New Army Chief : लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ अगले आर्मी चीफ, दो महीने पहले बने थे उप सेना प्रमुख

New Army Chief : नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने भारतीय सेना के अगले प्रमुख के नाम का ऐलान कर दिया है। वर्तमान में उप सेना प्रमुख के पद पर तैनात लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को नया सेना प्रमुख नियुक्त किया गया है। वे 30 जून के बाद मौजूदा सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 30 जून 2024 को सेना प्रमुख का पद संभाला था। उनका कार्यकाल 30 जून को पूरा हो रहा है, जिसके बाद सेना की कमान लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ के हाथों में होगी। करीब 40 साल का सैन्य अनुभव लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना के अनुभवी अधिकारियों में गिने जाते हैं। लगभग चार दशक लंबे करियर में उन्होंने ऑपरेशनल, रणनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। सेना की विभिन्न इकाइयों का नेतृत्व करने के साथ-साथ उन्होंने कई अहम पदों पर भी काम किया है। MP Third Child Rule : तीसरी संतान पर अफसर बर्खास्त! CM ने कहा था नहीं छिनेगी नौकरी; विभाग बोला- हमें नहीं पता कई अहम कमांड की संभाली जिम्मेदारी अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्र में एक आर्मर्ड रेजिमेंट, पश्चिमी क्षेत्र में आर्मर्ड ब्रिगेड और जम्मू-कश्मीर में काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स की कमान संभाली है। इसके अलावा सेना के प्रमुख स्ट्राइक फॉर्मेशन ‘सुदर्शन चक्र कोर’ का नेतृत्व भी किया है। दो बड़ी ऑपरेशनल कमांड का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल सेठ की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि उन्होंने सेना की दो प्रमुख ऑपरेशनल कमांड—साउथ वेस्टर्न कमांड और सदर्न कमांड- की कमान संभाली है। इन जिम्मेदारियों के दौरान उन्होंने रणनीतिक योजनाओं और सैन्य तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। CM PHQ Meeting : PHQ में CM मोहन यादव की समीक्षा बैठक, बोले- मध्य प्रदेश ने नक्सलवाद खत्म कर रचा इतिहास राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव धीरज सेठ ने सेना मुख्यालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। इसके अलावा वे अंगोला में संयुक्त राष्ट्र मिशन के साथ भी सेवाएं दे चुके हैं। सैन्य संचालन, फोर्स मैनेजमेंट और क्षमता विकास के क्षेत्र में उनका अनुभव उन्हें इस पद के लिए मजबूत दावेदार बनाता है। 30 जून के बाद संभालेंगे सेना की कमान केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद अब लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना के नए प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे। ऐसे समय में जब सेना आधुनिकीकरण और सुरक्षा चुनौतियों के बीच अहम भूमिका निभा रही है, उनकी नियुक्ति को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
MP Third Child Rule : तीसरी संतान पर अफसर बर्खास्त! CM ने कहा था नहीं छिनेगी नौकरी; विभाग बोला- हमें नहीं पता

MP Third Child Rule : भोपाल। मध्य प्रदेश में तीसरी संतान से जुड़े नियम के तहत एक सरकारी अधिकारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। पंजीयन विभाग ने सिंगरौली में पदस्थ सब-रजिस्ट्रार अशोक सिंह परिहार को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह आदेश पंजीयन विभाग के आईजी अमित तोमर द्वारा जारी किया गया। खास बात यह है कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उस घोषणा के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने दो से अधिक संतान के आधार पर नौकरी से अयोग्य ठहराने वाले प्रस्ताव को निरस्त करने की बात कही थी। इस कारण मामला प्रशासनिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। आईजी पंजीयन ने जारी किया आदेश। जांच में सही पाए गए आरोप अशोक सिंह परिहार के खिलाफ शिकायत की गई थी कि शासकीय सेवा में रहते हुए उनकी तीसरी संतान का जन्म हुआ। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया और फिर विभागीय जांच शुरू कराई। जांच अधिकारी के रूप में वरिष्ठ जिला पंजीयक जबलपुर को जिम्मेदारी सौंपी गई। जांच के दौरान जन्म प्रमाण पत्र, राजस्व अभिलेख और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की गई। जांच रिपोर्ट में यह सामने आया कि उनकी तीसरी संतान का जन्म 19 नवंबर 2003 को हुआ था। उपलब्ध रिकॉर्ड और समिति की रिपोर्ट के आधार पर आरोपों को सही माना गया। IAF Plane Crash Update : असम प्लेन क्रैश में 5 जवान शहीद, एयरफोर्स ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के दिए आदेश अधिकारी की दलील विभाग ने नहीं मानी जांच के दौरान अशोक सिंह परिहार ने अपने जवाब में कहा कि उन्हें दो से अधिक संतान संबंधी सेवा नियमों की जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग की ओर से इस नियम के बारे में विशेष जानकारी नहीं दी गई थी। हालांकि विभाग ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। आदेश में कहा गया कि परिहार वर्ष 1992 से नियमित सरकारी सेवा में थे, इसलिए यह मानना उचित नहीं है कि उन्हें सेवा नियमों की जानकारी नहीं थी। विभाग ने इसे गंभीर सेवा उल्लंघन मानते हुए बर्खास्तगी की कार्रवाई की। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले मध्य प्रदेश में तीसरी संतान के आधार पर कार्रवाई का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले वर्ष 2023 में आगर मालवा जिले की एक शिक्षिका को भी इसी नियम के तहत सेवा से हटाया गया था। इसके अलावा सीहोर जिले में भी ऐसा मामला सामने आ चुका है, जिसकी जांच कराई गई थी। इन मामलों का उल्लेख अशोक सिंह परिहार की बर्खास्तगी से जुड़े आदेश में भी किया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि राज्य में यह नियम पहले भी लागू किया जाता रहा है। MP News : ATS एक्शन पर सीएम मोहन यादव का बड़ा बयान, बोले- देश विरोधी साजिश का हुआ पर्दाफाश मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद क्यों हुई कार्रवाई? मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में उस मसौदा प्रावधान को निरस्त करने के निर्देश दिए थे, जिसमें दो से अधिक जीवित संतान वाले उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी के लिए अपात्र घोषित करने का प्रस्ताव था। इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई थी कि कर्मचारियों और अधिकारियों को राहत मिल सकती है। हालांकि पंजीयन विभाग का कहना है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप अभी तक कोई नया या संशोधित शासकीय आदेश जारी नहीं हुआ है। इसलिए वर्तमान में लागू नियमों के आधार पर कार्रवाई की गई है। क्या कहता है मौजूदा नियम? 10 मार्च 2000 को जारी अधिसूचना के अनुसार यदि किसी सरकारी कर्मचारी की दो से अधिक जीवित संतान हैं और उनमें से किसी एक संतान का जन्म 26 जनवरी 2001 या उसके बाद हुआ है, तो वह शासकीय सेवा के लिए अयोग्य माना जा सकता है। जांच में पाया गया कि अशोक सिंह परिहार का मामला इसी प्रावधान के दायरे में आता है। इसी आधार पर विभाग ने बर्खास्तगी का फैसला लिया। MP High Court : वायरल गर्ल की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई, दस्तावेजों में हेरफेर के आरोप; अगली सुनवाई 23 जून को आगे क्या हैं कानूनी विकल्प? बर्खास्तगी के बाद अशोक सिंह परिहार के पास विभागीय अपील का अधिकार मौजूद है। वे शासन स्तर पर इस आदेश को चुनौती दे सकते हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट में भी राहत की मांग की जा सकती है। यदि भविष्य में राज्य सरकार मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप कोई नया आदेश जारी करती है, तो इस मामले में कानूनी स्थिति बदल सकती है। फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासनिक और कानूनी विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है।
IAF Plane Crash Update : असम प्लेन क्रैश में 5 जवान शहीद, एयरफोर्स ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के दिए आदेश

IAF Plane Crash Update : असम। भारतीय वायुसेना के लिए शुक्रवार का दिन बेहद दुखद रहा। असम के जोरहाट एयरबेस पर वायुसेना का An-32 परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें पांच सैन्य कर्मियों ने अपनी जान गंवा दी। हादसे के बाद पूरे देश में शोक की लहर है। वहीं, विमान के को-पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। देश ने खो दिए 5 वीर सपूत इस हादसे में वायुसेना के पांच जवान शहीद हो गए। शहीदों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल हैं। IAF Plane Crash : असम में भारतीय वायुसेना का ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट क्रैश, लैंड के बाद लगी आग फिर दो हिस्सों में टूटा को-पायलट का चल रहा इलाज हादसे में विमान के को-पायलट की जान बच गई। उन्हें गंभीर चोटों के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। जांच एजेंसियां उनके बयान को भी महत्वपूर्ण मान रही हैं। हादसे की वजह जानने के लिए जांच शुरू वायुसेना ने दुर्घटना के तुरंत बाद कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दे दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि हादसा तकनीकी खराबी, इंजन फेल होने या किसी अन्य कारण से हुआ। सभी पहलुओं की विस्तार से पड़ताल की जाएगी। UPDATE : ट्रंप का नया दांव! क्या सच में खत्म होने जा रहा है ईरान-इजरायल युद्ध? सेंसेक्स ने भरी 1,700 अंकों की उड़ान वायुसेना ने जताया शोक भारतीय वायुसेना ने शहीद जवानों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। वायुसेना ने कहा कि इस कठिन समय में वह शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें जोरहाट एयरबेस के पास हुए इस हादसे के बाद अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है। कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की रिपोर्ट से ही साफ हो पाएगा कि आखिर यह दर्दनाक हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके पीछे क्या वजह रही। ये जवान हुए शहीद
CM PHQ Meeting : PHQ में CM मोहन यादव की समीक्षा बैठक, बोले- मध्य प्रदेश ने नक्सलवाद खत्म कर रचा इतिहास

CM PHQ Meeting : भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय (PHQ) में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश की कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, साइबर अपराध और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में मध्य प्रदेश पुलिस ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिन पर पूरे प्रदेश को गर्व है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए बेहतर कार्य के लिए बधाई भी दी। नक्सलवाद खत्म करने की उपलब्धि का किया जिक्र मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश उन राज्यों में शामिल है, जिसने सबसे पहले नक्सलवाद की चुनौती को समाप्त करने में सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि नक्सल गतिविधियों के कारण विकास कार्य प्रभावित होते थे। कई लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ती थी लेकिन पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे विकास को नई गति मिली है। MP News : ATS एक्शन पर सीएम मोहन यादव का बड़ा बयान, बोले- देश विरोधी साजिश का हुआ पर्दाफाश भोजशाला मामले में धार प्रशासन की सराहना बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने धार प्रशासन और पुलिस की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भोजशाला मामले में प्रशासन ने संवेदनशील परिस्थितियों के बावजूद कानून व्यवस्था को प्रभावी ढंग से बनाए रखा। इससे प्रदेश में शांति और सामाजिक सौहार्द कायम रखने में मदद मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मामलों में प्रशासन की सतर्कता और संयम सराहनीय है। साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियों पर फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ अपराध का स्वरूप भी बदल रहा है। साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी जैसी चुनौतियां तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस विभाग ने आधुनिक संसाधनों और तकनीकों का उपयोग करते हुए बेहतर कार्य किया है। सरकार लगातार पुलिस को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है, ताकि अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाया जा सके। Bhopal ATS Action : ATS जांच में सामने आया पाकिस्तान कनेक्शन! कई देशों के ग्रुप से जुड़ा था संदिग्ध आतंकी पुलिस भर्ती को लेकर सरकार की तैयारी मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पुलिस बल को और मजबूत बनाने के लिए लगातार भर्ती प्रक्रिया चलाई जा रही है। उन्होंने संकेत दिए कि सरकार हर साल नई भर्तियां निकालने की व्यवस्था पर काम कर रही है। इससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और पुलिस विभाग की क्षमता भी बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल होना जरूरी है। कांग्रेस को आत्ममंथन की सलाह बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की राज्यसभा उम्मीदवारी से जुड़े मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी हार के लिए सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग और चुनाव अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश करती है। BJP office Power Cut : BJP मुख्यालय में अंधेरा! टॉर्च की रोशनी में अश्विनी वैष्णव ने गिनाई 12 साल की उपलब्धियां मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए और यह समझना चाहिए कि वह लगातार कमजोर क्यों हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्टी अपनी गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ेगी।
MP News : ATS एक्शन पर सीएम मोहन यादव का बड़ा बयान, बोले- देश विरोधी साजिश का हुआ पर्दाफाश

MP News : मध्य प्रदेश। भोपाल में संदिग्ध आतंकी गतिविधियों के मामले में ATS की कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते ऐसे व्यक्ति को पकड़ लिया, जो भविष्य में देश के लिए बड़ा खतरा बन सकता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्रवाई से एक गंभीर षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ है और राज्य की सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी सतर्कता का परिचय दिया है। पाकिस्तान कनेक्शन और साहित्य मिलने का दावा मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच के दौरान आरोपी के पाकिस्तान से संपर्क होने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उसके पास से बड़ी मात्रा में जिहादी मानसिकता से जुड़ा साहित्य बरामद किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह सामग्री जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकती है और इससे पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में मदद मिलेगी। UPDATE : ट्रंप का नया दांव! क्या सच में खत्म होने जा रहा है ईरान-इजरायल युद्ध? सेंसेक्स ने भरी 1,700 अंकों की उड़ान अन्य संदिग्धों पर भी नजर CM मोहन यादव ने कहा कि यदि इस तरह की गतिविधियों से जुड़े अन्य लोग भी कहीं छिपे हुए हैं, तो राज्य की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां उन्हें पकड़ने में पूरी तरह सक्षम हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचकर सभी संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। MP High Court : वायरल गर्ल की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई, दस्तावेजों में हेरफेर के आरोप; अगली सुनवाई 23 जून को कांग्रेस पर साधा निशाना मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट को लेकर दिए गए बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता अपनी चुनावी हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं, अधिकारियों और चुनाव आयोग पर फोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना था कि हार के कारणों को बाहर तलाशने के बजाय कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए। आत्मविश्लेषण की दी सलाह मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को यह समझने की जरूरत है कि उसकी गलतियां कहां हुईं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्टी अपनी कमियों से सबक लेकर आगे बढ़ेगी। BJP office Power Cut : BJP मुख्यालय में अंधेरा! टॉर्च की रोशनी में अश्विनी वैष्णव ने गिनाई 12 साल की उपलब्धियां CM डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और राजनीतिक दलों को उसे स्वीकार करते हुए अपने संगठन और कार्यशैली में सुधार करना चाहिए।
UPDATE : ट्रंप का नया दांव! क्या सच में खत्म होने जा रहा है ईरान-इजरायल युद्ध? सेंसेक्स ने भरी 1,700 अंकों की उड़ान

UPDATE : वांशिगटन डीसी। वैश्विक तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बड़े बयान ने दुनिया भर के बाजारों में नई उम्मीद जगा दी है। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है। इसी उम्मीद का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखा, जहां सेंसेक्स करीब 1,700 अंक उछल गया और कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी देखने को मिली। ट्रंप के बयान से बाजार में क्यों लौटी रौनक? मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण पिछले कुछ दिनों से निवेशकों में चिंता थी। लेकिन ट्रंप के हालिया बयान के बाद निवेशकों को लगा कि हालात जल्द सामान्य हो सकते हैं। इसका सीधा फायदा शेयर बाजार को मिला और सेंसेक्स ने जोरदार बढ़त दर्ज की। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध टलता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव कम होगा और निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा। MP High Court : वायरल गर्ल की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई, दस्तावेजों में हेरफेर के आरोप; अगली सुनवाई 23 जून को सेंसेक्स में ऐतिहासिक उछाल, निवेशकों की बल्ले-बल्ले युद्ध खत्म होने की उम्मीद के बीच भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। बाजार की बड़ी बातें सेंसेक्स करीब 1,700 अंक चढ़ा निवेशकों की संपत्ति में लाखों करोड़ रुपये का इजाफा बैंकिंग, आईटी और ऑटो शेयरों में शानदार तेजी विदेशी निवेशकों की खरीदारी बढ़ी विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार फिलहाल शांति की उम्मीद पर दांव लगा रहा है। Abhishek Banerjee : देर रात अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची पुलिस, ताला तोड़कर हुई एंट्री; ममता भी दौड़ीं कच्चे तेल में नरमी, भारत को मिल सकती है राहत भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है। ऐसे में मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने पर तेल महंगा होने का खतरा रहता है। लेकिन हालिया घटनाक्रम के बाद कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गईं। इससे भारत के लिए आयात बिल और महंगाई का दबाव कम हो सकता है। क्या पहले भी ऐसे दावे कर चुके हैं ट्रंप? राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, ट्रंप इससे पहले भी कई बार मध्य पूर्व में शांति को लेकर आशावादी बयान दे चुके हैं। हालांकि हर बार हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए। इस बार भी बाजार ट्रंप के दावे पर भरोसा जता रहा है, लेकिन अंतिम फैसला जमीनी हालात ही तय करेंगे। Patwari Merger Policy 2026 : गृह तहसील में पोस्टिंग प्रतिबंधित, अब नए जिले की सीनियरिटी से तय होगी वरिष्ठता क्या सच में खत्म हो सकता है युद्ध? विशेषज्ञों का कहना है कि संघर्ष विराम की संभावना जरूर बनी है, लेकिन दोनों देशों के बीच कई बड़े मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं। ऐसे में किसी स्थायी समाधान तक पहुंचना आसान नहीं होगा। अगर आने वाले दिनों में कूटनीतिक बातचीत आगे बढ़ती है, तो मध्य पूर्व में शांति की दिशा में बड़ा कदम माना जाएगा।
MP High Court : वायरल गर्ल की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई, दस्तावेजों में हेरफेर के आरोप; अगली सुनवाई 23 जून को

MP High Court : मध्य प्रदेश। इंदौर हाईकोर्ट में शुक्रवार को वायरल गर्ल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई हुई। याचिका में उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके दस्तावेजों में कथित रूप से हेरफेर कर उनकी वैध शादी को अवैध साबित करने की कोशिश की जा रही है। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से याचिका में कुछ तकनीकी त्रुटियों और दस्तावेजों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई। इसके बाद अदालत ने याचिकाकर्ता को कमियां दूर करने के लिए समय देते हुए अगली सुनवाई 23 जून तय की है। दस्तावेजों में बदलाव का लगाया आरोप याचिका में वायरल गर्ल ने दावा किया है कि उनके पिता ने जन्म से जुड़े रिकॉर्ड में बदलाव कर उन्हें नाबालिग साबित करने का प्रयास किया। उनका आरोप है कि उनके छोटे भाई के दस्तावेजों को उनके दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत कर गलत जानकारी दी गई। याचिका में कहा गया है कि वह बालिग हैं और उनके खिलाफ गलत तथ्यों के आधार पर कार्रवाई कराने की कोशिश की गई है। उन्होंने अदालत से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की है। Abhishek Banerjee : देर रात अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची पुलिस, ताला तोड़कर हुई एंट्री; ममता भी दौड़ीं शादी के बाद शुरू हुआ विवाद याचिका के अनुसार सोशल मीडिया पर लोकप्रियता मिलने के बाद उन्हें फिल्मों में काम करने के अवसर मिले। इसी दौरान केरल में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उनकी मुलाकात एक युवक से हुई। दोनों के बीच परिचय बढ़ा और बाद में मार्च 2026 में उन्होंने विवाह कर लिया। शादी के बाद ही उनकी उम्र को लेकर विवाद सामने आया और मामला कानूनी प्रक्रिया तक पहुंच गया। उम्र को लेकर उठे सवाल विवाह के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग द्वारा उनकी उम्र को लेकर सवाल उठाए गए थे। आयोग ने आशंका जताई थी कि विवाह के समय उनकी उम्र लगभग 16 वर्ष हो सकती है। इसके बाद संबंधित युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। हालांकि वायरल गर्ल का कहना है कि वह विवाह के समय बालिग थीं और उनके दस्तावेज इसकी पुष्टि करते हैं। Bhopal ATS Action : ATS जांच में सामने आया पाकिस्तान कनेक्शन! कई देशों के ग्रुप से जुड़ा था संदिग्ध आतंकी सांप्रदायिक रंग देने का आरोप याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि उनकी शादी को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया है कि मामले को सांप्रदायिक रंग देकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया गया। दंपति ने अदालत से जन्म प्रमाण पत्र को बहाल करने और रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। कोर्ट ने कमियां दूर करने के लिए दिया समय सुनवाई के दौरान वायरल गर्ल की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता पी.वी. दिनेश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए। राज्य सरकार ने याचिका के साथ प्रस्तुत कुछ दस्तावेजों और जन्म प्रमाण पत्र की प्रतिलिपि पर आपत्ति जताई। Patwari Merger Policy 2026 : गृह तहसील में पोस्टिंग प्रतिबंधित, अब नए जिले की सीनियरिटी से तय होगी वरिष्ठता इसके बाद अदालत के समक्ष जन्म प्रमाण पत्र की मूल प्रति भी प्रस्तुत की गई। अदालत ने याचिकाकर्ता को दस्तावेजों की स्पष्ट प्रतिलिपि और याचिका में मौजूद त्रुटियों को सुधारने के लिए 10 दिन का समय दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 23 जून को होगी।
Abhishek Banerjee : देर रात अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची पुलिस, ताला तोड़कर हुई एंट्री; ममता भी दौड़ीं

Abhishek Banerjee : कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार तड़के उस समय हलचल मच गई, जब पुलिस की एक बड़ी टीम तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने काफी देर तक दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर ताला तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया और तलाशी शुरू की। जानकारी के अनुसार, कार्रवाई देर रात करीब ढाई बजे शुरू हुई। मौके पर शालबनी थाना पुलिस, कोलकाता पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान मौजूद थे। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। TMC नेता की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई पुलिस की यह कार्रवाई एक स्थानीय तृणमूल नेता की शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित राय पर टिकट दिलाने के नाम पर कथित वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं। बताया जा रहा है कि मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम मौके तक पहुंची थी। IAF Plane Crash : असम में भारतीय वायुसेना का ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट क्रैश, लैंड के बाद लगी आग फिर दो हिस्सों में टूटा करीब पांच घंटे चली तलाशी पुलिस ने तड़के घर में प्रवेश करने के बाद कई घंटों तक तलाशी अभियान चलाया। सूत्रों के मुताबिक टीम सुबह तक घर के भीतर जांच करती रही और मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाती रही। खबर मिलते ही पहुंचीं ममता बनर्जी घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) सीधे अभिषेक बनर्जी के आवास पहुंचीं। उनके पहुंचने के बाद इलाके में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गईं। BJP office Power Cut : BJP मुख्यालय में अंधेरा! टॉर्च की रोशनी में अश्विनी वैष्णव ने गिनाई 12 साल की उपलब्धियां अभिषेक ने जताई नाराजगी तलाशी अभियान को लेकर अभिषेक बनर्जी ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि पुलिस ने घर का ताला तोड़कर तलाशी ली। उन्होंने दावा किया कि पूरी कार्रवाई की रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है और उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है। पहले से कई मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं अभिषेक अभिषेक बनर्जी हाल के दिनों में कई जांचों का सामना कर रहे हैं। फर्जी हस्ताक्षर मामले में उनसे हाल ही में लंबी पूछताछ की जा चुकी है। इसके अलावा उन्हें अलग-अलग मामलों में जांच एजेंसियों के सामने भी पेश होना है। देर रात हुई इस कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने के आसार हैं।
IAF Plane Crash : असम में भारतीय वायुसेना का ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट क्रैश, लैंड के बाद लगी आग फिर दो हिस्सों में टूटा

IAF Plane Crash : जोरहाट। असम के जोरहाट स्थित रौरिया एयरबेस पर शनिवार सुबह भारतीय वायुसेना का एक AN-32 मालवाहक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विमान एयरबेस पर लैंडिंग की प्रक्रिया में था, तभी हादसा हो गया। दुर्घटना के बाद विमान में आग लग गई और वह गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। भारतीय वायुसेना ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है और जांच शुरू कर दी गई है। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान घटना के तुरंत बाद एयरबेस पर मौजूद आपातकालीन और अग्निशमन दल मौके पर पहुंचे। विमान में लगी आग पर काबू पाने के लिए राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार विमान एयरफोर्स स्टेशन परिसर के भीतर ही दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। अधिकारियों ने अभी तक हताहतों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है। Bhopal ATS Action : ATS जांच में सामने आया पाकिस्तान कनेक्शन! कई देशों के ग्रुप से जुड़ा था संदिग्ध आतंकी भारतीय वायुसेना की रीढ़ माना जाता है AN-32 AN-32 भारतीय वायुसेना का प्रमुख सामरिक मालवाहक विमान है। यह विमान सैनिकों, हथियारों और जरूरी सैन्य सामग्री को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। भारतीय वायुसेना ने 1980 के दशक से इस विमान का उपयोग शुरू किया था और आज भी यह देश की सैन्य लॉजिस्टिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है। कठिन परिस्थितियों में संचालन की क्षमता के कारण इसे वायुसेना का ‘वर्कहॉर्स’ भी कहा जाता है। Bhopal ATS Action : ATS जांच में सामने आया पाकिस्तान कनेक्शन! कई देशों के ग्रुप से जुड़ा था संदिग्ध आतंकी पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में है खास भूमिका AN-32 की सबसे बड़ी विशेषता इसकी कठिन इलाकों में उड़ान भरने की क्षमता है। यह हिमालयी क्षेत्रों, ऊंचे पहाड़ी इलाकों और छोटे रनवे पर भी सफलतापूर्वक टेकऑफ और लैंडिंग कर सकता है। यही वजह है कि पूर्वोत्तर राज्यों, लद्दाख और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में यह विमान लंबे समय से अहम भूमिका निभाता रहा है। भारतीय वायुसेना के बेड़े में वर्तमान में लगभग 100 AN-32 विमान सक्रिय सेवा में हैं। Bengal EVM Burning Video : बंगाल में 4000 EVM जलाने का आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल राहत कार्यों में भी निभाता है अहम जिम्मेदारी सैन्य अभियानों के अलावा AN-32 का उपयोग बाढ़, भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत सामग्री पहुंचाने के लिए भी किया जाता है। यह एक बार में लगभग 6 से 7 टन तक सामान या 40 से 50 सैनिकों को ले जाने में सक्षम है। इसके अलावा पैराशूट के जरिए जवानों और उपकरणों को उतारने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। इसी बहुउद्देशीय उपयोग के कारण यह विमान भारतीय वायुसेना के सबसे भरोसेमंद परिवहन विमानों में गिना जाता है।
Bhopal ATS Action : ATS जांच में सामने आया पाकिस्तान कनेक्शन! कई देशों के ग्रुप से जुड़ा था संदिग्ध आतंकी

Bhopal ATS Action : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से पकड़े गए संदिग्ध आतंकी मोहम्मद फराज से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने का दावा किया गया है। ATS की जांच में आरोपी के कथित तौर पर पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल आरोपी 16 जून तक ATS की रिमांड पर है। पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क की जांच ATS सूत्रों के अनुसार पूछताछ में मोहम्मद फराज ने बताया कि वह कथित रूप से एक पाकिस्तानी हैंडलर द्वारा संचालित व्हाट्सएप और टेलीग्राम समूहों से जुड़ा हुआ था। जांच में यह भी सामने आया है कि इन समूहों में भारत समेत अन्य देशों के लोगों को जोड़ा जाता था। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन समूहों का वास्तविक उद्देश्य क्या था और इनमें कितने लोग सक्रिय थे। BJP office Power Cut : BJP मुख्यालय में अंधेरा! टॉर्च की रोशनी में अश्विनी वैष्णव ने गिनाई 12 साल की उपलब्धियां नईम अब्दुल्ला के जरिए हुआ संपर्क जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि करीब छह वर्ष पहले फराज का संपर्क देवबंद निवासी नईम अब्दुल्ला से हुआ था। आरोप है कि नईम ने ही फराज का परिचय एक पाकिस्तानी हैंडलर से कराया। इसके बाद वह धीरे-धीरे कथित रूप से इस नेटवर्क के संपर्क में आया। ATS अब नईम अब्दुल्ला की तलाश कर रही है। उसके खिलाफ पहले से भी मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। टारगेट किलिंग और प्रशिक्षण की आशंका पूछताछ में आरोपी ने कथित रूप से बताया कि समूह से जुड़े युवकों को पासपोर्ट बनवाने और विदेश में प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित किया जाता था। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी को भविष्य में टारगेट किलिंग जैसे कार्यों के लिए तैयार रहने को कहा गया था। इसके अलावा प्रशिक्षण से जुड़े कुछ वीडियो भेजे जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि इन दावों की जांच अभी जारी है। CM Mohan Yadav : महिला सशक्तिकरण पर CM मोहन यादव का संदेश, बोले- बेटियां और बहनें बन रहीं विकास की ताकत बरामद सामग्री और आगे की कार्रवाई ATS के अनुसार आरोपी के पास से कथित जिहादी सामग्री भी बरामद की गई है, जिसकी जांच की जा रही है। एजेंसी अब आरोपी के डिजिटल उपकरणों, सोशल मीडिया गतिविधियों और संपर्कों की विस्तृत जांच कर रही है। Patwari Merger Policy 2026 : गृह तहसील में पोस्टिंग प्रतिबंधित, अब नए जिले की सीनियरिटी से तय होगी वरिष्ठता अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।