शिवपुरी में एक ही परिवार के 4 बच्चों की मौत, 3 बच्चियों की हालत गंभीर; झरने में नहाने के बाद बिगड़ी तबीयत
चार बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने परिवार और आसपास के लोगों की जांच शुरू की। इसी दौरान तीन बच्चियों की तबीयत खराब मिली, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया।

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में बेहद हैरान करने वाली और दुखद खबर सामने आई है। यहां पिकनिक मनाकर वापस लौटे एक ही परिवार के 3 सगे भाईयों समेत 4 बच्चों की मौत हो गई। जबकि परिवार की 3 बच्चियों की हालत गंभीर है, जिन्हें इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है। बच्चों को बुखार, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई थी. इसके बाद इलाज के दौरान एक के बाद एक चार बच्चों की 10 दिनों में मौत हो गई। वहीं घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने झरने के पानी के सैंपल को लेकर जांच के लिए भेजा है।
झरने में नहाने के बाद बिगड़ी तबीयत
पूरा मामला फिजिकल थाना क्षेत्र का है। 16 अगस्त को एक परिवार पिकनिक मनाने के लिए गोरा टीला के पास स्थित एक झरने के पास गया था. यहां परिवार ने झरने के पाने के पानी नहाया था. परिवार पिकनिक मनाने के बाद वापस घर लौटा तो बच्चों की तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई। सभी बच्चों को बुखार, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद परिवार के दूसरे लोग भी बीमार पड़ना शुरू हो गए। इस दौरान एक के बाद एक चार बच्चों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मरने वालों में अयाज(18), ताहिर(13), तारुफ(11) और तौसीफ(8) शामिल हैं।
तीन बच्चियों की हालत बिगड़ी, ग्वालियर भेजा
चार बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने परिवार और आसपास के लोगों की जांच शुरू की। इसी दौरान तीन बच्चियों की तबीयत खराब मिली, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया। इसके बाद 3 सितंबर को चार और बच्चों की हालत बिगड़ने की जानकारी सामने आई, जिन्हें शिवपुरी जिला अस्पताल से ग्वालियर मेडिकल कॉलेज भेजा गया। उनके साथ डॉक्टरों की टीम भी भेजी गई है।
150 से ज्यादा लोगों के ब्लड सैंपल
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बड़े स्तर पर सैंपलिंग शुरू कर दी है। 150 से ज्यादा लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए हैं। इनमें मलेरिया और सीबीसी समेत अन्य जांच कराई जा रही है। प्रशासन और मेडिकल टीम बीमारी के संभावित कारणों का पता लगाने में जुटी है।
झरने के पानी की भी होगी जांच
परिवार के लोगों के बीमार पड़ने का सिलसिला झरने से लौटने के बाद शुरू हुआ था। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने झरने के पानी के सैंपल भी जांच के लिए भेजे हैं। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक इन मौतों के लिए झरने के पानी को जिम्मेदार नहीं माना है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता भी दी गई है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में इलाके में सैंपलिंग और जांच जारी है।