इंदौर में 2 दिवसीय सेमीकंडक्टर समिट का शुभारंभ, CM मोहन यादव की कंपनियों के प्रतिनिधियों से वन टू वन चर्चा
बैठकों में निवेश की संभावनाओं, तकनीकी सहयोग और प्रदेश में उद्योग स्थापित करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर हब बनाने का विजन भी प्रस्तुत करेंगे और प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे।
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MP News: मध्य प्रदेश में आधुनिक तकनीक से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए शुक्रवार से इंदौर में दो दिवसीय मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 शुरू हो गई। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में हो रहे इस आयोजन में 50 से अधिक कंपनियां अपनी तकनीक, उत्पाद और समाधान पेश कर रही हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए निवेश आकर्षित करना और इसे चिप डिजाइन, पैकेजिंग, टेस्टिंग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन के क्षेत्र में प्रमुख केंद्र बनाना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी समिट में पहुंचे। वे सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में निवेश की संभावनाओं, तकनीकी सहयोग और प्रदेश में उद्योग स्थापित करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर हब बनाने का विजन भी प्रस्तुत करेंगे और प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे।
6200 करोड़ के निवेश प्रस्ताव पर नजर
समिट में पारस सेमीकंडक्टर्स के करीब 6200 करोड़ के प्रस्तावित निवेश को अहम माना जा रहा है। कंपनी ने प्रदेश में सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग इकाई स्थापित करने के लिए निवेश प्रस्ताव दिया है। यदि परियोजना आगे बढ़ती है, तो इससे सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़े दूसरे कारोबार और तकनीकी सेवाओं के लिए भी अवसर बन सकते हैं। हालांकि, प्रस्तावित निवेश को वास्तविक परियोजना में बदलने के लिए आगे की मंजूरी और काम शुरू होना जरूरी होगा।
चिप डिजाइन से AI तक होगी चर्चा
दो दिवसीय समिट में चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर निर्माण, एडवांस पैकेजिंग और टेस्टिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रिसर्च और तकनीकी नवाचार जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निवेशक, विशेषज्ञ, शिक्षाविद और स्टार्टअप से जुड़े लोग इसमें हिस्सा ले रहे हैं।
प्रदर्शनी में शामिल 50 से ज्यादा कंपनियां चिप डिजाइन, उपकरण, तकनीकी सामग्री, पैकेजिंग-टेस्टिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण से जुड़े समाधान दिखा रही हैं। इससे कंपनियों को संभावित निवेशकों और कारोबारी साझेदारों से सीधे संपर्क करने का मौका मिलेगा।
नीति के जरिए निवेश आकर्षित करने की कोशिश
राज्य सरकार सेमीकंडक्टर नीति-2025 के जरिए इस क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना चाहती है। समिट में निवेश प्रोत्साहन, तकनीकी प्रशिक्षण, उद्योगों की जरूरत के अनुसार विशेषज्ञ तैयार करने और शिक्षण संस्थानों और कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होगी।
सेमीकंडक्टर उद्योग को विकसित करने के लिए केवल निवेश ही नहीं, बल्कि कुशल कर्मचारियों, मजबूत सप्लाई चेन और आधुनिक तकनीकी सुविधाओं की भी जरूरत होगी। ऐसे में समिट के बाद यह देखना अहम होगा कि कितने निवेश प्रस्ताव ठोस परियोजनाओं में बदलते हैं और उनसे प्रदेश में रोजगार के कितने अवसर बनते हैं।
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