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BJP office Power Cut : BJP मुख्यालय में अंधेरा! टॉर्च की रोशनी में अश्विनी वैष्णव ने गिनाई 12 साल की उपलब्धियां

BJP office Power Cut

BJP office Power Cut : जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में बीजेपी की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस उस वक्त सुर्खियों में आ गई, जब कार्यक्रम के बीच अचानक बिजली चली गई। केंद्र में मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव मौजूद थे। लेकिन उपलब्धियां गिनाने के दौरान ही पूरा हॉल अंधेरे में डूब गया। बताया जा रहा है कि बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में चल रहे कार्यक्रम के दौरान अचानक बिजली आपूर्ति ठप हो गई। मंच पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। बिजली जाते ही कुछ देर के लिए कार्यक्रम का माहौल असहज हो गया। Bengal EVM Burning Video : बंगाल में 4000 EVM जलाने का आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल अधिकारी सक्रिय, लेकिन 22 मिनट तक नहीं लौटी बिजली बिजली गुल होने के बाद ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर तुरंत हरकत में आए और अधिकारियों से संपर्क कर आपूर्ति बहाल कराने की कोशिश शुरू की। हालांकि तमाम प्रयासों के बावजूद करीब 22 मिनट तक बिजली वापस नहीं आ सकी। इस दौरान कार्यक्रम को रोकने के बजाय अश्विनी वैष्णव ने पत्रकारों से संवाद जारी रखा। वे अपनी जगह से उठकर मीडिया के बीच पहुंचे और मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में सवालों के जवाब दिए। यही दृश्य बाद में पूरे कार्यक्रम का सबसे चर्चित पल बन गया। Patwari Merger Policy 2026 : गृह तहसील में पोस्टिंग प्रतिबंधित, अब नए जिले की सीनियरिटी से तय होगी वरिष्ठता अंधेरे में चली प्रेस कॉन्फ्रेंस, चर्चा में आया पूरा घटनाक्रम राजनीतिक हलकों में इस बात की भी खूब चर्चा रही कि जिस कार्यक्रम में सरकार की उपलब्धियां बताई जा रही थीं, उसी दौरान बिजली व्यवस्था जवाब दे गई। वह भी तब, जब मंच पर खुद प्रदेश के ऊर्जा मंत्री मौजूद थे। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन अंधेरे में टॉर्च की रोशनी के सहारे प्रेस कॉन्फ्रेंस का जारी रहना लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। बेनीवाल ने ली चुटकी घटना के बाद नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मंच पर रेल मंत्री और सामने ऊर्जा मंत्री बैठे थे, फिर भी अंधेरा छाया रहा। बेनीवाल ने यह भी कहा कि विकास की बातें भले तेज रफ्तार से की जा रही हों, लेकिन बिजली व्यवस्था की हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। MP Congress Protest : राष्ट्रपति से समय नहीं मिला तो निकाला पैदल मार्च, पटवारी- सिंघार समेत 61 कांग्रेस नेता गिरफ्तार सोशल मीडिया पर भी छाया मामला प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अंधेरे में टॉर्च जलाकर सवाल-जवाब करने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। इसके बाद पूरे दिन यह घटनाक्रम राजनीतिक और सोशल मीडिया दोनों जगह चर्चा का केंद्र बना रहा।

Patwari Merger Policy 2026 : गृह तहसील में पोस्टिंग प्रतिबंधित, अब नए जिले की सीनियरिटी से तय होगी वरिष्ठता

Patwari Merger Policy 2026

Patwari Merger Policy 2026 : भोपाल। मध्य प्रदेश राजस्व विभाग ने पटवारियों के लिए नई संविलयन नीति 2026 जारी कर दी है। यह नीति तबादला अवधि समाप्त होने से ठीक पहले लागू की गई है। नई व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिनका सीधा असर पटवारियों की पदस्थापना, वरिष्ठता और संविलयन प्रक्रिया पर पड़ेगा। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी पटवारी को उसकी गृह तहसील में पदस्थ नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही संविलयन के बाद वरिष्ठता का निर्धारण नए जिले की वरिष्ठता सूची के अनुसार किया जाएगा। कौन होंगे संविलयन के लिए पात्र नई नीति के अनुसार अंतर-जिला संविलयन का लाभ केवल उन पटवारियों को मिलेगा जिनकी नियुक्ति पटवारी परीक्षा 2022 का परिणाम घोषित होने से पहले हुई थी। हालांकि, वर्ष 2022 की परीक्षा के माध्यम से नियुक्त हुए पटवारियों को भी कुछ विशेष परिस्थितियों में आवेदन करने का अवसर मिलेगा। इससे संविलयन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है। Bengal EVM Burning Video : बंगाल में 4000 EVM जलाने का आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल इन विशेष परिस्थितियों में मिलेगा लाभ वर्ष 2022 की परीक्षा पास कर नियुक्त हुए पटवारी कुछ निर्धारित परिस्थितियों में संविलयन के लिए आवेदन कर सकेंगे। यदि पति या पत्नी सरकारी कर्मचारी हैं और दोनों की एक ही जिले में पदस्थापना आवश्यक है, तो रिक्त पद होने पर संविलयन की अनुमति मिल सकती है। इसके अलावा विवाहित महिला, विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्त महिला पटवारी भी आवेदन कर सकेंगी। गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, किडनी रोग, डायलिसिस या ओपन हार्ट सर्जरी से पीड़ित पटवारियों को भी विशेष राहत दी गई है। आपसी सहमति के आधार पर होने वाले संविलयन मामलों को भी मंजूरी मिल सकेगी। नए जिले में पूरी होगी प्रोबेशन प्रक्रिया संविलयन होने के बाद पटवारी की परिवीक्षा अवधि से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं नए जिले में पूरी की जाएंगी। विभागीय नियम और शर्तें पहले की तरह लागू रहेंगी। पुराने जिले को पटवारी की सेवा संबंधी जानकारी, जांच, दंड और विशेष दायित्वों का पूरा रिकॉर्ड नए जिले को उपलब्ध कराना होगा ताकि प्रशासनिक कार्यों में कोई बाधा न आए। MP Board Result Out! बेटियां फिर रहीं आगे, एक क्लिक में देखें अपना रिजल्ट ऑनलाइन आवेदन और अपात्रता के नियम संविलयन के लिए आवेदन आयुक्त भू संसाधन प्रबंधन, मध्य प्रदेश के माध्यम से ऑनलाइन लिए जाएंगे। आवेदन के दौरान अभ्यर्थियों को अपनी श्रेणी और आरक्षण संबंधी जानकारी दर्ज करनी होगी। किसी भी प्रकार के दस्तावेज ऑनलाइन आवेदन के साथ स्वीकार नहीं किए जाएंगे। जिन पटवारियों के खिलाफ लोकायुक्त या अन्य किसी आपराधिक मामले में प्रकरण दर्ज है, उन्हें संविलयन के लिए अपात्र माना जाएगा। रिक्त पद होने पर ही मिलेगा संविलयन नई नीति में स्पष्ट किया गया है कि जिस जिले में संविलयन की मांग की गई है, वहां संबंधित वर्ग के रिक्त पद उपलब्ध होने चाहिए। आरक्षण नियमों और जिला रोस्टर का पालन करते हुए ही संविलयन किया जाएगा। जिले के भीतर अंतिम पदस्थापना का अधिकार कलेक्टर के पास रहेगा, लेकिन किसी भी स्थिति में पटवारी को उसकी गृह तहसील में पदस्थ नहीं किया जाएगा। CM Mohan Yadav : श्रम से मुक्त समाज बनाने का आह्वान, CM बोले- बच्चों के हाथों में कलम-किताब देती है शोभा एक बार जिला मिलने पर नहीं बदलेगा आवंटन सरकार ने यह भी तय किया है कि संविलयन के बाद एक बार जिला आवंटित हो जाने पर दोबारा जिला परिवर्तन का लाभ नहीं मिलेगा। नए जिले में पदभार ग्रहण करने के बाद उसी जिले की वरिष्ठता सूची के आधार पर कर्मचारी की वरिष्ठता तय की जाएगी। साथ ही आदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर संबंधित पटवारी को नए जिले में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।