Bhopal News: जानिए भोपाल में किन दुकानों पर गिर सकती है गाज? 90 हजार प्रतिष्ठानों पर मंडरा रहा खतरा !
Bhopal News: भोपाल में रिहायशी क्षेत्रों में बिना अनुमति चल रहे कारोबार पर कार्रवाई का खतरा बढ़ा है। 90 हजार से ज्यादा प्रतिष्ठानों और 4 लाख रोजगार प्रभावित होने की आशंका है।

Bhopal News: सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद भोपाल में रिहायशी इलाकों में बिना अनुमति संचालित व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई तेज होने की संभावना है। नगर निगम ऐसे प्रतिष्ठानों पर फिर से तालाबंदी की तैयारी में है। दावा है कि शहर में 90 हजार से ज्यादा दुकान, शोरूम और मॉल इसकी चपेट में आ सकते हैं, जिससे 4 लाख से अधिक लोगों का रोजगार प्रभावित होने की आशंका है।
रिहायशी इलाकों में कारोबार पर कार्रवाई की तैयारी
भोपाल के कई आवासीय क्षेत्रों में बिना व्यावसायिक अनुमति दुकान, कार्यालय और अन्य प्रतिष्ठान संचालित किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि रिहायशी क्षेत्रों में केवल करीब 15 प्रतिशत व्यावसायिक गतिविधियों के पास ही कमर्शियल अनुमति है। ऐसे में नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों पर नगर निगम की कार्रवाई का खतरा बढ़ गया है।
भू-उपयोग बदलवाने पर मिल सकती थी कानूनी अनुमति
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के विशेषज्ञों के अनुसार, यदि संबंधित लोगों ने समय रहते नियमों के तहत भू-उपयोग यानी लैंड यूज बदलवाया होता, तो कई जगहों पर व्यावसायिक गतिविधियां कानूनी रूप से संचालित की जा सकती थीं। टीएंडसीपी एक्ट की धारा 29 और 30 के तहत कुछ परिस्थितियों में आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक अनुमति लेने का प्रावधान है। बिना अनुमति मंजूर ले-आउट में व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करना अब भारी पड़ सकता है।
मॉल और शोरूम पर भी कार्रवाई का खतरा
भोपाल के कई इलाकों में आवासीय उपयोग के लिए मंजूर जमीन पर नियमों के विपरीत मॉल, शोरूम और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित होने की बात सामने आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि भूमि विकास नियमों में प्रस्तावित संशोधनों से ऐसे पुराने विकसित क्षेत्रों को राहत मिलने की संभावना कम है। जिन क्षेत्रों में कार्रवाई की जा रही है, वे पहले से स्वीकृत और विकसित आवासीय क्षेत्र हैं।
इन गतिविधियों पर सख्त प्रतिबंध
रिहायशी क्षेत्रों में पर्यावरण, यातायात और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ व्यावसायिक गतिविधियों पर पूरी तरह रोक है। इनमें 18 मीटर से कम चौड़ी सड़क पर मैरिज या बैंक्वेट हॉल, भारी मशीनरी, ऑटोमोबाइल गैरेज, वेल्डिंग वर्कशॉप और रसायनों का भंडारण शामिल है। इसके अलावा थोक मंडी, बड़े गोदाम, लॉजिस्टिक्स डिपो और बिना पर्याप्त पार्किंग वाले बड़े कोचिंग सेंटर पर भी प्रतिबंध लागू हो सकता है।
इन कारोबारों को मिल सकती है अनुमति
नियमों के मुताबिक सड़क की चौड़ाई, पार्किंग और भूखंड का आकार निर्धारित मानकों के अनुसार होने पर कुछ सीमित गतिविधियों को अनुमति मिल सकती है। इनमें किराना, मेडिकल, स्टेशनरी, डेयरी, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग और लॉन्ड्री जैसी दुकानें शामिल हैं। डॉक्टर, वकील, सीए, आर्किटेक्ट और आईटी कंसल्टेंट जैसे प्रोफेशनल्स के कार्यालयों को भी निर्धारित शर्तों के तहत अनुमति मिल सकती है।