MP OBC Reservation Case : जबलपुर। मध्यप्रदेश के बहुचर्चित OBC 27% आरक्षण मामले में आज से जबलपुर हाईकोर्ट (Jabalpur High Court) में अहम सुनवाई शुरू होगी। यह सुनवाई 13 मई से 15 मई तक लगातार तीन दिनों तक चलेगी। इस मामले पर प्रदेशभर की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका असर भर्ती, चयन प्रक्रिया और आरक्षण व्यवस्था पर पड़ सकता है।
डिवीजन बेंच में होगी सुनवाई
मामले की सुनवाई MP High Court की डिवीजन बेंच में होगी। इसमें मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ शामिल रहेंगे। सुनवाई सुबह 11:30 बजे से प्रारंभ होगी।
86 मामलों पर होगी फाइनल सुनवाई
जानकारी के अनुसार OBC आरक्षण से जुड़े कुल 86 मामलों पर अंतिम सुनवाई की जाएगी। लंबे समय से यह मामला अदालत में लंबित है। अब तीन दिन की लगातार सुनवाई के बाद इस मामले में बड़ा फैसला आने की उम्मीद बढ़ गई है।
सरकार की ओर से बड़े वकील रखेंगे पक्ष
राज्य सरकार की ओर से अदालत में वरिष्ठ विधि विशेषज्ञ अपना पक्ष रखेंगे। इनमें तुषार मेहता, के एम नटराज और प्रशांत सिंह शामिल हैं। सरकार अदालत में OBC 27 प्रतिशत आरक्षण को लेकर अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से भी होगी जोरदार पैरवी
OBC आरक्षण के विरोध में दायर याचिकाओं की ओर से अधिवक्ता आदित्य सांघी, अंशुमान सिंह और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अमन लेखी पक्ष रखेंगे। वहीं कुछ अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता वरुण ठाकुर और शशांक रत्नू भी अदालत में दलील देंगे।
फैसले पर प्रदेशभर की नजर
यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर अदालत का फैसला आता है तो इसका असर मध्यप्रदेश में आने वाली सरकारी भर्तियों और आरक्षण नीति पर सीधे तौर पर पड़ सकता है। इसलिए प्रदेशभर में छात्र, अभ्यर्थी और राजनीतिक दल इस सुनवाई पर नजर बनाए हुए हैं।