UPDATE : वांशिगटन डीसी। वैश्विक तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बड़े बयान ने दुनिया भर के बाजारों में नई उम्मीद जगा दी है। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है। इसी उम्मीद का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखा, जहां सेंसेक्स करीब 1,700 अंक उछल गया और कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी देखने को मिली।
ट्रंप के बयान से बाजार में क्यों लौटी रौनक?
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण पिछले कुछ दिनों से निवेशकों में चिंता थी। लेकिन ट्रंप के हालिया बयान के बाद निवेशकों को लगा कि हालात जल्द सामान्य हो सकते हैं। इसका सीधा फायदा शेयर बाजार को मिला और सेंसेक्स ने जोरदार बढ़त दर्ज की। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध टलता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव कम होगा और निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा।
सेंसेक्स में ऐतिहासिक उछाल, निवेशकों की बल्ले-बल्ले
युद्ध खत्म होने की उम्मीद के बीच भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली।
बाजार की बड़ी बातें
- सेंसेक्स करीब 1,700 अंक चढ़ा
- निवेशकों की संपत्ति में लाखों करोड़ रुपये का इजाफा
- बैंकिंग, आईटी और ऑटो शेयरों में शानदार तेजी
- विदेशी निवेशकों की खरीदारी बढ़ी
- विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार फिलहाल शांति की उम्मीद पर दांव लगा रहा है।
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कच्चे तेल में नरमी, भारत को मिल सकती है राहत
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है। ऐसे में मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने पर तेल महंगा होने का खतरा रहता है।
लेकिन हालिया घटनाक्रम के बाद कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गईं। इससे भारत के लिए आयात बिल और महंगाई का दबाव कम हो सकता है।
क्या पहले भी ऐसे दावे कर चुके हैं ट्रंप?
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, ट्रंप इससे पहले भी कई बार मध्य पूर्व में शांति को लेकर आशावादी बयान दे चुके हैं। हालांकि हर बार हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए। इस बार भी बाजार ट्रंप के दावे पर भरोसा जता रहा है, लेकिन अंतिम फैसला जमीनी हालात ही तय करेंगे।
क्या सच में खत्म हो सकता है युद्ध?
विशेषज्ञों का कहना है कि संघर्ष विराम की संभावना जरूर बनी है, लेकिन दोनों देशों के बीच कई बड़े मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं। ऐसे में किसी स्थायी समाधान तक पहुंचना आसान नहीं होगा। अगर आने वाले दिनों में कूटनीतिक बातचीत आगे बढ़ती है, तो मध्य पूर्व में शांति की दिशा में बड़ा कदम माना जाएगा।