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Jhabua Cow Slaughter : झाबुआ के मेघनगर में फिर गौहत्या से आक्रोश, जामनिया वन क्षेत्र में मिले अवशेष, भारी पुलिस बल तैनात

Jhabua Cow Slaughter

Jhabua Cow Slaughter : मध्य प्रदेश। झाबुआ के मेघनगर थाना क्षेत्र स्थित जामनिया गांव में कथित गोहत्या की सूचना के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गए हैं। शुक्रवार को रंभापुर वन क्षेत्र के जामनिया कंपार्टमेंट में झाड़ियों के बीच गोवंश के अवशेष मिलने की जानकारी सामने आई। सूचना मिलते ही पुलिस, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से मांस, धारदार हथियार, बर्तन और अन्य सामग्री जब्त की गई। अधिकारियों ने साक्ष्य एकत्र कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

कई आरोपियों को बनाया नामजद

मेघनगर पुलिस ने मामले में तीन नामजद आरोपियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सुनील डामोर, खाजू डामोर और मन्नु दाहमा को आरोपी बनाया गया है। प्रशासन ने बताया कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आरोपी की भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। पुलिस ने यह भी संकेत दिए हैं कि जांच के दौरान अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।

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वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू

घटना के बाद प्रशासन ने वन क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू कर दिया है। शनिवार को राजस्व, वन विभाग और पुलिस की टीम जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। वन भूमि की सीमाएं निर्धारित की गईं और कई स्थानों से अतिक्रमण हटाकर कंटूर ट्रेंच बनाए गए।

अधिकारियों के अनुसार जिन लोगों को वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टे दिए गए थे, उनके दस्तावेजों और भूमि उपयोग की भी जांच की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी और वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हिंदू संगठनों ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग

घटना के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संगठनों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सोमवार को कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले में कठोर कदम उठाने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो वे व्यापक आंदोलन शुरू कर सकते हैं। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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प्रशासन और वन विभाग ने क्या कहा?

मेघनगर एसडीएम अवंधती प्रधान ने बताया कि मौके से मिले पशु अवशेषों की जांच कराई जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कितने पशुओं की हत्या हुई है। उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्र के हल्का पटवारी, कोटवार और पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे।

वहीं वन विभाग की ओर से बताया गया है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और यदि वन भूमि के दुरुपयोग के प्रमाण मिलते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

छह महीने में दूसरी बड़ी घटना से बढ़ी चिंता

जिले में यह छह महीने के भीतर गोवंश से जुड़ा दूसरा बड़ा मामला है। इससे पहले दिसंबर 2025 में सजेली नानिया क्षेत्र में भी बड़ी मात्रा में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। उस घटना के बाद भी प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने और निगरानी बढ़ाने की कार्रवाई की थी।

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जामनिया की ताजा घटना के बाद एक बार फिर वन क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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