मंडला में एंबुलेंस नहीं मिलने से जच्चा-बच्चा की मौत! नेता प्रतिपक्ष ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल
मंडला जिले के सलैया गांव में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ट्वीट कर सरकार को घेरा।
मध्यप्रदेश के मंडला जिले में गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे जुड़वा बच्चों की मौत का मामला सामने आने के बाद प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने घटना को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए इसे स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली बताया।
क्या था पूरा मामला ?
मंडला जिले के बीजाडांडी विकासखंड के सलैया गांव की 28 वर्षीय गर्भवती महिला को मंगलवार शाम लगभग 4 बजे प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों के मुताबिक उन्होंने 108 जननी एंबुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन उन्हें वाहन उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई। इसके बाद परिजन निजी वाहन से महिला को अस्पताल ले गए। लेकिन रास्ता खराब होने के कारण अस्पताल पहुंचने में भी परेशानी हुई।
महिला को बीजाडांडी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के मुताबिक महिला सिकल सेल बीमारी से पीड़ित थी और उसे जिला अस्पताल मंडला तथा मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर किया गया था। उसके गर्भ में पल रहे दोनों जुड़वा बच्चों की भी मौत हो चुकी थी।
उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने सरकार पर आरोप लगाया कि मंडला के सलैया गांव में प्रसव पीड़ा से जूझ रही 28 वर्षीय महिला को समय पर एंबुलेंस नहीं मिली। परिजनों को खराब सड़क के कारण निजी वाहन से अस्पताल ले जाना पड़ा, लेकिन अस्पताल पहुंचने तक महिला और उसके गर्भ में पल रहे जुड़वा बच्चों की मौत हो गई।
इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा ?
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सवाल किया कि जहां एंबुलेंस और सड़क तक नहीं पहुंचती, वहां सरकार के विकास के दावे कैसे पहुंच जाते हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा और प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था से लोगों को कब तक अपनी जान गंवानी पड़ेगी।
