Lucknow Fire Update : उत्तर प्रदेश। लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली। हादसे के बाद प्रशासन और सरकार एक्शन मोड में हैं। मंगलवार सुबह विशेष जांच दल (SIT) और फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और पूरे परिसर का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं, जिसके बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
SIT और फोरेंसिक टीम ने शुरू की जांच
मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित SIT ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा किया। जांच टीम में आईपीएस अधिकारी प्रवीण कुमार और आईएएस अधिकारी अमृत अभिजात शामिल हैं। अधिकारियों ने बिल्डिंग का निरीक्षण कर प्रारंभिक साक्ष्य जुटाए।
जांच टीम ने स्पष्ट किया है कि हादसे के हर पहलू की गहन जांच की जाएगी और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने भी मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं।
अवैध बिल्डिंग और सुरक्षा मानकों पर सवाल
जांच के दौरान सामने आया कि जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह निर्माण नियमों के तहत विवादित थी। जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 में इस भवन को गिराने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन बाद में वह निरस्त हो गया।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने अब भवन मालिक को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर भवन को ध्वस्त किया जा सकता है।
फायर सेफ्टी की कमी बनी हादसे की वजह
पुलिस जांच में पता चला है कि भवन में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। इमरजेंसी निकास मार्ग की व्यवस्था भी नहीं थी। हादसे के समय छत का दरवाजा बंद होने की बात सामने आई है, जिसके कारण कई लोग बाहर नहीं निकल सके।
अधिकारियों के अनुसार अधिकांश लोगों की मौत दम घुटने से हुई। आग लगने की वजह एसी में विस्फोट को माना जा रहा है, हालांकि अंतिम कारण जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा।
चार गिरफ्तार, अधिकारियों पर भी कार्रवाई
पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करते हुए भवन मालिक वीरेंद्र शुक्ला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा LDA के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार भवन को अनुमति देने वाले अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
पीड़ित परिवारों को सहायता और अंतिम संस्कार
हादसे में जान गंवाने वाले 15 लोगों के शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए हैं। मृतकों में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और हरियाणा के लोग शामिल हैं।
विधायक नीरज बोरा ने बताया कि सरकार की ओर से प्रत्येक पीड़ित परिवार को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। दूसरे राज्यों के मृतकों के पार्थिव शरीर उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने की भी व्यवस्था की गई।
सरकार ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। SIT की रिपोर्ट आने के बाद और कड़े कदम उठाए जाएंगे। सरकार का कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों की व्यापक समीक्षा की जाएगी।
लखनऊ अग्निकांड में इन 15 की मौत
- अनुछा राय (24) अवध शिल्प ग्राम, लखनऊ
- अनामिका सामंता (30) न्यू अलीपुर, कोलकाता
- सौमल्या बेरा (24) द्वारिकानगर, साउथ 24 परगना
- संयम विज (28) ब्लॉक-11, गोविंद नगर, कानपुर
- सूरज सिंह (27) लाल क्वार्टर, गोविंद नगर, कानपुर
- सागर पंत (28) अंग्रेज फन, कल्याणपुर वेस्ट, लखनऊ
- सुखमणि सिंह (24)- आदर्शनगर, आलमबाग, लखनऊ
- ज्योति (26) ज्ञानविहार, चिनहट, लखनऊ
- मोहम्मद अम्मार (24) लखपेड़ाबाग, बाराबंकी
- नीलेश कुमार (27), मार्टिनपुरवा, हजरतगंज, लखनऊ
- जयनील चक्रबर्ती (26) – भलुमडा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश
- अब्दुल रहमान (22) – अब्दुल अजीज रोड, चौक, लखनऊ
- आदित्य श्रीवास्तव (24) – कैथीटोला, बिसवां, सीतापुर
- शहजान सिद्दीकी (18) बीकेटी, लखनऊ
- भविष्य शर्मा (23) सोनीपत, हरियाणा