Bhopal ATS Action : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से पकड़े गए संदिग्ध आतंकी मोहम्मद फराज से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने का दावा किया गया है। ATS की जांच में आरोपी के कथित तौर पर पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल आरोपी 16 जून तक ATS की रिमांड पर है।
पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क की जांच
ATS सूत्रों के अनुसार पूछताछ में मोहम्मद फराज ने बताया कि वह कथित रूप से एक पाकिस्तानी हैंडलर द्वारा संचालित व्हाट्सएप और टेलीग्राम समूहों से जुड़ा हुआ था। जांच में यह भी सामने आया है कि इन समूहों में भारत समेत अन्य देशों के लोगों को जोड़ा जाता था। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन समूहों का वास्तविक उद्देश्य क्या था और इनमें कितने लोग सक्रिय थे।
नईम अब्दुल्ला के जरिए हुआ संपर्क
जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि करीब छह वर्ष पहले फराज का संपर्क देवबंद निवासी नईम अब्दुल्ला से हुआ था। आरोप है कि नईम ने ही फराज का परिचय एक पाकिस्तानी हैंडलर से कराया।
इसके बाद वह धीरे-धीरे कथित रूप से इस नेटवर्क के संपर्क में आया। ATS अब नईम अब्दुल्ला की तलाश कर रही है। उसके खिलाफ पहले से भी मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
टारगेट किलिंग और प्रशिक्षण की आशंका
पूछताछ में आरोपी ने कथित रूप से बताया कि समूह से जुड़े युवकों को पासपोर्ट बनवाने और विदेश में प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित किया जाता था। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी को भविष्य में टारगेट किलिंग जैसे कार्यों के लिए तैयार रहने को कहा गया था। इसके अलावा प्रशिक्षण से जुड़े कुछ वीडियो भेजे जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि इन दावों की जांच अभी जारी है।
बरामद सामग्री और आगे की कार्रवाई
ATS के अनुसार आरोपी के पास से कथित जिहादी सामग्री भी बरामद की गई है, जिसकी जांच की जा रही है। एजेंसी अब आरोपी के डिजिटल उपकरणों, सोशल मीडिया गतिविधियों और संपर्कों की विस्तृत जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।