Crypto Crime in Pakistan: पाकिस्तान में दो विदेशी महिलाओं के अपहरण और गैंगरेप के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि वारदात के पीछे फिरौती नहीं, बल्कि क्रिप्टो करेंसी हासिल करने की साजिश थी। इस मामले में पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार के पोते रजा डार समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
क्रिप्टो करेंसी के लिए बनाया बंधक
पुलिस जांच के मुताबिक, पीड़ित महिलाएं नीदरलैंड और वेनेजुएला की रहने वाली हैं। उन्होंने अदालत में दिए बयान में आरोप लगाया कि उन्हें बंदूक की नोक पर बंधक बनाकर क्रिप्टो करेंसी के पासवर्ड और पैसे देने के लिए मजबूर किया गया। आरोप है कि रजा डार लगातार उनसे डिजिटल संपत्ति ट्रांसफर करने का दबाव बना रहा था।
लाहौर पहुंचते ही हुआ अपहरण
पीड़ित महिला एस्ट्रिड गैब्रिएला रॉबिन्सन ब्राचो ने मजिस्ट्रेट को बताया कि पाकिस्तान पहुंचने के कुछ ही समय बाद हथियारबंद लोग लाहौर स्थित उनके ठिकाने पर पहुंचे और दोनों महिलाओं का अपहरण कर लिया। उन्हें एक घर में बंधक बनाकर रखा गया, जहां उनके साथ मारपीट और यौन उत्पीड़न किया गया।
पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी
महिला के अनुसार, आरोपियों ने बार-बार क्रिप्टो करेंसी के पासवर्ड और पैसे मांगे। विरोध करने पर सिर पर हमला किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। उसने आरोप लगाया कि एक कमरे में दो लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया, जबकि एक अन्य आरोपी हथियार लेकर बाहर निगरानी करता रहा।
100 हजार डॉलर मिलने के बाद छोड़ा
पीड़िता का दावा है कि आरोपियों ने उसके मोबाइल से परिचित लोगों से संपर्क कर पैसे की मांग की। बाद में उसकी साथी स्टेफानी की मां ने करीब एक लाख डॉलर की व्यवस्था की। इसके बाद आरोपियों ने दोनों महिलाओं के पासपोर्ट लौटाए और उन्हें एयरपोर्ट जाने दिया।
चार आरोपी पुलिस हिरासत में
लाहौर की अदालत ने रजा डार, हसन रजा, सिकंदर खान और साजिद अली को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस हथियार, क्रिप्टो करेंसी से जुड़े लेनदेन और अन्य सबूत जुटाने में लगी है। मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी।
क्या है पूरा मामला?
जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों महिलाओं की मुलाकात अक्टूबर 2025 में सिंगापुर में एक क्रिप्टो करेंसी प्रोजेक्ट के दौरान रजा डार से हुई थी। बाद में उन्हें बिजनेस वीजा पर पाकिस्तान बुलाया गया। महिलाओं का आरोप है कि 29 जून को लाहौर पहुंचने के तुरंत बाद उनका अपहरण कर लिया गया, कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया, यौन उत्पीड़न किया गया और पैसे व क्रिप्टो करेंसी हासिल करने की कोशिश की गई।
नोट: यह मामला पीड़ित महिलाओं के आरोपों और पाकिस्तान पुलिस की जांच पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएंगे।