यर्थी 16 दिनों से अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार गैर जिम्मेदारी बनी हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से वर्ग-2 और वर्ग-3 के शिक्षक भर्ती पदों में बढ़ोत्तरी की मांग की है।
पटवारी ने आगे कहा, 'आज शिक्षकों के पास काम नहीं, धरने पर बैठना पड़ रहा है. इसमें कांग्रेस भी दोषी है। हम सरकार को उखाड़कर नहीं फेंक पाए यह हमारी गलती. कांग्रेस की सरकार होती तो आपको काम मिल जाता। मैं आपको वचन देता हूं कि इस बार गलती को सुधार लेंगे।'
इसके साथ ही मंच पर मौजूद कांग्रेस नेता पीसी शर्मा से जीतू पटवारी ने कहा कि आप शिक्षा मंत्री बन जाइए और इनका ध्यान रखिएगा।
दिग्विजय सिंह ने जूस पिलाकर अनशन खत्म करवाया
इसके पहले कांग्रेस के सीनियर लीडर दिग्विजय सिंह सुबह नीलम पार्क पहुंचे। उऩ्होंने प्रदर्शन स्थल पर अनशन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया। हालांकि, अभ्यर्थियों का धरना अभी जारी है
इससे पहले दिग्विजय सिंह ने आंदोलन को समर्थन देते हुए सरकार से शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग की थी। उन्होंने घोषणा की थी कि यदि शिक्षक दिवस तक सरकार अभ्यर्थियों की मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो वे 24 घंटे की भूख हड़ताल करेंगे। उनकी ओर से वर्ग-2 और वर्ग-3 में 25-25 हजार पदों पर भर्ती की मांग उठाई गई थी।
'जब तक मांगें नहीं मानते, धरना जारी रहेगा'
शिक्षक अभ्यर्थियों ने अनशन खत्म कर दिया है, लेकिन उनका प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक पदों में वृद्धि नहीं की जाती है, वे धरना प्रदर्शन नहीं खत्म करेंगे। अब अभ्यर्थियों की नजर सरकार की ओर से पद बढ़ाने और भर्ती प्रक्रिया में आगे की कार्रवाई को लेकर होने वाले फैसले पर है।
एक दिन पहले प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों के काफिले तक को रोककर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा था।
