'SP साहब ने 5 महीने की सैलरी रोक रखी है', महिला SI रोते हुए बोली- ऐसी परिस्थितियों में लोग सुसाइड कर लेते हैं
एसआई पूजा रघुवंशी ने बताया, 'मैंने पीएचक्यू के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने भी कई बार अपनी समस्या रखी। मैं कई बार आवेदन दे चुकी हूं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।'
मध्य प्रदेश पुलिस की एक महिला एसआई का एक रोते हुए वीडियो सामने आया है। इस वीडियो को एसआई ने खुद शेयर किया है। वीडियो में महिला एसआई ने अशोकनगर एसपी पर सैलरी रोकने का आरोप लगाया है। एसआई ने बताया कि वो स्पाइन में समस्या के कारण मेडिकल ग्राउंड पर छुट्टी पर है। कई बार पीएचक्यू के चक्कर काटने के बाद भी उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सिपाही ने रोते हुए बताया कि उसकी छोटी बच्ची है, ऐसी परिस्थितियों में लोग सुसाइड कर लेते हैं।
'कार एक्सीडेंट में स्पाइन में इन्फेक्शन हो गया'
वीडियो बनाने वाली महिला एसआई की पहचान पूजा रघुवंशी के रूप में हुई है। वीडियो में पूजा ने खुद इसकी जानकारी दी है। एसआई ने बताया, 'मैं एसआई पूजा रघुवंशी जिला अशोकनगर में पोस्टेड हूं। कार एक्सीडेंट के कारण मेरी स्पाइन में इन्फेक्शन हो गया था। कुछ दिन मैं बेडरेस्ट पर रही और मेरा स्पाइन ठीक हो गया था। लेकिन पिछले 7-8 महीनों से मैं परेशान हूं। मैं भारी ड्यूटी नहीं कर सकती हूं। अभी मैं ग्राउंड पर ड्यूटी करने की स्थिति में नहीं हूं। लेकिन मेरी कोई सुनने वाला नहीं है।'
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'PHQ के अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रख चुकी हूं'
एसआई पूजा रघुवंशी ने आगे बताया, 'मैंने पीएचक्यू के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने भी कई बार अपनी समस्या रखी। मैं कई बार आवेदन दे चुकी हूं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मैंने कभी ड्यूटी से बचने की कोशिश नहीं की। मैंने हमेशा अपनी ड्यूटी को जिम्मेदारी से निभाया है। स्पाइन की समस्या बढ़ती है तो मुझे सारी जिंदगी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ेगा। मैं हमेशा के लिए दूसरों पर डिपेंड नहीं होना चाहती हूं। इसलिए मैं विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से निवेदन करना चाहती हूं कि कृपया मेरी समस्या पर ध्यान दें। इनती कोशिश करने के बाद भी अशोकनगर के एसपी साहब राजीव मिश्रा ने मेरी 5 महीनों की सैलरी रोक दी। अब इस तरह की परिस्थितियों को देखकर मैं समझ पा रही हूं कि कोई सुसाइड कैसे कर लेता है। मैं तो सुसाइड भी नहीं कर सकती हूं, मेरी छोटी बच्ची है। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मैं आगे क्या करूंगी। प्लीज मेरी अपील सुन लीजिए।'
