MP Monsoon Update : भोपाल। मध्य प्रदेश में इस बार मानसून सामान्य समय से कुछ दिन देरी से पहुंच सकता है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार प्रदेश में मानसून की एंट्री 20 से 22 जून के बीच होने की संभावना है। आमतौर पर मानसून जून के मध्य तक प्रदेश में दस्तक दे देता है, लेकिन इस बार इसकी गति धीमी रहने के संकेत मिले हैं। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि इस वर्ष जून महीने में औसत से कम बारिश होने का अनुमान है। वहीं, मानसूनी सीजन की कुल वर्षा भी सामान्य से कम रह सकती है। ऐसे में किसानों और आम लोगों की नजरें अब मानसून की गतिविधियों पर टिकी हुई हैं।
जून की शुरुआत में आंधी-बारिश का दौर जारी
मानसून भले ही देर से पहुंचे, लेकिन जून के शुरुआती दिनों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले चार दिनों तक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। धार और खरगोन जिलों में ओला-बारिश का रेड अलर्ट घोषित किया गया है।
वहीं झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में आंधी, गरज-चमक, बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
नौतपा के दौरान बारिश ने कम की गर्मी
मध्य प्रदेश में नौतपा के दौरान इस बार भीषण गर्मी के साथ-साथ लगातार आंधी और बारिश का दौर भी देखने को मिला। 31 मई को नौतपा के सातवें दिन भी कई इलाकों में बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया।
रविवार को सबसे अधिक तापमान शाजापुर में 41.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 34.4 डिग्री दर्ज हुआ। मौसम में आए बदलाव से लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है।
बड़े शहरों में सामान्य से कम रहा तापमान
प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी तापमान अपेक्षाकृत कम दर्ज किया गया। इंदौर में सबसे कम 36.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा जबलपुर में 36.4 डिग्री, ग्वालियर और उज्जैन में 37.5 डिग्री तथा भोपाल में 38 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
केवल शाजापुर, राजगढ़ और नरसिंहपुर ऐसे जिले रहे जहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। बाकी अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा, जिससे लोगों को तेज गर्मी से राहत मिली।
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मई में गर्मी के साथ रिकॉर्ड बारिश भी हुई
मई का महीना इस बार मौसम के लिहाज से काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। महीने की शुरुआत में कई जिलों में आंधी और बारिश हुई, जबकि 18 मई के बाद प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया। इस दौरान खजुराहो में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जो सीजन का सबसे अधिक तापमान रहा।
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन सहित कई शहरों में गर्मी ने लोगों को परेशान किया। हालांकि नौतपा के दौरान भी प्रदेश के किसी न किसी हिस्से में बारिश और तेज आंधी का सिलसिला जारी रहा, जिससे मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिला।
औसत से ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मई महीने में प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। जहां मई में औसतन लगभग 18 मिलीमीटर वर्षा होती है, वहीं इस बार करीब 31 मिलीमीटर यानी लगभग सवा इंच पानी बरसा। यह सामान्य से करीब 56 प्रतिशत अधिक बारिश मानी जा रही है।
हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जून महीने में बारिश सामान्य से कम हो सकती है और पूरे मानसूनी सीजन में भी औसत वर्षा का लगभग 90 प्रतिशत ही पानी गिरने की संभावना है।
भोपाल में नौतपा के दौरान बारिश का पुराना रिकॉर्ड
राजधानी भोपाल में नौतपा के दौरान बारिश होना कोई नई बात नहीं है। पिछले 14 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 7 बार नौतपा के दौरान बारिश दर्ज की गई है, जबकि दो बार बूंदाबांदी हुई है। इस साल भी नौतपा की शुरुआत में ही बूंदाबांदी और बादलों का असर देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी राजधानी सहित प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, तेज हवाएं और हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।