Aayudh

Categories

MP Transfer Policy 2026 : आज से शुरू होगा तबादलों का दौर, 15 जून तक जारी होंगे स्थानांतरण आदेश

MP Transfer Policy 2026

MP Transfer Policy 2026 : भोपाल। मध्य प्रदेश में सोमवार से तबादलों का दौर औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। राज्य सरकार की नई तबादला नीति के तहत सभी विभाग 15 जून तक स्वैच्छिक और प्रशासनिक आधार पर अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण कर सकेंगे। लंबे समय से तबादलों का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए यह महत्वपूर्ण खबर मानी जा रही है। सरकार ने सभी विभागों को तय समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस विभाग में भी तेज हुई गतिविधियां

पुलिस मुख्यालय (PHQ) के निर्देशों के बाद जिलों में तबादलों की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। आरक्षक से लेकर उप निरीक्षक (SI) स्तर तक के पुलिसकर्मियों के तबादले 5 जून तक करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके बाद विभिन्न जिलों के पुलिस अधीक्षक और पुलिस आयुक्त अपने-अपने स्तर पर स्थानांतरण आदेश जारी कर रहे हैं। इससे पुलिस विभाग में भी प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल रहा है।

MP UCC : मध्य प्रदेश में जल्द लागू हो सकती है समान नागरिक संहिता, मानसून सत्र में पेश होगा विधेयक

कई विभागों ने मांगी कर्मचारियों की जानकारी

शिक्षा विभाग सहित कई अन्य विभागों ने जिलों में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की विस्तृत जानकारी मांगी है। वहीं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने संविदा कर्मचारियों और अधिकारियों को 2 जून तक ऑनलाइन आवेदन करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि इन जानकारियों के आधार पर आगामी दिनों में बड़े स्तर पर स्थानांतरण किए जा सकते हैं।

तबादला नीति में तय किया प्रतिशत

राज्य सरकार की तबादला नीति के अनुसार, जिन विभागों में 200 तक कर्मचारी हैं वहां अधिकतम 20 प्रतिशत तबादले किए जा सकेंगे। 200 से 1000 कर्मचारियों वाले विभागों में 15 प्रतिशत, 1000 से 2000 कर्मचारियों वाले विभागों में 10 प्रतिशत और 2001 से अधिक कर्मचारियों वाले विभागों में अधिकतम 5 प्रतिशत स्थानांतरण की अनुमति दी गई है। इससे प्रक्रिया को संतुलित और पारदर्शी बनाए रखने का प्रयास किया गया है।

Indore Water Crisis : पानी चोरों की अब खैर नहीं! इंदौर जल संकट पर CM सख्त, 24 घंटे होगी पानी की निगरानी

कुछ मामलों को रखा गया नीति से बाहर

सरकार ने तबादला नीति में कुछ विशेष मामलों को छूट भी दी है। पति-पत्नी को एक ही स्थान पर पदस्थ करने से जुड़े स्थानांतरण तथा गंभीर बीमारी के मामलों में होने वाले तबादले इस नीति के दायरे से बाहर रखे गए हैं। ऐसे मामलों में अलग से विचार किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे कर्मचारियों को मानवीय आधार पर राहत मिल सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *