MP UCC Draft : भोपाल। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर गठित समिति ने अपने मसौदे का लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है। समिति अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और 2 जुलाई तक अपनी अंतिम रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने की तैयारी कर रही है। जानकारी के अनुसार, अब केवल विभिन्न विभागों, आयोगों, राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और धर्मगुरुओं की ओर से प्राप्त सुझावों को मसौदे में शामिल किया जाना बाकी है। इसके बाद अंतिम रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत कर दी जाएगी।
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9.5 लाख लोगों से मिले सुझाव
समिति को प्रदेशभर से करीब 9.5 लाख लोगों के सुझाव प्राप्त हुए। इनमें से लगभग 8.9 लाख लोगों ने समान नागरिक संहिता के पक्ष में अपनी राय दी है। वहीं करीब 60 हजार सुझाव ऐसे मिले हैं, जिनमें UCC का विरोध या अलग दृष्टिकोण सामने रखा गया है।
समिति ने सभी सुझावों का अध्ययन किया है और उन्हें अंतिम रिपोर्ट में शामिल करने की प्रक्रिया जारी है। जनसुनवाई और परामर्श बैठकों के दौरान प्राप्त प्रतिक्रियाओं का भी विस्तृत विश्लेषण किया गया है।
मुस्लिम महिलाओं का भी मिला व्यापक समर्थन
समिति के अनुसार, समान नागरिक संहिता को लेकर मुस्लिम महिलाओं का भी उल्लेखनीय समर्थन सामने आया है। प्राप्त सुझावों में करीब 71 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं ने UCC के पक्ष में अपनी राय दी है।
समिति का कहना है कि विभिन्न वर्गों, समुदायों और सामाजिक संगठनों से मिले सुझावों का निष्पक्ष तरीके से अध्ययन किया गया है। अंतिम मसौदे में सभी महत्वपूर्ण सुझावों और जनभावनाओं को स्थान देने का प्रयास किया जा रहा है।
दो भागों में तैयार होगी समिति की अंतिम रिपोर्ट
समिति की अंतिम रिपोर्ट दो भागों में सरकार को सौंपी जाएगी। पहले भाग में समान नागरिक संहिता को लेकर समिति की प्रमुख अनुशंसाएं और सुझाव शामिल होंगे। दूसरे भाग में प्रदेशभर में आयोजित जनपरामर्श बैठकों के दौरान प्राप्त सभी सुझावों और उन पर किए गए विस्तृत विश्लेषण की रिपोर्ट दी जाएगी। समिति का उद्देश्य है कि अंतिम रिपोर्ट व्यापक जनभागीदारी और विभिन्न पक्षों की राय को ध्यान में रखते हुए तैयार की जाए, ताकि सरकार आगे आवश्यक निर्णय ले सके।