CBSE 12th Result Controversy : नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम और टेंडर प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय विशेष जांच समिति का गठन किया गया है।
जांच की कमान राधा चौहान को
सरकारी सूत्रों के अनुसार, टेंडर आवंटन और उससे जुड़े प्रशासनिक फैसलों की जांच की जिम्मेदारी एस. राधा चौहान को सौंपी गई है। वर्तमान में वे कैपेसिटी बिल्डिंग कमिशन की चेयरपर्सन हैं। उत्तर प्रदेश कैडर की 1988 बैच की सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी रहीं राधा चौहान इससे पहले कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की सचिव भी रह चुकी हैं। प्रशासनिक सुधार और सुशासन के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है।
OSM सिस्टम पर उठे सवाल
पिछले कुछ महीनों से सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर विवाद चल रहा था। मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता, तकनीकी संचालन और कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे।
विवाद तब और बढ़ गया जब पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) के दौरान छात्रों को उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी उपलब्ध कराने में तकनीकी दिक्कतें सामने आईं। इससे बोर्ड की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हुए।
टेंडर प्रक्रिया पर भी घिरा बोर्ड
तकनीकी विवाद के बीच टेंडर प्रक्रिया और निविदा आवंटन से जुड़े कुछ फैसलों पर भी गंभीर आपत्तियां और शिकायतें सामने आईं। इसके बाद केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच कराने का फैसला लिया।
माना जा रहा है कि जांच समिति टेंडर प्रक्रिया, आवंटन से जुड़ी फाइलों और प्रशासनिक निर्णयों की विस्तृत समीक्षा करेगी। समिति अपनी रिपोर्ट सीधे सरकार को सौंपेगी, जिसके बाद पूरे विवाद की तस्वीर और साफ हो सकेगी।
