Bihar Viral Video : बिहार। वैशाली जिले में एक बुजुर्ग की तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। झुकी कमर और लड़खड़ाती चाल वाले इस व्यक्ति को दो लोगों के सहारे अदालत परिसर से बाहर लाया जा रहा है। यह शख्स 84 वर्षीय दीप राय उर्फ जिसा राय है। अदालत ने उन्हें 34 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में दोषी करार दिया है। लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या इतनी उम्र में सजा देना उचित है।
केस की पूरी कहानी
यह पूरा मामला वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड के जुड़ावनपुर गांव का है। 10 मई 1992 को अदालत राय नाम के व्यक्ति ने अपनी पत्नी के साथ घर के बाहर बैठे हुए थे। उसी समय एक ही परिवार के पांच सदस्य हथियार लेकर पहुंचे और उन पर हमला बोल दिया। आरोपियों पर गोली चलाने और जानलेवा हमला करने का आरोप लगा। पुलिस ने मामले की जांच की और 1993 में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी।
कानूनी प्रक्रिया में हुई लंबी देरी
केस की सुनवाई लंबे समय तक चली। इस दौरान पांच आरोपियों में से चार की मौत हो गई। दीप राय उर्फ जिसा राय इस मामले में बचे इकलौते जीवित आरोपी थे। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 307 और आर्म्स एक्ट की धारा 134 के तहत दोषी पाया है।
अब क्या होगा सजा का फैसला
अदालत ने दोष सिद्ध होने का फैसला सुना दिया है। सजा की घोषणा 2 जून को की जाएगी। तब तय होगा कि उन्हें कितनी सजा मिलेगी। इस फैसले ने एक बार फिर न्याय व्यवस्था में देरी के मुद्दे को उठा दिया है।
सोशल मीडिया पर चर्चा
वीडियो वायरल होने के बाद लोग अपनी राय दे रहे हैं। कुछ कह रहे हैं कि कानून के सामने उम्र कोई मायने नहीं रखती, तो कुछ इसे मानवीय दृष्टि से देखने की बात कर रहे हैं। यह मामला दिखाता है कि अपराध कितना भी पुराना हो, न्याय की प्रक्रिया अंत में अपना काम करती है।