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CBSE 12th Result Controversy : CBSE चेयरमैन-सचिव हटे, ऑन स्क्रीन मार्किंग टेंडर में घोटाला? पोर्टल पर साइबर अटैक

CBSE 12th Result Controversy

CBSE 12th Result Controversy : नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम और टेंडर प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय विशेष जांच समिति का गठन किया गया है। जांच की कमान राधा चौहान को सरकारी सूत्रों के अनुसार, टेंडर आवंटन और उससे जुड़े प्रशासनिक फैसलों की जांच की जिम्मेदारी एस. राधा चौहान को सौंपी गई है। वर्तमान में वे कैपेसिटी बिल्डिंग कमिशन की चेयरपर्सन हैं। उत्तर प्रदेश कैडर की 1988 बैच की सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी रहीं राधा चौहान इससे पहले कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की सचिव भी रह चुकी हैं। प्रशासनिक सुधार और सुशासन के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। OSM सिस्टम पर उठे सवाल पिछले कुछ महीनों से सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर विवाद चल रहा था। मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता, तकनीकी संचालन और कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। विवाद तब और बढ़ गया जब पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) के दौरान छात्रों को उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी उपलब्ध कराने में तकनीकी दिक्कतें सामने आईं। इससे बोर्ड की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हुए। टेंडर प्रक्रिया पर भी घिरा बोर्ड तकनीकी विवाद के बीच टेंडर प्रक्रिया और निविदा आवंटन से जुड़े कुछ फैसलों पर भी गंभीर आपत्तियां और शिकायतें सामने आईं। इसके बाद केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच कराने का फैसला लिया। माना जा रहा है कि जांच समिति टेंडर प्रक्रिया, आवंटन से जुड़ी फाइलों और प्रशासनिक निर्णयों की विस्तृत समीक्षा करेगी। समिति अपनी रिपोर्ट सीधे सरकार को सौंपेगी, जिसके बाद पूरे विवाद की तस्वीर और साफ हो सकेगी।

Bihar Viral Video : 34 साल पुराने केस में बुजुर्ग दोषी, जवानी में चली गोली बुढ़ापे में आया फैसला

Bihar Viral Video

Bihar Viral Video : बिहार। वैशाली जिले में एक बुजुर्ग की तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। झुकी कमर और लड़खड़ाती चाल वाले इस व्यक्ति को दो लोगों के सहारे अदालत परिसर से बाहर लाया जा रहा है। यह शख्स 84 वर्षीय दीप राय उर्फ जिसा राय है। अदालत ने उन्हें 34 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में दोषी करार दिया है। लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या इतनी उम्र में सजा देना उचित है। केस की पूरी कहानी यह पूरा मामला वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड के जुड़ावनपुर गांव का है। 10 मई 1992 को अदालत राय नाम के व्यक्ति ने अपनी पत्नी के साथ घर के बाहर बैठे हुए थे। उसी समय एक ही परिवार के पांच सदस्य हथियार लेकर पहुंचे और उन पर हमला बोल दिया। आरोपियों पर गोली चलाने और जानलेवा हमला करने का आरोप लगा। पुलिस ने मामले की जांच की और 1993 में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। IIT Baba Arrested : IIT इंजीनियर से बना ढोंगी बाबा! लड़कियों को जाल में फंसाकर कराता था ‘गंधर्व विवाह’, मोबाइल से मिले वीडियो कानूनी प्रक्रिया में हुई लंबी देरी केस की सुनवाई लंबे समय तक चली। इस दौरान पांच आरोपियों में से चार की मौत हो गई। दीप राय उर्फ जिसा राय इस मामले में बचे इकलौते जीवित आरोपी थे। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 307 और आर्म्स एक्ट की धारा 134 के तहत दोषी पाया है। अब क्या होगा सजा का फैसला अदालत ने दोष सिद्ध होने का फैसला सुना दिया है। सजा की घोषणा 2 जून को की जाएगी। तब तय होगा कि उन्हें कितनी सजा मिलेगी। इस फैसले ने एक बार फिर न्याय व्यवस्था में देरी के मुद्दे को उठा दिया है। MP Cabinet Decisions : 46.80 लाख लोगों को मुफ्त जमीन की रजिस्ट्री देगी MP सरकार, छात्रों को अब सिली-सिलाई ड्रेस मिलेगी सोशल मीडिया पर चर्चा वीडियो वायरल होने के बाद लोग अपनी राय दे रहे हैं। कुछ कह रहे हैं कि कानून के सामने उम्र कोई मायने नहीं रखती, तो कुछ इसे मानवीय दृष्टि से देखने की बात कर रहे हैं। यह मामला दिखाता है कि अपराध कितना भी पुराना हो, न्याय की प्रक्रिया अंत में अपना काम करती है।

IIT Baba Arrested : IIT इंजीनियर से बना ढोंगी बाबा! लड़कियों को जाल में फंसाकर कराता था ‘गंधर्व विवाह’, मोबाइल से मिले वीडियो

Mathura IIT-Graduate Baba Arrested

IIT Baba Arrested : मथुरा। आईआईटी (IIT) रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद साधु का भेष धरकर युवतियों को अपने जाल में फंसाने वाले एक शातिर ढोंगी बाबा को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। मथुरा के गोवर्धन थाना क्षेत्र से सामने आए इस चौंकाने वाले मामले में पुलिस ने आरोपी को युवतियों का ब्रेनवॉश करने और उनके साथ दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी बाबा पर आरोप है कि वह पढ़े-लिखे युवक-युवतियों को अपने समूह में शामिल करता था और फिर उन्हें मानसिक रूप से अपने वश में करके आपत्तिजनक हरकतों को अंजाम देता था। Twisha Case Update : स्पेशल कोर्ट ने पति समर्थ और सास गिरिबाला को भेजा जेल, गिरिबाला बोली- ट्विशा के वकील ने बेटे से की मारपीट कौन है आरोपी? गोवर्धन थाना पुलिस ने इस कार्रवाई के तहत अभिषेक उर्फ आदिकर्ता नारायण दास नाम के आरोपी को राधाकुंड के शेरगढ़िया मोहल्ले से धर दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी मूल रूप से भुवनेश्वर (ओडिशा) का रहने वाला है, जो पिछले कुछ समय से गोवर्धन इलाके में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक ने आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। एक पढ़ा-लिखा इंजीनियर अचानक साधु का चोला ओढ़कर इस तरह के अपराधों में क्यों शामिल हो गया, पुलिस अब इसकी गहराई से पड़ताल कर रही है। MP Malnutrition : कुपोषण के खिलाफ MP में बड़ा अभियान! CM बोले- नक्सलवाद की तरह खत्म करनी होगी यह चुनौती ऐसे बिछाता था जाल पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि यह ढोंगी बाबा पढ़ी-लिखी लड़कियों को ऑनलाइन माध्यम से प्रवचन और भजन-कीर्तन सुनाकर अपने जाल में फंसाता था। जब युवक-युवतियां उसके प्रभाव में आ जाते, तो वह उनका ब्रेनवॉश करके समूह के भीतर ही उनका तथाकथित ‘गंधर्व विवाह’ करा देता था। इस विवाह की आड़ में वह बाद में उन्हीं युवतियों का शारीरिक शोषण करता था और उनके आपत्तिजनक वीडियो भी तैयार कर लेता था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से कई लड़कियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो भी बरामद किए हैं। UPDATE : पहलगाम हमले में चीन-पाक कनेक्शन! NIA के खुलासे ने चौंकाया, जानिए पूरी साजिश शिकायत से खुली पोल गोवर्धन सीओ अनिल सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरे काले कारनामे का भंडाफोड़ तब हुआ, जब एक पीड़ित युवती ने हिम्मत जुटाकर गोवर्धन थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस ढोंगी बाबा ने अब तक कितनी लड़कियों को अपनी हवस का शिकार बनाया है और इसके संपर्क में और कितने युवक-युवतियां आए थे।

Annamalai Resigns : बीजेपी को बड़ा झटका! अन्नामलाई का इस्तीफा, नई पार्टी बनाने की तैयारी

Annamalai Resigns

Annamalai Resigns : चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने नई दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष को अपना पांच पन्नों का इस्तीफा सौंपा। इसके बाद उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की और फिर चेन्नई रवाना हो गए। मनाने की कोशिश नाकाम सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी नेतृत्व ने अन्नामलाई को संगठन में बनाए रखने की कोशिश की। उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी देने पर भी चर्चा हुई, लेकिन वे अपने फैसले पर कायम रहे। बताया जा रहा है कि उम्मीदवार चयन और एआईएडीएमके के साथ गठबंधन को लेकर अन्नामलाई लंबे समय से असहमत थे। विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया। MP Malnutrition : कुपोषण के खिलाफ MP में बड़ा अभियान! CM बोले- नक्सलवाद की तरह खत्म करनी होगी यह चुनौती पहले से मिल रहे थे संकेत अन्नामलाई के इस्तीफे की चर्चा काफी समय से चल रही थी। 2025 में उनकी जगह नैनार नागेंद्रन को तमिलनाडु बीजेपी की कमान सौंपे जाने के बाद अटकलें और तेज हो गई थीं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एमजीआर और जे. जयललिता को लेकर दिए गए बयानों से बीजेपी और एआईएडीएमके के रिश्तों में खटास बढ़ी थी। 2020 में राजनीति में आए अन्नामलाई तमिलनाडु बीजेपी के सबसे युवा प्रदेश अध्यक्ष बने थे। समर्थकों के पोस्टरों से बढ़ीं चर्चाएं हाल के महीनों में मदुरै समेत कई जिलों में समर्थकों ने अन्नामलाई के “अगले अवतार” वाले पोस्टर लगाए थे। कोयंबटूर में उनके जन्मदिन से पहले लगे पोस्टरों ने भी नई राजनीतिक शुरुआत की अटकलों को हवा दी। अन्नामलाई ने संकेत दिया है कि वे अगले दो दिनों में अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट करेंगे। MP Cabinet Decisions : 46.80 लाख लोगों को मुफ्त जमीन की रजिस्ट्री देगी MP सरकार, छात्रों को अब सिली-सिलाई ड्रेस मिलेगी नई पार्टी बनाने की तैयारी? सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि अन्नामलाई अगले 6 से 8 महीनों में नई क्षेत्रीय पार्टी बना सकते हैं। उनके करीबी सहयोगियों के अनुसार, प्रस्तावित संगठन ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘तमिल-प्रथम’ विचारधारा पर आधारित होगा। बताया जा रहा है कि नई पार्टी का उद्देश्य तमिलनाडु में बीजेपी और द्रविड़ दलों के विकल्प के रूप में उभरना है। अन्नामलाई के करीबी मानते हैं कि वे तमिल पहचान को राष्ट्रीय सोच के साथ जोड़ते हुए मुद्दों की राजनीति को आगे बढ़ाना चाहते हैं।

MP Malnutrition : कुपोषण के खिलाफ MP में बड़ा अभियान! CM बोले- नक्सलवाद की तरह खत्म करनी होगी यह चुनौती

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MP Malnutrition Campaign : भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में कुपोषण के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि जिस तरह नक्सलवाद के खिलाफ संयुक्त रणनीति बनाकर प्रभावी कार्रवाई की गई, उसी प्रकार कुपोषण को समाप्त करने के लिए भी सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में देशभर में कुपोषण उन्मूलन अभियान चलाने पर जोर दिया था। इसी के तहत महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और आयुष विभाग को समन्वित प्रयास करने होंगे। जनभागीदारी और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनभागीदारी और जवाबदेही दोनों बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि पोषण सुधार से संबंधित गतिविधियों में स्वास्थ्य विभाग, स्कूल शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ निजी अस्पतालों और सामाजिक संस्थाओं को भी जोड़ा जाए। साथ ही अन्य राज्यों और जिलों में सफल साबित हुए नवाचारों को अपनाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात भी कही। MP Cabinet Decisions : 46.80 लाख लोगों को मुफ्त जमीन की रजिस्ट्री देगी MP सरकार, छात्रों को अब सिली-सिलाई ड्रेस मिलेगी कामकाजी महिलाओं के लिए बनेंगे नए हॉस्टल बैठक में मुख्यमंत्री ने महिला कर्मचारियों की सुविधा को लेकर भी अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यरत हैं, वहां पीपीपी मॉडल पर वर्किंग वुमेन हॉस्टल बनाए जाने की योजना तैयार की जाए। अधिकारियों ने बताया कि देवास, नर्मदापुरम, झाबुआ और सिंगरौली में ऐसे हॉस्टलों का निर्माण शुरू हो चुका है। वहीं महिलाओं की सहायता के लिए पांढुर्णा, मऊगंज, मैहर, झाबुआ, इंदौर और धार सहित कई स्थानों पर नए वन स्टॉप सेंटर भी स्वीकृत किए गए हैं। बच्चों के लिए विद्यारंभ और सहायता योजनाओं का विस्तार बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 9.28 लाख बच्चों के लिए विद्यारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके तहत उन्हें प्रमाण-पत्र प्रदान कर स्कूलों में प्रवेश सुनिश्चित किया गया। इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। इसके अलावा चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से 66 हजार से अधिक बच्चों को सहायता प्रदान की गई है। जोखिमग्रस्त बच्चों की पहचान और मैपिंग का कार्य 13 जिलों में जारी है। Twisha Case Update : स्पेशल कोर्ट ने पति समर्थ और सास गिरिबाला को भेजा जेल, गिरिबाला बोली- ट्विशा के वकील ने बेटे से की मारपीट आंगनवाड़ी उन्नयन और महिला योजनाओं में मध्य प्रदेश अग्रणी अधिकारियों ने जानकारी दी कि सक्षम आंगनवाड़ी उन्नयन कार्यक्रम के तहत प्रदेश में एक साथ 12,670 मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों को मुख्य आंगनवाड़ी केंद्रों में परिवर्तित किया गया है, जिससे मध्य प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। वहीं मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत जनवरी 2024 से मई 2026 तक 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को 47,775 करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक सहायता दी गई है। इसके अलावा लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत 15.84 लाख बालिकाओं को लाभ पहुंचाया गया है। मातृ वंदना योजना में भी अव्वल रहा मध्य प्रदेश बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रदेश की 15.51 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं को 798.68 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की गई है। Nawab Property Dispute : भोपाल नवाब की करोड़ों की संपत्ति पर कानूनी संकट! जांच के घेरे में सैफ और शर्मिला योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश पिछले ढाई वर्षों से देश में अग्रणी बना हुआ है। इसके अलावा सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बीमा योजना से भी जोड़ा गया है।

MP Cabinet Decisions : 46.80 लाख लोगों को मुफ्त जमीन की रजिस्ट्री देगी MP सरकार, छात्रों को अब सिली-सिलाई ड्रेस मिलेगी

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MP Cabinet Decisions : भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में स्वामित्व योजना के तहत लाखों परिवारों को उनकी आबादी वाली जमीन के पंजीकृत दस्तावेज देने, सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को तैयार यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने और विभिन्न विकास परियोजनाओं को मंजूरी देने जैसे अहम निर्णय लिए गए। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से ग्रामीण क्षेत्रों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। स्वामित्व योजना के तहत मिलेगी जमीन की रजिस्ट्री कैबिनेट ने स्वामित्व योजना को और मजबूत बनाते हुए आबादी क्षेत्र में रहने वाले परिवारों को उनकी संपत्तियों के रजिस्ट्रीकृत दस्तावेज उपलब्ध कराने का फैसला किया है। ड्रोन और सैटेलाइट सर्वे के माध्यम से प्रदेश में 48.80 लाख निजी और करीब 19 लाख सरकारी संपत्तियों का चिन्हांकन किया गया है। अब इन संपत्तियों की विधिवत रजिस्ट्री कराई जाएगी। खास बात यह है कि पंजीयन शुल्क और पंचायत उपकर का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इस योजना पर लगभग 3800 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। सरकार का दावा है कि दस्तावेज मिलने के बाद लोगों को बैंक ऋण और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। UPDATE : पहलगाम हमले में चीन-पाक कनेक्शन! NIA के खुलासे ने चौंकाया, जानिए पूरी साजिश छात्रों को अब मिलेगी तैयार यूनिफॉर्म स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कैबिनेट ने कक्षा 1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को तैयार सिलाई की हुई यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। अभी तक छात्रों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 600 रुपए भेजे जाते थे। हालांकि, यूनिफॉर्म खरीद को लेकर लगातार शिकायतें सामने आने के बाद सरकार ने व्यवस्था में बदलाव किया है। अब टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कपड़ा खरीदा जाएगा और विद्यार्थियों को सीधे तैयार यूनिफॉर्म वितरित की जाएगी। गेहूं खरीदी और UCC पर भी हुई चर्चा कैबिनेट बैठक में प्रदेश में गेहूं खरीदी की समीक्षा भी की गई। सरकार ने दावा किया कि इस वर्ष देश में सबसे अधिक गेहूं की खरीदी मध्य प्रदेश में हुई है। समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर भी चर्चा हुई, जिसमें सुझाव लेने की प्रक्रिया को 30 जुलाई तक पूरा करने की जानकारी दी गई। सरकार का कहना है कि सभी वर्गों की राय लेने के बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। Twisha Case Update : स्पेशल कोर्ट ने पति समर्थ और सास गिरिबाला को भेजा जेल, गिरिबाला बोली- ट्विशा के वकील ने बेटे से की मारपीट न्यायिक जांच, मेडिकल कॉलेज और विकास परियोजनाओं को मंजूरी बैठक में बरगी बांध क्रूज हादसे की न्यायिक जांच को मंजूरी दी गई। इसके अलावा एमबीबीएस सीटों में वृद्धि, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, राज्य आनंद संस्थान में संविदा नियुक्ति और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान देने जैसे प्रस्तावों को स्वीकृति मिली। इंदौर के पिपल्याहाना में बन रहे जिला न्यायालय भवन की लागत 400 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 626 करोड़ रुपए करने की मंजूरी भी दी गई। वहीं हिंदी फिल्म तन्वी द ग्रेट (Tanvi The Great) को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री करने के आदेश का अनुमोदन किया गया। दूध उत्पादन बढ़ा, गोरस ऐप हुआ लॉन्च सरकार ने दावा किया कि प्रदेश में दूध उत्पादन 9 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 11 लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुंच गया है। पशुपालकों को मौसम, पशु आहार और पशुओं की देखभाल से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए गोरस ऐप (Goras App) लॉन्च किया गया है। इसके साथ ही पीएम सूर्यघर योजना के तहत 4 लाख घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जाने और जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 2 लाख से अधिक जल संरचनाओं पर कार्य पूरा होने की जानकारी भी दी गई। Dhirendra Shastri Train Journey : PM मोदी की अपील पर पं धीरेंद्र शास्त्री ने की ट्रेन यात्रा, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किसानों की मिट्टी परिवहन समस्या पर होगा समाधान कैबिनेट बैठक में किसानों और ग्रामीणों से जुड़े मिट्टी परिवहन के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि तालाबों और खेतों से निकाली गई मिट्टी को किसानों तक पहुंचाने में प्रशासनिक अड़चनें सामने आ रही हैं। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को पूरे मामले की समीक्षा कर व्यावहारिक और किसान हितैषी व्यवस्था तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जल संरक्षण कार्यों को बढ़ावा मिले और ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

UPDATE : पहलगाम हमले में चीन-पाक कनेक्शन! NIA के खुलासे ने चौंकाया, जानिए पूरी साजिश

Pahalgam Attack NIA Investigation UPDATE

Pahalgam Attack NIA Investigation UPDATE : नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक नया और चौंकाने वाला खुलासा किया है। एनआईए के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादियों के पास से बरामद दो मोबाइल फोन की कड़ियां सीधे चीन और पाकिस्तान से जुड़ी हुई हैं। जांच में सामने आया है कि ये दोनों स्मार्टफोन (रेडमी 9टी और रेडमी नोट 12) चीनी कंपनी Xiaomi की सप्लाई चेन के माध्यम से पाकिस्तान भेजे गए थे। पाकिस्तान के कराची की एक कंपनी ‘टेक सीरत प्राइवेट लिमिटेड’ ने इन्हें आयात किया था और बाद में कराची व लाहौर के पतों पर इनकी डिलीवरी की गई थी। इन मोबाइलों की फोरेंसिक जांच में यह भी पता चला है कि आतंकियों के नेविगेशन ऐप में पहलगाम की बैसरन घाटी की लोकेशन पहले से सुरक्षित थी और हमले से कई दिन पहले 15-16 अप्रैल को ही वहां के स्क्रीनशॉट ले लिए गए थे, जिसके बाद 22 अप्रैल को इस वारदात को अंजाम दिया गया। Twisha Case Update : स्पेशल कोर्ट ने पति समर्थ और सास गिरिबाला को भेजा जेल, गिरिबाला बोली- ट्विशा के वकील ने बेटे से की मारपीट चीन के रास्ते लश्कर के पास पहुंचा था अमेरिकी गोप्रो कैमरा एनआईए की तफ्तीश में यह बात भी सामने आई है कि आतंकवादियों के पास से एक अमेरिकी कंपनी ‘गोप्रो’ का हाई-टेक कैमरा भी मिला था। अमेरिकी कंपनी ने पुष्टि की है कि यह कैमरा चीन में उनके तय डिस्ट्रीब्यूटर को भेजा गया था, जहां से यह लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों तक पहुंच गया। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगा रही हैं कि चीन से यह उपकरण किन बिचौलियों, लोकल सपोर्ट और गुप्त खरीद नेटवर्क के जरिए भारत में सक्रिय आतंकियों तक सप्लाई किया गया। दरअसल, कश्मीर में आतंकी संगठन अब हमलों की रिकॉर्डिंग करने और उनका प्रचार करने के लिए बॉडी कैमरों का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। लाहौर में बैठा लश्कर का ‘लंगड़ा’ है हमले का मास्टरमाइंड एनआईए द्वारा दाखिल चार्जशीट के मुताबिक, इस पूरे हमले की कमान पाकिस्तान के लाहौर से लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर सैफुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट उर्फ ‘लंगड़ा’ संभाल रहा था। पैर में गोली लगने के कारण नकली पैर लगाने वाला साजिद जट्ट ही आतंकियों का मुख्य हैंडलर था, जो हमले के दौरान तीनों आतंकवादियों को पल-पल की हिदायत दे रहा था। MP Government Bus Service : 21 साल बाद MP में लौटीं सरकारी बसें! जानिए कब से दौड़ेंगी और किन रूटों पर मिलेगी सुविधा साजिद जट्ट ने ही 2019 में लश्कर के मुखौटा संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) को खड़ा किया था और उस पर 10 लाख रुपये का इनाम है। यह मॉड्यूल पहलगाम के अलावा डांगरी, पुंछ वायुसेना काफिले, रियासी बस हमले और श्रीनगर की जेड-मोड़ टनल पर हुए हमले में भी शामिल था, जहां टनल हमले में मारे गए आतंकी जुनैद के पास से भी ठीक वैसी ही एम4 कार्बाइन और गोप्रो कैमरा मिला था। गाइड्स की लापरवाही से हुआ हमला इस मामले में सुरक्षा एजेंसियों ने परवेज अहमद जोठार और बशीर अहमद जोठार नाम के दो टूरिस्ट गाइड्स को भी गिरफ्तार किया है। चार्जशीट के अनुसार, इन दोनों गाइड्स ने आतंकियों को बैसरन वैली में देखा था, लेकिन उन्होंने इसकी जानकारी सुरक्षा बलों को नहीं दी। हमले से एक दिन पहले इन आतंकियों ने गाइड परवेज की झोपड़ी में खाना भी खाया था और जाते समय राशन भी साथ ले गए थे। इस मजहबी टारगेटेड हमले में 25 पर्यटकों और 1 स्थानीय नागरिक सहित कुल 26 लोगों की मौत हुई थी। बाद में 28 जुलाई को ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत सुरक्षा बलों ने हमले में शामिल तीनों पाकिस्तानी आतंकियों (फैसल जट्ट, हबीब ताहिर और हमजा अफगानी) को मार गिराया था। Vedanta ED Raid : वेदांता समूह पर ED की बड़ी कार्रवाई, FEMA उल्लंघन जांच में कई ठिकानों पर छापेमारी बदले में भारत ने की थी एयर स्ट्राइक पहलगाम में हुए इस कायराना हमले का जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने 6 मई की रात को पाकिस्तान और पीओके (PoK) में घुसकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत बड़ी एयर स्ट्राइक की थी। भारत की तरफ से दागी गईं 24 मिसाइलों ने आतंकवादियों के 9 ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया था। इस जवाबी कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी ढेर हुए थे, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य और उसके 4 करीबी सहयोगी भी शामिल थे।

Twisha Case Update : स्पेशल कोर्ट ने पति समर्थ और सास गिरिबाला को भेजा जेल, गिरिबाला बोली- ट्विशा के वकील ने बेटे से की मारपीट

Twisha Case Update

Twisha Case Update : भोपाल। चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। सीबीआई की विशेष अदालत ने आरोपी पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सीबीआई ने दोनों आरोपियों की आगे पुलिस रिमांड नहीं मांगी, जिसके बाद अदालत ने उन्हें 16 जून तक भोपाल सेंट्रल जेल भेजने का आदेश दिया। जेल प्रशासन दोनों आरोपियों को अन्य कैदियों से अलग रखेगा। इससे पहले रिमांड अवधि समाप्त होने पर सीबीआई ने दोनों को सीजेएम कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट में वकीलों के बीच तीखी बहस सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि ट्विशा पक्ष के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने जबलपुर कोर्ट में उनके बेटे समर्थ सिंह के साथ मारपीट की थी। इस आरोप का जवाब देते हुए अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि कोर्ट परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और यदि ऐसा हुआ है तो फुटेज की जांच कराई जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि समर्थ को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह जबलपुर कोर्ट में कहां मौजूद थे। Dhirendra Shastri Train Journey : PM मोदी की अपील पर पं धीरेंद्र शास्त्री ने की ट्रेन यात्रा, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल सीबीआई कर रही है बयानों और सबूतों का मिलान जांच के दौरान समर्थ सिंह और पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने अपने ऊपर लगे मारपीट, प्रताड़ना और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों को खारिज किया है। दोनों का दावा है कि ट्विशा के साथ उनके संबंध सामान्य थे। वहीं समर्थ ने यह भी कहा कि ट्विशा को नशे की लत थी और उनके व्यवहार में अचानक बदलाव देखने को मिलता था। सीबीआई अब आरोपियों के बयानों का डिजिटल रिकॉर्ड, फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों से मिलान कर रही है। सोमवार को पूरे घटनाक्रम का क्राइम सीन रिक्रिएशन भी कराया गया था। MP Government Bus Service : 21 साल बाद MP में लौटीं सरकारी बसें! जानिए कब से दौड़ेंगी और किन रूटों पर मिलेगी सुविधा लिगेचर बेल्ट को लेकर जांच में उठे गंभीर सवाल मामले की जांच के दौरान एक अहम सबूत लिगेचर बेल्ट को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। जांच में सामने आया कि घटनास्थल से बरामद बेल्ट को नियमानुसार तुरंत सुरक्षित नहीं किया गया। आरोप है कि जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा इसे करीब दो दिन तक अपनी कार में रखे रहे, जिसके बाद इसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। ट्विशा के परिजनों का कहना है कि यदि यह आत्महत्या का मामला था तो फंदे में इस्तेमाल हुई बेल्ट को समय पर सुरक्षित क्यों नहीं रखा गया। इसी पहलू ने मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है। Nawab Property Dispute : भोपाल नवाब की करोड़ों की संपत्ति पर कानूनी संकट! जांच के घेरे में सैफ और शर्मिला आर्थिक और निजी परिस्थितियों की भी जांच सीबीआई मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। जांच में यह जानकारी सामने आई है कि ट्विशा शर्मा को पिछले छह से सात महीनों से नियमित वेतन नहीं मिल रहा था। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या आर्थिक तनाव, निजी संबंधों में मतभेद या अन्य परिस्थितियों का उनकी मानसिक स्थिति पर कोई प्रभाव पड़ा था। मामले में आगे कई लोगों से पूछताछ की संभावना है।

MP Government Bus Service : 21 साल बाद MP में लौटीं सरकारी बसें! जानिए कब से दौड़ेंगी और किन रूटों पर मिलेगी सुविधा

MP Government Bus Service

MP Government Bus Service : भोपाल। मध्य प्रदेश के यात्रियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। राज्य में पूरे 21 साल के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर सरकारी बसें सड़कों पर दौड़ती हुई नजर आएंगी। प्रदेश सरकार ‘मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा’ के नाम से इस पुरानी व्यवस्था को दोबारा बहाल करने जा रही है। इस नई सरकारी बस सेवा की शुरुआत आगामी 1 जुलाई से होने जा रही है। योजना के पहले चरण के लिए सबसे पहले इंदौर संभाग को चुना गया है, जिसके बाद इसे अन्य संभागों में भी क्रमवार लागू किया जाएगा। इस पूरी परिवहन व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए कुल 1164 रूट तय किए गए हैं, जिन पर 5206 बसें चलाई जाएंगी। राज्य सरकार इन बसों का संचालन एक राज्य स्तरीय मुख्य कंपनी और 7 क्षेत्रीय कंपनियों के जरिए करेगी, जबकि पूरे कामकाज की निगरानी सीधे परिवहन विभाग द्वारा की जाएगी। यह सरकारी बसें मध्य प्रदेश के एक जिले से दूसरे जिले और ग्रामीण इलाकों को जोड़ने के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गुजरात, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के प्रमुख शहरों तक का सफर भी तय करेंगी। Nawab Property Dispute : भोपाल नवाब की करोड़ों की संपत्ति पर कानूनी संकट! जांच के घेरे में सैफ और शर्मिला CM मोहन यादव ने दी परिवहन रोडमैप को मंजूरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को आयोजित राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी के संचालक मंडल की बैठक में परिवहन विभाग के इस नए रोडमैप को अपनी हरी झंडी दे दी है। इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश के परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान परिवहन सचिव मनीष सिंह ने विभाग द्वारा की गई अब तक की सभी तैयारियों का पूरा ब्योरा सामने रखा। प्राइवेट ऑपरेटरों के परमिट रहेंगे सुरक्षित इस नई व्यवस्था को लेकर सरकार ने निजी बस ऑपरेटरों के मन में बने असमंजस को पूरी तरह दूर कर दिया है। सरकार ने साफ किया है कि वर्तमान में निजी ऑपरेटरों को जो परमिट जारी किए गए हैं, उन पर इस नई सेवा के शुरू होने से कोई असर नहीं पड़ेगा। दरअसल, निजी ऑपरेटरों को यह डर सता रहा था कि उनके पुराने परमिट सरेंडर कराकर नए सिरे से बसों का संचालन किया जाएगा, लेकिन सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है। नई व्यवस्था के तहत निजी ऑपरेटरों को प्रभावित किए बिना बिल्कुल नए रूट और नए समय पर ही इन सरकारी बसों को चलाया जाएगा। गौरतलब है कि साल 2005 में मध्य प्रदेश सड़क परिवहन निगम (सपनि) के बंद होने के बाद यह पहली बार है जब राज्य में सरकारी वाहन सेवा को दोबारा शुरू किया जा रहा है। Vedanta ED Raid : वेदांता समूह पर ED की बड़ी कार्रवाई, FEMA उल्लंघन जांच में कई ठिकानों पर छापेमारी क्षेत्रीय और जिला मुख्यालयों के लिए रूट का गणित परिवहन विभाग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 7 क्षेत्रीय मुख्यालयों वाले शहरों से मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिला मुख्यालयों के लिए कुल 620 रूट तय किए गए हैं, जिन पर 2432 बसें चलाई जाएंगी। इसके अलावा अकेले इंदौर से अन्य जिलों को जोड़ने वाले 121 रूट तय किए गए हैं, जहां 608 बसें अपनी सेवाएं देंगी। इंदौर संभाग का प्लान और प्रमुख शहरों में सिटी बस सेवा योजना के तहत इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, जबलपुर और रीवा जैसे बड़े शहरों में सिटी बसों का संचालन किया जाएगा। सिटी रूट योजना के अंतर्गत अकेले इंदौर में शहर के भीतर और उप-नगरीय क्षेत्रों को मिलाकर कुल 28 रूट तय किए गए हैं, जहां 784 बसें दौड़ेंगी। खास बात यह है कि इन बसों में पीएम ई-बस सेवा की 150 बसें भी शामिल की गई हैं। Twisha Sharma Update : गिरीबाला सिंह और पति समर्थ सिंह की रिमांड अवधि खत्म, CBI आज करेंगी कोर्ट में पेश पड़ोसी राज्यों के लिए बस संचालन और नई भर्तियां इंदौर से महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के लिए कुल 101 रूट निर्धारित किए गए हैं, जिन पर 276 बसें चलेंगी। इसके साथ ही इंदौर से इंटर सिटी और इंटर स्टेट के लिए कुल 250 रूट तय करके 1688 बसें चलाने की योजना है। इस पूरी व्यवस्था को बेहतर ढंग से संभालने के लिए बनाई गई कंपनियों में नई भर्तियों को भी मंजूरी दी गई है। इस मुख्य होल्डिंग कंपनी के अंतर्गत कुल 7 विभाग काम करेंगे और इसकी सभी सहयोगी कंपनियों में भी आने वाले दिनों में भर्तियां की जाएंगी।

Dhirendra Shastri Train Journey : PM मोदी की अपील पर पं धीरेंद्र शास्त्री ने की ट्रेन यात्रा, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

Dhirendra Shastri Train Journey

Dhirendra Shastri Train Journey : छतरपुर। बागेश्वर धाम सरकार ने बद्रीनाथ धाम में अपनी एक दिवसीय साधना और पांच दिवसीय श्री सत्यनारायण भगवान की कथा पूर्ण करने के बाद वापस बागेश्वर धाम के लिए प्रस्थान किया। धार्मिक कार्यक्रमों के समापन के बाद उन्होंने बद्रीनाथ से सड़क मार्ग के जरिए देहरादून तक यात्रा की। इसके बाद वे देहरादून से दिल्ली पहुंचे और फिर दिल्ली से झांसी तक ट्रेन से सफर किया। उनकी यह यात्रा श्रद्धालुओं और आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। आम यात्रियों के बीच किया रेल सफर यात्रा के दौरान बागेश्वर सरकार ने किसी विशेष या निजी साधन का उपयोग नहीं किया। उन्होंने आम यात्रियों के साथ ट्रेन में सफर कर सार्वजनिक परिवहन के महत्व को रेखांकित किया। बताया जा रहा है कि उन्होंने रेल यात्रा के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि सुविधाजनक और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन का उपयोग समाज और देश दोनों के लिए लाभकारी है। उनके इस कदम की श्रद्धालुओं द्वारा सराहना की जा रही है। Nawab Property Dispute : भोपाल नवाब की करोड़ों की संपत्ति पर कानूनी संकट! जांच के घेरे में सैफ और शर्मिला सार्वजनिक परिवहन के उपयोग का दिया संदेश जानकारी के अनुसार, बागेश्वर सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की भावना के तहत यह यात्रा की। उन्होंने पहले भी लोगों से बस, ट्रेन और अन्य सार्वजनिक साधनों का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की थी। उनका मानना है कि इससे यातायात का दबाव कम होता है और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो पाता है। पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत पर जोर बागेश्वर सरकार ने अपने संदेश में पर्यावरण संरक्षण, ईंधन की बचत और बेहतर यातायात व्यवस्था के महत्व पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग न केवल प्रदूषण को कम करने में मदद करता है, बल्कि सड़क पर वाहनों की संख्या घटाकर यातायात व्यवस्था को भी सुचारू बनाता है। उनकी यह पहल समाज में सकारात्मक संदेश देने वाली मानी जा रही है। Vedanta ED Raid : वेदांता समूह पर ED की बड़ी कार्रवाई, FEMA उल्लंघन जांच में कई ठिकानों पर छापेमारी यहां देखिये पं धीरेंद्र शास्त्री की ट्रेन यात्रा का वीडियो