Aayudh

Categories

Tamil Nadu Politics : थलापति विजय का यूटर्न! ज्योतिषी को OSD के पद से हटाया, कल ही की थी नियुक्ति

Astrologer Removed from OSD Post

Tamil Nadu Politics : चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री विजय (CM Vijay) ने फ्लोर टेस्ट (Floor Test) पास करने के कुछ घंटे बाद ही ज्योतिषी राधन पंडित (Radhan Pandit) को स्पेशल ड्यूटी ऑफिसर (Officer on Special Duty – OSD) पद से हटा दिया। उन्हें मंगलवार को यह जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन विवाद बढ़ने के बाद सरकार को फैसला वापस लेना पड़ा।

विपक्ष और सहयोगियों ने उठाए सवाल

राधन पंडित की नियुक्ति के बाद विपक्षी दलों और सहयोगी पार्टियों ने कड़ा विरोध किया। TVK की सहयोगी पार्टी MJK के प्रमुख थमीमुन अंसारी ने विधानसभा में कहा कि निजी तौर पर कोई ज्योतिष में विश्वास रख सकता है, लेकिन सरकार में ज्योतिष का दखल नहीं होना चाहिए। वहीं DMDK महासचिव और विधायक प्रेमलता विजयकांत ने भी इस नियुक्ति को निंदनीय बताया।

PM Fuel Saving Appeal : इंदौर में एक दिन No Car Day ! महापौर पुष्यमित्र की बड़ी घोषणा..

विजय के करीबी माने जाते हैं राधन

राधन पंडित लंबे समय से विजय के करीबी माने जाते हैं। उन्होंने पहले ही विजय के मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी की थी। बताया जाता है कि उनकी सलाह पर 10 मई को शपथ ग्रहण (Swearing-in Ceremony) का समय भी बदला गया था।

TVK प्रवक्ता भी रह चुके हैं

राधन सिर्फ ज्योतिषी ही नहीं, बल्कि TVK के प्रवक्ता भी रह चुके हैं। 4 मई को मतगणना (Counting Day) के दौरान विजय से मिलने वाले पहले व्यक्ति भी वही थे। इससे उनकी राजनीतिक नजदीकी साफ मानी जाती है।

विजय की कुंडली को बताया था ‘सुनामी जैसा’

चुनाव से पहले राधन ने कई सार्वजनिक कार्यक्रमों और ऑनलाइन वीडियो में विजय की कुंडली को “सुनामी जैसी” बताया था। उनका दावा था कि विजय तमिलनाडु की राजनीति में बड़ी लहर ला सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि TVK नाम अंक ज्योतिष (Numerology) और ज्योतिषीय सिद्धांतों के हिसाब से विजय की कुंडली से मेल खाता है।

Prateek Yadav Death Reason : कैसे हुई प्रतीक यादव की मौत? पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आया बड़ा खुलासा

फ्लोर टेस्ट में सरकार को बड़ी जीत

तमिलनाडु विधानसभा में बुधवार को विजय सरकार ने फ्लोर टेस्ट जीत लिया। सदन में कुल 171 विधायक मौजूद रहे। TVK के समर्थन में 144 वोट पड़े, जो बहुमत से 58 ज्यादा थे। इसमें AIADMK के 25 बागी विधायकों का समर्थन भी शामिल बताया गया।

विपक्ष ने किया वॉकआउट

विश्वास प्रस्ताव (Confidence Motion) के विरोध में 22 वोट पड़े। वहीं DMK के 59 विधायकों ने सदन से वॉकआउट (Walkout) कर दिया। इस दौरान 5 विधायक गैरमौजूद रहे, जिनमें PMK के 4 और BJP का 1 विधायक शामिल था।

MP OBC Reservation Case : हाईकोर्ट में OBC 27% आरक्षण मामले पर आज से बड़ी सुनवाई, 86 मामलों पर होगी बहस

राजनीति में संदेश देने की कोशिश

विशेषज्ञों का मानना है कि राधन पंडित को हटाकर विजय ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनकी सरकार फैसले जनभावना और प्रशासनिक आधार पर लेगी, न कि निजी विश्वास के आधार पर।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *